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7 से 16 नवंबर तक बागेश्वर महाराज ने 150 किलोमीटर की बागेश्वर बांके बिहारी मिलन पदयात्रा करने के बाद धाम पहुंचे। धाम की सीमा में जैसे ही उन्होंने प्रवेश किया, वहां पुष्प वर्षा और डीजे, ढोल-नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया गया। सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सोमवार को सुबह जैसे ही बागेश्वर धाम के महंत बागेश्वर धाम गड़ा की सीमा में दाखिल हुए।
16 नवंबर को पदयात्रा का विराम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ बांके बिहारी जी के दर्शन कर हुआ था। इसमें कई लाख श्रद्धालु भी पहुंचे थे और मध्य प्रदेश के मुखिया डॉक्टर मोहन यादव जी अंतिम दिवस की सनातन एकता पदयात्रा में शामिल हुए थे। यह 150 किलोमीटर की पदयात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई और लाखों की संख्या में सनातनी इस पदयात्रा में उमड़े।
बागेश्वर धाम की पावन भूमि पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सर्वप्रथम दादा गुरु तथा बागेश्वर बालाजी भगवान को दंडवत प्रणाम किया। इस दौरान भक्तों ने ‘जय श्री राम’ के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा की। इस दौरान महाराज जी के साथ पूज्य राजू दास और माधव जी महाराज बागेश्वर धाम पहुंचे।
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गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन
बागेश्वर धाम में गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि "बालाजी और सन्यासी बाबा की प्रेरणा से इस बार 50 अतिरिक्त बेटियों के साथ 300 बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे. गत वर्ष 251 जोड़ों को परिणय सूत्र में बांधा गया था." इस दौरान महाराज ने सभी शिष्य मंडल को बेटियों के विवाह कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया.
बेटियों के घर बसाने खुलती है दान पेटियां
पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा, संकल्प पूरा हो इसके लिए सभी शिष्य मंडल अपनी जिम्मेदारी निभाये. बागेश्वर धाम की दान पेटी गरीब बेटियों का घर बसाने के लिए ही खोली जाती है. चढ़ोतरी में जो भी राशि आती है, वह बेटियों का वैवाहिक जीवन में प्रवेश कराने में खर्च की जाती है. यदि देश के मंदिरों की दान पेटियां गरीब बेटियों का घर बसाने लगे, तो कोई भी गरीब, बेटी को बोझ नहीं मानेगा."
हजारों बेटियों का करा चुके हैं विवाह
बागेश्वर धाम से अब तक हजारों बेटियों को विवाह के बंधन में बांधा जा चुका है. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गुरु शिष्य मिलन कार्यक्रम में शिष्यों से कही कि "जल्द ही एक आयोजन रखा जाएगा, जिसमें फिर से शिष्यों के साथ इत्मीनान से बैठकर बात होगी और भेंट होगी."
'जिनकी दुकानें बंद हो रहीं, वे साजिश में जुटे'
बागेश्वर महाराज ने कहा कि "आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सहारा लेकर उनके विरोध में वीडियो जारी किए जा रहे हैं. जिन तांत्रिकों की दुकानें बंद हो रही हैं वे बौखला रहे हैं और फेक वीडियो के माध्यम से बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं. ऐसा ज्ञात हुआ है कि देश-विदेश के 22 लोगों की टीम दुष्प्रचार करने में लगी है. ऐसे लोगों के खिलाफ एक्शन की भी तैयारी चल रही है."
सनातन एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति
पंडित धीरेंद्रे शास्त्री ने कहा कि "सनातन हिंदू एकता पदयात्रा वैचारिक क्रांति की यात्रा है. जब हिंदू बचेगा, तभी हिंदुस्तान बचेगा. इसलिए इस वैचारिक क्रांति की यात्रा में सबको साथ चलना है. 7 नवंबर से 16 नवंबर तक दिल्ली से वृंदावन की पदयात्रा में न केवल स्वयं शामिल हों, बल्कि अपने रिश्तेदारों, दोस्तों को भी शामिल करें. जब कभी बागेश्वर धाम का इतिहास लिखा जाएगा तो आप सबका भी नाम आएगा. आपकी आने वाली पीढ़ी इस बात की जरूर चर्चा करेगी कि सनातन एकता पदयात्रा के लिए आपके घर से भी कोई निकला था."
