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ग्वालियर जिले की डबरा तहसील में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जमकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा का चल रही थी। इसी दौरान एक महिला कार्डियक अरेस्ट आ गया।
65 वर्षीय महिला मौत
नवग्रह मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान आयोजित हो रही शिव पुराण कथा में शामिल होने के लिए 65 वर्षीय पुष्पा देवी पहुंची थी। जो कि यूपी के इटावा की रहने वाली थी। शुक्रवार की सुबह करीब 8:00 बजे कथा सुनने के लिए पंडाल में पहुंची थी। जिसके करीब 10 मिनट बाद हालत बिगड़ गई। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
10 मिनट में बिगड़ी तबीयत
जानकारी के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा देवी (65 वर्ष) के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के इटावा की निवासी थीं। वह इन दिनों ग्वालियर के सराफा बाजार स्थित अपने जीजा के घर आई हुई थीं। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे वह कथा पंडाल में पहुंचीं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कथा शुरू होने के लगभग 10 मिनट बाद ही उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे अचेत होकर गिर पड़ीं।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के बाद मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मौत की वजह कार्डियक अरेस्ट बताई जा रही है।
श्रद्धालुओं में शोक
धार्मिक आयोजन में हुई इस अचानक घटना से पंडाल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्यक्रम में मौजूद श्रद्धालु स्तब्ध रह गए। आयोजन से जुड़े लोगों ने शोक व्यक्त किया है। फिलहाल परिजन महिला के पार्थिव शरीर को अपने गृह नगर ले जाने की तैयारी में हैं। पुलिस ने मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, वह सराफा बाजार में स्थित अपने जीजा के घर आईं थी।
]]>सावन मास में आगामी 23 जुलाई को पड़ने वाली मासिक शिवरात्रि की शाम 7 से 8 बजे हर घर में पूजा-अर्चना की गूंज सुनाई देगी। देश-विदेश में बसे श्रद्धालु पार्थिव शिवलिंग बनाकर भगवान शिव का रुद्राभिषेक करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के कोरबा में आयोजित शिव महापुराण के माध्यम से यह संदेश दिया है कि सावन मास की इस पावन शिवरात्रि पर पार्थिव शिवलिंग बनाकर सामूहिक रूप से उनका अभिषेक किया जाए। मान्यता है कि सामूहिक पूजा से आराध्य देवता शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
पिछले छह वर्षों से पंडित मिश्रा के आह्वान पर देश-विदेश में करोड़ों शिव भक्तों द्वारा पार्थिव शिवलिंग निर्माण कर पूजन किया जा रहा है। इस बार श्रद्धालुओं में पहले से दोगुना उत्साह देखा जा रहा है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कांवड़ लेकर चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर और कुबेरेश्वर महादेव मंदिर पहुंच रहे हैं। वहां नियमित रूप से नि:शुल्क प्रसादी, पेयजल, नाश्ता और फलाहारी की व्यवस्था की गई है।
23 जुलाई को शिवभक्तों का दिव्य अनुष्ठान
इस वर्ष का आयोजन 23 जुलाई बुधवार को शाम 7 से रात 8 बजे तक किया जाएगा। पंडित प्रदीप मिश्रा के आह्वान पर ‘हर-हर महादेव, घर-घर महादेव’ के संकल्प के साथ देश-विदेश में बसे भक्त अपने-अपने घरों पर पार्थिव शिवलिंग बनाएंगे और विधिपूर्वक जलाभिषेक करेंगे। यह आयोजन यूट्यूब और फेसबुक पर लाइव प्रसारित किया जाएगा। पंडित मिश्रा ने अपने वीडियो संदेश में भक्तों से अपील की है कि वे पूजन के लिए ब्राह्मणों और संतों को आमंत्रित करें। यदि यह संभव न हो, तो श्रद्धालु टीवी या ऑनलाइन माध्यम से पूजा-अर्चना में भाग ले सकते हैं।
मासिक शिवरात्रि का महत्व
समिति के मनोज दीक्षित ‘मामा’ ने बताया कि महाशिवरात्रि शिवभक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मध्यरात्रि को भगवान शिव लिंग रूप में प्रकट हुए थे। यह वह क्षण था जब ब्रह्मा और विष्णु ने पहली बार शिवलिंग का पूजन किया। प्रत्येक वर्ष एक महाशिवरात्रि और 11 मासिक शिवरात्रियां होती हैं। मासिक शिवरात्रि हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने इस व्रत को कर शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने माफी मांगते हुए कहा, "मेरे किसी कथन से यदि किसी समाज या व्यक्ति को ठेस पहुंची हो या उनका मन दुखा हो, तो मैं क्षमा मांगता हूं." जानकारी के अनुसार, मिश्रा ने कथा के दौरान भगवान चित्रगुप्त के बारे में कथित तौर पर 'अभद्र भाषा' का उपयोग किया था, जिसके बाद कई शहरों में विरोध शुरू हो गया. कई साधु-संतों और कथावाचकों ने भी उनके बयान की निंदा की थी.
बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी
प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को फिर अपने बयान को लेकर माफी मांगनी पड़ी है। उन्होंने महाराष्ट्र में 14 जून को प्रवचन के दौरान भगवान चित्रगुप्त को 'मुछंदर' कहकर अभद्र टिप्पणी की थी। उस पर पूरे देश में कायस्थ समाज भड़का हुआ था।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से कही ये बात
मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी।
राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था
प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।
मंगलवार को सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में पत्रकारों से बातचीत में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि महापुराण की कथा महाराष्ट्र में चल रही थी, उसमें यमराज, चित्रगुप्त महाराज और भगवान शिव की भक्ति का प्रसंग चल रहा था। उसी में वह बात निकली थी।
राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था
प्रदीप मिश्रा ने आगे कहा कि किसी के हृदय को ठेस पहुंचाना कभी शिव महापुराण नहीं जानती। फिर भी यदि किसी व्यक्ति को या समाज को मेरी वाणी से ठेस पहुंची हो तो मैं क्षमा मांगता हूं। बता दें कि इसके पहले राधा रानी मामले में भी पंडित प्रदीप मिश्रा का काफी विरोध हुआ था और तब भी माफी मांगने को मजबूर होना पड़ा था।
अच्छे कर्म का फल हमेशा मिलता है, जो तुम दूसरों को दोगे, वही लौटकर तुम्हारे पास आएगा। सम्मान दोगे, तो सम्मान मिलेगा। दुनिया में सबसे पवित्र रिश्ता बाप-बेटी का है। एक महत्वपूर्ण विचार है जो पिता और बेटी के बीच के विशेष बंधन को दर्शाता है। यह रिश्ता प्रेम, देखभाल, विश्वास और सम्मान से भरा होता है, जो दोनों के जीवन में सकारात्मक योगदान देता है।
ये बातें जिला मुख्यालय स्थित कुबेरेश्वरधाम पर जारी ऑनलाइन सात दिवसीय शिवपुत्री शिवमहापुराण के दूसरे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कही। इस मौके पर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शिवपुत्री शिव महापुराण कथा भगवान शिव की बेटियों के संबंध में की जा रही है। विश्व भर के श्रद्धालुओं को बाप-बेटी के पवित्र संबंध के बारे में वर्णन किया जा रहा है। शनिवार को धाम पर आशीर्वाद लेने पहुंचीं महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री भारत सरकार सांसद सावित्री ठाकुर ने व्यास पीठ को नमन किया।
शिव महापुराण सबसे बड़ी पूंजी
पंडित मिश्रा ने कहा कि मंदिर जाने से पहले विश्वास लेकर जाना, जैसे दुकान और मकान पर लिखा रहता है कि आप कैमरे की नजर में हैं, वैसे ही आप पैदा होने से अब तक भगवान की नजर में रहते हैं। शिव महापुराण के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि भगवान शिव की कथा शिव महापुराण सबसे बड़ी पूंजी है, एक पल्ले में सोना-चांदी और आभूषण रख दो और दूसरी तरफ इस पुराण को रख दो। हमेशा शिव पुराण का पल्ला भारी रहेगा। भगवान शिव किसी विशेष पूजा या जाप के मोहताज नहीं हैं। वे भाव के भूखे होते हैं और जैसी भावना से उन्हें पुकारा जाए, वो वैसा ही स्वीकार करते हैं। पति अगर नारायण बनकर रहेगा तो पत्नी लक्ष्मी बनकर साथ निभाएगी। गुस्सा बाहर छोड़ो, घर में प्रेम से रहो। शिवजी ने अपने सिर पर गंगा को धारण किया ताकि मन शांत रहे। आज की भागदौड़ में शिव से यही सीख लेनी चाहिए। हमारी आदत है कि दुख आने पर ही भगवान को याद करते हैं। जैसे कोरोना आया तो वैक्सीन लगवाई, वैसे ही दुखों से पहले शिव का नाम लेना शुरू कर दो। तब तकलीफ आएगी ही नहीं।
