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देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की अगली किस्त को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी (मां कामाख्या की पावन भूमि) से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त हस्तांतरित करेंगे।
किस्त से जुड़ी मुख्य बातें…
"मेहनत का मान, माटी का सम्मान"
शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के 'आत्मबल' का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
"यह राशि मेहनत का मान और माटी का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह योजना समृद्धि, सशक्तिकरण और सुशासन का वह संगम है, जिसने खेती की नियति और किसान की परिस्थिति को बदलने का संकल्प सिद्ध किया है।"
उन्होंने आगे कहा कि पीएम किसान निधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक महा-अभियान है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में किसान सशक्त हों और भारत कृषि क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बने।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो 13 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि:
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देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए होली से पहले एक बड़ी खुशखबरी आई है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की अगली किस्त को लेकर आधिकारिक घोषणा कर दी है।
केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 13 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी (मां कामाख्या की पावन भूमि) से देशभर के पात्र किसानों के खातों में योजना की 22वीं किस्त हस्तांतरित करेंगे।
किस्त से जुड़ी मुख्य बातें…
"मेहनत का मान, माटी का सम्मान"
शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि किसानों के 'आत्मबल' का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
"यह राशि मेहनत का मान और माटी का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में यह योजना समृद्धि, सशक्तिकरण और सुशासन का वह संगम है, जिसने खेती की नियति और किसान की परिस्थिति को बदलने का संकल्प सिद्ध किया है।"
उन्होंने आगे कहा कि पीएम किसान निधि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति को बढ़ाने वाला एक ऐतिहासिक महा-अभियान है। सरकार का निरंतर प्रयास है कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में किसान सशक्त हों और भारत कृषि क्षेत्र में पूर्णतः आत्मनिर्भर बने।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
यदि आप भी इस योजना के लाभार्थी हैं, तो 13 मार्च से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि:
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानि शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के एकदिवसीय दौरे पर रहेंगे, जहां वे कुल 2183.45 करोड़ रुपये की 52 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. यह उनका काशी का 51वां दौरा होगा. वहीं इस दौरान वह पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त जारी करेंगे, जिसके तहत देश भर के 9.70 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे.
PM मोदी ने आज बनारस से पीएम किसान सम्मान निधि की 20वीं किस्त को योग्य किसानों के खाते में ट्रांसफर कर दिया है। इन सभी किसानों के खाते में 2000 रुपये भेज दिए गए हैं। बता दें, सरकार की तरफ से 9.7 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में 20,500 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए हैं।
आधार कार्ड के जरिए चेक कर सकते हैं बैलेंस
पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी सबसे पहले PM Kisan की वेबसाइट पर जाएं। उसके बाद वहां Beneficiaey Status पर क्लिक करें। अब आपका आधार नंबर और अकाउंट नंबर माना जाएगा। आप दोनों में से किसी एक को भर कर आगे बढ़ें। Get Data पर क्लिक करते ही लाभार्थी की सूची दिख जाएगी। साथ ही पेमेंट्स के डीटेल्स सामने आ जाएंगे।
नहीं आया है पैसा तो क्या करें?