]]>7 नवंबर से शुरू होगी पदयात्रा
बागेश्वर महाराज एक बार फिर पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। यह उनकी दूसरी पदयात्रा होगी। पहली पदयात्रा 2024 में निकाली गई थी। इस बार की यात्रा 131 किलोमीटर लंबी होगी। यह यात्रा 7 नवंबर से शुरू होगी। यात्रा दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लगभग 400 गांवों और शहरों से गुजरेगी। अनुमान है कि इस क्षेत्र में पांच करोड़ लोग रहते हैं। बाबा बागेश्वर का कहना है कि इस यात्रा का मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना है।
यात्रा का उद्देश्य: भारत को हिंदू राष्ट्र बनाना
बाबा बागेश्वर ने साफ कहा कि यह यात्रा भारत को पूरी तरह से हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए निकाली जा रही है। उनका उद्देश्य है देशभर के गांवों और गरीब तबकों तक अपनी बात पहुंचाना, जो बड़े अधिकारियों के साथ नहीं मिल पाते।
पहले की थी 160 किमी की यात्रा
पिछले साल नवंबर में बाबा बागेश्वर ने 160 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली थी। इस यात्रा में लाखों सनातनी हिंदू, व्यास पीठ, राजपीठ, फिल्म और उद्योग जगत के लोग, साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
2025 की यात्रा 10 दिन की होगी और लगभग 5 करोड़ की आबादी वाले क्षेत्र से गुजरेगी, जिसमें तीन बड़े राज्य और दिल्ली शामिल हैं।
पानीपत में तीन दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन
हरियाणा के कपड़ा नगर पानीपत में बागेश्वर महाराज की श्री हनुमंत कथा का तीन दिवसीय आयोजन हुआ। इसमें नगरवासी और हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल टंडा भी उपस्थित थे।
कथा के प्रथम दिन बाबा बागेश्वर ने यह यात्रा शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कैसे वह गरीबों तक पहुंचना चाहते हैं जो उनके धाम तक नहीं आ पाते।
खुद चलकर लोगों के घर पहुंचेंगे बाबा बागेश्वर
पानीपत में कथा के दौरान बाबा बागेश्वर ने इस यात्रा की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बहुत से गरीब लोग बागेश्वर धाम तक नहीं पहुंच पाते। वे VIP प्रोटोकॉल और पुलिस के कारण उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद चलकर उनके घर जाएंगे और उन्हें गले लगाएंगे।
धर्मांतरण कराने वालों पर हमला
बाबा बागेश्वर ने किसी समुदाय का नाम लिए बिना कहा, 'हालेलुयाह कहने वाले कान खोलकर सुन लो, हम वो हिंदू हैं जो गोली खा लेते हैं, लेकिन कलमा नहीं पढ़ते। सर कटा लेते हैं, लेकिन वतन को मिटने नहीं देते।' उन्होंने यह भी कहा कि वह 10 रुपये के लिए दुकान का नाम बदलने वालों में से नहीं हैं। वह जैसे हैं, वैसे ही रहेंगे और भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
सफल रही थी पहली यात्रा
उनकी पहली पदयात्रा 160 किलोमीटर की थी। यह यात्रा नवंबर 2024 में निकाली गई थी। उस यात्रा में भारत और विदेशों से लाखों हिंदू शामिल हुए थे। फिल्म जगत, उद्योग जगत और समाज सेवा से जुड़े लोग भी इस यात्रा में शामिल हुए थे।
10 दिन चलेगी इस बार यात्रा
इस बार की यात्रा 10 दिनों तक चलेगी। बाबा बागेश्वर का कहना है कि यह यात्रा भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के लिए एक आंदोलन है। उनका कहना है कि बड़े लोग तो VIP प्रोटोकॉल के साथ उनसे मिल लेते हैं, लेकिन गरीब लोग उनसे नहीं मिल पाते। इसलिए, वह खुद उनके पास जाएंगे।
