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पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की केंद्र सरकार में उत्तर भारतीय राज्यों के वरिष्ठ नौकरशाहों को बोलबाला है। मोदी सरकार (Modi Government) के चुस्त व नतीजे देने वाले प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले मंत्रालयों के सचिव पदों का जिम्मा मध्यप्रदेश सहित बिहार के आला अफसर संभाल रहे है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में जहां दक्षिण भारतीय अधिकारी प्रमुख मंत्रालयों की कमान संभाले हुए थे वहीं मोदी के शासन संभालने के बाद धीरे-धीरे ट्रेंड बदला है और मौजूदा दौर में उत्तर भारत की नौकरशाही प्रभावी है।
अब मध्यप्रदेश के आइएएस अफसर सबसे आगे निकल गए है। फिलहाल 9 केंद्रीय मंत्रालयों की कमान मध्यप्रदेश और 7 मंत्रालयों की कमान बिहार के आइएएस अफसरों के पास है। वहीं उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के 6 आइएएस अफसर केंद्रीय मंत्रालयों का नेतृत्व कर रहे है।
राजस्थान के भी चार अफसर सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या में सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात जैसे बड़े राज्यों के अफसर पीछे हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन तमिलनाडु व गृह सचिव गोविंद मोहन सिक्किम काडर के आइएएस अफसर हैं।
ये संभाल रहे जिम्मेदारी
मध्यप्रदेश के IAS और उनके मंत्रालय
IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी- कारपोरेट मामलात
IAS विवेक अग्रवाल- संस्कृति
IAS अलका उपाध्याय- पशुपालन एवं डेयरी
IAS वीएल कांताराव- खनन
IAS पंकज अग्रवाल- ऊर्जा
IAS नीलम शमीराव- टैक्सटाइल
IAS हरि रंजन राव– खेल
IAS पल्लवी जैन गोविल, युवा कल्याण
IAS मनोज गोविल, सचिव समन्वय
राजस्थान
IAS रजत कुमार मिश्रा, रसायन एवं उर्वरक
IAS तन्मय कुमार, पर्यावरण, वन व क्लाइमेट चेंज
IAS वी श्रीनिवास, प्रशासनिक सुधार एवं कार्मिक
IAS नरेशपाल गंगवार, पशुपालन डेयरी व मत्स्य
छत्तीसगढ़
IAS अमित उठावाल, फार्मास्यूटिकल्स
परफार्मेस की कद्र
केंद्र में बेहतर परफार्मेंस की कद्र हो रही है। तो ये अच्छा है। एमपी के अफसर बेहतर परफार्मेंस वाले हैं इसलिए उनकी संख्या बढ़ रही रही है। -एसपीएस परिहार, पूर्व केंद्रीय सचिव
]]>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश सरकार के आठ साल पूरे होने के बाद पहली बार शुक्रवार सुबह 10:30 बजे काशी पहुंचें. वह 10:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे. PM का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, CM योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जिला प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, नगर विकास मंत्री एके शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने किया.वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी के मुताबिक शुक्रवार को पीएम मोदी के कार्यक्रम स्थल तक सिर्फ जनसभा जाने वाले वाहन जा सकेंगे. इसके अलावा अन्य वाहनों का इन रूट पर डायवर्ट किया जाएगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे हैं. ये उनका 50वां दौरा है. प्रधानमंत्री रहते हुए किसी सांसद का अपने क्षेत्र में 50वीं बार आना अपने आप में एक रिकॉर्ड है. पीएम मोदी ने 3,880 करोड़ रुपये की लागत वाली 44 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इस मौके पर नरेंद्र मोदी ने कहा, "काशी मेरी है और मैं काशी का हूं."
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों में बनारस के विकास ने एक नई गति पकड़ी है. काशी ने आधुनिक समय को साधा है. विरासत को संजोया है और भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में मजबूत कदम रखे हैं. आज काशी सिर्फ पुरातन नहीं, प्रगतिशील भी है. काशी अब पूर्वांचल के आर्थिक नक्शे के केंद्र में है.
