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पेरिस ओलंपिक 2024 की क्लोजिंग सेरेमनी रविवार (11 अगस्त) देर रात खत्म हुई. लगभग तीन सप्ताह तक चले ओलंपिक खेलों का समापन हो गया है. सीन नदी पर आयोजित ओपनिंग सेरेमनी के विपरीत, ओलंपिक क्लोजिंग सेरेमनी अधिक पारंपरिक हुई.
इसका आयोजन 80,000 दर्शकों से खचाखच भरे स्टेड डी फ्रांस स्टेडियम में हुई. सेरेमनी में एथलीटों की उपलब्धियों और मेजबान शहर पेरिस की सफलता का जश्न मनाया गया.
श्रीजेश और मनु भाकर को ध्वजवाहक चुना गया
भारत की ओर से दो बार के ओलंपिक पदक विजेता हॉकी खिलाड़ी पीआर श्रीजेश और मनु भाकर को क्लोजिंग सेरेमनी में 'परेड ऑफ नेशंस' के लिए भारतीय ध्वजवाहक चुना गया. 'भारत की दीवार' के नाम से फेमस श्रीजेश ने ओलंपिक गेम्स में भारत को कांस्य पदक दिलाने के साथ ही अपने करियर को विराम दिया.
भारत ने जो कांस्य पदक हॉकी में स्पेन को 2-1 से हराकर जीता, उसमें श्रीजेश ने स्पेन के कई गोल अटैक को विफल कर दिया. वहीं ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल शूट-आउट में उनके शानदार बचाव भी किया, यह मैच भारतीय हॉकी टीम 10 खिलाड़ियों के साथ खेलने उतरी थी.
पेरिस में इन 6 भारतीय एथलीट्स ने दिलाया मेडल
नीरज चोपड़ा
मनु भाकर
मनु भाकर/सरबजोत सिंह
स्वप्निल कुसाले
अमन सहरावत
हॉकी
पेरिस ओलंपिक में भारत के मेडल
पेरिस ओलंपिक में सबसे पहला मेडल मनु भाकर ने ब्रॉन्ज 10 मीटर एयर पिस्टल में जीता. फिर मनु भाकर-सरबजोत सिंह की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता. इसके बाद स्वप्निल कुसाले ने ब्रॉन्ज मेडल मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में अपने नाम किया.
वहीं भारतीय हॉकी टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत को चौथा पदक दिलाया. इसके बाद नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीता. वहीं पहलवान अमन सहरावत ने 57 किग्रा कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडज जीतकर छठा मेडल दिलाया.
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क्रिकेटर के बेटे ने जीता गोल्ड
वेस्टइंडीज के पूर्व क्रिकेटर विंस्टन बेंजामिन के बेटे राय बेंजामिन ने इस इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है। वह अमेरिका की तरफ से ओलंपिक में हिस्सा ले रहे हैं। यह पहला मौका है जब उन्होंने 400 मीटर हर्डल्स के फाइनल में कार्स्टन वारहोल्म को पछाड़कर गोल्ड मेडल जीता है। 2019 और 2023 में जब वारहोल्म ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था तो राय बेंजामिन सिल्वर और ब्रॉन्ज जीत सके थे। तोक्यो ओलंपिक में भी बेंजामिन दूसरे स्थान पर रहे और सिल्वर मेडल ही जीत सके।
सेमीफाइनल में आगे थे वारहोल्म
हीट राउंड में कार्स्टन वारहोल्म और राय बेंजामिन अलग अलग ग्रुप में थे। दोनों टॉप पर रहे लेकिन वारहोल्म ने कम समय लिया। सेमीफाइनल की रेस में भी कुछ ऐसा ही हुआ। लेकिन फाइनल में बेंजामिन ने 46.46 सेकंड में रेस पूरी करते हुए गोल्ड जीता। वारहोल्म ने 47.06 सेकंड में रेस पूरी की। उन्होंने तोक्यो ओलंपिक में 45.94 सेकंड में रेस जीतकर वर्ल्ड और ओलंपिक रिकॉर्ड बनाया था। ब्राजीन के एलिसन डॉस सैंटोस ने तोक्यो और पेरिस दोनों जगह ब्रॉन्ज जीता।
राय बेंजामिन का तीसरा ओलंपिक गोल्ड
