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चीन ने पेरिस खेलों में टेबल टेनिस का महिला टीम स्पर्धा का खिताब जीतकर ओलंपिक इतिहास में देश का 300वां स्वर्ण पदक जीता।
चीन ने महिला टीम स्पर्धा के फाइनल में जापान को 3-0 से हराकर लगातार पांचवां स्वर्ण पदक जीता। इससे पहले शुक्रवार को पुरुष टीम ने यह उपलब्धि हासिल की थी।
दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सुन यिंगशा ने कहा, ‘‘हमारे में से प्रत्येक ने आज अपना सब कुछ झोंक दिया और सभी ने अच्छा प्रदर्शन किया।’’
दक्षिण कोरिया ने जर्मनी पर 3-0 की जीत के साथ कांस्य पदक जीता जो 2008 में बीजिंग खेलों के बाद टीम स्पर्धा में उसका पहला पदक है।
टेबल टेनिस में चीन प्रमुख शक्ति है जिसने पेरिस में पांचों ओलंपिक स्वर्ण पदक जीते।
चीन ने 1988 में सियोल ओलंपिक में टेबल टेनिस को शामिल किए जाने के बाद से इस खेल में दिए गए 42 स्वर्ण पदक में से 37 जीते हैं।
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ओलंपिक टेनिस के फाइनल में जगह बनाने वाले जोकोविच सबसे उम्रदराज पुरुष खिलाड़ी है तो वही अल्काराज सबसे युवा खिलाड़ी है।
सर्बिया के 37 साल के जोकोविच अपने शानदार करियर में रिकॉर्ड 24 ग्रैंड स्लैम जीत चुके है लेकिन उनके पिटारे में ओलंपिक का स्वर्ण पदक नहीं है। दूसरी तरफ स्पेन के अल्काराज हाल के दिनों में जोकोविच के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी बन कर उभरे हैं।
अल्काराज जून में फ्रेंच ओपन चैम्पियन बनने के बाद विंबलडन के फाइनल में सीधे सेटों में जोकोविच पर जीत के साथ अपने खिताब का बचाव किया था। उन्होंने 2023 विम्बलडन फाइनल में भी इस दिग्गज को हराया था।
शानदार लय में चल रहे अल्काराज ने ओलंपिक सेमीफाइनल में कनाडा के फेलिक्स ऑगर अलियासिमे को आसानी से 6-1, 6-1 से शिकस्त दी तो वही जोकोविच ने लोरेंजो मुसेटी को 6-4, 6-2 से हराकर पहली बार ओलंपिक के अंतिम चार मुकाबले में जीत दर्ज की।
जोकोविच को बीजिंग (2008) में राफेल नडाल, लंदन (2012) में एंडी मरे, तोक्यो (2021) में अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने ओलंपिक सेमीफाइनल में हराया था। उन्होंने 2008 ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था, लेकिन वह वास्तव में अब इसमें सुधार करना चाहते थे।
ओलंपिक मुकाबलों को रोलां गैरां कोर्ट पर खेला जा रहा है जहां अल्काराज ने इस साल फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है ऐसे में जोकोविच को फाइनल में मिलने वाली मुश्किल चुनौती के बारे में जानते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अल्काराज ने साबित किया है कि वह इस समय दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी है।’’
घुटने में दर्द के साथ खेल रहे जोकोविच ने हालांकि अपनी जीत की उम्मीद जताते हुए कहा, ‘‘मैं अपने बारे में और फाइनल में संभावनाओं के बारे में अधिक आश्वस्त महसूस कर रहा हूं।’’
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जोशुआ चेप्टेगी ने 26:43.14 का ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया। सबसे तेज फिनिश करने वाले इथियोपिया के बेरिहू आरेगावी ने 26:43.44 के समय के साथ रजत जीता, जबकि यूएसए के ग्रांट फिशर ने अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हुए 26:43.46 के समय के साथ कांस्य पदक जीता।
