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– ‘हर हर महादेव’ के नारों से गूंजा पूरा बनारस
– बरेका में मुख्यमंत्री योगी ने किया प्रधानमंत्री का स्वागत
– 8 नवंबर को पीएम देंगे देश को 4 वंदे भारत ट्रेनों की सौगात
– वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस काशीवासियों के लिए बड़ा तोहफा
– धार्मिक पर्यटन को नई रफ्तार देगा बनारस-खजुराहो वंदे भारत
वाराणसी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार की शाम दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र काशी पहुंचे। शाम करीब पांच बजे प्रधानमंत्री का विशेष विमान लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बाबतपुर पर उतरा, जहां प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य तथा जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक सुनील पटेल, विधायक टी राम, कमिश्नर एस. राजलिंगम, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने किया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया।
काशीवासियों में उत्साह, मार्ग पर उमड़ा जनसैलाब
प्रधानमंत्री सड़क मार्ग द्वारा बीएलडब्ल्यू स्थित गेस्ट हाउस के लिए रवाना हुए। उनका काफिला बाबतपुर से हरहुआ होते हुए गिलट बाजार, जेपी मेहता, फुलवरिया फ्लाईओवर होते हुए बरेका पहुंचा। रास्ते में कई जगह पर स्थानीय लोगों सहित पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। स्वागत से अभिभूत पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी वाहन से हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत में काशीवासियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने अपने सांसद का स्वागत ‘मोदी-मोदी’ और ‘हर हर महादेव’ के नारों से किया। जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों, पुष्पवर्षा और भारत माता के जयघोष से पूरा मार्ग देशभक्ति के रंग में रंग गया। एयरपोर्ट से बरेका जाते समय प्रधानमंत्री के काफिले पर जगह-जगह फूलों की वर्षा की गई। पूरा मार्ग केसरिया और तिरंगे रंगों की रोशनी से जगमगा उठा।
मुख्यमंत्री ने किया बरेका गेस्ट हाउस पर स्वागत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शहर के संत अतुलानंद बाईपास, जेपी मेहता के पास, बरेका एफसीआई गोदाम, बरेका गेट के पास आदि अनेकों स्थानों पर स्वागत किया गया। जबकि बरेका पहुंचने पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भव्य स्वागत किया।
देश को 4 नई वंदे भारत एक्सप्रेस की सौगात देंगे प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री मोदी 8 नवंबर को वाराणसी से देश को चार नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों की सौगात देंगे। इनमें सबसे प्रमुख ट्रेन वाराणसी से खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस होगी, जो काशीवासियों और पूर्वांचल के लिए एक बड़ा उपहार मानी जा रही है। प्रधानमंत्री इन ट्रेनों को बनारस (पूर्व मंडुवाडीह) रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री वर्चुअल माध्यम से अन्य तीन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे। इनमें लखनऊ से सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, फिरोजपुर से दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस, एर्नाकुलम से बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस, प्रधानमंत्री इस अवसर पर बनारस स्टेशन पर मौजूद गणमान्य लोगों से संवाद भी कर सकते हैं।
धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
बनारस–खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन से धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को एक नया आयाम मिलेगा। यह ट्रेन वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट और खजुराहो जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को आपस में जोड़ेगी। नई वंदे भारत एक्सप्रेस वर्तमान में चल रही विशेष ट्रेनों की तुलना में करीब 2 घंटे 40 मिनट का समय बचाएगी। इससे यात्रियों को तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा का अनुभव मिलेगा। साथ ही यह ट्रेन यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम पहुँच प्रदान करेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को नया आयाम और आर्थिक गति मिलेगी।