]]>जारी नोटिस के अनुसार महाकुंभ 2025 के संदर्भ में पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से प्रयागराज में कहा था कि महाकुंभ में हर व्यक्ति को आना चाहिए, जो नहीं आएगा वह पछताएगा और देशद्रोही कहलाएगा। इस बयान को लेकर शहडोल जिला न्यायालय के अधिवक्ता एवं पूर्व शासकीय अधिवक्ता संदीप तिवारी ने गहरी आपत्ति जताई।
संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया गया बयान
उनका कहना है कि यह वक्तव्य न केवल भारतीय संविधान की मूल भावना, विशेष रूप से धर्मनिरपेक्षता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता, के विरुद्ध है, बल्कि यह भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दंडनीय अपराध भी है।
उन्होंने अपने परिवाद में कहा कि सेना सैनिक, अस्पतालों में सेवा दे रहे डॉक्टर, कानून व्यवस्था में लगे पुलिसकर्मी, न्यायपालिका के सदस्य, पत्रकार या कोई भी नागरिक जो अपने कर्तव्यों के कारण महाकुंभ में उपस्थित नहीं हो पाता, क्या उसे देशद्रोही कहा जा सकता है? यह वक्तव्य न केवल असंवेदनशील है बल्कि सामाजिक वैमनस्य फैलाने वाला भी है।
कोई कार्रवाई नहीं होने पर ली कोर्ट की शरण
इस मामले को लेकर 4 फरवरी 2025 को थाना सोहागपुर, शहडोल में शिकायत दर्ज की गई थी। पुलिस द्वारा कार्रवाई न होने पर, शिकायत पुलिस अधीक्षक को भेजी गई। कोई कार्रवाई न होने पर 3 मार्च 2025 को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, शहडोल के समक्ष परिवाद प्रस्तुत किया गया। अब अदालत ने 11 मई को धीरेंद्र शास्त्री को विधिवत नोटिस जारी कर 20 मई 2025 को प्रकरण में सुनवाई के लिए तलब किया है।
]]>इस वीडियो के वायरल होते ही कई हिंदूवादी संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने वीडियो अपलोड करने वाले आदिल के खिलाफ कड़ी कारवाई की मांग की है. आदिल ने जिस फर्जी अकाउंट से वीडियो अपलोड किया था वह आदिल हुसैन नाम से बना हुआ था. इस अकाउंट में उसने खुद को कैलिफोर्निया, अमेरिका का रहने वाला बताया है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का पासआउट भी बताया है. हिंदू संगठनों की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
वीडियो के वायरल होते ही मचा बवाल, हिंदू संगठनों ने की है ये मांग
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड होने के बाद बवाल मच गया. फेसबुक पर वीडियो अपलोड होने के बाद ग्वालियर में हिंदू संगठनों ने हंगामा कर दिया. हिंदू संगठनों का आरोप है कि ग्वालियर के पनिहार गांव के रहने वाले एक मुस्लिम युवक आदिल खान ने धीरेंद्र शास्त्री को गाली गलौज करते हुए वीडियो अपलोड किया है. हिंदू संगठनों ने पनिहार थाने का घेराव कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की. जानकारी मिलते ही एडिशनल एसपी ने इस वीडियो की जांच कर FIR करने के निर्देश दिए. बताया जा रहा है कि पनिहार गांव के रहने वाले आदिल खान ने फर्जी सोशल अकाउंट बनाया जिसमें उसने खुद को अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर का नागरिक बताया और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पास आउट बताया है. धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ वीडियो अपलोड होते ही पनिहार इलाके के लोगों ने आदिल खान को पहचान लिया और फिर थाने में जाकर हंगामा कर दिया.
