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उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने शनिवार के अपने नागपुर प्रवास के दौरान भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से महत्वपूर्ण मुलाकात कर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 (NH-30) के धवईपानी (चिल्फी) से कवर्धा होते हुए सिमगा तक लगभग 122 किलोमीटर लंबे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करने तथा कवर्धा बायपास (4L+PS) के निर्माण की स्वीकृति का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने इस प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार करते हुए शीघ्र आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी को बताया कि हाल ही में एनएच – 30 के जबलपुर से मंडला एवं चिल्फी तक लगभग 160 कि.मी. के सेक्शन को 4-लेन में विकसित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। वर्तमान में चिल्फी (धवईपानी) से कवर्धा तथा कवर्धा गुरूनाला से सिमगा तक का मार्ग 10 मीटर चौड़ाई की 2-लेन सड़क के रूप में निर्मित है। चिल्फी से रायपुर मार्ग पर वर्तमान में व्यावसायिक एवं भारी वाहनों का अत्यधिक आवागमन होता है। जबलपुर-मंडला-चिल्फी सेक्शन के 4-लेन बनने के बाद यातायात का दबाव आगे के 2-लेन सेक्शन पर और अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसी स्थिति में लोक सुरक्षा एवं यातायात सुगमता के दृष्टिकोण से धवईपानी (चिल्फी) से सिमगा (रायपुर) तक के पूरे सेक्शन को 4-लेन में उन्नत करना अत्यंत आवश्यक हो गया है।
जबलपुर से रायपुर के मध्य एनएच-30 पर जिला कबीरधाम मुख्यालय कवर्धा स्थित है। यह अंतर्राज्यीय मार्ग व्यावसायिक, सामाजिक एवं राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जहां प्रतिदिन भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन होता है।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कवर्धा शहर में भारी यातायात के दबाव को कम करने तथा जनसुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कवर्धा बायपास (4 लेन मय पेव्ड शोल्डर) के निर्माण की भी मांग रखी। उन्होंने कहा कि बायपास निर्माण से शहर के भीतर दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी तथा यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सकेगा।
नागपुर से लौटते ही रायपुर एयरपोर्ट पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सिमगा से रायपुर तथा धवईपानी से जबलपुर तक 4-लेन निर्माण के आदेश पूर्व में जारी हो चुके हैं, किंतु धवईपानी से सिमगा तक का सेक्शन शेष रह गया था। इस महत्वपूर्ण खंड को भी 4-लेन में विकसित करने हेतु उन्होंने केंद्रीय मंत्री गडकरी से आग्रह किया, जिसे उन्होंने तत्काल स्वीकार करते हुए शीघ्र निर्माण का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा मैं केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी जी का हृदय से अभिनंदन करता हूं कि उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकता को समझते हुए इस महत्वपूर्ण मार्ग को 4-लेन बनाने के लिए सकारात्मक सहमति प्रदान की है। इससे जबलपुर से रायपुर तक आमजन को निर्बाध 4-लेन मार्ग की सुविधा मिल सकेगी।
2 घंटे में मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र का सफर होगा तय
मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के नागपुर जिले के सावनेर तक अभी 2 लेन नेशनल हाईवे 547 है. केंद्र सरकार अब इसका विस्तार करते हुए इसे फोर लाइन में कन्वर्ट कर रही है. जबलपुर में मध्य प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी घोषणा भी की थी. वर्तमान में मौजूद रास्ते से सफर करने में 4 से 5 घंटे लगते हैं लेकिन जब यह फोर लाइन बन जाएगा तो मात्र 2 घंटे में ये दूरी तय हो सकेगी. क्योंकि सावनेर के बाद नागपुर से भोपाल को जोड़ने वाला फोरलेन पहले से बनकर तैयार है.
2500 करोड़ होंगे खर्च, 6 महीने में काम होगा शुरू
केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मध्य प्रदेश के सिवनी से छिंदवाड़ा होते हुए महाराष्ट्र के सावनेर तक फोरलेन का निर्माण कराया जाएगा. इसके लिए 2500 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है. इसका काम आने वाले 6 महीने के अंदर शुरू कर दिया जाएगा जिससे लोगों को सफर में आसानी हो सके. करीब 150 किलोमीटर की इस फोरलेन से सिवनी छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जिले के कई गांवो को भी व्यापारिक फायदा होगा.