डॉक्टर ने भी छोड़ दी थी आस, धाम से मिला निदान
शिव महापुराण के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने अनेक श्रद्धालुओं के पत्र का भी वर्णन किया। इनमें से कई लोग पत्र लिख कर उन्हें धन्यवाद भी देते है। ऐसे ही एक भक्त का लिखा हुआ पत्र का वर्णन करते हुए पंडित जी ने बताया कि चुमचुम कुमारी जिनका बेटा एक लाइलाज गंभीर बीमारी से ग्रस्त था, इस बीमारी का नाम है जीवीएस, जिसमें शरीर सुन्न हो जाता है, लेकिन धाम पर आने के बाद मेरे बेटे की तबीयत ठीक हो गई है। वह अब तक चार बार बाबा के धाम आकर आशीर्वाद और पूजा-अर्चना कर रही है। वहीं एक पत्र में मध्यप्रदेश निवासी रिंकू तिलवारे ने बताया कि उनके भाई को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी थी, धाम पर आई और वेलपत्र और रुद्राक्ष के जल से अब उनकी रिपोर्ट नार्मल आई है। इस तरह के अनेक श्रद्धालुओं ने बताया कि बाबा की भक्ति करने से उनकी समस्याओं का निदान हो रहा है। पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान भरोसे का रूप है। हमारा भरोसा जितना मजबूत होगा, शिव को प्राप्त करने में आसानी होगी।
प्रदीप मिश्रा ने कहा, 'लव जिहाद के जरिए केवल लड़कियों का इस्तेमाल किया जाता है। उनका शारीरिक शोषण होता है। इसके बाद लड़कियों को खत्म कर दिया जाता है। फिर हरिद्वार में टुकड़े मिलते हैं और कई के फ्रिजों में टुकड़े मिलते हैं। अगर इसके बाद भी हिंदू बेटियां जागरूक नहीं हो रही हैं तो उन्हें जागरूक होने की आवश्यकता है। हिंदू धर्म के अनुसार, शादी संबंध करें और अपने माता-पिता को कन्यादान का मौका दें।
पहले भी लव जिहाद को लेकर दे चुके हैं बयान
इससे पहले रायपुर में कथा के आखिरी दिन से पहले उन्होंने भारत और दुनियाभर के सभी हिंदुओं को लव मैरिज न करने के साथ-साथ 4 बच्चे पैदा करने की नसीहत दे डाली थी। बता दें कि दुर्ग के अम्लेश्वर में 27 मई से प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा चल रही थी। इस कथा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही थी।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान लव मैरिज, देशभर में बंद मंदिरों और हिंदुत्व पर खुलकर अपनी बात रखी थी। इस दौरान एक सवाल के जवाब में पंडित प्रदीप ने सभी हिंदुओं से 4-4 बच्चे पैदा करने की अपील की। इस पर तर्क देते हुए उन्होंने कहा कि हर हिंदू 4 बच्चे पैदा करे, उनमें से 2 अपने पास रखे और दो में से 1 को राष्ट्र सेवा और 1 को हिंदुत्व के लिए समर्पित कर दे।
पंडित जी यहीं नहीं रुके उन्होंने लड़कियों को भी नसीहत दी। एक और सवाल पर पंडित प्रदीप ने लव मैरिज को लेकर कहा कि हिंदू लड़कियों को लव मैरिज नहीं करनी चाहिए। आप स्कूल, कॉलेज, ट्यूशन सहित अन्य जगहों पर जाएंगी और वहां 100 लड़के मिलेंगे, पर उनके साथ आप 100 साल जिंदगी नहीं जी सकतीं। आपके पिता जिसे ढूंढकर लाएंगे उसके साथ आप 100 साल जी सकती हैं। साथ ही प्रदीप मिश्रा ने अरेंज मैरिज करने की सलाह देते हुए कहा कि विरोध लव मैरिज का नहीं है बल्कि लव जिहाद का है।
]]>सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम के संस्थापक और प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का कहना है कि क्रिसमस के दिन अपने बच्चों को लाल कपड़े और टोपी पहनाकर उन्हें जोकर मत बनाइए। बल्कि अगर बनाना है तो उन्हें वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप या रानी लक्ष्मीबाई बनाइए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि अपने धर्म को छोड़कर किसी दूसरे धर्म की जूठन मत खाइए।