जिन किसानों के खाते में पैसा नहीं आया है उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सबसे पहले वो चेक कर लें कि उन्होंने ई-केवाईसी करवाई है या नहीं। अगर ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है तो सबसे पहले इसे पूरा करें। बता दें, सरकार की तरफ से ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है।
हर साल मिलते हैं 6000 रुपये
पीएम किसान सम्मान निधि केंद्र सरकार की योजना है। इसकी पहली किस्त 2019 में ट्रांसफर की गई थी। उसके बाद से ही योग्य किसानों के खाते में 2000-2000 रुपये की तीन किस्त एक साल में ट्रांसफर की जाती है। इन किसानों को हर साल सरकार की तरफ से 6000 रुपये मिलते हैं।
कौन-कौन से किसान उठा सकते हैं इसका फायदा
1- भारतीय नागरिक होना चाहिए।
2- खेत होना चाहिए।
3- छोटे या फिर सीमांत किसान होने चाहिए।
4- 10,000 रुपये से अधिक पेंशन पाने नहीं होने चाहिए।
5- इनकम टैक्स फाइल नहीं करते हों।
कैसे करें पीएम किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन
1- सबसे पहले https://pmkisan.gov.in
2- New Farmer Registration पर क्लिक करें।
3- अपना आधार नबंर और Captcha लिखें।
4- डीटेल्स भरने के बाद YES पर क्लिक करें।
5- पूरे फॉर्म को भरें उसके बाद Submit पर क्लिक करें।
किसी भी सहायता या शिकायत के लिए पीएम किसान की हेल्प लाइन नंबर 155261 या फिर 011-243300606 पर फोन करें।
]]>मध्य प्रदेश के बालाघाट कलेक्ट्रेट सभागार में कलेक्टर मृणाल मीना ने राजस्व अधिकारियों के साथ बैठक कर पीएम किसान सम्मान निधि योजना की समीक्षा की। उन्होंने किसानों के आधार लिंकिंग और पंजीकरण कार्य को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि किसानों के बैंक खाते आधार से लिंक नहीं हुए, तो उन्हें योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
बालाघाट शीर्ष पर
कलेक्टर मीना ने बताया कि 4 मार्च को बालाघाट जिले में प्रदेश में सबसे अधिक 2929 किसानों के आधार लिंक किए गए। देवास, निवाड़ी और रतलाम जिलों में भी 2000 से अधिक आधार लिंकिंग हुई, लेकिन बालाघाट सबसे आगे रहा। उन्होंने एसडीएम और तहसील अधिकारियों को निर्देशित किया कि अगले दो सप्ताह में आधार लिंकिंग का कार्य पूरी तरह से पूरा हो जाए।
बिना आधार लिंकिंग नहीं मिलेगी सम्मान निधि
उन्होंने तहसीलदारों को निर्देश दिया कि समस्त पात्र किसानों के आधार बैंक से लिंक कराना सुनिश्चित करें। जिन किसानों के आधार लिंक नहीं हो पा रहे हैं, या जो मृत हो चुके हैं, उनके मामलों को भी विशेष प्राथमिकता दी जाए।
आरसीएमएस पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा
बैठक में कलेक्टर ने आरसीएमएस पोर्टल पर बंटवारे, अविवादित नामांतरण और सीमांकन के लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की। उन्होंने किरनापुर, बालाघाट और लालबर्रा तहसील में लंबित नामांतरण प्रकरणों को पांच दिनों के भीतर निपटाने के निर्देश दिए।
वनग्रामों का राजस्व ग्राम में पुनर्गठन
बैठक में वनग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। 41 वनग्रामों के नक्शे एमपीएसईडीसी से प्राप्त हो चुके हैं, जिन्हें 15 दिन के भीतर स्वीकृत किया जाना है। बैठक में एसडीएम गोपाल सोनी, संयुक्त कलेक्टर केसी ठाकुर, राहुल नायक, एसएलआर स्मिता देशमुख सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
तहसीलदार की आईडी से मृत घोषित किया गया
इसके साथ ही जांच में यह पाया गया कि दोनों लाभुक जीवित हैं। सुशीला बाई और कीरत सिंह को तहसीलदार की आईडी से मृत अंकित किया गया है। जबलपुर कमिश्नर ने पाया कि तहसीलदार का यह कार्य गंभीर लापरवाही का द्योतक है।
बिना जमीन के ही किसान सम्मान निधि का लाभ
वहीं, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के सत्यापन के दौरान तहसील डिंडोरी के अंतर्गत लगभग 2700 ऐसे किसान पाए गए, जिनके नाम पर भूमि नहीं है। तहसीलदार द्वारा सत्यापित कर इन्हें पीएम किसान योजना का लाभ दिया जा रहा था। सेल्फ रजिस्ट्रेशन के माध्यम से किसान सिर्फ अपना पंजीयन कर सकते है, लेकिन पात्रता की जांच कर अनुमोदन तहसीलदार की आईडी से किया जाता है। तहसीलदार ठाकुर द्वारा हितग्राहियों की पात्रता संबंधी जांच परीक्षण नहीं किया गया है।