मिश्रित 4×400 मीटर हीट में वर्नोन नोरवुड, शमीर लिटिल, ब्राइस डेडमॉन और केलीन ब्राउन की अमेरिकी चौकड़ी ने स्वर्ण पदक जीता। अमेरिकी चौकड़ी ने 3:07.41 का समय लेकर एक सेकंड से अधिक अंतर से पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया – जो पिछले वर्ष बुडापेस्ट में अमेरिका द्वारा विश्व खिताब जीतने के समय बनाया गया था।
नॉरवुड ने 44.47 सेकंड में दौड़कर अमेरिकी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाई, फिर लिटिल ने दूसरे चरण में 49.32 सेकंड में दौड़कर बढ़त को बढ़ाया, जो प्रारंभिक दौर में किसी भी महिला का सबसे तेज़ लैप था। डेडमॉन ने तीसरे चरण में 44.17 सेकंड लिया और फिर ब्राउन ने 49.45 सेकंड लेकर अमेरिकी टीम को जीत दिलाई।
ब्राउन ने फ्रांस से तीन सेकंड से अधिक समय पहले रेखा पार की, जिसने 3:10.60 का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। बेल्जियम 3:10.74 के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जो एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है।
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फ्रेंच ओपन में चार बार की चैंपियन स्वियातेक ने वांग को 6-2, 6-4 से हराने के बाद कहा कि यह जीत आसान नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं जानती थी कि वह अच्छे खेल का प्रदर्शन कर सकती है। मुझे पता था कि वह गलतियों का फायदा उठा सकती है। मैंने आक्रामक खेल दिखाया और खेल के अहम पलों में अच्छी टेनिस खेली।’’
स्वियातेक की क्वार्टरफाइनल प्रतिद्वंद्वी आठवीं वरीयता प्राप्त अमेरिकी डेनिएल कोलिन्स होंगी, जिन्होंने कोलंबिया की कैमिला ओसोरियो को 6-0, 4-6, 6-3 से हराया।
अमेरिका की दूसरी वरीयता प्राप्त कोको गॉफ को हालांकि हार का सामना करना पड़ा। उन्हें क्रोएशिया की डोना वेकिच ने 7-6 (7), 6-2 से हराया।
जर्मनी की 36 वर्षीय एंजेलिक कर्बर ओलंपिक के महिला एकल के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गई है। उन्होंने कनाडा की लेयला फर्नांडीज को 6-4, 6-3 से पराजित किया। वह पहले ही घोषणा कर चुकी है कि पेरिस ओलंपिक उनके करियर का अंतिम टूर्नामेंट होगा।
महिला एकल के अन्य मैचों में स्लोवाकिया की अन्ना करोलिना श्मिडलोवा ने इस साल फ्रेंच ओपन और विंबलडन में उपविजेता रहीं इटली की जैस्मीन पाओलिनी को 7-5, 3-6, 7-5 से जबकि यूक्रेन की मार्टा कोस्त्युक ने यूनान की सातवीं वरीयता प्राप्त मारिया सककारी को 4-6, 7-6 (5), 6-4 से हराया।
पुरुष वर्ग में ऑस्ट्रेलिया के एलेक्सी पोपिरिन ने तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्टेन वावरिंका को 6-4, 7-5 से पराजित किया। उनका अगला मुकाबला जर्मनी के तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा, जिन्होंने टॉमस मचाक को 6-3, 7-5 से हराया।
अमेरिका के टेलर फ्रिट्ज़ और टॉमी पॉल दोनों आगे बढ़ने में सफल रहे। फ्रिट्ज़ ने ब्रिटेन के जैक ड्रेपर को 6-7 (3), 6-3, 6-2 से जबकि पॉल ने चेक गणराज्य के18 वर्षीय जैकब मेन्सिक को 6-3, 6-1 से हराया।
पुरुष युगल में स्पेन के राफेल नडाल और कार्लोस अल्काराज ने नीदरलैंड के टालोन ग्रिक्सपुर और वेस्ले कूलहोफ पर 6-4, 6-7 (2), 10-2 से जीत के साथ क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