चर्चा में बागेश्वर धाम, इसी बीच वायरल हुआ वीडियो
बता दें कि हाल ही में बागेश्वरधाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे थे। बुधवार को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु भी बागेश्वरधाम पहुंचीं। इसके बाद से बागेश्वरधाम आम लोगों के बीच चर्चा में है। अब यह वीडियो सामने आ गया।
इस वीडियो पर लोगों ने आक्रोश जताया है। यह वीडियो बुधवार दोपहर से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसमें युवक द्वारा पंडित धीरेंद्र शास्त्री को अपशब्द कहे जा रहे हैं।
इस युवक का नाम अज्जू खान पुत्र बुच्हे खान निवासी पनिहार बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने पर हिंदू संगठन पनिहार थाने पहुंचे और नारेबाजी करते हुए युवक पर कार्रवाई की मांग की।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि प्रशिक्षु आईपीएस जेंडेन लिंगजर्पा को मामले की जांच सौंपी है। कार्रवाई की जा रही है।
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महाकुंभ में मची भगदड़ पर बागेश्वर धाम के महंत धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की प्रतिक्रिया सामने आई है. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यह घटना दुखद, हृदय विदारक और अकल्पनीय है. हालांकि इसके पीछे बड़ी साजिशें भी हैं. इस घटना में भीड़ निश्चित रूप से एक कारण है, लेकिन इसमें साजिश का एक तत्व भी शामिल है, जिसका उद्देश्य छोटी-छोटी घटनाओं को उजागर करके हिंदू धर्म की छवि को बिगाड़ना है.
वहीं बागेश्वर सरकार ने लोगों से अपील करते हुए कहा, "हम हनुमान जी से प्रार्थना करते हैं कि इस घटना पर राजनीतिक बयानबाजी करने वालों को सद्बुद्धि दें. लाशों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया है. श्रद्धालुओं से अपील है कि यह महाकुंभ है. यहां आएं तो संयम के साथ संगम में डुबकी लगाएं. अपना ख्याल रखें और उस दिन की तरह अराजकता न फैलाएं."
हालांकि, इस बीच बागेश्वर बाबा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें वो महाकुंभ में मची भगदड़ में मारे गए लोगों को लेकर बयान दे रहे हैं. पंडित धीरेंद्र शास्त्री एक वीडियो में कह रहे हैं कि हमारे कुछ कम्युनिस्ट मित्र हैं जो कह रहे है कि बाबा अब भी पर्ची खोलोगे क्या? तो मैंने कहा बिल्कुल खोलेंगे.
यहां मरने वालों को मोक्ष मिला है- पंडित धीरेंद्र शास्त्री
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "उन्होंने कहा इस घटना पर आपके क्या विचार हैं, तो मैंने कहा इस देश में प्रतिदिन लोग मर रहे हैं और करोड़ों लोग मर रहे हैं. कुछ दवा के बिना मर रहे हैं, कुछ स्वास्थ्य व्यवस्था के बिना मर रहे हैं. निश्चित रूप से ये जो घटना हुई वो निंदनीय है, लेकिन एक बात बोले ये महाप्रयाग है मौत सबकी आएगी, एक दिन सबको मरना है लेकिन कोई गंगा के किनारे मरेगा तो वो मरेगा नहीं मोक्ष पाएगा.
उन्होंने कहा, "यहां मरा नहीं है कोई, हां असमय चले गए तो दुख है, लेकिन जाना तो सबको है. कोई पहले चला गया, कोई बाद में जाएगा. यहां जो मरे हैं उनकी मृत्यु नहीं हुई है उनको मोक्ष मिला है."
]]>राजधानी रायपुर स्थित उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के बंगला में आयोजित कार्यक्रम में पंडित धीरेंद्र शास्त्री शामिल हुए. उन्होंने कहा, धर्मांतरण के खिलाफ छत्तीसगढ़ में पदयात्रा करेंगे. नक्सल क्षेत्र बस्तर में कथा भी करेंगे. यहां शांति स्थापित करने हिंदू विचारधारा के लिए लोगों को जागरूक करेंगे.
