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सीबीआई ने छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में डाक विभाग के दो अधिकारियों को 37,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बलौदाबाजार स्थित उप-मंडल निरीक्षक (डाक) कार्यालय के मेल ओवरसियर राजेश पटेल और उप-मंडल निरीक्षक (एसडीआईपी) विनीता मानिकपुरी शामिल हैं।
बता दें कि सीबीआई ने यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की, जो 19 नवंबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर के शाखा डाक अधीक्षक द्वारा दर्ज कराई गई थी। आरोप था कि 22 अक्टूबर 2024 को देवासुंदरा डाकघर का निरीक्षण करते समय मेल ओवरसियर राजेश पटेल और एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी ने शिकायतकर्ता की कुछ त्रुटियां पाई थीं। इन त्रुटियों को दबाने और मामले को रफा-दफा करने के लिए अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी। शिकायतकर्ता के अनुरोध पर, रिश्वत की राशि को किश्तों में देने की अनुमति दी गई। पहली किश्त 40,000 रुपये तय की गई, जिसमें से 37,000 रुपये शिकायतकर्ता को 23 नवंबर यानि आज मेल ओवरसियर को देने थे। योजना के अनुसार शिकायतकर्ता आज पैसे लेकर मेल ओवरसियर के पास गया जहां सीबीआई ने उसे रंगे हाथों धर दबोचा।
बता दें कि सीबीआई की टीम द्वारा रिश्वत की राशि मौके पर ही बरामद कर ली गई। इसके बाद, एसडीआईपी विनीता मानिकपुरी को भी मामले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को 24 नवंबर 2024 को अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही, सीबीआई की टीम आरोपियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों की तलाशी ले रही हैं, मौके पर जांच जारी है।
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