प्रधानमंत्री फ्लाइट से लैंड करते ही रेप कांड के बारे में अधिकारियों से ली रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज वाराणसी दौरे पर गए हैं। यहां एयरपोर्ट पर उतरते ही वाराणसी के पुलिस कमिश्नर, मंडल आयुक्त और जिलाधिकारी से कुछ दिन पूर्व शहर में घटी एक बलात्कार की घटना के बारे में डिटेल जानकारी ली। पीएम ने सभी दोषियों को चिह्नित करते हुए उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हो, इसके लिए व्यापक व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया।
वाराणसी में छात्रा से 6 दिनों तक हैवानियत का हैरान करने का मामला सामने आया है। लड़की 29 मार्च को गायब हुई थी और वह 4 अप्रैल को बेसुध हालत में बरामद की गई। इन छह दिनों में उसके साथ 23 लोगों ने रेप किया। इस दौरान छात्रा को ड्रग्स देकर नशे में रखा गया।
वाराणसी शहर के इस कांड में पुलिस की जांच में उन होटलों और कैफे की लोकेशन मिली है, जहां लड़की के साथ रेप की घटना की घटना को अंजाम दिया गया। पीड़िता की मां की तहरीर पर लालपुर पांडेयपुर थाने में 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। इसमें से 12 नामजद और 11 अज्ञात हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज 11 अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के 50वें दौरे पर पहुंचे हैं। इस खास मौके पर वे काशीवासियों को 3,884 करोड़ रुपये की 44 परियोजनाओं की सौगात देंगे। इसमें 1,629 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण और 2,255 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
'पूर्वांचल को शिक्षित पूर्वांचल…'
नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "कुछ देर पहले काशी और पूर्वांचल के अनेक हिस्सों में जुड़ी ढेर सारी परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है. कनेक्टिविटी को मजबूती देने वाले अनेक प्रोजेक्ट गांव-गांव घर-घर तक, नल से जल अभियान, शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल सुविधाओं का विस्तार हर क्षेत्र, परिवार और युवा को बेहतर सुविधाएं देने का संकल्प… ये सारी योजनाएं पूर्वांचल को शिक्षित पूर्वांचल बनाने की दिशा में मील का पत्थर बनने वाली हैं. काशी के हर निवासी को इन योजनाओं से खूब लाभ मिलेगा."
उन्होंने आगे कहा कि आज सामाजिक चेतना के प्रतीक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती भी है. महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जी ने जीवन भर नारीशक्ति के हित, उनके आत्मविश्वास और समाज कल्याण के लिए काम किया. आज हम उनके विचारों को, उनके संकल्पों को, नारी सशक्तिकरण के उनके आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं, नई उर्जा दे रहे हैं.'
'महापुरुषों की प्रेरणा हमारा मंत्र…'
महात्मा ज्योतिबा फुले के बारे में बात करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, "उनके जैसे त्यागी, तपस्वी, महापुरुषों की प्रेरणा से ही देशसेवा का हमारा मंत्र रहा है, सबका साथ-सबका विकास. हम देश के लिए उस विचार को लेकर चलते हैं, जिसका समर्पित भाव है, सबका साथ-सबका विकास. जो लोग सत्ता हथियाने के लिए दिन रात-खेल खेलते रहते हैं, उनका सिद्धांत है, परिवार का साथ-परिवार का विकास.
'भारत बसे बड़ा दूध उत्पादक देश…'
पीएम मोदी ने कहा, "आज भारत, दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है. 10 साल में, दूध के उत्पादन में करीब 65 फीसदी बढ़ोतरी हुई है. ये सफलता देश के करोड़ों किसानों की है, देश के पशुपालक भाइयों की है. ये सफलता एक दिन में नहीं मिली है, बीते 10 वर्षों से हम देश के पूरे डेयरी सेक्टर को मिशन मोड से आगे बढ़ा रहे हैं."
उन्होंने आगे कहा कि हमने पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी है, उनके लिए लोन की सीमा बढ़ाई है, सब्सिडी की व्यवस्था की है और खुरपका और मुंहपका से पशुधन को बचाने के लिए मुफ्त वैक्सीन प्रोग्राम चलाया जा रहा है.
'यही तो है विकास…'
नरेंद्र मोदी ने कहा, "10-11 साल पहले, पूरे पूर्वांचल में इलाज को लेकर जो परेशानियां थीं, वो भी हम जानते हैं. आज स्थितियां अलग हैं, मेरी काशी अब आरोग्य की राजधानी भी बन रही है. दिल्ली-मुंबई के बड़े-बड़े अस्पताल आज आपके घर के पास आ गए हैं. यही तो विकास है, जहां सुविधाएं लोगों के पास आती हैं."