सांसद ने की थी गकरी से डिमांड
मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में छिंदवाड़ा सांसद बंटी विवेक साहू ने केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर नेशनल हाईवे 547 को सिवनी से सावनेर तक चौड़ीकरण करने के लिए डिमांड की थी इसके बाद गडकरी ने उन्हें इस मांग को पूरा करने का वादा किया था और कुछ दिन बाद ही इसकी घोषणा खुद नितिन गडकरी ने कर दिया.
]]>मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर का एक नए फ्लाई ओवर की सौगात मिलने जा रही है. करीब 1100 करोड़ की लागत से बना 7 किमी लंबा यह फ्लाई ओवर प्रदेश का सबसे बड़ा फ्लाई ओवर है. साथ ही इसमें रेल मार्ग के ऊपर बना देश का सबसे लंबा सिंगल स्पान केबल स्टे ब्रिज भी बना है, जिसकी लंबाई 192 मीटर है. इसमें 3 बो स्ट्रिंग ब्रिज बनाए गए हैं, जिसमें दो रानीताल और एक बलदेवबाग में बनाया गया है, जो पूरी तरह स्टील से निर्मित है. इसकी लंबाई करीब 70 मीटर होगी.
अभी मदनमहल से दमोह नाका तक जाने में वाहन को लगभग 40 से 45 मिनट लगते हैं, लेकिन फ्लाई ओवर से गुजरने के बाद यह दूरी सिर्फ 6 से 8 मिनट में तय हो जाएगी. यह फ्लाई ओवर न केवल जबलपुर के यातायात को व्यवस्थित करेगा, बल्कि जबलपुर के महानगरीय स्वरूप के लिए मील का पत्थर साबित होगा.
प्रदेश के सबसे बड़े फ्लाईओवर और देश के सबसे बड़े केबल स्टे ब्रिज को शुक्रवार को जनता के लिए खोला जाएगा। फ्लाईओवर की घोषणा से लेकर उसके लोकार्पण तक छह साल का लंबा समय लगा। निर्माण के दौरान कानूनी अड़चनें, भ्रष्टाचार के आरोप और राजनीतिक श्रेय की होड़ जैसी कई समस्याएं सामने आईं।
दमोह नाका–मदन महल फ्लाईओवर की लंबाई लगभग आठ किलोमीटर है। इस पर मदन महल स्टेशन के ऊपर देश का सबसे बड़ा केबल स्टे ब्रिज बनाया गया है। फ्लाईओवर शुरू होने से लोगों को जाम से राहत मिलेगी और 40 मिनट का सफर अब सिर्फ 10 मिनट में तय किया जा सकेगा।
इस फ्लाई ओवर के नीचे पर्यावरण संरक्षण के लिए लगभग 50 हजार पौधों का रोपण किया गया है. साथ ही फ्लाई ओवर के नीचे ही बास्केटबल कोर्ट, ओपन जिम, बच्चों के लिए पार्क बनाए गए हैं. पूरे फ्लाई ओवर में 10 स्थानों पर दिशा सूचक बोर्ड लगाए गए हैं.
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े फ्लाई ओवर 'मदनमहल से दमोह नाका' का लोकार्पण केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुखयमंत्री मोहन यादव शनिवार 23 अगस्त को करेंगे.
7 Km लंबा MP का सबसे बड़ा फ्लाईओवर.
MP के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 2014 में केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी मध्यप्रदेश आए थे। उनसे फ्लाई ओवर निर्माण की मांग रखी गई और गडकरी ने तत्काल इसकी स्वीकृति देते हुए इस फ्लाई ओवर का निर्माण सीआरएफ से कराने का आदेश जारी किया. फ्लाई ओवर का निर्माण शुरू होने और पूर्ण होने तक कई तरह की अड़चनें सामने आईं, उनके निराकरण की दिशा में कार्य किया गया, आज यह फ्लाई ओवर बनकर तैयार है.