राय बेंजामिन के पिता विंस्टन बेंजामिन ने 1986 से 1995 के बीच वेस्टइंडीज टीम का हिस्सा थे। तेज गेंदबाज विंस्टन ने 21 टेस्ट और 85 वनडे खेले थे। इसमें उनके नाम 161 विकेट हैं। राय बेंजामिन का जन्म न्यूयॉर्क में हुआ था। करियर की शुरुआत में वह एंटीगुआ और बारबुडा का प्रतिनिधित्व करते थे। पेरिस ओलंपिक में 400 मीटर हर्डल्स के साथ ही राय ने 4×400 मीटर रिले में भी गोल्ड जीता। इस इवेंट में वह तोक्यो ओलंपिक में भी गोल्ड मेडलिस्ट थे।
]]>पेरिस ओलंपिक में भारत का सफर लगभग खत्म हो चुका है। भारत के पास अब मेडल जीतने की इकलौती उम्मीद रीतिका हुड्डा हैं। भारतीय रेसलर रीतिका हुड्डा को क्वार्टर फाइनल मैच में हार मिली जिसके बाद भारत की इन खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की उम्मीद खत्म हो गई। पेरिस ओलंपिक से भारतीय दल बिना गोल्ड मेडल लौटेगा।
भारत के दो ही एथलीट ने जीता गोल्ड
भारत के लिए अब तक केवल दो ही खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीते हैं। राइफल शूटर अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। वहीं टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने गोल्ड मेडल जीता। इस क्लब में कोई नई एंट्री नहीं हुई है।
नीरज ने जीता सिल्वर
पेरिस ओलंपिक में कई खिलाड़ियों को गोल्ड का दावेदार माना जा रहा था। हालांकि कोई भी यह काम पूरा नहीं कर सका। गोल्ड के सबसे बड़े दावेदार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा थे। वह इस बार सिल्वर मेडल ही जीत पाए। भारत की विनेश फोगाट गोल्ड मेडल के लिए काफी करीब पहुंच गई थीं। हालांकि वह फाइनल मैच खेल ही नहीं पाईं। उन्हें 100 ग्राम ज्यादा वजन होने के कारण डिस्क्वालिफाई कर दिया था।
हॉकी में भी खत्म नहीं हुआ इंतजार
भारतीय हॉकी टीम जिस फॉर्म के साथ सेमीफाइनल में पहुंची थी उसे देखकर ऐसा लग रहा था कि 44 साल बाद देश को गोल्ड मेडल मिल जाएगा। टीम ने ग्रुप राउंड में ऑस्ट्रेलिया को मात दी थी। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए ग्रेट ब्रिटेन को मात दी। यही कारण था कि उन्हें भी गोल्ड का दावेदार माना जा रहा था। हालांकि टीम सेमीफाइनल मुकाबला हार गोई और उसे भी गोल्ड नहीं मिल सका।
टोक्यो का रिकॉर्ड टूट नहीं पाया
बता दें कि भारत ने टोक्यो ओलंपिक (2020) में एक गोल्ड 7 मेडल जीते थे, जो भारत का ओलंपिक इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था. ऐसे में इस बार उम्मीद की जा रही थी कि भारत की मेडल टैली दोहरे अंक में पहुंच पाएगी. मगर उम्मीदों के विपरीत हुआ. पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत एक भी गोल्ड मेडल नहीं जीत सका और उसके मेडल्स की संख्या 6 पर अटक गई..

पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत के पदकवीर
मनु भाकर- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
मनु भाकर/सरबजोत सिंह- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
स्वप्निल कुसाले- ब्रॉन्ज मेडल, शूटिंग
भारतीय हॉकी टीम- ब्रॉन्ज मेडल
नीरज चोपड़ा- सिल्वर मेडल, एथलेटिक्स
अमन सहरावत- ब्रॉन्ज मेडल, रेसलिंग
पेरिस ओलंपिक 2024 में देश के कुल 112 एथलीट्स ने 16 खेलों के कुल 69 मेडल इवेंट में भाग लिया. इसके साथ ही पांच रिजर्व एथलीट भी पेरिस गए थे. हालांकि शूटिंग, एथलेटिक्स, हॉकी और कुश्ती में ही भारत को पदक हासिल हो सका. देखा जाए तो भारत ने ओलंपिक खेलों में अभी तक कुल 41 पदक जीते हैं. इनमें निशानेबाज अभिनव बिंद्रा (2008) और नीरज चोपड़ा (2021)ही व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीत पाए हैं.