उन्होंने कहा, 'अभी हम आ रहे थे तो रास्ते में हमने देखा कि बहुत सारी दुकानें यहां पर रायपुर के इन रास्तों पर लगी हुई थी, लाल कलर के कपड़े पहने बच्चों की ड्रेस में पुतले और उसके ऊपर टोपी। बहुत सारे कपड़े बिक रहे थे, कोई कुछ बेच रहा था, कोई कुछ बेच रहा था। जिसके बाद हमने अपने पीएसओ से पूछा कि ये आज क्या बिक रहा है, तो उसने हमें बताया कि आज लोग लेते हैं बच्चों को पहनाने के लिए। तो हमने कहा बताओ दुनिया कहां चली गई।'
आगे पंडित मिश्रा ने कहा, 'अगर भारत की भूमि पर किसी को पहनाना है तो वीर शिवाजी के कपड़े पहना दो, भारत की भूमि पर पहनाना है तो महाराणा प्रताप के कपड़े पहना दो, भारत की भूमि पर अगर पहनाना है तो अपने बच्चों को वीर शिवाजी, महाराणा प्रताप, झांसी की रानी और मां अहिल्या बाई बना दो, पर अपने बच्चों को ऐसे कपड़े पहना के जोकर मत बनाइए जिससे उनकी हंसी उड़ जाए।'
साथ ही उन्होंने नया साल मनाने वाले सनातनी लोगों से कहा कि वे नया साल शराब की दुकानों पर जाकर नहीं बल्कि शिव मंदिरों में पूजा-पाठ कर मनाएं। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी नए साल के मौके पर लोग जमकर पीते हैं और गटर में मिलते हैं। कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा ने ये बातें रायपुर के सेजबहार में आयोजित कथा में कहीं। यहां 24 से 30 दिसंबर तक कथा का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भारतीय नववर्ष चैत्र नव वर्ष में गंगाजल खुलता है, जबकि 31 दिसंबर को शराब की बोतलें खुलती है। उन्होंने कहा, सनातनी लोग चैत्र नव वर्ष में मंदिर और शिवालय में मिलते हैं।
]]>सोशल मीडिया पर जारी किए गए वीडियो में कुमार स्वाती बृजवासी भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में आने का वादा करते दिख रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर कुमार स्वामी का एक कथित वीडियो वायरल हुआ था। इसमें वह व्यास पीठ से श्रीकृष्ण और हिंदुओं के खिलाफ अपमानजनक बातें करते दिखे थे। देश-विदेश में करोड़ों भक्तों के आराध्य श्रीकृष्ण के चरित्र परम उंगली उठाई। इसके साथ ही, हिंदुओं की तुलना चोर, डाकू और गुंडों से की। वीडियो वायरल होने के बाद बृजवासियों ने उनका विरोध शुरू कर दिया।
वृंदावन में गरमाया मामला
कुमार स्वामी के वीडियो वायरल होने के बाद वृंदावन में माहौल गरमा गया। महामंडलेश्वर हिमांगी सखी ने वृंदावन में इस बयान से गुस्सा होकर कुमार स्वामी का पुतला फूंकने का प्रयास किया। हालांकि, कुछ लोगों ने खुद को कुमार स्वामी का समर्थक बताते हुए उनसे पुतला छीन लिया था। इसके बाद हिंदुवादी संगठनों में गुस्सा भड़क उठा। देवालय न्यास इस मामले में कूदा। न्यास के अध्यक्ष रमाकांत गोस्वामी, कार्ष्णि नागेंद्र, हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी और आरके पांडेय ने कुमार स्वामी के चौमुंहा स्थित आश्रम पर पुतला फूंकने और आंदोलन की चेतावनी दी।
देवालस न्याय के विरोध की सूचना कुमार स्वामी तक पहुंचाई गई। इसके बाद कुमार स्वामी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया। इसमें वह ऋषियों, मुनियों, ब्रजवासियों और बांके बिहारी के भक्तों को नमन और वंदन करते दिख रहे हैं।
वीडियो में क्या कहा?