किस तरह के प्रोजेक्ट्स का हुआ उद्घाटन?
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उद्घाटन की जाने वाली परियोजनाओं का एक अहम हिस्सा ग्रामीण विकास पर केंद्रित हैं. इनमें 130 पेयजल योजनाएं, 100 नए आंगनवाड़ी केंद्र, 356 पुस्तकालय, पिंडरा में एक पॉलिटेक्निक कॉलेज और एक सरकारी डिग्री कॉलेज शामिल हैं.
कानून प्रवर्तन क्षेत्र में, प्रधानमंत्री पुलिस लाइन में एक ट्रांजिट हॉस्टल और रामनगर में पुलिस बैरक के साथ-साथ चार ग्रामीण सड़कों का उद्घाटन करेंगे. शास्त्री घाट और सामने घाट पर सौंदर्यीकरण परियोजनाओं और रेलवे और वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) द्वारा किए गए कार्यों के साथ शहरी विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.
जिन परियोजनाओं की आधारशिला रखी जा रही है, उनमें से 25 की लागत 2,250 करोड़ रुपये है, जो मुख्य रूप से बिजली के बुनियादी ढांचे को लक्षित करती हैं. इनमें 15 नए सबस्टेशनों का निर्माण, ट्रांसफॉर्मर की स्थापना और 1,500 किलोमीटर नई बिजली लाइनें शामिल हैं. 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चौकाघाट के पास एक नया 220 केवी सबस्टेशन बनाने की योजना बनाई गई है.
पीएम मोदी शहर में तीन नए फ्लाईओवर और कई सड़क चौड़ीकरण परियोजनाओं पर भी काम शुरू करेंगे. इसके अलावा, स्कूल के जीर्णोद्धार कार्यों और शिवपुर और यूपी कॉलेज में दो नए स्टेडियमों की आधारशिला रखी जाएगी. एयरपोर्ट से संबंधित बुनियादी ढांचा, जैसे विस्तार की सुविधा के लिए सुरंग बनाना भी दौरे का हिस्सा है.
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, "दोनों पक्ष भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा पर काम कर रहे हैं। इस यात्रा के तारीखों पर काम किया जा रहा है और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी।" उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन में भाग लेने के बाद द्विपक्षीय यात्रा के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका जाएंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच मित्रता और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करेगी। पीएम मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के ऐतिहासिक दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस का दौरा करने वाले पहले विदेशी नेताओं में शामिल होंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले ही भारत और प्रधानमंत्री मोदी के साथ 'महान साझेदारी' को मजबूत करने का वादा किया है। पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने आईएएनएस को बताया, "हमने राष्ट्रपति ट्रंप के पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी को अमेरिका यात्रा के लिए भेजे गए निमंत्रण के संदर्भ में जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है।"
श्रृंगला ने कहा कि इस यात्रा से सभी आगामी निर्णयों के लिए मंच तैयार हो जाएगा। इससे वर्ष के अंत में भारत में आयोजित होने वाले क्वाड शिखर सम्मेलन के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की यात्रा से पहले संबंधों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
]]>मैक्रों ने कहा कि अमेरिका, चीन और भारत जैसे प्रमुख उभरते देशों के साथ-साथ खाड़ी देशों की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि शिखर सम्मेलन में नवाचार, प्रतिभा और फ्रांस तथा यूरोप को वैश्विक एआई परिदृश्य के केंद्र में रखने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उस रूपांतरण से परे, हम फाउंडेशन के साथ सार्वजनिक हित के लिए जो करना चाहते हैं, वह यह है कि मेरे लिए शिखर सम्मेलन का मूल नवाचार और प्रतिभा को आकर्षित करने की क्षमता और फ्रांस तथा यूरोप को एआई लड़ाई के केंद्र में रखना होगा। विशेष रूप से फ्रांसीसी प्रेसीडेंसी ने दिसंबर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट के लिए भारत को निमंत्रण दिए जाने की पुष्टि की थी, इसमें भारत को "बहुत महत्वपूर्ण देश" बताया गया था।
शिखर सम्मेलन के बारे में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान, फ्रांसीसी प्रेसीडेंसी ने घोषणा की कि भारत सहित 90 देशों को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि हमने भारत को आमंत्रित किया है और शिखर सम्मेलन की तैयारी में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। गलत सूचना और एआई का दुरुपयोग ऐसे विषय हैं जिन पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि लोगों के जीवन पर ठोस प्रभाव डालने की इसकी क्षमता के कारण भारत एक बहुत ही महत्वपूर्ण देश है। हम शिखर सम्मेलन की विभिन्न टीमों में भारत के योगदान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