भारत के ओलंपिक मेडलिस्ट की पूरी लिस्ट, जानें कौन, कब बना विजेता
| एथलीट/खेल | मेडल | इवेंट | ओलंपिक सीजन |
| नॉर्मन प्रिचर्ड* | सिल्वर | पुरुषों की 200 मीटर रेस | पेरिस 1900 |
| नॉर्मन प्रिचर्ड** | सिल्वर | पुरुषों का 200 मीटर बाधा दौड़ (हर्डल रेस) | पेरिस 1900 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | एम्स्टर्डम 1928 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लॉस एंजिल्स 1932 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | बर्लिन 1936 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | लंदन 1948 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | हेल्सिंकी 1952 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मेलबर्न 1956 |
| केडी जाधव | ब्रॉन्ज | पुरुषों की बेंटमवेट कुश्ती | हेल्सिंकी 1952 |
| भारतीय हॉकी टीम | सिल्वर | पुरुष हॉकी | रोम 1960 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | टोक्यो 1964 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | मेक्सिको सिटी 1968 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | म्यूनिख 1972 |
| भारतीय हॉकी टीम | गोल्ड | पुरुष हॉकी | मास्को 1980 |
| लिएंडर पेस | ब्रॉन्ज | पुरुष एकल टेनिस | अटलांटा 1996 |
| कर्णम मल्लेश्वरी | ब्रॉन्ज | भारोत्तोलन (महिलाओं का 54 किग्रा | सिडनी 2000 |
| राज्यवर्धन सिंह राठौड़ | सिल्वर | पुरुषों की डबल ट्रैप शूटिंग | एथेंस 2004 |
| अभिनव बिंद्रा | गोल्ड | पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | बीजिंग 2008 |
| विजेंदर सिंह | ब्रॉन्ज | पुरुषों की मिडिलवेट बॉक्सिंग (मुक्केबाजी) | बीजिंग 2008 |
| सुशील कुमार | ब्रॉन्ज | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | बीजिंग 2008 |
| सुशील कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 66 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
| विजय कुमार | सिल्वर | पुरुषों की 25 मीटर रैपिड पिस्टल शूटिंग | लंदन 2012 |
| साइना नेहवाल | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | लंदन 2012 |
| मैरी कॉम | ब्रॉन्ज | महिला फ्लाइवेट मुक्केबाजी | लंदन 2012 |
| योगेश्वर दत्त | ब्रॉन्ज | पुरुष 60 किग्रा कुश्ती | लंदन 2012 |
| गगन नारंग | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग | लंदन 2012 |
| पीवी सिंधु | सिल्वर | महिला एकल बैडमिंटन | रियो 2016 |
| साक्षी मलिक | ब्रॉन्ज | महिला 58 किग्रा कुश्ती | रियो 2016 |
| मीराबाई चानू | सिल्वर | महिला 49 किग्रा भारोत्तोलन (वेटलिफ्टिंग) | टोक्यो 2020 |
| लवलीना बोरगोहेन | ब्रॉन्ज | महिला वेल्टरवेट बॉक्सिंंग (64-69 किग्रा) | टोक्यो 2020 |
| पीवी सिंधु | ब्रॉन्ज | महिला एकल बैडमिंटन | टोक्यो 2020 |
| रवि कुमार दहिया | सिल्वर | पुरुष फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | टोक्यो 2020 |
| बजरंग पुनिया | ब्रॉन्ज | पुरुष 65 किग्रा कुश्ती | टोक्यो 2020 |
| नीरज चोपड़ा | गोल्ड | पुरुषों का भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) | टोक्यो 2020 |
| मनु भाकर | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर पिस्टल | पेरिस 2024 |
| मनु भाकर-सरबजोत सिंह | ब्रॉन्ज | 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम | पेरिस 2024 |
| स्वप्निल कुसाले | ब्रॉन्ज | मेन्स 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन | पेरिस 2024 |
| भारतीय हॉकी टीम | ब्रॉन्ज | पुरुष हॉकी | पेरिस 2024 |
| नीरज चोपड़ा | सिल्वर | पुरुषों का भाला फेंक (एथलेटिक्स) | पेरिस 2024 |
| अमन सहरावत | ब्रॉन्ज | पुरुष 57 किग्रा कुश्ती | पेरिस 2024 |
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इन दिनों जारी पेरिस 2024 ओलंपिक और पैरालंपिक खेल, फ्रांस में आयोजित अब तक का सबसे बड़ा आयोजन है. इस दौरान होने वाला हर खेल और उसमें जीत- हार इतिहास में दर्ज हो जाएंगे. इस समय हर दिन अलग- अलग देशों से अलग- अलग स्पोर्ट में खिलाड़ियों की जीत की खबरें आ रही हैं.
किसी भी एथलीट के लिए ओलंपिक मेडल जीतना जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर होता है और वे इस पल को जीवन भर संजोकर रखते हैं. लेकिन क्या हो अगर ओलंपिक खत्म होने से पहले ही उनका मेडल अपनी चमक खो दे? मौजूदा पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रांज मेडल जीतने वाले एक अमेरिकी एथलीट Nyjah Huston ने ऐसा ही आरोप लगाया है कि उसे मिला मेडल बेरंग और खराब होने लगा है.
पेरिस 2024 में यूएसए स्केटबोर्ड टीम की सदस्य नाइजाह ने ओलंपिक पदकों की गुणवत्ता पर चिंता व्यक्त करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया. 29 साल के इस खिलाड़ी ने 30 जुलाई को पुरुषों की स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग में तीसरे स्थान पर रहकर ब्रांज मेडल जीता था. यहां जापान के युटो होरिगोम ने गोल्ड और अमेरिका के जैगर ईटन ने सिल्वर मेडल जीता था.
क्या बोले नाइजाह?