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, अभी 19 जनवरी को आदिवासी जनजागरण कार्यक्रम किया गया. इस कार्यक्रम का यही उद्देश्य था कि गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला में बागेश्वर मंडल बनाएंगे, जो हनुमान चालीसा का पाठ कराएगा और धर्मांतरण को रोकेगा. जो हमको दान में दिया जाएगा उस दान की राशि से हम गरीब बेटियों का घर बसाएंगे.
26 फरवरी को कराएंगे 251 बेटियों का विवाह
बाबा बागेश्वर ने कहा, 23 फरवरी को बागेश्वर धाम में कैंसर हॉस्पिटल का शुभारंभ है. 26 फरवरी को 251 बेटियों का विवाह कार्यक्रम है. उन्होंने छत्तीसगढ़वासियों से कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित भी किया.
धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने डाला वीडियो
मंगलवार को धीरेंद्र शास्त्री के भाई ने दूसरा वीडियो डाला, जिसमें वह कहते हुए नजर आ रहे हैं 'उनका कोई उद्देश्य ऐसा नहीं है, हमारा उद्देश्य हमेशा सही करने का रहा है, लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा था. अपनी हरकतो से बागेश्वर धाम और सनातन की छवि खराब न हो इसलिए वह वीडियो जारी किया था. बागेश्वर बालाजी सरकार और बागेश्वर महाराज जी के प्रति आस्था है. इसलिए उन्हें बिल्कुल भी ठेस न पहुंचाए. हमने केवल वह वीडियो माफी और सभी सनातनी हिंदू और साधु संतों से झमा मांगने के लिए जारी किया था. लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया है. आप लोग उस वीडियो पर यकीन न कर और न ही उसे फैलाएं. महाराजजी हिंदू एकता के कार्य में लगे हैं.'
शालिग्राम गर्ग ने क्या कहा?
शालिग्राम गर्ग ने सोशल मीडिया पर 2 मिनट 6 सेकंड का वीडियो जारी कर कहा, "उनकी ओर से किए जाने वाले कामों से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और बागेश्वर धाम की छवि धूमिल होती है, इसलिए उनका नाम पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से जोड़कर नहीं लिया जाए." उन्होंने माफी मांगते हुए कहा, "भविष्य में उनकी ओर से किए गए किसी भी कार्य को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री या बागेश्वर धाम से न जोड़ा जाए, उनके सभी संबंध समाप्त हो चुके हैं."
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के छोटे भाई शालिग्राम गर्ग का कई बार मारपीट और अन्य ऐसे मामलों में नाम सामने आ चुका है, जिसमें पुलिस कार्रवाई भी हो चुकी है. इनमें टोल टैक्स पर मारपीट का एक प्रकरण भी शामिल है. इसके अलावा कई बार अन्य विवादों की वजह से भी शालिग्राम गर्ग सुर्खियां बटोर चुके हैं. इन मामलों की वजह से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की छवि पर प्रभाव पड़ता है. शायद यही वजह है कि उन्होंने पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री से औपचारिक रूप से नाता तोड़ दिया है.
छतरपुर में पर्चियां के माध्यम से लोगों की समस्या का समाधान करने वाले पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के देश-विदेश में लाखों भक्त हैं. उन्होंने हिंदुत्व को आगे बढ़ते हुए भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की भी मांग उठाई. उन्होंने हाल ही में बागेश्वर धाम से ओरछा तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ हिंदू सनातनी एकता यात्रा भी निकाली. इस माध्यम से हिंदुओं को जागरूक करने के साथ-साथ एकजुट करने की कवायद की गई है.
बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी
बागेश्वर धाम के ऑफिशियल फेसबुक ग्रुप पर भी जारी किया गया है कि सोमवार शाम से एक वीडियो बहुत वायरल हो रहा है कि पूज्य सरकार के अनुज शालिग्राम गर्ग जी ने संबंध विच्छेद कर लिए।
यहां लिखा गया है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। ये उनके भाव थे कि उनकी किसी गलती का जिम्मेदार पूज्य सरकार या बागेश्वर धाम पीठ ना माना जाए। कुछ मीडिया के बंधु इसे लगातार चला रहे हैं। उनसे अनुरोध है ऐसे किसी गलतफहमी से बचें।
इस वीडियो के माध्यम से शालिग्राम ने सभी कुछ स्पष्ट कर दिया है। बता दें शालिग्राम अक्सर मारपीट जैसे मामलों से विवादित रहे हैं। इससे पहले भी कई तरह के आरोप प्रत्यारोपों से घिरे रहे हैं।
भागवत कथा के समापन के बाद रविवार की रात्रि को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री टीकमगढ कोतवाली टीआई पंकज शर्मा के करैरा स्थित निवास पर पहुंचे। उनके निवास पर पहुंचकर सभी परिवार जनों से शास्त्री जी ने मुलाकात कर सभी को आर्शीवाद प्रदान किया। जैसे ही करैरा वासियों को पंडित धीरेन्द्र शास्त्री के पंकज शर्मा के निवास पर पहुंचने की जानकारी मिली, तो हजारों श्रद्धालुओं का उनके निवास पर तांता लग गया।
]]>बाबा का बाग बगीचा मंदिर पर 1 दिसंबर से अनेक धार्मिक कार्यक्रम प्रारंभ हुए। यहां 8 दिनों तक श्रीमद भागवत कथा, 51 कुंडीय सीताराम महायज्ञ, शतचंडी अनुष्ठान, कन्या शुभ विवाह आदि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्रीमद भागवत कथा बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कुमार शास्त्री सुनाएंगे। भागवत कथा के शुभारंभ से पूर्व रविवार सुबह 10 बजे से अनाज मंडी से कलश यात्रा शुरू हुई जोकि मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल बाबा का बाग बगीचा पहुंची। कलशयात्रा में 21 हजार महिलाएं व युवतियां शामिल हुईं।
34 बीघा में बनाया पांडाल
पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा के लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की गई हैं। यहां 34 बीघा जमीन में 5 लाख स्क्वायर फीट का पंडाल बनाया गया है। करैरा में पहली बार इतना विशाल पंडाल बनाया गया है जिसमें विशेष मंच भी तैयार किया गया है। कथा में आने-जाने वाले लोगों के लिए दर्जन भर जगहों पर पार्किग बनाई गईं हैं। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियोें के अनुसार करैरा क्षेत्र में इससे पहले इतना बड़ा आयोजन नहीं हुआ है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के कार्यक्रम में सुरक्षा को लेकर 1 हजार पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए जिले के अलावा अन्य शहरों से भी पुलिस फोर्स बुलाया गया है। करैरा में कथास्थल पर जाने के लिए पार्किंग व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने ट्रैफिक चार्ट जारी किया है।
नरवर, भितरवार एवं ग्वालियर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था नरवर भितरवार रोड पर ब्रजधाम मैरिज गार्डन के पास मैदान, खैराघाट तिराहा के पास रोड के दोनों ओर एसीक्रेट हार्ट स्कूल व जेल के सामने रहेगी। इस मार्ग से आने वाले भक्तों के लिए 5 पार्किंग बनाई गई हैं। सभी भक्त वाहन पार्क कर ब्रजधाम एवं खैराघाट पार्किंग के बीच से नया कच्चा मार्ग से होते हुए एवं कुम्हारपुरा होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे।