पेरिस के ग्रैंड पैलेस में फ्रांस द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन में राज्य और सरकार के प्रमुख, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के नेता, बड़ी और छोटी कंपनियों के सीईओ, शिक्षाविदों, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि, कलाकार और नागरिक समाज के सदस्य शामिल होंगे। यह कार्यक्रम पांच प्रमुख विषयों पर केंद्रित होगा: एआई में सार्वजनिक रुचि, कार्य का भविष्य, नवाचार और संस्कृति, एआई में विश्वास और वैश्विक एआई शासन। फ्रांसीसी प्रेसीडेंसी ने गलत सूचना और एआई के दुरुपयोग से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर प्रकाश डाला, जो शिखर सम्मेलन की चर्चाओं के लिए केंद्रीय विषय हैं। 10 फरवरी को राष्ट्राध्यक्षों और सरकारी प्रतिनिधियों सहित विभिन्न हितधारक कई सत्रों में भाग लेंगे। मैक्रों उस शाम राष्ट्राध्यक्षों और अन्य वीआईपी के लिए एक औपचारिक रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। वहीं, 11 फरवरी को शिखर सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों के लिए विशेष रूप से समर्पित नेताओं का सत्र होगा।
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गगनगीर-सोनमर्ग खंड भारी बर्फबारी और हिमस्खलन के कारण बंद हो जाता है, जो हर साल इस क्षेत्र में होता है। जेड-मोड़ सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में गगनगीर और सोनमर्ग के बीच 6.5 किलोमीटर लंबी 2-लेन वाली सड़क सुरंग है।
पहले जो रोड उपयोग में थी, वह हिमस्खलन से प्रभावित थी और अक्सर कई महीनों तक बंद हो जाती थी। लेकिन जेड-मोड़ सुरंग सोनमर्ग पर्यटक शहर को सभी मौसमों में जोड़ने वाली सुविधा प्रदान करती है। इस 6.5 किलोमीटर लंबी सुरंग को पार करने में केवल 15 मिनट लगते हैं, जबकि पहाड़ियों पर ऊपर-नीचे टेढ़े-मेढ़े रास्ते से यात्रा करने में घंटों लगते थे।
साथ ही यह, पास की जोजी-ला सुरंग के साथ, श्रीनगर-लेह हाईवे पर यह भू-रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सुरंग बालटाल (अमरनाथ गुफा), कारगिल और लद्दाख क्षेत्र के अन्य स्थानों को साल भर मौसम-रहित कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
इससे सैन्य रसद में भी वृद्धि होगी और पर्यटन तथा अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सोनमर्ग को सभी मौसमों में कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा, यह सुरंग स्थानीय युवाओं को रोजगार देने में मदद करेगी और क्षेत्र में पर्यटन तथा संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा देगी।
यह 31 सड़क सुरंगों में से एक है, जिनमें से 20 जम्मू-कश्मीर में और 11 लद्दाख में हैं। सुरंग का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था। 20 अक्टूबर 2024 को सुरंग के कर्मचारियों पर आतंकवादी हमला हुआ था। दो आतंकवादी गगनगीर में श्रमिकों के शिविर में घुसे और अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में जेड-मोड़ सुरंग का निर्माण कर रही इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के छह गैर-स्थानीय श्रमिकों सहित सात नागरिक मारे गए थे। इस हमले में एक स्थानीय डॉक्टर की भी मौत हो गई थी।
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अवार्ड मिलने के बाद नरेंद्र मोदी ने कहा, “डोमिनिका द्वारा सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। मैं इसे भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित करता हूं। कोविड-19 महामारी के दौरान फरवरी 2021 में पीएम ने डोमिनिका को कोरोना वैक्सीन एस्ट्राजेनेका की 70 हजार डोज की आपूर्ति की थी। पीएम की इसी उदारता को देखते हुए डोमिनिका की सरकार ने उन्हें अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने का फैसला किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति बर्टन, आप मुझे यह पुरस्कार देने के लिए व्यक्तिगत रूप से गुयाना आई हैं। मैं इस विशेष भाव के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं। भारत और डोमिनिका दो लोकतंत्र हैं। इसके साथ ही, हम पूरी दुनिया के लिए महिला सशक्तिकरण के आदर्श हैं, दोनों देशों में महिला राष्ट्रपति हैं। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आदिवासी समुदाय से आने वाली पहली राष्ट्रपति हैं। इसी तरह, राष्ट्रपति बर्टन भी डोमिनिका की पहली स्वदेशी राष्ट्रपति हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आप दोनों दुनिया की सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। भारत और डोमिनिका के बीच सदियों पुराने, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं। 19वीं शताब्दी में, कई भारतीयों ने डोमिनिका को अपना घर बनाया। उनके द्वारा रखी गई नींव हमारे संबंधों को एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री के अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की कुल संख्या 19 पहुंची