रायपुर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रामनामी समाज के बीच आत्मीय संवाद का एक वीडियो देश में तेजी से वायरल हुआ है । इस वीडियो को अपने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे भावनात्मक और प्रेरणादायी पल बताया है ।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित रजत महोत्सव के दौरान एक हृदयस्पर्शी दृश्य उस समय देखने को मिला, जब रामनाम में लीन जीवन जीने वाले रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आत्मीय भेंट की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि प्रधानमंत्री जी के रायपुर प्रवास से कुछ ही घंटे पहले मंत्रालय में रामनामी समुदाय के प्रतिनिधियों से उनकी भेंट हुई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री जी से मिलने की अपनी प्रबल इच्छा व्यक्त की थी, जिसके अनुरूप इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जब रजत महोत्सव के दौरान रामनामी समुदाय के ये श्रद्धालु प्रधानमंत्री मोदी से मिले, तब उन्होंने बड़े आदर और प्रेम से प्रधानमंत्री जी को अपने पारंपरिक मोर मुकुट से मुख्य मंच पर अलंकृत करने की अभिलाषा प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने जिस सहजता, स्नेह और आत्मीय भाव से उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया, वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए अत्यंत भावनात्मक और प्रेरणादायी बन गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामनाम ही जिनका धर्म, रामभक्ति ही जिनका कर्म – ऐसे अद्भुत और राममय रामनामी समाज के सदस्यों के तन पर अंकित ‘राम’ केवल एक नाम नहीं, बल्कि समर्पण, तपस्या और अटूट आस्था का प्रतीक है। यह समुदाय अपने तन, मन और जीवन को प्रभु श्रीराम के चरणों में अर्पित कर देता है — यही उनकी जीवन साधना है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की इस आत्मीयता में भक्ति और कर्म का अद्वितीय संगम झलकता है। यह दृश्य इस सत्य को पुष्ट करता है कि रामभक्ति केवल पूजा नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक पवित्र साधना है, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने आचरण और जीवन मूल्यों से सार्थक किया है।
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रायपुर
छत्तीसगढ़ की धरती पर 1 नवम्बर को इतिहास रचा जाएगा, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर देश के पहले डिजिटल ट्राइबल म्यूज़ियम शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। यह भव्य संग्रहालय उन आदिवासी वीर नायकों को समर्पित है, जिन्होंने अंग्रेज़ी हुकूमत के विरुद्ध अपने प्राणों की आहुति दी और छत्तीसगढ़ की अस्मिता की रक्षा की।
आदिवासी नायक भगवान बिरसा मुंडा जहां देशभर के आदिवासियों के प्रेरणापुंज हैं, वहीं छत्तीसगढ़ में सोनाखान के ज़मींदार वीर नारायण सिंह ने फिरंगियों के विरुद्ध बिगुल फूंका था। उन्होंने अन्याय और शोषण के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहीद वीर नारायण सिंह और अंग्रेज़ों के विरुद्ध संघर्ष करने वाले आदिवासी नायकों की स्मृतियों को सहेजने के उद्देश्य से नवा रायपुर में इस अद्वितीय संग्रहालय की स्थापना का निर्णय लिया।
50 करोड़ की लागत से बना अनूठा डिजिटल संग्रहालय
नवा रायपुर के सेक्टर-24 में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से तैयार शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है। इसकी डिज़ाइन, अवधारणा और तकनीकी संरचना आधुनिकतम मानकों पर आधारित है। संग्रहालय में अत्याधुनिक वीएफएक्स टेक्नोलॉजी, प्रोजेक्शन सिस्टम, डिजिटल स्क्रीन, और मोबाइल पर क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आगंतुक हर कथा को डिजिटल माध्यम से अनुभव कर सकेंगे।
