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CAA लागू होते ही भारत की नागरिकता लेकर छत्तीसगढ़ में बसने के लिए कई विदेशी कतार में हैं. पिछले कुछ महीनों में ही 90 से ज़्यादा लोगों ने नागरिकता लेने आवेदन किया है. आवेदन करने वालों में सबसे ज्याद पाकिस्तान के लोग हैं. इसके अलावा अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश के लोग भी नागरिकता चाहते हैं.
अब तक मिले आवेदन में रायपुर में रहने के इच्छुक वाले लोग ज्याद हैं. इसके बाद बलौदबाज़ार के लिए आवेदन आए हैं. नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 (सिटीजीनशिप अमेंडमेंट एक्ट 2019) के तहत वर्ष 1955 के नागरिकता कानून को संशोधित करके यह व्यवस्था की गई है कि 31 दिसंबर 2014 के पहले पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हिंदू, बौद्ध, सिख, जैन, पारसी और ईसाई को भारत की नागरिकता प्रदान की जा सकेगी. इस विधेयक में भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवश्यक 7 वर्ष तक भारत में रहने की शर्त में भी ढील देते हुए इस अवधि को केवल 5 वर्ष किया गया है.
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