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प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत नगर निगम ने विभिन्न स्थलों पर आवास निर्माण करने के लिए कुल 5 डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) राज्य शासन के जरिए केंद्र सरकार को भेजी थी। सरकार के 5 में से 2 डीपीआर मंजूर करते ही निगम फ्लैट निर्माण के काम पर लग गया है, जो कि ताप्ती परिसर ट्रेजर फैंटेसी (सिंदौड़ा रंगवासा) और बढिय़ा कीमा में बनेंगे।
सबके पास खुद का आवास हो और मकान की कीमत भी कम हो इसके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना शुरू की गई है। योजना के पहले चरण में इंदौर शहर और आसपास 13 जगहों पर मिली सरकारी जमीन पर 18606 फ्लैट बनने के साथ लोगों को आबंटित होना शुरू हो गए हैं। अब प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 पर काम शुरू किया गया है।
भेजी गई डीपीआर मंजूरी
इसके चलते ताप्ती परिसर ट्रेजर फैंटेसी (सिंदौड़ा रंगवासा), सनावदिया, बढिय़ा कीमा और उमरीखेड़ा में 10 हजार फ्लैट बनाने की डीपीआर मंजूरी के लिए राज्य शासन के जरिए केंद्र सरकार को भेजी गई। निगम अफसरों के अनुसार ताप्ती परिसर और बढिया कीमा की डीपीआर मंजूर हो गई है। अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
इसके लिए पिछले दिनों निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और प्रधानमंत्री आवास योजना के अपर आयुक्त अर्थ जैन ने स्थल निरीक्षण किया था। साथ ही अफसरों को निर्देशित किया गया कि योजना के अंतर्गत प्रस्तावित सभी आवासीय परियोजनाओं से पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके, इसके लिए फ्लैट का निर्माण जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 पर एक नजर
6048 वन बीएचके के फ्लैट आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए बनेंगे।
1368 टू बीएचके के फ्लैट बनेंगे। 720 थ्री बीएचके के फ्लैट बनेंगे।
प्रधानमंत्री आवास योजना क्या है…
प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों, निम्न आय वर्ग (LIG), और मध्यम आय वर्ग (MIG) के परिवारों को 2022 (और अब 2.0 के तहत आगे) तक पक्का घर उपलब्ध कराना है।
इस योजना के तहत सरकार घर बनाने या खरीदने के लिए सब्सिडी और वित्तीय सहायता प्रदान करती है। योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को नया घर बनाने या कच्चे घर को पक्का करने के लिए लगभग 1.20 लाख से 2.50 लाख तक की वित्तीय सहायता/सब्सिडी मिलती है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के पास पहले से कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। यह योजना मुख्य रूप से EWS (आर्थिक रूप से कमजोर), LIG (निम्न आय वर्ग) और MIG (मध्यम आय वर्ग) के लिए है।
]]>प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में जिला दुर्ग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है. राज्य कार्यालय द्वारा 19 मार्च को जारी रैंकिंग में दुर्ग में 93.3 प्रतिशत की स्वीकृति इनमें किस्त जारी 91.7 एवं आवास पूर्णता 80.9 है. वहीं मनरेगा मजदूरी के भुगतान में औसत 88.5% के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रयास किए जा रहे हैं. दुबे ने बताया कि योजना अंतर्गत हितग्राहियों को लगातार आवास निर्माण हेतु राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे हितग्राहियों द्वारा भी अधिक रुचि लेकर लगातार आवास पूर्ण किया जा रहा है. विगत 15 दिवसों में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद पंचायत धमधा में 77, दुर्ग में 39 एवं पाटन में 11 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त की राशि हस्तांतरित की गई है.
इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा 95, दुर्ग में 65 एवं पाटन में 31 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि आवास निर्माण पूर्ण करने के उपरांत हस्तांतरित की गई है. जारी किए गए किस्त की कुल राशि 116 लाख रुपए से अधिक है. इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके हितग्राहियों 586 हितग्राहियों का एफटीओ हस्तांतरण हेतु तैयार किया कर लिया गया है जिसकी कुल राशि 259 लाख रुपए से अधिक है जो आने वाले कुछ दिवसों में हितग्राहियों के खाते में पहुंच जाएगी.