केंद्रीय मंत्री गडकरी करेंगे उद्घाटन
इस फ्लाईओवर का उद्घाटन आगामी 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। फ्लाईओवर का भूमि पूजन भी नितिन गडकरी ने 22 फरवरी 2019 को किया था। उन्होंने ही वर्ष 2016 में इस फ्लाईओवर की मंजूरी प्रदान की थी। इसकी प्रारंभिक लागत ₹758 करोड़ थी, जो निर्माण कार्य पूरा होते-होते बढ़कर ₹1,053 करोड़ तक पहुंच गई।
तीन साल में होना था तैयार
फ्लाईओवर का निर्माण कार्य तीन साल में पूरा होना था, लेकिन विभिन्न कारणों से इसमें दोगुना समय यानी छह साल लग गए। इस दौरान फ्लाईओवर की लंबाई भी एक किलोमीटर बढ़ा दी गई।
हाईकोर्ट में पहुंचा मामला
फ्लाईओवर के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण किए जाने को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में आधा सैकड़ा से अधिक याचिकाएं दायर की गईं थीं। इनमें कहा गया था कि बिना मुआवज़ा दिए मनमाने ढंग से ज़मीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसके अलावा मास्टर प्लान से अधिक चौड़ाई किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई थी।
राजनीतिक श्रेय को लेकर आरोप
फ्लाईओवर के एक हिस्से महानद्दा से मदन महल तक का शुभारंभ सितंबर 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया था। विधानसभा चुनाव के दो माह पूर्व अधूरे फ्लाईओवर का उद्घाटन करने पर कांग्रेस ने भाजपा पर "विकास कार्यों में श्रेय की राजनीति" करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, जून में कांग्रेस नेता पूर्ण निर्माण के बावजूद उद्घाटन न किए जाने पर खुद फ्लाईओवर का उद्घाटन करने पहुंच गए थे। इस दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन व बल प्रयोग करना पड़ा था।
भ्रष्टाचार के लगे आरोप
उद्घाटन से पूर्व फ्लाईओवर में दरारें दिखने पर निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अपर प्रमुख सचिव नीरज मंडलोई ने 9 जनवरी 2025 को फ्लाईओवर का निरीक्षण किया था। उन्होंने बताया था कि फ्लाईओवर के स्ट्रक्चर और डिजाइन में कोई कमी नहीं है। एक्सपेंशन जॉइंट में जो गैप आया है, वह मौसम में तापमान के अंतर (30 से 40 डिग्री) के कारण है। इससे 10 से 40 मिमी तक का एक्सपेंशन गैप बनता है। यह केवल ऊपरी सतह पर होता है, जबकि अंदर स्टील और सीमेंट की मजबूत परत मौजूद है। गैप को भरने के लिए तकनीकी टीम का सहयोग लिया जाएगा। टीम यह जांचेगी कि दरारों से पानी तो नहीं जा रहा या अन्य कोई समस्या तो नहीं है। दरारों को थीनेल, डामर और थर्मल पेंट से भरा जाएगा, ताकि वाहन चालकों को कोई असुविधा न हो। इसके अलावा, रोटरी के पास पत्थर इसलिए लगाए गए हैं ताकि तेज गति में आने वाले वाहन फिसलें नहीं। समय के साथ ये पत्थर ठीक से सेट हो जाएंगे।
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उन्होंने लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को लेकर कहा, "अगर मैं कहूं कि इन राजमार्गों की वजह से दिल्ली में 50 प्रतिशत तक ट्रैफिक जाम की समस्या कम हो जाएगी, तो मुझे लगता है कि इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। इन प्रोजेक्ट्स में हमने दिल्ली को अलग-अलग जगह से जोड़ा है। पीएम मोदी के दिए रोड मैप में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को कम करने की बात रखी गई है। हमारे देश