बता दें कि प्रधानमंत्री को गुयाना और बारबाडोस से भी टॉप अवार्ड मिलेंगे, जिससे उनके अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों की कुल संख्या 19 हो जाएगी। गुयाना, प्रधानमंत्री मोदी को अपना सर्वोच्च राष्ट्रीय पुरस्कार ‘द ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस’ देगा, जबकि बारबाडोस उन्हें प्रतिष्ठित ‘ऑनरेरी ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस’ से सम्मानित करेगा।
गुयाना दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी
इसके अलावा दो दिवसीय गुयाना यात्रा में PM मोदी ने कैरेबियाई देशों के प्रतिनिधियों के साथ दूसरे इंडिया-कैरिकॉम समिट में भी हिस्सा लिया।समिट के इतर PM ने कैरेबियाई देशों के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय चर्चाएं की। गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान के अलावा PM मोदी ने डोमिनिका के प्रधानमंत्री रूजवेल्ट स्केरिट और सूरीनाम के राष्ट्रपति चान संतोखी से औपचारिक बातचीत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) गुयाना दौरे पर हैं. जॉर्जटाउन पहुंचने पर उनका औपचारिक स्वागत किया गया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। गुयाना के राष्ट्रपति इरफान अली ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें उनके प्रभावशाली नेतृत्व और विकासशील दुनिया में योगदान के लिए ‘नेताओं के बीच चैंपियन’ कहा।
]]>पीएम मोदी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल गए कांग्रेस के मंत्री आलमगीर आलम का नाम लिए बगैर उन पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हद तो यह कर दी कि नोटों के पहाड़ वाला जो नेता जेल गया, उसके परिवार के सदस्य को ही टिकट दे दिया। इससे पता चलता है कि इन्हें अपनी लूट-खसोट पर कोई शर्म नहीं आती। यह आपके घाव पर नमक छिड़कने का काम है।
उन्होंने कांग्रेस को आरक्षण विरोधी करार देते हुए कहा कि नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक ने हमेशा आरक्षण का विरोध किया। अब ये लोग एक जाति को दूसरी जाति से लड़ाने में लगे हैं। इनका मकसद संथाल को पहाड़िया से, मुंडा को खरवार से, उरांव को पातर जाति से लड़ाना है। इसमें जेएमएम भी कांग्रेस का साथ दे रही है। जनता इन्हें चुनावी सजा देने के मूड में है।
पीएम मोदी ने झारखंड के लिए अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि गोड्डा में आजादी के 75 साल तक रेल नहीं पहुंची थी। रेल तब पहुंची, जब आपने मोदी पर भरोसा किया। दर्जन भर से ज्यादा ट्रेनें यहां से चलती हैं। ट्रेन सेवाओं का इस तरह विस्तार हुआ है कि अब आप देवघर में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन कर सीधे बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने वाराणसी जा सकते हैं। भाजपा, एनडीए सरकार झारखंड में उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। बिजली और सीमेंट के कारखाने लगे हैं। साहिबगंज में मल्टी टर्मिनल बना है।
उन्होंने सवाल उठाया कि झारखंड में जेएमएम, कांग्रेस, राजद ने लंबे समय तक राज किया है, लेकिन पलायन, गरीबी, बेरोजगारी के सिवाय दिया क्या है? यहां तक कि सीएम के क्षेत्र से भी लोग रोजगार की तलाश में पलायन कर रहे हैं। दूसरी तरफ हमारा प्रयास है कि झारखंड की पहचान पलायन से नहीं, पर्यटन से हो।
पीएम मोदी ने कहा कि सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो जैसे शहीदों की धरती को नमन करते हुए उन्हें गर्व हो रहा है। दो दिन बाद 15 नवंबर से केंद्र सरकार पूरे देश में धरती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाने जा रही है। पूरे देश में झारखंड के आदिवासी महापुरुषों के भव्य स्मारक बनाए जाएंगे। उन्हें खुशी है कि वीर शहीद सिदो-कान्हू के वंशज मंडल मुर्मू भी हमारे साथ हैं। मुझे आज उन्हें सम्मानित करने का अवसर मिला।
]]>कौन हैं मार्क मोबियस?