एंडी मरे ने भी युगल में भी जीत हासिल की। ब्रिटेन के इस खिलाड़ी ने अपने साथी डैन इवांस के साथ मिलकर दो मैच प्वाइंट बचाने के बाद बेल्जियम के सैंडर गिल और जोरान व्लिगेन की जोड़ी को 6-3, 6-7 (8), 11-9 से हराया। मरे पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह ओलंपिक के बाद संन्यास ले लेंगे।
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भारत ने मुक्केबाजी में अभी तक तीन ओलंपिक पदक जीते हैं। इनमें विजेंदर सिंह एकमात्र पुरुष मुक्केबाज हैं। उन्होंने 2008 में बीजिंग ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। इसके चार साल बाद लंदन में एमसी मैरीकॉम और 2021 में तोक्यो ओलंपिक में लवलीना ने कांस्य पदक हासिल किया था।
पेरिस ओलंपिक में भारत के छह मुक्केबाज भाग ले रहे हैं जिन्हें कठिन ड्रॉ मिला है। इनमें जरीन को पदक का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। इस 28 वर्षीय खिलाड़ी को 50 किग्रा भार वर्ग में चीन की वू यू, थाईलैंड की चुथामत रक्सट और उज्बेकिस्तान की सबीना बोबोकुलोव की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
जरीन रविवार को जर्मनी की मैक्सी क्लॉटजर के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी, जिसके बाद उनका सामना एशियाई खेलों की शीर्ष वरीयता प्राप्त और मौजूदा फ्लाईवेट विश्व चैंपियन वू से हो सकता है।
अगर जरीन यह बाधा पार कर लेती हैं, तो उनका सामना आठवीं वरीयता प्राप्त और एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता रक्सट या बोबोकुलोवा से हो सकता है। इन दोनों मुक्केबाजों ने हाल में भारतीय खिलाड़ी को हराया था।
अनुभवी अमित पंघाल (51 किग्रा) को पहले दौर में बाई मिली है। राउंड 16 में उनका सामना अफ्रीकी खेलों के चैंपियन जाम्बिया के पैट्रिक चिन्येम्बा से होगा, जिन्हें भारतीय खिलाड़ी ने राष्ट्रमंडल खेलों में हराया था।
पंघाल का क्वार्टर फाइनल में एशियाई खेलों के रजत पदक विजेता थाईलैंड के थितिसन पनमोद से तथा सेमीफाइनल में उज्बेकिस्तान के मौजूदा विश्व चैंपियन हसनबॉय दुसमातोव से सामना हो सकता है।
निशांत को भारतीय खिलाड़ियों में सबसे अच्छा ड्रॉ मिला है। उन्हें भी पहले दौर में बाई मिली है। वह गुरुवार को प्री क्वार्टर फाइनल में इक्वाडोर के रोड्रिगेज टेनोरियो से भिड़ेंगे।
अगर निशांत टेनोरियो को हरा देते हैं, तो क्वार्टर फाइनल में उनका सामना मैक्सिको के मर्को वर्डे से हो सकता है। सेमीफाइनल में पहुंचने पर उनका सामना जापान के शीर्ष वरीयता प्राप्त सेवोन ओकाजावा से हो सकता है।
लवलीना लगातार दूसरे ओलंपिक खेलों में पदक जीत कर इतिहास रचने की कोशिश करेंगी। वह पहले दौर में नॉर्वे की सुन्नीवा हॉफस्टैड से भिड़ेंगी। क्वार्टर फाइनल में उनके सामने चीन की ली कियान के रूप में कड़ी चुनौती होगी, जो एशियाई खेलों की चैंपियन और दो बार की ओलंपिक और विश्व पदक विजेता हैं।
एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता प्रीति पवार (54 किग्रा) पहली बार ओलंपिक खेलों में भाग ले रही हैं। पहले दौर में उनका मुकाबला वियतनाम की वो थी किम अन्ह से होगा।
एक अन्य नवोदित मुक्केबाज जैस्मीन लाम्बोरिया (57 किग्रा) को भारतीय खिलाड़ियों में सबसे मुश्किल ड्रॉ मिला है। वह अपने शुरुआती मुकाबले में फिलीपींस की तोक्यो ओलंपिक की रजत पदक विजेता और पूर्व विश्व चैंपियन नेस्टी पेटेसियो से भिड़ेंगी।
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