जिले में आवास निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है. प्रत्येक सप्ताह जिले में लगभग 80 से अधिक आवास प्रारंभ एवं 200 से अधिक आवास पूर्ण कराया जा रहे हैं. पूर्व में राज्य कार्यालय द्वारा दिए गए माह फरवरी में 831 आवास पूर्णता के लक्ष्य में से जिला द्वारा 852 आवास पूर्ण किया गया है. लगातार राशि हस्तांतरण से हितग्राहियों द्वारा स्वयं के आवास को शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है.
]]>प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन में जिला दुर्ग ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है. राज्य कार्यालय द्वारा 19 मार्च को जारी रैंकिंग में दुर्ग में 93.3 प्रतिशत की स्वीकृति इनमें किस्त जारी 91.7 एवं आवास पूर्णता 80.9 है. वहीं मनरेगा मजदूरी के भुगतान में औसत 88.5% के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है.
कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत बजरंग कुमार दुबे के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के बेहतर क्रियान्वयन हेतु प्रयास किए जा रहे हैं. दुबे ने बताया कि योजना अंतर्गत हितग्राहियों को लगातार आवास निर्माण हेतु राशि हस्तांतरित की जा रही है, जिससे हितग्राहियों द्वारा भी अधिक रुचि लेकर लगातार आवास पूर्ण किया जा रहा है. विगत 15 दिवसों में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में जनपद पंचायत धमधा में 77, दुर्ग में 39 एवं पाटन में 11 हितग्राहियों को द्वितीय किश्त की राशि हस्तांतरित की गई है.
इसी प्रकार जनपद पंचायत धमधा 95, दुर्ग में 65 एवं पाटन में 31 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि आवास निर्माण पूर्ण करने के उपरांत हस्तांतरित की गई है. जारी किए गए किस्त की कुल राशि 116 लाख रुपए से अधिक है. इसके अतिरिक्त निर्माणाधीन या पूर्ण हो चुके हितग्राहियों 586 हितग्राहियों का एफटीओ हस्तांतरण हेतु तैयार किया कर लिया गया है जिसकी कुल राशि 259 लाख रुपए से अधिक है जो आने वाले कुछ दिवसों में हितग्राहियों के खाते में पहुंच जाएगी.
जिले में आवास निर्माण का कार्य भी तेजी से कराया जा रहा है. प्रत्येक सप्ताह जिले में लगभग 80 से अधिक आवास प्रारंभ एवं 200 से अधिक आवास पूर्ण कराया जा रहे हैं. पूर्व में राज्य कार्यालय द्वारा दिए गए माह फरवरी में 831 आवास पूर्णता के लक्ष्य में से जिला द्वारा 852 आवास पूर्ण किया गया है. लगातार राशि हस्तांतरण से हितग्राहियों द्वारा स्वयं के आवास को शीघ्रता से पूर्ण किया जा रहा है.
]]>छत्तीसगढ़ के जशपुरनगर जिले में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ अंचलों के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है और हितग्राही अपने खुद के मकान में सुकून से जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
जिला पंचायत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले में 74 हजार 346 मकान पूर्ण हो चुके हैं। जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहां शासन की तीन योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है।
74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार
सुरेशराम की पत्नी सुमित्रा बाई बताती हैं पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात सांप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी3 घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।
उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं। उन्होंने आगे बताया कि मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने 1000 मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे जरूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।
]]>विधानसभा का बजट सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण में कहा की सरकार एक लाख किमी सड़क निर्माण की योजना, 30 लाख किसानों को सोलर पंप, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना व ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज जैसी मेगा परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा एक करोड़ हेक्टेयर करने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
पीएम आवासों(PM Awas Yojana) का लाभ देने में नंबर वन मध्यप्रदेश के लोगों को चार साल में 24.89 लाख पीएम आवास मिलेंगे। इनमें से 13 लाख आवास निर्माणाधीन है। निर्माण 6-8 महीने में पूरा हो जाएगा। एक साल के भीतर 13 लाख परिवार निवास करने लगेंगे।