की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 14 से 16 प्रतिशत है। वहीं चीन की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 8 प्रतिशत है और अमेरिका की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट 12 प्रतिशत है।" उन्होंने बताया कि भारतीय प्रबंधन संस्थान बैंगलोर, आईआईटी खड़गपुर और आईआईटी कानपुर तीनों की स्टडी में कहा गया है कि रोड अच्छे बनने की वजह से हमारी लॉजिस्टिक्स की कॉस्ट 6 प्रतिशत कम हुई है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने बताया कि विशेष रूप से एनसीआर में हाई स्पीड कॉरिडोर्स के बीच इंटरकनेक्टिविटी के लिए नए लिंक रोड की भी स्टडी की गई है। इससे हेवी ट्रैफिक को शहर के बाहर डायवर्ट करने में मदद होगी, खास कर दिल्ली से कटरा एक्सप्रेस वे को यूईआर-2 को कनेक्शन देने की योजना बनाई गई है। जम्मू कश्मीर, पंजाब से एयरपोर्ट व दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए सीधी कनेक्टिविटी यूईआर-2 से मिलेगी। यूईआर-2 से दिल्ली देहरादून रोड का भी कनेक्शन है। देहरादून से आने वाले वाहनों के लिए एयरपोर्ट के लिए वैकल्पिक यात्रा समय जो दो से ढाई घंटे है, वो घटकर अब 45 मिनट रह जाएगा।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने आगे की योजनाओं को लेकर कहा, "दिल्ली से देहरादून एक्सप्रेसवे से नोएडा, फरीदाबाद कनेक्टिविटी होगी, जो पूर्व दिल्ली के बायपास के रूप में काम करेगी। उत्तर, दक्षिण, पश्चिम दिल्ली से नोएडा फरीदाबाद के लिए सीधा मार्ग भी होगा। शिव मूर्ती नेशनल मंडेला मार्ग पर टनल बनाने की योजना हम बना रहे हैं, जो महिपालपुर और रंगपुरी के ट्रैफिक जाम से राहत देगी और दिल्ली से गुरुग्राम के आवागमन को भी सुगम करेगी।" उन्होंने बताया कि एम्स महिपालपुर गुरुग्राम एलिवेटेड कॉरिडोर मेहरोली गुरुग्राम रोड पर इनर आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक जाम को कम करेगा।
]]>गडकरी ने कहा, 'हम इस दिन को याद करते हैं क्योंकि इसी दिन 1947 में देश दो हिस्सों में बंट गया था – भारत और पाकिस्तान। हम सभी एक मिशन के रूप में स्वीकार करते हैं कि हमारे देश का विभाजन अस्वाभाविक था और एक दिन हमारा देश ‘अखंड’ हो जाएगा, यही संकल्प हम आज इस कार्यक्रम में लेते हैं।' उन्होंने भारत की विविधता में एकता और देश के सशस्त्र बलों की सराहना की।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था एवं दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ-साथ 'आत्मनिर्भर' और 'विश्वगुरु' बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि ये सभी संकल्प हर भारतीय के प्रयासों से हासिल किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, 'अगर हम हर क्षेत्र में मजबूत होंगे तो निश्चित रूप से दुनिया हमारी बात सुनेगी। जो लोग अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में मजबूत हैं और जो कृषि एवं व्यापार में प्रगति कर रहे हैं तथा जिस देश के नागरिक देशभक्त एवं सुसंस्कृत हैं, वह देश ही विश्वगुरु बन सकता है।' गडकरी ने लोगों के बीच 'अखंड भारत' का विचार लाने के लिए राष्ट्र निर्माण समिति की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा, 'आज जब हम ‘अखंड भारत’ का संकल्प ले रहे हैं, तो हमें एक ऐसी महाशक्ति बनने का भी संकल्प लेना चाहिए जो प्रगतिशील, समृद्ध और शक्तिशाली हो।' गडकरी ने सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता जताई और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के बारे में युवाओं के बीच जागरूकता पैदा करने के महत्व पर जोर दिया।