बता दें कि मार्क मोबियस, जो इमर्जिंग अपॉर्च्युनिटी फंड के 88 वर्षीय चेयरमैन हैं, उभरती अर्थव्यवस्थाओं में निवेश करते हैं। वे कई सालों से वैश्विक बाजारों में सक्रिय रहे हैं और उन्हें दुनिया के प्रमुख निवेशकों में एक माना जाता है। मार्क मोबियस ने एक इंटरव्यू में कहा कि आज की दुनिया में जहां पश्चिम एशिया में संघर्ष और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी समस्याएं चल रही हैं, वहां प्रधानमंत्री मोदी एक महत्वपूर्ण शांतिदूत बन सकते हैं। उनका कहना है, "प्रधानमंत्री मोदी एक महान नेता हैं और वे एक महान इंसान भी हैं। उनके पास वैश्विक स्तर पर संवाद स्थापित करने की अद्भुत क्षमता है। वे अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं के साथ बातचीत कर सकते हैं और शांति को बढ़ावा देने के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं।"
नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार
वहीं मार्क मोबियस ने पीएम मोदी के बारे में यह भी कहा कि जब नोबेल शांति पुरस्कार की बात आती है, तो मोदी वास्तव में 'कुछ भी करने में सक्षम' हैं। उनके अनुसार, पीएम मोदी वैश्विक शांति के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और वे इस पुरस्कार के हकदार हैं।
भारत का निष्पक्ष रुख और PM Modi की भूमिका
मार्क मोबियस ने भारत के वैश्विक मुद्दों पर तटस्थ रहने की नीति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनियाभर के मुद्दों पर निष्पक्ष रहने की जो क्षमता दिखाई है, वह भारत को वैश्विक मंच पर शांति के लिए एक प्रमुख मध्यस्थ बनाने के लिए पूरी तरह से सक्षम बनाता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में भारत की भूमिका
मार्क मोबियस ने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में भी भारत की भूमिका को सराहा। यह युद्ध पिछले दो सालों से चल रहा है, और इस दौरान भारत ने तटस्थ रहते हुए दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। उन्होंने कहा कि भारत का यह रुख यह दर्शाता है कि भारत वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है।
PM Modi की यूक्रेन यात्रा
अंत में बता दें कि इस वर्ष अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन का दौरा किया, जो 1992 में भारत और यूक्रेन के बीच राजनयिक संबंधों की शुरुआत के बाद से किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। इस यात्रा ने भारत की भूमिका को मजबूत किया और यह दिखाया कि भारत वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
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केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व वाली सरकार ने देश के श्रमिकों को बड़ा तोहफा देते हुए उनकी दिवाली (Diwali 2024) और भी रोशन कर दी है. दरअसल, सरकार (Central Government) ने श्रमिकों के लिए Variable Dearness Allowance यानी VDA में संशोधन किया है और उन्हें मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी दर को बढ़ाकर 1,035 रुपये प्रतिदिन करने का ऐलान किया है. आइए जानते हैं कि इस ऐलान के बाद अब मजदूरों के हाथ में हर महीने कितना पैसा आएगा…
अनस्किल्ड श्रमिकों को अब इतनी मजदूरी
गुरुवार को PM Modi के नेतृत्व वाली सरकार ने एक बड़ा ऐलान करते हुए मजदूरों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी की दरों में तगड़ा इजाफा किया है. पीटीआई के मुताबिक, सरकार के इस फैसले की जानकारी शेयर करते हुए श्रम मंत्रालय की ओर से बताया गया कि इस फैसले का उद्देश्य मजदूरों को जीवनयापन की बढ़ती लागत के बीच मदद करना है.