एक्स गेम्स और विश्व चैंपियनशिप में 18 गोल्ड मेडल जीतने वाले जाने माने स्केटबोर्डर ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर खराब हो रहे ब्रांज मेडल की तस्वीर शेयर की. उन्होंने एक वीडियो में कहा- 'ये ओलंपिक मेडल तब अच्छे लगते हैं जब वे बिल्कुल नए होते हैं, लेकिन इसे थोड़ी देर के लिए पसीने के साथ अपनी त्वचा पर रखने और फिर वीकेंड में अपने दोस्तों देने के बाद, इसकी क्वालिटी सामने आती है.सिर्फ एक सप्ताह हुआ है.'
'थोड़ी क्वालिटी बढ़ाओ'
उन्होंने आगे कहा, "मेरा मतलब है कि इस चीज को देखो. यह खुरदरी दिख रही है. यहां तक कि सामने का हिस्सा भी थोड़ा-थोड़ा उखड़ने लगा है. मुझे नहीं पता, शायद क्वालिटी को थोड़ा बढ़ाना होगा." वीडियो में, हस्टन के मेडल में क्वालिटी की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जिसमें दोनों तरफ काफी जगह रंग उतर गया है.
बता दें कि पेरिस ओलंपिक 2024 के पदक अद्वितीय हैं क्योंकि वे पेरिस में एफिल टॉवर के निर्माण के लिए उपयोग किए गए लोहे के सहेजे गए टुकड़ों का उपयोग करके बनाए गए हैं.
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पेरिस ओलिंपिक 2024 की शुरुआत 24 जुलाई से हुई थी। ऐसे में 9 अगस्त यानी कि शुक्रवार का दिन पेरिस ओलिंपिक में भारत का 14वां दिन होगा। अब तक इस ओलंपिक भारत के 13 दिन पूरी हो चुकी है, जिसमे पांच मेडल जीते जा गए। इनमें चार ब्रॉन्ज और एक सिल्वर शामिल हैं। वही। भारत के खाते में अब तक तीन वेंडर शूटिंग, एक हॉकी में और एक जेवलिन थ्रो में आया है। अब भारत के झोली में छठा मेडल भी आ सकता है।
बता दें कि भारत को छठा मेडल अमन सहरावत दिलवा सकते है। दरअसल, आज वो ब्रॉन्ज मेडल के लिए मैच खेलेंगे। ऐसे में सभी की उम्मीदें इसी बात पर टिकी हैं कि भारत एक बार फिर मेडल जीत सकता है। वहीं अमन को सेमीफाइनल मुकाबले में हार झेलनी पड़ी थी, जिसके चलते आज वह ब्रॉन्ज मेडल मैच के लिए मैदान पर उतरेंगे। सेमीफाइनल में अमन को जापान के री हिगुची से हार का सामना करना पड़ा था। हिचुगी ने सेमीफाइनल में अमन 10-0 से करारी शिकस्त दी थी।
पेरिस ओलंपिक में 09 अगस्त को भारत का शेड्यूल
एथलेटिक्स
वुमेंस 4×400 मीटर रिले राउंड 1 – दोपहर 2:10 बजे
मेंस 4×400 मीटर रिले राउंड 1 – दोपहर 2:35 बजे
कुश्ती
मेंस फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कांस्य पदक मैच – अमन सहरावत बनाम डेरियन टोई क्रूज़ – रात 10:45 बजे
गोल्फ
महिला व्यक्तिगत स्ट्रोक प्ले राउंड 3 – अदिति अशोक और दीक्षा डागर – दोपहर 12:30 बजे
]]>पेरिस ओलंपिक में 7 अगस्त को जिस तरह से भारत की स्टार महिला पहलवान विनेश फोगाट ने एक के बाद एक करके तीन मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी और भारत के लिए कम से कम सिल्वर मेडल पक्का किया था, ऐसा लग रहा था कि वह इस बार गोल्ड मेडल लेकर ही स्वदेश लौटेंगी। विनेश फोगाट के साथ-साथ करोड़ों भारतीयों का भी यह सपना चकनाचूर हो गया है। विनेश फोगाट ने महिलाओं के 50 किग्रा वर्ग में मंगलवार को अपने तीनों मैच जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।
इस दौरान विनेश ने टोक्यो ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट सुसाकी को भी हराया था, जिसने इस मुकाबले से पहले अपने करियर में एक भी मैच और एक भी प्वॉइंट नहीं गंवाया था। बुधवार की सुबह खबर आई कि विनेश फोगाट को डिस्क्वॉलिफाई कर दिया गया है। इसका मतलब वह फाइनल मुकाबले में खेलने के लिए अयोग्य घोषित कर दी गई हैं। विनेश फोगाट का वजन निश्चित वजन से 100 ग्राम ज्यादा आया और इस वजह से उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया है।
कुश्ती में क्या है नियम?