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि समाज में कुछ ऐसे लोग भी होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अर्जी दाखिल कर सकें। उन्होंने नागपुर में दिवंगत प्रकाश देशपांडे स्मृति कुशल संगठक पुरस्कार कार्यक्रम के मौके पर यह बात कही। उन्होंने कहा कि लोक प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी है कि किसी भी गलती पर अदालत का रुख किया जाए। अदालत के माध्यम से प्रशासन में अनुशासन बनाए रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ लोग ऐसे होने चाहिए, जो सरकार के खिलाफ अदालत में अर्जी दाखिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि ऐसा करने से नेता अनुशासन में रहते हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार सरकार में बैठे मंत्री भी वह काम नहीं कर पाते हैं, जो अदालत के आदेश पर हो जाते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि जनता को लुभाने की राजनीति नेताओं और मंत्रियों के आड़े आती है और वे जनहित में कदम नहीं उठा पाते। इस दौरान उन्होंने ऐसे कई लोगों के उदाहरण भी दिए, जिन्होंने सरकार के खिलाफ ही किसी मामले में अर्जी दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि प्रशासन में अनुशासन बनाए रखने के लिए यह जरूरी चीज है।
नितिन गडकरी ने कहा कि कई बार ऐसा हुआ है कि जब लोग अदालत गए तो सरकार को अपने किसी फैसले से पीछे हटना पड़ा।
]]>गडकरी ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कुछ मीडिया हाउसेज द्वारा दो-पहिया (Two wheeler) वाहनों पर टोल टैक्स लगाए जाने की भ्रामक खबरें फैलाई जा रही है। ऐसा कोई निर्णय प्रस्तावित नहीं हैं। दो-पहिया वाहन के टोल पर पूरी तरह से छूट जारी रहेगी। बिना सच्चाई जाने भ्रामक खबरें फैलाकर सनसनी निर्माण करना स्वस्थ पत्रकारिता के लक्षण नहीं है। मैं इसकी निंदा करता हूं।'
सबसे बड़ी उपलब्धि
इस बीच गडकरी ने बिजनस स्टैंडर्ड के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि देश में ई-रिक्शा के चलन को बढ़ावा देना उनके 11 साल के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि देश में 2014 में ई-रिक्शा की शुरुआत की गई थी और तबसे करीब 1.5 करोड़ लोगों को मैन्युअल लेबर से मुक्ति मिली है। खासकर झारखंड और पश्चिम बंगाल में हाथ से रिक्शा खींचने का चलन था लेकिन ई-रिक्शा के आने से बड़ी राहत मिली है।
हाल ही सरकार ने फास्टैग को खत्म करने की ओर कदम बढ़ाया है. अब वाहन चालकों को सालाना पास दिया जाएगा. वह पास 1 साल के लिए वैलिड होगा. इसके जरिए 200 ट्रिप पूरी की जा सकेंगी. इस पास की कीमत 3000 रुपये होगी. हर टोल नाका पार करने को एक ट्रिप के रूप में देखा जाएगा. बाइक-स्कूटर पर टोल लगाने की खबर को भी वहीं से हवा मिली है. खबरों में ऐसा बताया जा रहा था कि क्योंकि अब फास्टैग खत्म हो गया है तो दोपहिया चलाने वालों को भी पास लेना होगा जिससे कि वह टोल क्रॉस कर सकें. हालांकि, नितिन गडकरी खुद ही ट्वीट करके इन भ्रामक खबरों का खंडन कर दिया है.