वीडियो में कुमार स्वामी ने कहा है कि मैं आपके सामने कुछ नहीं हूं। आपने जो प्रेम किया, वह बेमिशाल है। विश्व में जो सनातन धर्म की जय जयकार हो रही है, यह आपकी कृपा, सद्भाव और प्रेम के कारण है। मुझसे कोई गलती हो गई हो, भूल हो गई हो, गलती पल-पल करते हैं। भूल होती रहती है। बस आप हमें क्षमा करते रहना। बृजवासियों का प्रेम मुझे मिलता रहेगा। अभी जब इंग्लैंड, अमेरिका और कनाडा के दौरे से आऊंगा तो आपकी धरती पर आऊंगा। आपके चरणों में आऊंगा। सारे विश्व में लोग राधा और कृष्ण का नाम जप रहे हैं।
नरम पड़े विरोध के स्वर
हिंदूवादी नेता गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने कहा कि रमाकांत गोस्वामी और कार्ष्णि नागेंद्र के पास इसके बाद कुमार स्वामी का फोन आया। इसमें उन्होंने खुद को विदेश में बताते हुए मथुरा आकर क्षमा याचना की बात कही है। एक वीडियो भी जारी किया है। गोपेश्वर नाथ ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं पर इस तरह का बयान बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने साफ कहा कि जब तक कुमार स्वामी श्रीकृष्ण जन्मस्थली पर जाकर क्षमा याचना नहीं करते हैं, उनका कोई भी कार्यक्रम ब्रजभूमि में नहीं होने दिया जाएगा। देवालय न्यास की बैठक के बाद यह तय किए जाने की बात उन्होंने कही। साथ ही, कहा कि कुमार स्वामी की क्षमा याचना के वीडियो के बाद चौमुहां आश्रम पर आंदोलन कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
]]>अपने कथन पर राधारानी से माफी मांगने बरसाना स्थित राधारानी मंदिर में प्रसिद्ध कथावाचक प्रदीप मिश्रा पहुंचे हैं। प्रदीप मिश्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। जिसमें उन्होंने कहा था कि राधारानी का विवाह भगवान श्रीकृष्ण के साथ नहीं बल्कि मथुरा के छाता कस्बा निवासी अनय घोष के साथ हुआ था। कथावाचक प्रदीप मिश्रा ने राधारानी के सामने दंडवत होकर नाक रगड़ कर माफी मांगी और कहा कि राधारानी मेरी ईष्ट हैं।
राधारानी विवादित बयान के बाद कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा शनिवार दोपहर बरसाना पहुंचे. उन्होंने राधा रानी मंदिर में नाक रगड़कर माफी मांगी. दंडवत प्रणाम किया. इसके बाद मंदिर से बाहर निकलकर ब्रजवासियों को हाथ जोड़कर अभिवादन किया. इस दौरान श्रीजी मंदिर के पास प्रदीप मिश्रा की सुरक्षा के लिये बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा.
पंडित प्रदीप मिश्रा ने हाथ जोड़कर सभी से निवेदन किया कि सभी ब्रजवासियों को बधाई. आपके प्रेम की वजह से मैं यहां आया हूं. लाड़ली जी ने खुद मुझे यहां बुलाया है. मेरी वाणी से किसी को ठेस पहुंची है, तो माफी मांगता हूं. ब्रजवासियों के चरणों में मैं दंडवत प्रणाम कर माफी मांगता हूं. लाडली जी और बरसाना सरकार से भी क्षमा चाहता हूं. पंडित प्रदीप मिश्रा ने हाथ जोड़कर सभी से निवेदन किया कि किसी के लिए कोई अपशब्द न कहें. राधे-राधे कहें, महादेव कहें. मैं सभी संत-महंत, धर्माचार्य और आचार्य से माफी मांगता हूं.
