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प्रयागराज में आज यानि बुधवार को माघ पूर्णिया (Magh Purnina Snan) के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं. त्रिवेणी घाट पर तो लोगों का हुजूम देखते ही बन रहा है. सोमवार से ही बाकी दिन के मुकाबले श्रद्धालु यहां ज्यादा संख्या में पहुंचने शुरू हुए, जिससे न केवल मेला परिसर में बल्कि प्रयागराज और पड़ोसी जिलों सहित आसपास के इलाकों में भी भारी भीड़ हो गई. यूपी में आज माघ पूर्णिमा पर संगम नगरी में पार्किंग से लेकर ट्रैफिक तक, पुलिस और प्रशासन की क्या तैयारी है चलिए जानते हैं. सीएम योगी आदित्यनाथ खुद हर स्थित पर पैनी नजर रखे हुए हैं.
मुख्यमंत्री आज सुबह 4 बजे से माघ पूर्णिमा स्नान की निगरानी कर रहे हैं. DGP प्रशांत कुमार, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और सीएम सचिवालय के अधिकारी 5 केडी वॉर रूम में मौजूद हैं. प्रयागराज के डीआइजी वैभव कृष्ण ने कहा, ‘माघी पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में स्नान के लिए यहां पहुंच रहे हैं. हमारी तैयारी वाकई बहुत अच्छी है. सब कुछ नियंत्रण में है. पार्किंग, यातायात परिवर्तन, सब कुछ सक्रिय है. श्रद्धालु नियमों का पालन कर रहे हैं.’
मान्यता है कि आज पवित्र नदियों और सरोवरों में अमृत वर्षा होती है जिसकी वजह से सारा जल पवित्र हो जाता है। आज के दिन संगम तट पर स्नान का विशेष महत्व है इसलिए उम्मीद की जा रही है कि आज करीब 2 करोड़ लोग स्नान कर सकते हैं। एक दिन पहले कल मंगलवार को ही डेढ़ करोड़ लोग स्नान कर चुके हैं। आज महाकुंभ के अमृत स्नान का पांचवा स्नान हो रहा है। तड़के से ही लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं और आज दिन भर ये सिलसिला जारी रहने वाला है।
इधर, लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह 4 बजे से मुख्यमंत्री आवास पर बने वॉर रूम से महाकुंभ की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी से लगातार निगरानी की जा रही है। साथ ही रास्तों पर कहीं भी जाम ना लगे इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। प्रयागराज शहर में आने और जाने वाले रास्तों की लगातार मॉनिटरिंग हो रही है। महाकुंभ के कमांड सेंटर में आला अधिकारी बैठकर लगातार नजर बनाएं हुए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को यातायात स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक की. माघ पूर्णिमा पर नया ट्रैफिक प्लान लागू करते हुए प्रशासन ने मेला क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरा शहर नो-व्हीकल जोन घोषित किया है. VVIP पास भी रद्द कर दिए गए हैं. उन्होंने अधिकारियों के साथ सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण उपायों पर चर्चा की और सभा के प्रबंधन के लिए एक विशेष योजना लागू करने का आदेश दिया. सीएम योगी ने अधिकारियों को यातायात और भीड़ प्रबंधन योजनाओं को कुशलतापूर्वक क्रियान्वित करने को सुनिश्चित करते हुए भक्तों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है. तीर्थयात्रियों के मार्गदर्शन और सहायता के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर सुरक्षा कर्मियों और यातायात टीमों को तैनात किया गया है.
भीड़ एवं यातायात प्रबंधन हेतु विशेष उपाय
सरकार ने उत्सव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के लिए अतिरिक्त अधिकारियों और संसाधनों को तैनात किया है. स्थिति पर नजर रखने के लिए एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश और उत्तर प्रदेश से 28 पीसीएस अधिकारियों को महाकुंभ में भेजा गया था. सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए ये अधिकारी अभी भी मेन प्वाइंट्स पर तैनात हैं.