गंगा जल लेकर पहुंचे: जबलपुर उत्तर मध्य से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे गंगाजल का कलश लेकर सदन पहुंचे। कहा कि महाकुंभ से 15000 लीटर गंगा जल लाया था। अपनी विधानसभा के 50 हजार घरों में बंटवाया है। कांग्रेस विधायकों को गंगाजल देने के सवाल पर कहा कि गंगा का जल उसी के पास जाता है जिसकी आस्था होती है।
36 लाख का निर्माण पूरा: अब तक 11.89 लाख आवास आवंटित करने का ही आंकड़ा सामने आ रहा था, लेकिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण में पीएम आवास का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में अब तक 36 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
सरकार ने सदन को बताया
पीएम स्वनिधि योजना केतहत 13 लाख कमजोर लोगों को कर्ज दिलाया।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना में 1640 करोड़ के748 विकास कार्य जारी।
कायाकल्प योजना में 1363 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण जारी
413 शहरों में गीता भवनबनाए जा रहे हैं।
एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने 105 करोड़ रुपए दिए।
30 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों में संत रविदास सह सामुदायिक भवनों कानिर्माण करवा रहे।
राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन के तहत 97 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की।
19 धार्मिक स्थलों में पूरीतरह शराबबंदी करेंगे।
दो महानगर बनाएंगे। पहला भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ को मिलाकर बनाएंगे। दूसरा इंदौर, उज्जैन, देवास व धार को मिलाकर।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व जबलपुर में 2,500 करोड़ से ऐलिवेटेड कॉरिडोर बना रहे।
नवीकरणीय ऊर्जा में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की,इसे और बढ़ाएंगे।
विधानसभा का बजट सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने अभिभाषण में कहा की सरकार एक लाख किमी सड़क निर्माण की योजना, 30 लाख किसानों को सोलर पंप, केन-बेतवा, पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना व ताप्ती ग्राउंड वाटर रिचार्ज जैसी मेगा परियोजनाओं से सिंचाई का रकबा एक करोड़ हेक्टेयर करने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
पीएम आवासों(PM Awas Yojana) का लाभ देने में नंबर वन मध्यप्रदेश के लोगों को चार साल में 24.89 लाख पीएम आवास मिलेंगे। इनमें से 13 लाख आवास निर्माणाधीन है। निर्माण 6-8 महीने में पूरा हो जाएगा। एक साल के भीतर 13 लाख परिवार निवास करने लगेंगे।
गंगा जल लेकर पहुंचे: जबलपुर उत्तर मध्य से भाजपा विधायक अभिलाष पांडे गंगाजल का कलश लेकर सदन पहुंचे। कहा कि महाकुंभ से 15000 लीटर गंगा जल लाया था। अपनी विधानसभा के 50 हजार घरों में बंटवाया है। कांग्रेस विधायकों को गंगाजल देने के सवाल पर कहा कि गंगा का जल उसी के पास जाता है जिसकी आस्था होती है।
36 लाख का निर्माण पूरा: अब तक 11.89 लाख आवास आवंटित करने का ही आंकड़ा सामने आ रहा था, लेकिन सदन में राज्यपाल के अभिभाषण में पीएम आवास का पूरा लेखा-जोखा सामने आया है। बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में अब तक 36 लाख आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।
सरकार ने सदन को बताया
पीएम स्वनिधि योजना केतहत 13 लाख कमजोर लोगों को कर्ज दिलाया।
मुख्यमंत्री अधोसंरचना विकास योजना में 1640 करोड़ के748 विकास कार्य जारी।
कायाकल्प योजना में 1363 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण जारी
413 शहरों में गीता भवनबनाए जा रहे हैं।
एमएसएमई सेक्टर को मजबूत करने 105 करोड़ रुपए दिए।
30 अनुसूचित जाति बाहुल्य जिलों में संत रविदास सह सामुदायिक भवनों कानिर्माण करवा रहे।
राष्ट्रीय सिकल सेल उन्मूलन के तहत 97 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की।
19 धार्मिक स्थलों में पूरीतरह शराबबंदी करेंगे।
दो महानगर बनाएंगे। पहला भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा और राजगढ़ को मिलाकर बनाएंगे। दूसरा इंदौर, उज्जैन, देवास व धार को मिलाकर।
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर व जबलपुर में 2,500 करोड़ से ऐलिवेटेड कॉरिडोर बना रहे।
नवीकरणीय ऊर्जा में 14 फीसदी की बढ़ोतरी की,इसे और बढ़ाएंगे।
मध्य प्रदेश के धार जिले में जरूरतमंद लोगों के पक्के मकान बनाने की मंजूरी मिल गई है। धार में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत इस साल 60 हजार नए मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य मध्य प्रदेश के किसी भी जिले से सबसे अधिक है, जिससे हजारों गरीब परिवारों को अपना पक्का घर मिल सकेगा। बता दें कि, धार में अबतक एक लाख 16 हजार से अधिक आवास बनकर तैयार हो चुके हैं।