शिवपुरी, ग्वालियर, गुना से आने वाले भक्तों के लिए 3 पार्किंग बनाई गई हैं, जिसमें महुअर कोलोनी, पृथ्वी ढाबा एवं कॉलेज तिराहा शामिल हैं। इन स्थानों पर पार्किग के बाद भक्त सहायता केन्द्र से होते हुए पैदल कथास्थल पहुचेंगे। भौती व पिछोर तरफ से आने वाले वाहनों के लिए फिल्टर रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। इस मार्ग से आने वाले भक्त फिल्टर रोड पर वाहन पार्क कर फिल्टर रोड होते हुए कच्ची गली एवं सहायता केन्द्र होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुुंच सकेंगे।
टीला गाँव की तरफ से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए टीला रोड पर पार्किंग व्यवस्था की गई है। यहां से कालेज होते हुए पुलिस लाइन होकर सहायता केन्द्र से कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। झांसी, दतिया, दिनारा की ओर से आने वाले वाहनों की पार्किंग व्यवस्था करैरा मंडी के पीछे रहेगी। यहां से श्रद्धालु वाहन पार्क कर पैदल कामांछा माता मन्दिर होकर एवं न्यू तहसील के पीछे हरदौल मन्दिर से पुलिस लाईन होते हुए सहायता केन्द्र होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंच सकेंगे। वीआईपी पार्किंग की व्यवस्था बालक उत्कृष्ट विद्यालय करैरा में की गई है।
]]>आजकल दुनिया में 'एआई' ने जैसा तहलका मचाया है वैसा प्रयोग हमें 'एचआई' बनाकर करना है। इसका मतलब हिंदू इंटेलेक्चुल बनाकर करना है। हम किसी मजहब के खिलाफ नहीं हैं। कुछ लोग हमें कट्टर कहते हैं, लेकिन यह मत समझो कि हम किसी के विरोधी हैं, हम तो बस भारत के पक्ष में हैं। भारत में रहने वाला मुस्लिम और ईसाई भी हिंदू हैं।
जातिवाद के नाम पर हिंदुओं को तोड़ने का काम किया गया है। यह बात बागेश्वरधाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेद्र कृष्ण शास्त्री ने शनिवार को लालबाग परिसर में कही। वे हिंदू आध्यात्मिक एवं सेवा संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय सेवा मेले के तीसरे दिन संबोधित कर रहे थे।
हिंदू का मतलब जीवन जीने की शैली से
पांच घंटे की देरी से शुरू हुए उद्बोधन में उन्होंने कहा कि हिंदू का मतलब जीवन जीने की शैली से है। हिंदुओं को तोड़ने के लिए जात-पात और ऊंच-नीच की लकीरें खींची गईं। आज देश को बांग्लादेश बनने से रोकना जरूरी है, जब पाकिस्तान बना था तो वहां 22 फीसद हिंदू थे जो अब मात्र दो प्रतिशत रह गए हैं।
हिंदू को जाना पड़ा तो कहां जाएगा
उन्होंने कहा- दूसरे धर्म के लोग तो अन्य देश जा सकते हैं, लेकिन हिंदू को जाना पड़ा तो कहां जाएगा, विचार करें। लव जिहाद से माताओं तुम्हें अपने बेटे-बेटियों को बचाना है। इसके लिए उन्हें गीता-रामायण का पाठ पढ़ाओ। हर मंगलवार मंदिर जाओ और एकता के लिए गांव-गांव बैठक करो।
बच्चों में संस्कारों का शृंगार करें
माता जब ब्यूटी पार्लर जाने के लिए समय निकाल सकती हैं तो अपने बच्चों का संस्कारों से शृंगार करने के लिए, सनातन संस्कृति से जोड़ने के लिए प्रयास क्यों नहीं कर सकती हैं। हम जल्द पदयात्रा लेकर आएंगे। 26 फरवरी को 251 जोड़ों का विवाह कर रहे हैं।
पंडित शास्त्री की रंगोली आकर्षण का केंद्र रही
कार्यक्रम संयोजक सचिन बघेल और प्रचार प्रमुख जवाहर मंगवानी ने बताया कि पं. शास्त्री की 16 बाय 16 की रंगोली भी आकर्षण का केंद्र थी। उद्योगपति विनोद अग्रवाल, गुणवंत सिंह कोठारी, महामंडलेश्वर दादू महाराज, रणजीत हनुमान मंदिर के पुजारी अशोक भट्ट, रणजीत हनुमान मंदिर के पुजारी दीपेश व्यास, दिनेश दवे मौजूद थे।