बेहतर परिवहन सुविधाओं के लिए मेले के लिए पहले से चल रही 3050 बसों के साथ 1200 अतिरिक्त बसें तैनात की गई हैं. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने घोषणा की कि इन बसों को क्षेत्र-वार आवंटित किया गया था, जिसमें 750 शटल बसें विशेष रूप से संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए चल रही थीं.
रेलवे ने बढ़ाई स्पेशल ट्रेनें
तीर्थयात्रियों की भारी आमद को समायोजित करने के लिए, भारतीय रेलवे ने 25 महाकुंभ विशेष ट्रेनें शुरू की हैं. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, ये ट्रेनें गोरखपुर, झूंसी, बनारस और छपरा समेत विभिन्न स्थानों के बीच चलेंगी.
वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा
अधिकारियों ने विभिन्न मार्गों से आने वाले वाहनों के लिए 36 पार्किंग स्थल निर्धारित किए हैं. ये पार्किंग क्षेत्र मेला स्थल के पास भीड़भाड़ को रोकने के लिए रणनीतिक रूप से स्थित हैं. श्रद्धालुओं को इन क्षेत्रों में अपने वाहन पार्क करने और मेला मैदान तक पैदल जाने की आवश्यकता होगी.
जौनपुर के वाहनों के लिए: पार्किंग चीनी मिल पार्किंग, गारापुर रोड पर शुद्ध सूरदास पार्किंग, समयामाई मंदिर कछार पार्किंग और बदरा सौनौती रहिमापुर पार्किंग में उपलब्ध है. श्रद्धालु पुरानी जीटी रोड से होते हुए मेला मैदान तक पहुंच सकते हैं.
वाराणसी के वाहनों के लिए: पार्किंग स्थलों में महुआ बाग पुलिस स्टेशन झूंसी पार्किंग, झूंसी रेलवे स्टेशन के पास सरस्वती पार्किंग, नागेश्वर मंदिर पार्किंग, ज्ञान गंगा घाट पार्किंग और शिव मंदिर उस्तापुर महमूदाबाद पार्किंग शामिल हैं. छतनाग मार्ग से एक्सेस ले सकते हैं.
मिर्जापुर के वाहनों के लिए: निर्दिष्ट पार्किंग क्षेत्रों में देवरख उपरहार पार्किंग, मदनुआ में टेंट सिटी पार्किंग, ओमेक्स सिटी पार्किंग और गाजिया पार्किंग शामिल हैं. श्रद्धालु अरैल बांध रोड से होते हुए मेले तक जा सकते हैं.
रीवा, बांदा और चित्रकूट के वाहनों के लिए: नवप्रयाग पार्किंग, कृषि संस्थान पार्किंग, महेवा पुरबा/पश्चिम पार्किंग और मीरखपुर कछार पार्किंग में पार्किंग उपलब्ध है. श्रद्धालु पुरानी रीवा रोड और नई रीवा रोड के माध्यम से मेला मैदान में प्रवेश कर सकते हैं.
कानपुर और कौशांबी के वाहनों के लिए: काली एक्सटेंशन प्लॉट नंबर 17, इलाहाबाद डिग्री कॉलेज और दधिकांदो ग्राउंड में पार्किंग प्रदान की जा रही है. जीटी जवाहर चौराहा और काली मार्ग से मेले तक पहुंचा जा सकता है.