इन क्षेत्रों में बनेंगे मकान
धार के 13 ब्लॉकों में नए आवास निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। बदनावर (6039 आवास) और सरदारपुर (5550 आवास) को सबसे अधिक मकान बनाने का लक्ष्य दिया गया है। वहीं, धार शहर में 2860, धरमपुरी में 3376, मनावर में 3667, उमरबन में 3610 और अन्य जनपदों को भी अलग-अलग लक्ष्य मिले हैं। जिला पंचायत स्तर पर योजना के क्रियान्वयन की तैयारी चल रही है।
बढ़ती लागत के बावजूद राशि स्थिर
हालांकि, योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि निर्माण सामग्री और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में डेढ़ लाख और शहरी क्षेत्रों में ढाई लाख रुपये की राशि दी जाती है, जो किश्तों में जारी होती है। गौरतलब है कि, आवास प्लस के दूसरे चरण के लिए साल 2024-25 के लिए धार को पहले 18 हजार का लक्ष्य मिला था। वहीं इसमें इजाफा करते हुए 42 हजार अतिरिक्त आवास का टारगेट दिया है।
5 साल में 10 लाख लोगों को मिलेगी पक्की छत
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (Pradhan Mantri Awas Yojana Urban 2.0) के प्रदेश में क्रियान्वयन करने की स्वीकृति दी गई. इस योजना के अनुसार प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही परिवारों को योजना के चार घटकों के माध्यम से लाभान्वित करने के लिए 5 वर्षों की योजना अवधि में 10 लाख आवासों का निर्माण किया जाएगा. इसमें 50 हजार करोड़ रुपये व्यय होंगे. बेनेफिसयरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस (EWS) वर्ग के पात्र हितग्राही को अपनी स्वयं की भूमि पर स्वयं आवास का निर्माण करने के लिए अनुदान प्रदान किया जायेगा.
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा देशभर में प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत 1 करोड़ आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। जिसमें से 10 लाख आवास मध्यप्रदेश में बनाने का निर्णय लिया गया है।
इनका रखा जाएगा विशेष ध्यान
इस योजना के अनुसार कल्याणी महिलाओं, सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को प्राथमिकता दी जाएगी. साथ ही सफाई कर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगरों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों, तथा मलिन बस्ती/चॉल के निवासियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.
एफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनशिप (ए.आर.एच.) घटक अंतर्गत कामकाजी महिलाओं / औद्योगिक श्रमिकों / शहरी प्रवासियों बेघर निराश्रितों /छात्रों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराये के आवास बनाकर उपलब्ध किया जायेगा. इंटरेस्ट सब्सिडी स्कीम (ISS) घटक अंतर्गत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी एवं एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान बैंक/एचएफसी के माध्यम से प्रदान किया जायेगा
कितनी सब्सिडी मिलेगी?
बीएलसी घटक के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास तथा एएचपी घटक की परियोजनाओं के लिए अनुदान राशि 2.50 लाख प्रति आवास की स्वीकृति प्रदान की गई. 10 लाख आवासों के निर्माण के लिए अनुमानित राशि 50,000 करोड़ रूपये का निवेश संभावित है. इसमें केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार से अनुमानित अनुदान राशि 23,025 करोड़ रूपये प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है.
शहरी अवास योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में उपयोग करते हुए पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी गई. ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित करने के लिए आर्थिक रूप से कमजोर आय वर्ग की श्रेणी के आवासों के निर्माण के साथ निम्न आय वर्ग तथा मध्यम आय वर्ग के लिए भी मिश्रित रूप से आवासों, व्यवसायिक इकाइयों का निर्माण तथा भूखंड विकसित करने की स्वीकृति दी गई. एएचपी-लोक परियोजनाओं में हितग्राही अंश की व्यवस्था के लिए हितग्राही, नगरीय निकाय तथा बैंक/एचएफसी के मध्य पूर्वानुसार त्रिपक्षीय अनुबंध के माध्यम से ऋण उपलब्ध किये जाने एवं भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा प्रचलित प्रावधान अनुसार उपलब्ध किये जाने की भी स्वीकृति दी गई, जिससे भूमिहीन गरीबों को भी बीएलसी घटक का लाभ प्राप्त हो सके.