ट्वीट हुआ वायरल
सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री की ओर से 26 जून 2025 को दोपहर 2.15 पर ट्वीट कर जानकारी दी गई। जिसके बाद यह ट्वीट वायरल हो रहा है। महज आधे घंटे के अंदर ही इस ट्वीट को 11 हजार से ज्यादा लोग पढ़ चुके हैं।
लोग कर रहे कमेंट्स
मीडिया रिपोर्ट्स में टू व्हीलर पर टोल टैक्स वसूलने पर जब केंद्रीय मंत्री की ओर से जानकारी दी गई तो कई लोग कमेंट कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि बिना फैक्ट चेक किए ही इस तरह की खबर नहीं दिखानी चाहिए। तो कुछ लोग इस बात पर सफाई देने के लिए नितिन गडकरी को धन्यवाद भी कह रहे हैं।
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कैसे और कितने का मिलेगा इलाज
सरकार ने अगस्त 2024 में जानकारी दी थी कि योजना के अंतर्गत आने वाले पीड़ितों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री-जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत सूचीबद्ध अस्पतालों में दुर्घटना की तिथि से अधिकतम 7 दिनों की अवधि के लिए ट्रॉमा और पॉलीट्रॉमा देखभाल से संबंधित अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य लाभ पैकेज दिए जाते हैं। पीआईबी पर जारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत एनएचए, स्थानीय पुलिस, सूचीबद्ध अस्पतालों, राज्य स्वास्थ्य एजेंसी, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और सामान्य बीमा परिषद के साथ समन्वय कर कार्यक्रम को लागू करने के लिए जिम्मेदार है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गडकरी ने कहा है कि अगर पुलिस को हादसे के 24 घंटे के अंदर सूचित कर दिया जाता है, तो सरकार इलाज का खर्च उठाएगी। उन्होंने कहा है कि सड़क सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी है कि 2024 में करीब 1.80 लाख लोगों ने सड़क हादसे में जान गंवा दी है। इनमें से 30 हजार मौतें हेलमेट नहीं पहनने से हुई हैं।
अगर हिट एंड रन की स्थिति में मौत हो जाती है, तो पीड़ित के परिवार को 2 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। कार्यक्रम को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ई-विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (eDAR) एप्लिकेशन और एनएचए की लेनदेन प्रबंधन प्रणाली की कार्यक्षमता को मिलाकर एक आईटी मंच के माध्यम से कार्यान्वित किया जाएगा।
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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे के रखरखाव पर नाराजगी जाहिर करते हुए मंच से अफसरों को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने रोड बहुत बना लिए हैं अब खराब काम करने वाले लोगों को सिस्टम से बाहर करना है। नितिन गडकरी ने
ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के दुहाई इंटरचेंज पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अच्छा काम करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।
पेरिफेरल रोड पर मैं बहुत दिनों के बाद आया हूं। हमारे रोड का काम बहुत हुआ है, अब मेरी इच्छा है कि मेरे हाथ से बहुत लोग रिटायर हों, काम ना कर पाएं। कुछ कॉन्ट्रैक्टर ब्लैकलिस्टेड हों, कुछ की बैंक गारंटी जब्त हो। आज देखा मैंने रोड, बहुत गंदा मैंटेनेंस था। हम आपको छोड़ेंगे नहीं। जो गंदा काम करेंगे उनकी बैंक गारंटी जब्त करने के बाद हम उनको ब्लैक लिस्ट कर देंगे। उनको टेंडर भरने नहीं देंगे।'
गडकरी ने कहा कि हम कुछ अवॉर्ड शुरू करेंगे, जिन्होंने प्लांटेशन अच्छा किया है, उस एजेंसी को हर साल पुरस्कार देंगे। जो अच्छा काम करेगा उसको पुरस्कार मिलेगा और जो गंदा काम करेगा उसे सिस्टम से बाहर करेंगे। उसे टिकने नहीं देंगे। हमने अभी सभी टॉयलेट की भी जांच करने को भी कहा है। जो अच्छा काम नहीं करेगा, भले ही विदेशी कंपनी हो उसे ब्लैकलिस्ट करेंगे। जो अच्छा काम करेंगे उन्हें पुरस्कार देंगे, माला पहनाएंगे और सर्टिफिकेट देंगे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह और उनके राज्यमंत्री अब सड़कों की जांच के लिए निकलेंगे और खराब काम करने वालों को बाहर किया जाएगा। मंत्री ने कहा,'रोड का रिकॉर्ड बहुत हो गया। अब हम विश्व का सबसे बड़ा रोड नेटवर्क बन गए। अब हमें लोगों को रिटायर करना, सस्पेंड करना, ब्लैकलिस्ट करना, टर्मिनेट करने का रिकॉर्ड बनाना है। मेरी बात को गंभीरता से लो। मैंने अपने राज्यमंत्री को कहा है कि हर रोड पर घूमो, मैं भी घूमूंगा। जो अच्छा काम करेगा उसे सम्मान मिलेगा और जो बुरा काम करेगा उसे सिस्टम से बाहर निकाला जाएगा।'
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