गौरतलब है कि बीते कई दिनों से राधारानी के खिलाफ बयान देकर पंडित प्रदीप मिश्रा विवादों में चल रहे थे. इसके बाद संतों ने मामले में कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा था कि प्रदीप मिश्रा नाक रगड़कर माफी मांगें. उन्हें अल्टीमेटम दिया गया था. इसके बाद शनिवार को ब्रज के साधु संतों का प्रतिनिधिमंडल मथुरा एसएसपी से मिला था. 1 घंटे की वार्ता के बाद प्रतिनिधिमंडल को एफआईआर दर्ज करने की सहमति देकर वासप भेजा गया था. इसके बाद पंडित प्रदीप मिश्रा ने बरसाना पहुंचकर राधारानी के मंदिर में माफी मांगी.
कहा था बरसाना उनका पैतृक गांव नहीं है
प्रदीप मिश्रा ये भी कहा था बरसाना उनका पैतृक गांव नहीं है। बरसाना में राधारानी के पिता की कचहरी लगती थी। जिसमें राधारानी अपने पिता के साथ वर्ष में एक बार आती थीं। उनके इस कथन को लेकर ब्रज के साधु और संतों में आक्रोश पनपा था।
पिछले दिनों महापंचायत कर उनके ब्रज चौरासी कोस में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। रिपोर्ट दर्ज करने के लिए एसएसपी को प्रार्थना पत्र दिया गया। शनिवार को करीब दो बजे प्रदीप मिश्रा राधारानी से माफी मांगने उनके मंदिर पहुंचे हैं।
संत प्रेमानंद ने कहा था…
राधा केलिकुंज में शुक्रवार को धर्मरक्षा संघ प्रतिनिधि मंडल के सामने विचार रखते हुए संत प्रेमानंद ने कहा, प्रदीप मिश्रा खुद को शास्त्र का ज्ञानी समझता है। वह किशोरीजी के बारे में कुछ नहीं जानते। चेतावनी भरे लहजे में संत प्रेमानंद ने कहा यदि श्रीजी के विषय में वो कुछ भी जानना चाहता है, तो हमारे सामने वृंदावन की रज में बैठें। हम कुछ भी नहीं बोलेंगे, मौन रहेंगे और उन्हें श्रीजी का ज्ञान प्राप्त हो जाएगा।
संत प्रेमानंद महाराज ने कहा, कि प्रदीप मिश्रा हमारा भाई है, उसने जो त्रुटि की है, उसके लिए माफी मांग ले, तो मामला सुलझ जाएगा। उसने क्षमा न मांगकर बहुत बड़ी भूल की है। संत और ब्रजवासियों को उसकी वाणी से जो कष्ट हुआ है, उसे भगवान भी क्षमा नहीं करेंगे और उसे दंड भुगतना ही पड़ेगा।
]]>प्रेमानंद महाराज के शिष्य और उनके आश्रम श्रीहित राधा केली कुंज के प्रतिनिधि नवल नागरी शरण महाराज और महामाधुरी शरण महाराज ने एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें बताया कि प्रेमानंद महाराज अपने पास कोई फोन नहीं रखते हैं। अगर कोई उनसे फोन के जरिये संपर्क करना चाहता है तो हमारे जरिये बात होती है। अगर कोई भी फोन कॉल आएगा तो हमारे पास आएगा। महाराज जी से सीधे तौर पर फोन पर बातचीत नहीं की जा सकती है। दोनों शिष्यों ने प्रेमानंद महाराज के अनुयायियों से अपील की कि वे सुलह की खबरों पर ध्यान न दें।
किस बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा?