वजन करने को लेकर नियम के मुताबिक जिस दिन भी पहलवान को मुकाबला लड़ना होता है, उस दिन उसका वजन लिया जाता है। हर वजन वर्ग के मुकाबले दो दिनों के अंदर होते हैं, ऐसे में जो पहलवान फाइनल या रेपचेज में पहुंचते हैं, उन्हें दोनों दिन वजन कराना होता है। पहली बार वजन कराते हुए पहलवान के पास 30 मिनट होते हैं, वजन कराने के। वो अपनी मर्जी से इस दौरान जितनी बार चाहें वजन करा सकते हैं। इस दौरान यह भी देखा जाता है कि पहलवान को कोई संक्रामक बीमारी तो नहीं है और उसके नाखून एकदम छोटे-छोटे कटे हों। जिन पहलवानों को लगातार दूसरे दिन मुकाबले में उतरना होता है, उन्हें वजन करने के लिए 15 मिनट मिलते हैं।युनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्लयू) के नियम के मुताबिक अगर पहलवान का वजन निर्धारित वजन से ज्यादा आता है, तो ऐसे में उसे अयोग्य करार दिया जाएगा।
जर्मनी ने सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को हराकर पेरिस ओलंपिक के फाइनल में जगह बना ली है। जर्मनी ने इस मैच में भारत को 3-2 के अंतर से हराया और स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना ली। जर्मनी का फाइनल में सामना नीदरलैंड से होगा जिसने एक अन्य सेमीफाइनल में स्पेन को हराया था। भारतीय टीम भले ही स्वर्ण पदक मुकाबले के लिए क्वालिफाई नहीं कर सकी, लेकिन हरमनप्रीत सिंह की अगुआई वाली टीम के पास कांस्य पदक जीतने का मौका रहेगा।
भारत का कांस्य के लिए सामना स्पेन से होगा। भारत ने इस मैच में पहले क्वार्टर में गोल कर बढ़त बनाई थी, लेकिन दूसरे क्वार्टर में जर्मनी ने दो गोल दागे और भारत पर बढ़त बना ली थी। इसके बाद तीसरे क्वार्टर में भारत ने फिर बराबरी का गोल दागा, लेकिन मैच समाप्त होने से छह मिनट पहले जर्मनी ने तीसरा गोल दागा जिसने अंत में अंतर पैदा कर दिया। इस तरह भारत का स्वर्ण पदक जीतने का 44 वर्षों का इंतजार बढ़ गया।
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भारत के लिए पेरिस ओलंपिक में 11वां दिन मिले-जुले नतीजे लेकर आया। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा ने फैंस को निराश नहीं किया, वहीं कुश्ती के मैट पर विनेश फोगाट के असाधारण प्रदर्शन ने पेरिस ओलंपिक में भारत की एक और स्वर्ण की उम्मीदों को जगा दिया।
विनेश फोगाट ने इतिहास रच दिया है। वह ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली महिला पहलवान बन गई हैं।
उन्होंने कुश्ती में महिलाओं की 50 किलोग्राम भारवर्ग के सेमीफाइनल में क्यूबा की लोपेज गुजमान को 5-0 से हरा दिया। पहले राउंड तक विनेश 1-0 से आगे थीं। फिर आखिरी तीन मिनट में उन्होंने क्यूबा की पहलवान पर डबल लेग अटैक किया और चार पॉइंट अर्जित किए। इस बढ़त को वह अंत तक बनाए रखी और फाइनल में जगह बनाई। विनेश का इस ओलंपिक में सफर शानदार रहा है। रियो ओलंपिक में चोट की वजह से हटने और फिर टोक्यो ओलंपिक में राउंड ऑफ 16 से बाहर होने के बाद इस साल विनेश ने अपनी प्रतिभा को दुनिया के सामने दिखाया है। अपने पहले मैच यानी प्री क्वार्टर फाइनल में विनेश ने चार बार की विश्व चैंपियन और टोक्यो ओलंपिक की गोल्ड मेडलिस्ट सुसाकी को 3-2 से हराया था। फिर ओकसाना को क्वार्टर फाइनल में 7-5 से हराया। अब सेमीफाइनल में 5-0 से जीत हासिल कर फाइनल में जगह बनाई। विनेश ने कम से कम रजत पदक पक्का कर लिया और वह बुधवार यानी सात अगस्त को स्वर्ण पदक के लिए उतरेंगी। विनेश से पहले केवल दो पुरुष पहलवान ही ओलंपिक में फाइनल तक पहुंच पाए हैं। 2012 लंदन ओलंपिक में सुशील कुमार और 2020 टोक्यो ओलंपिक में रवि दहिया फाइनल तक पहुंचे थे, लेकिन आखिरी मुकाबला दोनों हार गए थे।
नीरज चोपड़ा भालाफेंक के फाइनल में –
गत चैंपियन नीरज ने मंगलवार को अपने पहले ही प्रयास में 89.34 मीटर के थ्रो के साथ पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में प्रवेश किया, जबकि महिला पहलवान विनेश (50 किग्रा) ने पहले दौर में अब तक अपराजेय मौजूदा चैंपियन युई सुसाकी को हराकर बड़ा उलटफेर करने के बाद सेमीफाइनल में जगह बनाकर पदक की ओर मजबूत कदम बढ़ाए। टेबल टेनिस पुरूष वर्ग में भारत को हालांकि निराशा हाथ लगी। नीरज के साथी भाला फेंक खिलाड़ी किशोर जेना हालांकि फाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहे जबकि पुरुष टेबल टेनिस टीम भी प्री क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय चीन के खिलाफ हार के साथ बाहर हो गई। ग्रुप बी क्वालीफिकेशन में सबसे पहले थ्रो करने उतरे नीरज ने 89.34 मीटर से सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए आठ अगस्त को होने वाले फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। नीरज ने तोक्यो ओलंपिक में भी अपने पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया था।
