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एक साल में 20.53 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक पहुंचे प्रयागराज, संगम नगरी की बढ़ी लोकप्रियता
आस्था और संस्कृति का आकर्षण: यूपी में विदेशी मेहमानों की पहली पसंद बना प्रयागराज
लखनऊ
उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था, मजबूत बुनियादी ढांचे और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली नीतियों के चलते विदेशी पर्यटकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण प्रयागराज के रूप में सामने आया है, जहां वर्ष 2025 में 20,53,918 से अधिक विदेशी श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि संगम नगरी केवल देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के लोगों के लिए आस्था और संस्कृति का प्रमुख केंद्र बन चुकी है।
सबसे ज्यादा विदेशी पर्यटक संगम नगरी पहुंचे
प्रयागराज में 20,53,918, वाराणसी में 3,21,358, मथुरा में 1,42,134, अयोध्या में 65,487 विदेशी पर्यटक साल 2025 में पहुंचे। प्रयागराज सदियों से गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां की धार्मिक मान्यताएं, प्राचीन मंदिर, घाट, आश्रम और आध्यात्मिक वातावरण विदेशी पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहे हैं। विदेशी श्रद्धालु संगम स्नान, पूजा-अर्चना, योग, ध्यान और भारतीय संस्कृति को करीब से समझने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। खासतौर पर माघ मेला, कुम्भ और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं।
योगी सरकार की नीतियों से बढ़ा विश्वास
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है, जिससे विदेशी पर्यटकों में विश्वास बढ़ा है। पर्यटन स्थलों पर पुलिस व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, बेहतर सड़क संपर्क, एयरपोर्ट और रेलवे सुविधाओं में सुधार का सकारात्मक असर देखने को मिला है। प्रयागराज में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, घाटों के सुंदरीकरण, प्रकाश व्यवस्था और आधुनिक व्यवस्थाओं ने भी विदेशी मेहमानों को आकर्षित किया है। सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के विकास और प्रचार-प्रसार से प्रदेश की छवि वैश्विक स्तर पर मजबूत हुई है।
आध्यात्मिक पर्यटन का बनता वैश्विक केंद्र
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रयागराज केवल एक तीर्थ स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक पर्यटन का वैश्विक केंद्र बनकर उभर रहा है। यूरोप, अमेरिका, रूस, जापान, नेपाल, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। विदेशी मेहमान भारतीय परंपराओं, सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन शैली से प्रभावित हो रहे हैं। वर्ष 2025 में 20 लाख से अधिक विदेशी पर्यटकों का आगमन इस बात का प्रमाण है कि प्रयागराज की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत हुई है। आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश के पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
धार्मिक आयोजनों में प्रयागराज ने रचा इतिहास
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 ने दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में नया इतिहास रचा। 45 दिवसीय इस भव्य आयोजन में 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से प्रारंभ हुआ और 144 वर्षों बाद बने विशेष संयोग के कारण देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु पहुंचे। प्रतिदिन औसतन एक करोड़ से ज्यादा लोगों की मौजूदगी दर्ज की गई। वहीं मात्र 33 दिनों में 50 करोड़ श्रद्धालुओं का आंकड़ा पार होना अपने आप में विश्व रिकॉर्ड है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 7-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। साथ ही 300 से अधिक गोताखोर तैनात किए गए और 10 लाख से अधिक लोगों के ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई थी।
]]>गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का बताया जा रहा है।
फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।
मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है।
अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है।
पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज
सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। मलबे में दबे घायलों को निकालकर
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल।
गंगापार इलाके के फाफामऊ के पास चंदापुर गांव में स्थित कोल्ड स्टोरेज धराशायी हो गया। तेज आवाज के साथ अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते हादसा हुआ है। शीतगृह जिस समय गिरा उस समय वहां पर दो दर्जन से अधिक मजदूर मौजूद थे, जो मलबे में दब गए। दमकलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। चार मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है। यह शीतालय पूर्व मंत्री अहमद का बताया जा रहा है।
फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज तेज धमाके के साथ धराशायी हो गया। अमोनिया गैस टैंक फटने के चलते यह हादसा हुआ है। मलबे में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर दब गए। आनन फानन में सभी को बाहर निकाला गया। इसमें चार की हालत नाजुक बताई जा रही है। मौके पर दमकल की कई गाड़ियों के साथ कई एंबुलेंस और आसपास के थानों की पुलिस फोर्स रेस्क्यू आपरेशन में जुट गई है। हादसे के चलते मलाक हरहर में लखनऊ हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है।
मौके पर जिलाधिकारी मनीष कुमा वर्मा, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। मलबे में डेढ़ दर्जन से आशंका जताई जा रहा है। कई लोगों को बाहर निकालकर एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाया गया है। फाफामऊ समेत आसपास के कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि मौके से निकाले गए चार मजदूरों की हालत नाजुक बनी हुई है। मौके पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई है। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मलबो को हटाकर दबे हुए लोगों को खोज रही है।
अमोनिया गैस रिसाव के बाद मौके पर अफरातफरी का माहौल है। टैंकर फटने की आवाज सुनकर लोग थर्रा गए। गैस के चलते बचाव कार्य में भी बाधा आ रही है।
पूर्व मंत्री अंसार अहमद का है कोल्ड स्टोरेज
सपा के नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद का कोल्ड स्टोरेज बताया जा रहा है। घटना को लेकर लोगों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। मलबे में दबे घायलों को निकालकर
एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीम ने भी संभाला मोर्चा। मलबे में दबे घायलों को निकालकर पहुंचाया अस्पताल।
लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप प्रदेश में धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म को नई पहचान मिली है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों काशी, मथुरा, आगरा, अयोध्या, प्रयागराज में पिछले कुछ सालों से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इसे देखते हुए योगी सरकार राज्य में छोटे शहरों में भी पर्यटन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (यूपीएसटीडीसी) प्रदेश के विभिन्न जनपदों में राही टूरिस्ट लॉज का निर्माण करा रहा है। इसके साथ ही वर्तमान में मौजूद लॉजों का रेनोवेशन व सौंदर्यीकरण भी कराया जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों के साथ-साथ नये विकसित किये जा रहे धार्मिक, सांस्कृतिक और इको टूरिज्म स्थलों पर टूरिस्टों को बेहतर आवासीय व खानपान की सुविधा उपलब्ध कराना है।
विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण
पर्यटन विभाग विभिन्न जनपदों में 11 राही टूरिस्ट लॉजों/बंगलों का निर्माण करा रहा है। इन्हें पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। मथुरा के गोकुलगांव, आगरा के बटेश्वर, कासगंज के सोरों और सीतापुर में राही टूरिस्ट बंगलों का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही प्राकृतिक पर्यावासों के समीप एटा के पटना पक्षी विहार, हरदोई की सांडी झील, बुलंदशहर के नरौरा में राही टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रतापगढ़ के भूपियामऊ, औरैया के देवकली, बदायूं के कछला घाट और शामली के कांधला में भी टूरिस्ट लॉजों का निर्माण कराया जा रहा है। योगी सरकार का उद्देश्य इन परिसंपत्तियों के माध्यम से पर्यटकों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। यूपीएसटीडीसी के ‘राही’ टूरिस्ट बंगले न केवल प्रदेश में पर्यटन अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेंगे, बल्कि यूपी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगें।
प्रयागराज, वाराणसी और चित्रकूट में टूरिस्ट होटलों का रेनोवेशन
महाकुम्भ और माघ मेले जैसे भव्य आयोजनों के समय प्रयागराज में सर्वाधिक पर्यटकों का आगमन होता है। इसे देखते हुए यूपीएसटीडीसी की ओर से प्रयागराज में यमुना नदी के किनारे होटल राही त्रिवेणी दर्शन में नए भवन का निर्माण कराया गया है। इससे पर्यटकों की आवसीय क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही प्रयागराज में यूपीएसटीडीसी के होटल राही इलावर्त में इंटीरियर डेकोरेशन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। इसी क्रम में वाराणसी के सारनाथ में स्थित राही टूरिस्ट लॉज में सुविधाओं का विकास और नवीनीकरण का कार्य किया जा रहा है। जबकि धार्मिक स्थल चित्रकूट में स्थित राही टूरिस्ट लॉज के पार्ट-ए और पार्ट-बी के नवीनीकरण का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। बलरामपुर में भी टूरिस्ट लॉज के नवीनीकरण का कार्य तेज गति से चल रहा है।
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 का बुधवार को समापन हो गया, लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में तीर्थयात्री संगम तट पर उमड़े. जिनमें से कई ऐसे भी थे जो 45 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के दौरान पवित्र स्नान करने से चूक गए थे.