आपको बता दें कि सारा विवाद प्रदीप मिश्रा के एक पुराने वीडियो के वायरल होने से शुरू हुआ था। अपनी एक कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा ने कहा था कि राधा जी बरसाने की रहने वाली नहीं थी। बरसाना तो उनके पिता ब्रसभानु की कचहरी थी जहां वह साल में एक बार जाया करती थीं। प्रदीप मिश्रा ने यह भी कहा था कि राधा रानी का विवाह किसी अनन्य घोष नामक व्यक्ति के साथ हुआ था। सोशल मीडिया पर जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने गुस्से में कहा था कि प्रदीप मिश्रा को नरक जाने से कोई नहीं बचा सकता है। प्रदीप को शर्म आनी चाहिए। उन्हीं राधा रानी का यश खाकर जीते हो और ऐसी बाते करते हो।
नाक रगड़कर माफी मांगने की मांग कर रहे संत
कथावाचक प्रदीप मिश्रा के खिलाफ उज्जैन से लेकर मथुरा के संतों में भी काफी विरोध है। मथुरा के संतों ने एक महापंचायत बुलाई थी। इसमें प्रदीप मिश्रा को अल्टीमेटम देते हुए कहा गया था कि वह अगर बरसाना जाकर माफी नहीं मांगते हैं तो ब्रज के संत उन्हें घुसने नहीं देंगे। इसी तरह उज्जैन के संतों का कहना है कि पंडित प्रदीप मिश्रा अगर मथुरा जाकर प्रेमानंद महाराज से नाक रगड़कर माफी नहीं मांगते हैं तो हम कोर्ट जा सकते हैं। इसके साथ ही उनके उज्जैन आने पर प्रतिबंध लगा सकते हैं।
]]>राधारानी को लेकर की गई टिप्पणी मामले में बढ़ते विवाद को लेकर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है. सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में एक प्रेस वार्ता के आयोजन के दौरान कथावाचक इस विवाद में कुछ भी कहने से बचते नजर आए.
उन्होंने पत्रकार वार्ता शुरू होने के पहले स्पष्ट कर दिया कि कोई भी चर्चा हम यहां पर नहीं करेंगे. कुछ भी कहने से पहले ही मना कर दिया. प्रदीप मिश्रा ने सिर्फ कुबेरेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव और कावड़ यात्रा को लेकर ही जानकारी दी.
पंडित प्रदीप मिश्रा ने आगे बताया कि गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर हर साल की तरह इस साल भी कुबेरेश्वरधाम पर सात दिवसीय शिव महापुराण का आयोजन किया जाएगा.
कथा 14 जुलाई से 20 जुलाई तक जारी रहेगी और इसके पश्चात 21 जुलाई को यहां पर आने वाले श्रद्धांलुओं को दीक्षा देने का आयोजन किया जाएगा. इसके अलावा 17 अगस्त को कांवड़ यात्रा के बारे में बताया गया.
वहीं, 17 अगस्त को निकलने वाली कांवड़ यात्रा के बारे में पंडित प्रदीप मिश्रा ने बताया. भव्य यात्रा में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के सौ से अधिक ढोल-बाजे, भगवान शंकर के डमरू और डीजे आदि के साथ पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को भगवा रंग से सराबोर कर दिया जाएगा.
पता हो कि पंडित प्रदीप मिश्रा की एक टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. उत्तर प्रदेश के मथुरा में ब्रज के संतों, महंतों और धर्माचार्यों ने महापंचायत आयोजित कर कथावाचक के बयान का विरोध किया है.
बरसाना में हुई महापंचायत में निर्णय किया है कि अगर कथावाचक प्रदीप मिश्रा अपनी टिप्पणी को लेकर माफी नहीं मांगते हैं तो उनका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा. उनके कथा के कार्यक्रमों हों, वहां उनके विरोध के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया पर भी उनका विरोध किया जाएगा.
महापंचायत की अध्यक्षता करने वाले संत रमेश बाबा बोले, ''प्रदीप मिश्रा ने कहा है कि राधानी भगवान श्रीकृष्ण की धर्मपत्नी नहीं थीं. उनका विवाह छाता निवासी अनय घोष संग हुआ था. बरसाना राधारानी का गांव नहीं है. दरअसल, उनके पिता बृषभानु वर्ष में एक बार बरसाना में कचहरी लगाने आते थे, इसलिए बरसाना नाम पड़ा.'' इस टिप्पणी को लेकर ही प्रदीप मिश्रा के खिलाफ ब्रज में उबाल है. इससे पहले प्रेमानंद महाराज ने भी प्रदीप मिश्रा का विरोध किया था.
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