न्यूनतम मजदूरों की दरों में ताजा संशोधन के बाद निर्माण, साफ-सफाई, समान उतारने और चढ़ाने जैसे अनस्किल्ड श्रमिकों के लिए सेक्टर A में न्यूनतम मजदूरी दर 783 रुपये प्रति दिन कर दी गई है और इस हिसाब से देखें तो हर महीने इनके हाथ में अब 20,358 रुपये आएंगे.
इन श्रमिकों को हर महीने 26000 रुपये से ज्यादा
सरकार द्वारा मजदूरों की अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से न्यूनतम मजदूरी की दरों में किए गए नए बदलाव के बाद अब अर्ध-कुशल श्रमिकों (Semi-Skilled Workers) के लिए न्यूनतम मजदूरी दर 868 रुपये प्रति दिन कर दी है और उन्हें हर महीने 22,568 रुपये मिलेंगे. बात करें कुशल, लिपिक तथा बिना हथियार वाले चौकीदार या गार्ड यानी Skilled Workers की तो उनकी न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 954 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है.
इस हिसाब से उसका मासिक मेहनताना अब 24,804 रुपये प्रति माह होगा. वहीं Highly skilled Workers यानी अत्यधिक कुशल श्रमिकों को अब हर महीने 26,910 रुपये मिलेंगे, उनकी न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 1035 रुपये प्रति दिन कर दिया गया है.
कब से लागू होंगी बढ़ी हुई दरें
श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की दरों में इजाफा किए जाने के ऐलान के बाद श्रम मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने श्रमिकों, विशेषकर असंगठित क्षेत्र के कामगारों को उनके जीवनयापन में मदद देने के मद्देनजर यह वीडीए में संशोधन किया है. श्रमिकों के लिए नई दरें अगले महीने की पहली तारीख 1 अक्टूबर 2024 से प्रभावी होंगी और इन्हें अप्रैल 2024 से लाभ दिया जाएगा. यहां बता दें कि ये इस साल का दूसरा संशोधन है, इससे पहले अप्रैल महीने में बदलाव किया गया था.
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1. इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 लाख करोड़ की मंजूरी
मोदी सरकार 3.0 ने 100 दिनों में 3 लाख करोड़ रुपये की इन्फ्रा परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें खासतौर पर रोड, रेलवे, पोर्ट्स और एयरवेज पर फोकस किया गया है। महाराष्ट्र में ही 76,200 करोड़ रुपये की लागत से माधवन मेगा पोर्ट को मंजूरी दी गई है। यह दुनिया के 10 सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक होगा। इसके अलावा पीएम ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण की शुरुआत दी गई है, जिस पर 62 हजार करोड़ की लागत आएगी। इसके अतिरिक्त 8 नेशनल हाईस्पीड कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी मिली है, जो 936 किलोमीटर लंबे होंगे।
2. किसानों के लिए क्या ऐलान
नरेंद्र मोदी सरकार के शुरुआती 100 दिनों में पीएम किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की गई। इसके तहत 20 हजार करोड़ रुपये की रकम वितरित की गई। इसके अलावा खरीफ फसलों के एमएसपी में भी इजाफा किया गया। इससे करीब 12 करोड़ किसानों को सीधे तौर पर लाभ हुआ है। प्याज और बासमती चावल के निर्यात पर शुल्क घटाया गया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में भी 3,300 करोड़ रुपये की लागत से कई कृषि योजनाओं की शुरुआत की गई है।
3. मिडल क्लास को टैक्स से आवास तक राहत