]]>योजना में पात्र हितग्राहियों के लिएहर मौसम के अनुकूल आवासों के निर्माण के साथ समुचित अधोसंरचना जैसे- सड़क, जल प्रदाय, सीवेज, पार्क और सामाजिक अधोसंरचना के रूप में आंगनवाड़ी, प्राथमिक शाला और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र विकसित किये जायेंगे। राज्य शासन द्वारा सभी पात्र हितग्राही परिवारों को आवास दिया जाना सुनिश्चित किया जा रहा है। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी (पीएमएवाई-यू 2.0) में अब तक करीब 2 लाख 90 हजार हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। योजना का क्रियान्वयन नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
इन्हें माना जाएगा पात्र
पीएम आवास 2.0 में जिन 4 घटकों में लाभान्वित किया जाएगा, उनमें आर्थिक रूप से कमजोर, निम्न तथा मध्यम आय वर्ग के पात्र हितग्राही रहेंगे। बेनिफिशरी लेड कंस्ट्रक्शन (बी.एल.सी.) के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के पात्र हितग्राही अपनी स्वयं की भूमि पर आवास का निर्माण कर सकेंगे। अफोर्डेबल हाउसिंग एंड पार्टनरशिप (ए.एच.पी.) के अंतर्गत ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों को नगरीय निकायों, राज्य की अन्य निर्माण एजेंसियों और निजी बिल्डर/डेवलपर्स आवासों का निर्माण करेंगे। इसके अंतर्गत निजी डेवलपर द्वारा परियोजना में हितग्राहियों द्वारा आवास क्रय करने पर रिडीमेबल हाउसिंग वाउचर (आर.एच.व्ही.) दिया जाएगा।
किराए पर भी मिलेगा पीएम आवास
अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग (ए.आर.एच.) में कामकाजी महिलाओं, औद्योगिक श्रमिकों, शहरी प्रवासियों, बेघर और निराश्रितों एवं अन्य पात्र हितग्राहियों के लिए किराए के आवास बनाए जाएंगे। इन्ट्रेस्ट सब्सिडी स्कीम (आई.एस.एस.) में ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी वर्ग के पात्र परिवारों को आवास ऋण पर ब्याज अनुदान दिया जाएगा।
योजना के दिशा-निर्देश अनुसार होगा क्रियान्वयन
योजना में सिंगल वूमेन, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, ट्रांसजेंडर्स, कल्याण महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति, अल्प संख्यकों तथा समाज के अन्य कमजोर एवं वंचित वर्गों के व्यक्तियों को वरियता दी जाएगी। इसी के साथ योजना में सफाईकर्मियों, पीएम स्वनिधि योजना में चिन्हित स्ट्रीट वेंडरों, पीएम विश्वकर्मा योजना के विभिन्न कारीगर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिकों और बस्ती एवं चाल के निवासियों पर योजना में विशेष ध्यान दिया जाएगा।
योजना में बड़े शहरों को मलिन बस्ती मुक्त करने की दिशा में भूमि को संसाधन के रूप में पीपीपी मॉडल पर परियोजनाओं के क्रियान्वयन की स्वीकृति दी जाएगी। ईडब्ल्यूएस वर्ग के हितग्राहियों का अंशदान कम करने के लिए पूर्वानुसार क्रॉस सब्सिडी मॉडल को क्रियान्वित किया जाएगा। भूमिहीन पात्र हितग्राही परिवारों को आवासीय भूमि का पट्टा उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति भी दी गई है।
बीएलसी वर्ग के हितग्राहियों को प्रति आवास 2 लाख 50 हजार रूपये अनुदान उपलब्ध कराया जायेगा। लाभार्थी परिवारों द्वारा आवास के निर्माण के चरणों का खुद जियो टैगिंग का प्रावधान किया गया है। इसी के साथ अविवाहित कमाऊ वयस्क सदस्यों को पृथक से लाभ प्रदान करने के प्रावधान को समाप्त कर एक हितग्राही परिवार में पति-पत्नी, अविवाहित बेटे-बेटियों को शामिल किया गया है।
पीएम आवास योजना (शहरी) के पहले चरण में एमपी का दूसरा स्थान
प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्रथम चरण में मध्यप्रदेश अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन से देश में दूसरे स्थान पर रहा है। पहले चरण में 9 लाख 45 हजार आवासों में से वर्तमान में 8 लाख 33 हजार आवास पूर्ण किये जा चुके हैं। इन आवासों की स्वीकृति अनुदान राशि 19 हजार 400 करोड़ में से केन्द्र और राज्य शासन ,द्वारा 18 हजार 700 करोड़ रूपये की राशि हितग्राहियों को प्रदान की जा चुकी है।
मध्य प्रदेश सरकार के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ी जानकारी दी है. उन्होंने कहा है कि पहले जिनके पास मोटरसाइकिल होती थी, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए अपात्र घोषित कर दिया जाता था, मगर अब मोटरसाइकिल धारक परिवार भी प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र माना जाएगा.
ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं आवेदन
मोटरसाइकिल की बंदिश से सरकार ने छूट दे दी है. मंत्री प्रहलाद पटेल के मुताबिक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ आने वाले 5 सालों के लिए बढ़ा दिया गया है. इसके अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को लाभ दिलाने के लिए सर्वे टीम में पंचायत सचिव और पंचायत सहायक को भी शामिल कर लिया गया है. पंचायत मंत्री के मुताबिक लोग आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना की सुविधा प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन भी आवेदन कर सकते हैं.
साल 2016 से शुरू की गई थी पीएम आवास योजना
केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण काशी योजनाओं में प्रधानमंत्री आवास योजना भी शामिल है. यह साल 2016 से शुरू की गई थी. इस योजना के तहत लोगों को आवास के लिए राशि उपलब्ध कराना होती है, जिसे लेकर लगातार सर्वे भी किया जाता है. इस योजना के तहत बड़ी संख्या में लोगों को पक्के मकान मिले हैं.
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि योजना के लिए सर्वे ग्राम पंचायत में नियुक्त सचिव या रोजगार सहायक द्वारा किया जाएगा। यह सर्वे आवास प्लस एप से होगा। इसमें हितग्राही स्वयं के मोबाइल से भी आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय सूचना केंद्र ने मोबाइल एप्लीकेशन तैयार किया है।
सर्वे 31 मार्च 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने योजना को 2024-25 से 2028-29 तक के लिए मंजूरी दी है। पात्र परिवारों में प्राथमिकता बेघर अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के परिवारों को रहेगी।
PM Awas Yojana: जाति प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म
केन्द्र सरकार ने पीएम आवास शहरी 2.0 (PM Awas Yojana 2.0) के लिए राशि 3 लाख रूपए तक बढ़ा दी है। शुरूवात के 15 दिनों में जाति और आय प्रमाण पत्र अनिवार्यता के चलते इसका लोगों ने जमकर विरोध किया। कांग्रेस पार्टी ने भी जाति प्रमाण पत्र की अनिर्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर राज्यपाल और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा था। लगातार विरोध के बाद शासन ने पीएम आवास योजना के नियमों में सरलीकरण कर दिया है।
निगम सूत्रों की मानें तो शहरी पीएम आवास 2.0 (PM Awas Yojana) में आवास निर्माण के लिए तीन कैटेगरी में स्कील लागू हैं। इसमें 3 लाख रूपए वार्षिक तक एलआईजी, 3 से 6 लाख तक वार्षिक आय में मीडियम एमआईजी और 6 से 9 लाख वार्षिक आय वाले लोगों को एचआईजी की स्कीम का लाभ मिलेगा।
3 लाख रूपए वार्षिक आय वाले स्कीम के लिए आवेदक के पास स्वयं की भूमि होना आवश्यक है। इसमें मकान निर्माण के लिए 2.50 लाख का अनुदान दिया जाएगा। शेष 3 से 6 लाख और 6 से 9 लाख वाले स्कीम में आइएसएस के तहत बैंक से लोन मिलेगा। इसमें शासन की और संबंधित आवेदक को 1.80 लाख रूपए का अनुदान मिलेगा।
ये दस्तावेज जरूरी
शहरी पीएम आवास 2.0 (PM Awas Yojana) स्कीम का लाभ लेने के लिए आवेदन के साथ ही आय प्रमाण पत्र, परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड की छाया प्रति, 31 अगस्त 2024 से पहले का स्थानीय निवासी होने का प्रमाण पत्र इसमें राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज आवश्यक है। यह नहीं होने पर निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य है।