नीरज ने ग्रुप ए और बी दोनों में शीर्ष पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई और इस तरह एडक्टर की चोट से जुड़ी चिंताओं को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया। यह नीरज के करियर का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। इस गत ओलंपिक और विश्व चैंपियन ने 87.58 मीटर के प्रयास के साथ तोक्यो ओलंपिक का स्वर्ण पदक जीता था जबकि उनका निजी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 89.94 मीटर है जो उन्होंने 2022 में स्टॉकहोम डाइमंड लीग में रजत पदक जीतने के दौरान किया था। यह राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। भारत के किशोर जेना हालांकि ग्रुप ए क्वालीफिकेशन में 80.73 मीटर के प्रयास से नौवें और कुल 18वें स्थान पर रहे तथा शीर्ष 12 खिलाड़ियों में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश करने के नाकाम रहे। ग्रुप ए और बी क्वालीफिकेशन के बाद 84 मीटर या इससे अधिक का थ्रो करने वाले सभी खिलाड़ी या दोनों ग्रुप से शीर्ष 12 खिलाड़ियों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया।
किरण 400 मीटर सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम –
एथलेटिक्स की महिला 400 मीटर रेपेचेज में भारत की किरण पहल हीट एक में 52.59 सेकेंड के लचर प्रदर्शन के साथ छह खिलाड़ियों में छठे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाने में नाकाम रहीं। वह रेपेचेज में चुनौती पेश करने वाली 26 धावकों में 23वें स्थान पर रहीं। हीट एक में नाईजीरिया की एला ओनओजुववेमो 50.59 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष पर रहीं। प्रत्येक हीट से शीर्ष पर रहने वाली धावक और दो अन्य सबसे तेज धावकों ने सेमीफाइनल में जगह बनाई।
भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम चीन से हारकर बाहर –
भारतीय पुरुष टेबल टेनिस टीम प्री क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीय चीन के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में हार के साथ प्रतियोगिता से बाहर हो गई। भारत की 14वीं वरीय टीम के पास कई बार के ओलंपिक चैंपियन चीन का कोई जवाब नहीं था जिसने मुकाबला 3-0 से जीता। भारत की ओर से सिर्फ अनुभवी अचंता शरत कमल ही एक गेम जीतने में सफल रहे जबकि टीम ने बाकी दो मैच सीधे गेम में गंवाए। भारत के लिए मुकाबले की शुरुआत हरमीत देसाई और मानव ठक्कर की दुनिया की 42वें नंबर की जोड़ी ने की जिसे बेहद एकतरफा मुकाबले में मा लोंग और वैंग चुकिन की चीन की दुनिया की नंबर एक जोड़ी के खिलाफ सीधे गेम में 0-3 (2-11, 3-11, 7-11) से शिकस्त का सामना करना पड़ा। शरत कमल ने दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी फेन झेनडोंग के खिलाफ पहला गेम जीता लेकिन चीन के खिलाड़ी ने अगले तीन गेम जीतकर मुकाबला 3-1 (9-11, 11-7, 11-7, 11-5) से अपने नाम किया और चीन को 2-0 की बढ़त दिला दी। करो या मरो के मुकाबले में दुनिया के 59वें नंबर के खिलाड़ी मानव को दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चुकिन को हराना जरूरी थी लेकिन चीन के खिलाड़ी ने 3-0 (11-9, 11-6, 11-9) से मैच जीतकर अपनी टीम को क्वार्टर फाइनल में पहुंचा दिया।
पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय बॉक्सर निशांत देव का मेडल जीतने का सपना टूट गया. निशांत देव मेन्स बॉक्सिंग के 71 किलो भारवर्ग में मेक्सिको के मार्को वेरडे से भिड़े, जहां उन्हें 1-4 से हार का सामना करना पड़ा. यदि निशांत क्वार्टर फाइनल जीतते तो उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतना पक्का हो जाता. लेकिन वह पहले राउंड में बढ़त बनाने के बाद भी हार गए. भारत ने पेरिस ओलंपिक में अब तक तीन ब्रॉन्ज जीते हैं, जो शूटिंग में आए हैं.
निशांत की हार के बाद फैन्स का फूटा गुस्सा!