चूंकि, प्रयागराज में यातायात प्रतिबंधों में ढील दी गई है, इसलिए कुंभ मेला क्षेत्र के पास के मैदान अब विभिन्न राज्यों से आई कारों और अन्य वाहनों के पार्किंग स्थल बन गए हैं. कई लोग सीधे गंगा घाटों की ओर जा रहे हैं. हालांकि, कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही हजारों लोग त्रिवेणी संगम पर उमड़ पड़े हैं और सुबह तक स्नान अनुष्ठान कर रहे हैं.
सुबह पांच बजे तक घाटों पर लोगों की ऊर्जा और उत्साह अभी भी बरकरार था, जिनमें से बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु के अलावा प्रयागराज के कई स्थानीय निवासी भी आए थे.
महाकुंभ मेले में न आ पाने वाले कई तीर्थयात्री संगम पर आए हैं और संगम पर पवित्र स्नान करने से पहले और बाद में उनकी भावनाएं उसी उत्साह को दर्शाती हैं, जैसा कि मेला अवधि के दौरान स्नान करने वालों ने दिखाया था. अधिकांश तीर्थयात्री संगम के सिरे पर संगम नोज पर उमड़ रहे हैं, जबकि इसके पास के घाट भी तीर्थयात्रियों से भरे हुए हैं.
इनमें से एक चेन्नई निवासी आशीष कुमार सिंह भी थे, जो तमिलनाडु की राजधानी से आए थे. उन्होंने बताया कि वे गुरुवार रात करीब 11.30 बजे पवित्र स्नान करने के लिए संगम स्थल के पास पहुंचे थे.
उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, "मैं रात करीब 11.45 बजे स्नान करने की योजना बना रहा था, लेकिन उसी समय आग लगने की घटना घट गई, इसलिए मैं नंदी द्वार पार करते समय दमकल गाड़ियों के पीछे-पीछे चला गया. लेकिन, मैं आखिरकार सुबह करीब 3 बजे वहां पहुंच गया. यह एक अद्भुत अनुभव था."
कक्षा 11 के छात्र आशीष कुमार सिंह ने बताया कि उनका जन्म बिहार में हुआ, लेकिन वे चेन्नई में पले-बढ़े हैं और हिंदी, भोजपुरी, अंग्रेजी और तमिल भाषाएं समान रूप से बोलते हैं. संगम नोज पर उनके बगल में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आए परिवार के सदस्यों के एक समूह ने भी पवित्र स्नान किया.
बता दें कि 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को शुरू हुआ और नागा साधुओं के भव्य जुलूस और तीन 'अमृत स्नान' हुए. बुधवार यानि 26 फरवरी को को महाशिवरात्रि पर अंतिम शुभ 'स्नान' के साथ इसका समापन हुआ. महाकुंभ मेले के दौरान 66 करोड़ से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई.
हालांकि, महाकुंभ के समापन के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है. गंगा जल ले जाने के लिए पानी के बर्तन बेचने वाले केदारनाथ भी संगम नोज क्षेत्र में मौजूद थे और आधी रात से भोर तक अपना सामान बेचते रहे. उन्होंने कहा कि कुंभ मेला खत्म हो गया है, लेकिन धार्मिक उत्साह अभी भी वैसा ही है, एक दिन बाद भी लोग संगम पर उमड़ रहे हैं. यह वैसा ही रहेगा, क्योंकि प्रयागराज गैर-मेला दिनों में भी तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. जैसे-जैसे भोर हुई, पवित्र स्नान के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की संख्या हर गुजरते घंटे के साथ कम होती गई.
सुरक्षा पहले की तरह: संगम पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की ही तरह है. श्रद्धालु आराम से स्नान कर रहे हैं. स्वच्छता कर्मी साफ-सफाई में लगे दिखे. पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को संगम नोज पर बाइक और कार न ले जाने के लिए माइक से अनाउंस कर रहे हैं. आगाह भी कर रहे हैं. संगम नोज पर काफी संख्या में बाइक और कार पहुंच चुकी हैं.
जारी रहेंगी संगम नोज पर सभी सुविधाएं: महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो चुका है. 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ रहा है, जिसमें 66 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया है. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कुंभ नगर में मौजूद हैं और उन्होंने महाकुंभ के समापन की औपचारिक घोषणा कर दी है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधाएं हैं, उन्हें अभी संगम क्षेत्र में बहाल रखा जाए. टॉयलेट, प्रकाश व्यवस्था, वह सब अभी संगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही साथ जो सेक्टर 1 से लेकर के चार तक में प्रदर्शनियां हैं, पंडाल हैं, वह सब अभी बने रहेंगे .