आदिवासी विद्रोहों की जीवंत कहानी – 14 सेक्टरों में सजा इतिहास
संग्रहालय में छत्तीसगढ़ के प्रमुख आदिवासी आंदोलनों—हल्बा विद्रोह, सरगुजा विद्रोह, भोपालपट्टनम, परलकोट, तारापुर, लिंगागिरी, कोई, मेरिया, मुरिया, रानी चौरिस, भूमकाल, सोनाखान विद्रोह, झंडा सत्याग्रह और जंगल सत्याग्रह—की जीवंत झलक दिखाई जाएगी। इन ऐतिहासिक विद्रोहों को 14 सेक्टरों में विभाजित कर प्रस्तुत किया गया है, ताकि दर्शक हर संघर्ष और उसकी प्रेरक गाथा को समझ सकें।
संग्रहालय परिसर में शहीद वीर नारायण सिंह का भव्य स्मारक भी बनाया गया है। यह स्मारक न केवल श्रद्धांजलि का स्थल होगा, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनेगा। प्रवेश द्वार पर सरगुजा के कलाकारों द्वारा तैयार की गई सुंदर नक्काशीदार पैनलें लगाई गई हैं। वहीं परिसर में 1400 वर्ष पुराने साल, महुआ और साजा वृक्ष की प्रतिकृतियाँ स्थापित की गई हैं, जिनकी पत्तियों पर 14 विद्रोहों की डिजिटल कहानियाँ उकेरी गई हैं।
सुविधाओं से सुसज्जित आधुनिक परिसर
संग्रहालय में सेल्फी प्वाइंट, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएँ, ट्राइबल आर्ट से सजा फर्श, और भगवान बिरसा मुंडा, शहीद गैंदसिंह की मूर्तियाँ स्थापित की गई हैं। ये सभी तत्व संग्रहालय को एक जीवंत सांस्कृतिक और भावनात्मक अनुभव का केंद्र बनाते हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाने की परंपरा की शुरुआत की थी। उन्होंने आदिवासी समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान पीएम जनमन और प्रधानमंत्री धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना प्रारंभ की। इन पहलों के अंतर्गत आदिवासी इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह‑जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का लोकार्पण छत्तीसगढ़ की रजत जयंती वर्ष के एक ऐसे क्षण के रूप में दर्ज होगा जो इतिहास, परंपरा और आधुनिकता को एक सूत्र में पिरो देगा।
]]>गौरतलब है कि जब कभी प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र में आते हैं, तो अक्सर कुछ बड़ा ऐलान करते हैं और परियोजनाओं की बड़ी सौगात भी देते हैं. इस बार भी वह 2183.45 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 52 परियोजनाओं की सौगात काशीवासियों को देंगे.
इस दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी जाने वाली परियोजनाओं का लाभ न केवल वाराणसी, बल्कि पूर्वांचल की जनता को भी मिलेगा. इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त के रूप में 9.7 करोड़ किसानों के लिए 20 हजार 500 करोड़ रुपये की किस्त भी जारी करेंगे.
प्रधानमंत्री मोदी 2 अगस्त को सुबह लगभग 10 बजकर 25 मिनट पर वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर वायुसेना के विशेष विमान से पहुंचेंगे, जहां से वे सीधे जनसभा स्थल हेलीकॉप्टर से पहुंच जाएंगे.
वहीं, भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अंतर्गत काम करने वाले सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एलिम्को की ओर से प्रधानमंत्री चुनिंदा कुछ दिव्यांगजनों और वयोश्री योजना के तहत अपने हाथों से उपकरण बाटेंगे. इसके बाद 2025 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण भी बांटा जाएगा. इसमें वाराणसी के सेवापुरी, आराजीलाइन और बड़ागांव के लाभार्थी शामिल किए गए हैं.
तैयारियों जोरों पर, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जनसभा स्थल और तैयारियों की बात करें तो प्रशासनिक स्तर पर लगभग सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. मानसून के मौसम में खासकर बारिश के मद्देनजर सभी तैयारी है. जनसभा स्थल पर 50 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही है, लिहाजा जर्मन हैंगर के अलावा पूरे पंडाल को वाटरप्रूफ रखने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री के दौरे के मद्देनजर एसपीजी भी पहुंचकर सुरक्षा जांच में जुट गई है.