निशांत ने शुरुआती राउंड में आसानी से जीत हासिल की. पहले राउंड में पांच में से चार जजों ने निशांत को बेहतर माना और 10-10 अंक दिए. फिर दूसरे राउंड में भी निशांत पूरी तरह से नियंत्रण में दिखे, जहां उन्होंने मैक्सिकन खिलाड़ी पर कई बड़े जैब हुक लगाए, फिर भी जजों ने आश्चर्यजनक रूप से उस राउंड में वेरडे का पक्ष लिया. दूसरे राउंड में केवल दो जजों ने निशांत के पक्ष में 10-10 अंक दिए. जबकि तीन जजों ने वेरेड के पक्ष में फैसला सुनाया.
हालांकि तीसरे राउंड में निशांत देव मोमेंटम बरकरार नहीं रख पाए. तीसरे राउंड में पांचों जजों ने वेरेडे के पक्ष में फैसला सुनाया. जब तीसरा राउंड खत्म हुआ तो निशांत देव काफी कॉन्फिडेंट नजर आ रहे थे. उन्हें पूरा यकीन था कि वो मैच जीत चुके हैं, लेकिन जो फैसला आया वो हैरान करने वाला रहा. निशांत 1-4 से क्वार्टरफाइनल मुकाबला हार चुके थे. कमेंटेटर भी इस फैसले से हैरान से थे.
भारत के लिए ओलंपिक में ब्रॉन्ज जीत चुके स्टार बॉक्सर विजेंदर सिंह भी इस मुकाबले में स्कोरिंग सिस्टम से हैरान थे. विजेंदर ने एक्स पर लिखा, 'मुझे नहीं पता कि स्कोरिंग सिस्टम क्या है, लेकिन मुझे लगता है कि यह बहुत करीबी मुकाबला था. उसने बहुत अच्छा खेला…कोई ना भाई.' सोशल मीडिया पर फैन्स के भी रिएक्शन सामने आए हैं. फैन्स मान रहे हैं कि निशांत को जानबूझकर हराया गया है जबकि वो जीत के हकदार थे.
कुल मिलाकर यह एक करीबी मुकाबला था और स्कोरिंग ने यह साबित कर दिया.एक भी जज ने किसी भी मुक्केबाज को तीनों राउंड नहीं दिए. जर्मन जज, जिन्होंने वरेडे को शुरुआती राउंड दिया, उन्होंने दूसरे राउंड में भारत के पक्ष में फैसला दिया. शौकिया मुक्केबाजी में ज्यादातर स्कोरिंग पंच नजदीक से और शरीर पर निर्देशित होते हैं.
निशांत देव के कुछ हुक या क्रॉस वर्डे के चेहरे पर लगे. कुछ दस्तानों से टकराए और वे स्कोरिंग पंच नहीं थे. उन्होंने पहले राउंड में वेरडे को जहां चाहा, वहां पहुंचाया. फिर दूसरे राउंड में निशांत का प्रदर्शन कुल मिलाकर अच्छा रहा. हालांकि आखिरी राउंड में वह उस दबाव को बरकरार नहीं रख सके.
कौन हैं निशांत देव?
निशांत देव का जन्म 23 दिसंबर 2000 को हरियाणा के करनाल में हुआ था. निशांत ने अपने चाचा से प्रभावित होकर साल 2012 में मुक्केबाजी शुरू की, जो एक पेशेवर मुक्केबाज थे. फिर क्या था निशांत कोच सुरेंदर चौहान के अंडर करनाल के कर्ण स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने लगे. बाद में निशांत कर्नाटक के विजयनगर शिफ्ट हो गए, जहां उन्होंने इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स (ISS) में ट्रेनिंग की.
19 साल की उम्र में निशांत ने सीनियर राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में कर्नाटक का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन क्वार्टर फाइनल में हार गए. हालांकि उनके खेल से भारतीय मुक्केबाजी के तत्कालीन हाई परफॉर्मेंस निदेशक सैंटियागो नीवा काफी प्रभावित हो थे. सैंटिंयागो उन्हें भारतीय कैम्प में ले गए, जहां उन्होंने अनुभवी बॉक्सर के साथ ट्रेनिंग शुरू की. निशांत ने राष्ट्रीय लेवल पर अपनी छाप छोड़ी. 2021 और 2022 में उन्होंने नेशनल चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीता. दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने कभी भी इंटरनेशनल लेवल पर जूनियर वर्ग में प्रतिस्पर्धा नहीं की है.
निशांत देव की बॉक्सिंग जर्नी आसान नहीं रही है. साल 2010 में निशांत के साथ दुखद हादसा हुआ था, जब सीढ़ियों से गिरने के कारण उनका दाहिना कंधा खिसक गया. इसके चलते उनके कंधे में रॉड डाली गई. तब निशांत की उम्र 10 साल थी. साल 2022 की शुरुआत में उनकी पुरानी चोट फिर उभर आई. जिससे उनका बोन मैरो संक्रमित हो गया. इस चोट के पहले लक्षण दिखने के बावजूद उन्होंने टूर्नामेंट में भाग लेना जारी रखा था.मार्च 2022 में उनकी सर्जरी हुई और वे साल के अधिकांश समय रिहैब में रहे, जिसके कारण उन्हें उस साल बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों से बाहर रहना पड़ा.