2.83 करोड़ रुपए की राशि का नुकसान
इस कारण से अपात्र लोगों को योजना का लाभ प्राप्त हुआ। साथ ही शासन को 2.83 करोड़ रुपए की क्षति हुई है। क्षति की राशि में से मात्र राशि 6.85 लाख रुपए की वसूली की गई, जो मात्र 2.42 प्रतिशत है। तहसीलदार की करतूत वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। सत्यापन के दौरान लगभग 300 ऐसे हितग्राही पाए गए, जिनके परिवार के मुखिया के साथ-साथ अन्य सदस्यों को भी लाभ दिया जा रहा था। इनमें से कुछ तो नाबालिग और स्कूल में अध्ययनरत सदस्यों को लाभ दिया गया है।
पात्रता की जांच नहीं की
इससे साफ पता चलता है कि तत्कालीन तहसीलदार ठाकुर द्वारा अनुमोदन करने से पूर्व संबंधित हितग्राहियों के पात्र होने का परीक्षण नहीं किया गया है। इसके साथ ही न ही अधीनस्थ अमले से जांच कराई गई है। यह कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
3916 अपात्रों को दिए लाभ
तत्कालीन तहसीलदार ठाकुर ने पीएम किसान सम्मान की शासन के निर्देशों के विपरीत निधि योजनांतर्गत लगभग 3916 अपात्र कृषकों पात्र करते हुए योजना से लाभांवित किया जाता रहा। इससे शासन को लगभग राशि रूपये 2.83 करोड़ की क्षति हुई है। ठाकुर द्वारा ऐसे व्यक्तियों को लाभ दिया गया है, जिनके नाम पर जमीन नहीं है। श्री ठाकुर का उक्त कृत्य वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। जांच के दौरान पीएम किसान पोर्टल पर योजना का लाभ ले चुके अपात्र किसानों से वसूल की जाने वाली राशि 3,68,70,000/- के विरूद्ध 15,17,000/- रुपए की वसूली की जा चुकी है।
वित्तीय अनियमितता सामने आई
जबलपुर कमिश्नर अभय वर्मा ने कहा कि तहसीलदार बिसन सिंह ठाकुर द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राशि वितरण लापरवाही बरती गई। उनका यह कृत्य मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 के विपरीत है और कदाचार की श्रेणी में आता है। उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तहसीलदार का मुख्यालय कार्यालय कलेक्टर, सिवनी नियत किया गया है।
]]>किसानों की ई-केवाईसी करने का लक्ष्य
यह वे किसान हैं जिनको पीएम किसान सम्मान निधि के तहत पंजीकृत किया गया है। अब इन किसानों की ई-केवाईसी करने का लक्ष्य तय किया गया है। मध्य प्रदेश में शुरू हुए राजस्व महा अभियान के तहत इस लंबित आंकड़े को खत्म करने का प्रयास सभी जिलों के राजस्व अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है। बता दें, मुख्यमंत्री डाॅ. मोहन यादव ने 15 जुलाई से प्रदेश में राजस्व महा अभियान-दो की शुरुआत की है, जिसके तहत सभी तरह के लंबित राजस्व प्रकरणों का निराकरण जिला कलेक्टरों द्वारा कराया जाना है।
मध्य प्रदेश में हैं 87 लाख 13 हजार किसान
मप्र में कुल 87 लाख 13 हजार 465 किसान पीएम किसान योजना के तहत पंजीकृत।
जानकारी के अनुसार पंजीकृत किसानों की ई-केवाईसी की जानी है।
इसके बाद ही इनको सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।
मप्र में चार लाख नौ हजार 812 किसानों की ई-केवाईसी लंबित है।
दो लाख 24 हजार 383 किसानों की ई-केवाईसी एवं रजिस्ट्रेशन लंबित।
कुल छह लाख 34 हजार 186 किसान अब भी पीएम किसान योजना से वंचित हैं।
रीवा जिले में सबसे अधिक 21 हजार प्रकरण लंबित
पीएम किसान सम्मान निधि के तहत सबसे अधिक ई-केवाईसी रीवा जिले में 21 हजार 503 लंबित हैं, जबकि सबसे कम हरदा जिले में तीन हजार 483 प्रकरण लंबित हैं। इसी तरह भोपाल में सात हजार 364 किसानों की ई-केवाईसी किया जाना बाकी है। वहीं ग्वालियर में 13 हजार, इंदौर में 13 हजार, जबलपुर में 14 हजार मामले लंबित हैं।
इन जिलों में सबसे अधिक ई-केवाईसी लंबित
जिला
लंबित ई-केवाईसी
रीवा
21503
छतरपुर 19584
मुरैना 19261
शिवपुरी 18818
सतना
18741
भिंड 17527
सिवनी 17430
बैतूल 17068
छिंदवाड़ा 17054
बालाघट 16486
कटनी 16346
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