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महाकुंभ मेला की विशेष कार्याधिकारी आकांक्षा राणा ने बताया कि महाकुंभ को स्वच्छ महाकुंभ बनाने में सफाईकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान है। ये सफाईकर्मी दिन रात अपने काम में लगे हैं। ऐसे में सीएम योगी के निर्देशों के अनुरूप इनकी सुरक्षा और सुविधा की जिम्मेदारी का निर्वहन किया जा रहा है। मेला क्षेत्र में सफाईकर्मियों के लिए एक सैनिटेशन कॉलोनी बनाई गई है, जहां उनके खाने-पीने और रहने की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की गई है। इस पहल से सफाईकर्मियों को आराम और सुरक्षा दोनों मिल रही है।
बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र
महाकुंभ में सफाईकर्मियों के बच्चों की शिक्षा का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हर सेक्टर में एक प्राइमरी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र खोले जा रहे हैं। शुक्रवार को ही मेला क्षेत्र में एक प्राइमरी विद्यालय की स्थापना की गई है, जहां बच्चों को शिक्षा के साथ ही खेलकूद गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इन विद्यालयों में बच्चों को मिड डे मील जैसी सुविधाएं भी प्राप्त हों सकेंगी। जरूरत पड़ने पर कुछ सेक्टर्स में एक से ज्यादा प्राइमरी स्कूल भी स्थापित किए जा सकते हैं। ये सुविधाएं महाकुंभ के दौरान अस्थाई रूप से संचालित की जाएंगी।
मानदेय का डीबीटी के माध्यम से भुगतान
सफाईकर्मियों के मानदेय का भुगतान भी त्वरित गति से किया जा रहा है, ताकि उनकी दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो सकें। तय व्यवस्था के अनुसार उनका निर्धारित मानदेय हर 15 दिन में डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके खाते में हस्तांतरित किया जा रहा है। महाकुंभ को सफल और स्वच्छ बनाने के लिए सफाईकर्मियों के लिए एक विशेष स्वच्छ कुंभ कोष की स्थापना की गई है। इसके माध्यम से सफाईकर्मियों को हर संभव सहायता दी जा रही है। साथ ही, केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं से भी इन्हें जोड़ने का प्रयास हो रहा है, ताकि वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।
]]>खासतौर पर युवा वर्ग को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह आसपास होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखें और अगर उन्हें कहीं कोई गड़बड़ी दिखाई दे तो वह तत्काल पुलिस को सूचित करें। इसका मतलब ये है कि सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ पुलिस की ही नहीं है, बल्कि प्रयागराज के युवा भी अब पुलिस के आंख और कान बनकर काम करेंगे।
महाकुंभ के आयोजन को लेकर यूपी पुलिस की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। पूरे महाकुंभ को सात स्तरीय सुरक्षा चक्र में विभाजित किया गया है। इसके अलावा आईसीसीसी के माध्यम से एआई से लैस सीसीटीवी कैमरों द्वारा संदिग्धों की निगरानी किए जाने की व्यवस्था की गई है। तो वहीं मेला क्षेत्र में 10 प्रकार के सुरक्षा ऑपरेशन भी चलाने की तैयारी है। इसी क्रम में सुरक्षा व्यवस्था को फूल प्रूफ बनाने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग का भी सहारा लिया जा रहा है।
सोशल मीडिया और अन्य साधनों से प्रयागराज के जनमानस के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है कि उन्हें कहीं भी किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें। इसमें युवाओं को खासतौर पर सम्मिलित किया जा रहा है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवाओं का मूवमेंट स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी के साथ-साथ प्रयागराज के विभिन्न स्थानों पर होता है।
एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी ने बताया कि महाकुंभ के आयोजन में युवाओं का भी बहुत बड़ा योगदान होगा। वे डिजिटल मीडिया के माध्यम से महाकुंभ को प्रोजेक्ट करने के लिए स्वयंसेवकों के रूप में हमारे साथ जुड़ेंगे और तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की आवाजाही समेत भीड़ प्रबंधन में भी पुलिस की सहायता करेंगे। इसके लिए कार्ययोजना बन चुकी है और जल्द ही इसे अमल में लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसी भी बड़े आयोजन में कम्युनिटी का सहयोग सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होता है। दुनिया के सबसे बड़े सामूहिक आयोजन महाकुंभ को भी सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस को जनपद के नागरिकों का सहयोग चाहिए। खासतौर पर युवा शक्ति का, जो हर कहीं पर सक्रिय है। सोशल मीडिया से लेकर जनपद के किसी भी हिस्से में उन्हें कुछ संदिग्ध नजर आता है तो वह पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इसके लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, उन्हें अपनी और आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों की सुरक्षा के प्रति किन किन मूल बातों को ध्यान में रखना है, इसके लिए जागरूक किया जा रहा है। विभिन्न निजी संगठन और संस्थाएं भी इसमें पुलिस का सहयोग कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर सेमिनार और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से युवाओं को इसमें पुलिस का सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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