13 अखाड़ों के पंडाल और कल्पवासियों के शिविर भी उजड़े : 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ नगर के आकर्षण का केंद्र बने अखाड़े अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. उनके जो शिविर हैं, वह सब भी खाली कर दिए गए हैं. महाशिवरात्रि तक कुछ नागा संन्यासी जूना अखाड़े में धूनी रमाए थे, वह जरूर देखे गए थे, लेकिन अब वह भी वाराणसी की तरफ निकल गए हैं. जो सभी प्रमुख 13 अखाड़े हैं, वह पहले ही वाराणसी कूच कर गए हैं और होली तक वाराणसी में रहेंगे. कल्पवासियों के शिविर अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं.
गैर जनपदों से आए प्रशासनिक अफसर भी रिलीव किए जा रहे : महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को हुई भगदड़ के बाद प्रदेश में अच्छी छवि के अफसरों को बुलाया गया था. पीपीएस, आईपीएस और आईएएस स्तर के इन अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई थीं. अब महाकुंभ की औपचारिक समापन के बाद इन्हें उनके संबंधित जिलों और जिम्मेदारियां के लिए रिलीव किया जा रहा है. कुंभ नगर से अब तक 34 एसडीएम स्तर के अधिकारियों को रिलीव किया गया है. आईएएस और आईपीएस स्तर के अधिकारियों को अभी कुछ दिन बाद रिलीव किया जाएगा.
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बता दें कि बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए 11,589 स्क्वायर मीटर जमीन को चिह्नित किया गया है। इसमें 535 स्क्वायर मीटर में बड़े हनुमान मंदिर का भव्य गर्भगृह और परिक्रमा पथ बन रहा हैं। वहीं कॉरिडोर एरिया के लिए 2184 स्क्वायर मीटर भूमि निर्धारित है। लगभग 40 करोड़ रुपये की लागत से कॉरिडोर का निर्माण कराया जाना था।
पैदल परिक्रमा पथ बनेगा
हालांकि कम समय की वजह से कुछ कार्यों को आगे बढ़ाया गया है। कॉरिडोर एरिया में पाथवे के अलावा पूजा-प्रसाद, फूलमाला की दुकानें और श्रद्धालुओं के लिए 6,176 स्क्वायर मीटर का खुला क्षेत्र डिवेलप किया जा रहा है। कॉरिडोर रोड के लिए 1,310 स्क्वायर मीटर और पैदल परिक्रमा पथ के लिए 760 स्क्वायर मीटर भूमि प्रस्तावित है।
बजरंगबली से जुड़ी आकृतियां
कॉरिडोर की दीवारों पर बजरंगबली के जीवन से जुड़ी आकृतियों को उकेरा जाएगा। कॉरिडोर में प्रसाद तैयार करने के लिए आधुनिक किचन का निर्माण होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा-अर्चना के लिए स्थान और मेडिटेशन सेंटर भी होगा। गर्भगृह में श्रद्धालुओं के आने और जाने के स्थान को भी चौड़ा किया जाएगा। इसके अलावा मंदिर में क्लाक रूम, आरओ वॉटर की सुविधा भी मिलेगी।
]]>श्री गुजराती समाज के अध्यक्ष संजय पटेल ने बताया कि यात्रा दो से छह जुलाई तक चलेगी। दो जुलाई को रवाना हुए तीर्थ यात्री पांच जुलाई को वापस लौट आएंगे, जबकि बुधवार को तीर्थ के लिए रवाना होने वाले बुजुर्ग छह जुलाई को राजधानी वापस लौटेंगे। कार्य कारिणी समिति द्वारा लिये गये निर्णयानुसार समाज के ऐसे सदस्य जो कार एवं एसी का उपभोग नही करते हैं, साथ ही पहली बार हवाई यात्रा करेंगे। ऐसे नौ परिवार के सदस्यों को समाज निश्शुल्क हवाई यात्रा करवा रहा है। इसके अतिरिक्त अन्य वरिष्ठ सदस्यों का 50 प्रतिशत खर्च समाज वहन कर रहा है।
इस तीर्थयात्रा में समाज के 37 पुरुष एवं 33 महिलाए शामिल हैं। तीर्थयात्री 60 से लेकर 82 वर्ष तक की आयु के हैं। समाज सदस्यों के निर्णयानुसार श्री रामलला मंदिर अयोध्या में एक प्रतीक चिह्न भी समाज की ओर से भेंट किया जाएगा। धार्मिक यात्रा का पहला दल मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे श्री गुजराती समाज भवन से गंतव्य के लिए रवाना हुआ।
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