नरेंद्र मोदी सरकार 3.0 ने अपने पहले ही बजट में टैक्स में मिडिल क्लास के लिए भी ऐलान किया। इसके तहत 7 लाख रुपये तक टैक्स नहीं लगेगा। सैलरीड क्लास वाले लोग टैक्स में 17,500 रुपये तक की बचत कर सकेंगे। स्टैंडर्ड डिडक्शन 75 हजार रुपये तक रहेगा। फैमिली पेंशन पर भी छूट 25 हजार तक बढ़ा दी गई है। पेंशन को लेकर भी नई यूनिफाइड स्कीम लाई गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पीएम आवास योजना के भी नए चरण का ऐलान हुआ है। इसके तहत 1 करोड़ घर शहरी क्षेत्र में बनेंगे और 2 करोड़ घर ग्रामीण इलाकों में बनेंगे।
4. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस
मोदी सरकार 3.0 में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को एक उपलब्धि माना जा रहा है। बजट में 31 पर्सेंट एंजेल टैक्स को हटा दिया गया। इसे स्टार्टअप्स के लिए अच्छा कदम माना जा रहा है। इसके अलावा कॉरपोरेट टैक्स में भी राहत दी गई है। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डिवेलपमेंट प्रोग्राम के तहत 12 औद्योगिक शहर बसाए जाएंगे। मुद्रा लोन की लिमिट भी 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
5. स्किल डिवेलपमेंट के लिए 2 लाख करोड़
मौजूदा सरकार ने 2 लाख करोड़ रुपये का फंड स्किल डिवेलमेंट के लिए घोषित किया है। यह 5 साल में खर्च किया जाएगा। टॉप कंपनियों में युवाओं को इंटर्नशिप के लिए 1 करोड़ युवाओं को मौका मिलेगा। इसके अलावा वन टाइम असिस्टेंस भी दी जाएगी। 20 लाख युवाओं को इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग दी जाएगी। यही नहीं ईपीएफओ में रजिस्ट्रेशन पर तीन किस्तों में 15 हजार रुपये की रकम दी जाएगी।
6. महिलाओं को लखपति दीदी बनाने पर फोकस
देश भर में 90 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 10 करोड़ महिलाओं को शामिल किया गया है। इसके तहत डिजिटल लिटरेसी, आर्थिक समावेश और सामाजिक विकास के मानकों को मजबूत करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा 11 लाख लखपति दीदी प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए हैं। सरकार का दावा है कि 1 करोड़ लखपति दीदी को हर साल 1 लाख रुपये तक की आय हुई है।
7. वक्फ बोर्ड, एकलव्य मॉडल जैसे प्रयास
वक्फ संपत्तियों के विवादों के निपटारे के लिए सरकार नए बिल का प्रस्ताव लाई है। सरकार का कहना है कि इससे वक्फ की जमीनों पर विवाद कम होंगे। एकलव्य मॉडल स्कूल के तहत 1.23 लाख छात्रों का नामांकन हुआ है। सरकार ने 63 हजार आदिवासी ग्रामों के विकास की भी बात कही है। इससे 5 करोड़ आदिवासियों के सामाजिक-आर्थिक विकास का अनुमान है।
8. आयुष्मान भारत स्कीम से हेल्थ इन्फ्रा को बढ़ावा
इस बार आयुष्मान भारत स्कीम के दायरे को बढ़ाया गया है। इसके तहत 70 साल और उससे अधिक आयु के सभी लोगों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिलेगा। इससे 4.5 करोड़ परिवारों के 6 करोड़ बुजुर्ग सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। मेडिकल कॉलेजों में 75 हजार नई सीटें ऐड की जाएंगी। कैंसर के इलाज से जुड़ी दवाओं के रेट भी घटाए गए हैं।
9. साइंस और अंतरिक्ष विज्ञान पर फोकस
मोदी सरकार ने अपने इस कार्यकाल में नेशनल स्पेस डे की भी शुरुआत की है, जो 23 अगस्त को हर साल मनाया जाएगा। चंद्रयान और मंगलयान की सफलता को समर्पित करते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा स्पेस स्टार्टअप्स के लिए 1000 करोड़ रुपये का वेंचर कैपिटल फंड शुरू किया गया है।
10. भारतीय न्याय संहिता को मंजूरी
भारतीय कानूनों पर औपनिवेशिक छाप हटाने के नाम पर मोदी सरकार ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय न्याय संहिता की शुरुआत की है।