निशांत देव ने जनवरी 2023 में हिसार में आयोजित राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैम्पियनशिप के जरिए रिंग में वापसी की. मई 2023 में ताशकंद में आयोजित आईबीए पुरुष विश्व मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में निशांत ने कांस्य पदक जीता, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका पहला पदक था. निशांत ने इस साल बैंकाक में आयोजित दूसरे वर्ल्ड बॉक्सिंग क्वालिफाइंग टूर्नामेंट के जरिए पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए क्वालिफाई किया था. निर्णायक मुकाबले में निशांत ने मेडागास्कर के बॉक्सर वासिले सेबोटारी को 5-0 से हराया था.
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खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ ओलंपिक गेम्स इस बार पेरिस में हो रहे हैं. भारतीय खिलाड़ी नौवें दिन (4 अगस्त) भी पेरिस ओलंपिक मेंदमखम दिखाने जा रहे है. बैडमिंटन के पुरुष सिंगल्स में लक्ष्य सेन सेमीफाइनल मुकाबला खेलेंगे. लक्ष्य सेन यदि ये मैच जीतते तो कम से कम सिल्वर मेडल पक्का हो जाएगा. लक्ष्य का सामना डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसेन से होना है, जो टोक्यो ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट हैं.
वहीं भारतीय हॉकी टीम ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ अंतिम-8 मुकाबले में खेलेगी. यह मैच जीतने पर वह सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन भी क्वार्टर फाइनल में चीनी खिलाड़ी लि कियान का सामना करे़गी. अगर लवलीना यह मैच लेती हैं तो उनका कम से कम ब्रॉन्ज मेडल जीतना तय हो जाएगा. भारत ने पेरिस ओलंपिक में अब तक तीन ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं, जो शूटिंग में आए हैं. आइए जानते हैं नौवें दिन भारत का फुल शेड्यूल…
निशानेबाजी
महिला स्कीट क्वालिफिकेशन (दूसरा दिन): रेइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान : दोपहर 12.30
25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पुरुष क्वालिफिकेशन पहला चरण :विजयवीर सिद्धू और अनीश : दोपहर 12.30 बजे से
गोल्फ
पुरुष राउंड 4 (स्ट्रोक प्ले) – शुभंकर शर्मा, गगनजीत भुल्लर – दोपहर 12:30 बजे
हॉकी
भारत बनाम ब्रिटेन पुरुष हॉकी क्वार्टर फाइनल : दोपहर 1.30 बजे से
एथलेटिक्स
महिला 3000 मीटर स्टीपलचेस पहला दौर :पारुल चौधरी : दोपहर 1.35 बजे
पुरुष लंबी कूद क्वालिफिकेशन :जेस्विन एल्ड्रिन : दोपहर 2.30 बजे से
मुक्केबाजी
महिला 75 किलो क्वार्टर फाइनल : लवलीना बोरगोहेन बनाम चीन की लि कियान : दोपहर 3.02 बजे से
बैडमिंटन
पुरुष एकल सेमीफाइनल लक्ष्य सेन बनाम विक्टर एक्सेलेसन (डेनमार्क) दोपहर 3.30 बजे से
सेलिंग बोटिंग
पुरुष डिंगी रेस सात और आठ : विष्णु सरवनन , दोपहर 3.35 बजे से
महिला डिंगी रेस सात और आठ: नेत्रा कुमानन, शाम 6.05 बजे से
Points Table
समय के हिसाब से 4 अगस्त को भारत का शेड्यूल
दोपहर 12.30 बजे से, 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल पुरुष क्वालिफिकेशन पहला चरण: विजयवीर सिद्धू और अनीश
दोपहर 12.30 बजे से, महिला स्कीट क्वालिफिकेशन (दूसरा दिन): रेइजा ढिल्लों और माहेश्वरी चौहान
दोपहर 12.30 बजे से, मेन्स गोल्फ राउंड-4: शुभंकर शर्मा और गगनजीत भुल्लर
दोपहर 1.30 बजे से, भारत बनाम ब्रिटेन पुरुष हॉकी क्वार्टर फाइनल
दोपहर 1.35 बजे से, महिला 3000 मीटर स्टीपलचेस पहला दौर: पारुल चौधरी
दोपहर 2.30 बजे से, पुरुष लंबी कूद क्वालिफिकेशन: जेस्विन एल्ड्रिन
दोपहर 3.02 बजे से, महिला 75 किलो क्वार्टर फाइनल: लवलीना बोरगोहेन vs लि कियान (चीन)
दोपहर 3.30 बजे से, पुरुष एकल सेमीफाइनल: लक्ष्य सेन vs विक्टर एक्सेलेसन (डेनमार्क)
दोपहर 3.35 बजे से, पुरुष डिंगी रेस सात और आठ : विष्णु सरवनन
शाम 6.05 बजे से, महिला डिंगी रेस सात और आठ : नेत्रा कुमान