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन के मद्देनजर न केवल प्रशासनिक स्तर पर, बल्कि भारतीय जनता पार्टी भी पूरे जोर-शोर से लग गई है, जिसके तहत पूरे वाराणसी में स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है. शहर के प्रमुख चौराहों, पार्कों, महापुरुषों की प्रतिमाओं एवं मठ-मंदिरों के आसपास स्वच्छता की जा रही है. इसमें मंत्री, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं. प्रधानमंत्री की जनसभा की व्यवस्था में लगे कार्यकर्ताओं की बैठक भी संपन्न हुई है, जिसमें जनसभा स्थल को 20 ब्लॉकों में बांटा गया है और चाक-चौबंद व्यवस्था के लिए प्रत्येक ब्लॉक के इंचार्ज भी बनाए गए हैं.
पीएम मोदी के हाथों लोकार्पित और शिलान्यास होने वाली प्रमुख परियोजनाएं :
* 565.35 करोड़ की लोकार्पित होने वाली 14 परियोजनाएं- वाराणसी-भदोही फोरलेन मार्ग (269.10 करोड़), मोहनसराय अदलपुरा रोड पर आरओबी (42.22 करोड़), होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल में मशीनें व यूनिट (73.30 करोड़), जल जीवन मिशन की 47 परियोजनाएं (129.97 करोड़) आदि.
* 1618.10 करोड़ की 38 परियोजनाओं का होगा शिलान्यास- होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल (85.72 करोड़), दालमंडी रोड का चौड़ीकरण (215.88 करोड़), बिजली के तारों का अंडर ग्राउंड कार्य (881.56 करोड़), अस्सी घाट पर मल्टीलेवल पार्किंग (9.84 करोड़) आदि.
]]>19 अप्रैल को होगी शुरुआत
इस ऐतिहासिक मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और कई अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहेंगे। इस वक्त कश्मीर में रेल सेवा केवल बारामुला से संगलदान तक सीमित है। कटरा तक आने वाली लंबी दूरी की ट्रेनें वहीं रुक जाती हैं। लेकिन अब ये वंदे भारत एक्सप्रेस कटरा से सीधे श्रीनगर और बारामुला तक जाएगी, जिससे आम जनता और सैलानियों को पहली बार कश्मीर घाटी तक सीधी ट्रेन सुविधा मिलेगी। जल्द ही ये सेवा जम्मू तक भी बढ़ाई जाएगी, जैसे ही स्टेशन का काम पूरा होगा।
ढाई घंटे में पूरा करेगी सफर
करीब 150 किलोमीटर की दूरी को यह ट्रेन महज 2 घंटे 30 मिनट में तय करेगी। इस सफर की सबसे खास बात होगी दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे पुल चिनाब ब्रिज भी इस रास्ते में होगा। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी इस पुल का भी दौरा करेंगे और वहां से कटरा आकर ट्रेन सेवा को जनता को समर्पित करेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। गौरतलब है कि उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के तहत बनी 272 किलोमीटर लंबी रेल लाइन जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने और पूरे देश से इस इलाके को जोड़ने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
जानें क्या है पूरा कार्यक्रम
आधिकारिक कार्यक्रम के हिंदू नववर्ष के शुभारम्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रतिपदा कार्यक्रम के साथ प्रधानमंत्री स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे और आरएसएस के संस्थापकों को श्रद्धांजलि देंगे। वह सुबह करीब 9 बजे स्मृति मंदिर में दर्शन करेंगे, फिर दीक्षाभूमि जाएंगे। सुबह करीब 10 बजे वे नागपुर में माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखेंगे और एक जनसभा को संबोधित करेंगे। माधव नेत्रालय आई इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर का नया विस्तार भवन है। 2014 में स्थापित यह संस्थान नागपुर में स्थित एक प्रमुख सुपर-स्पेशलिटी नेत्र चिकित्सा केंद्र है। संस्थान की स्थापना गुरुजी श्री माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर की स्मृति में की गई थी। आगामी परियोजना में 250 बिस्तरों वाला अस्पताल, 14 बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और 14 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर होंगे, जिसका उद्देश्य लोगों को सस्ती और विश्व स्तरीय नेत्र उपचार सेवाएं प्रदान करना है। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे नागपुर में सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड में यूएवी के लिए लोइटरिंग म्यूनिशन टेस्टिंग रेंज और रनवे सुविधा का उद्घाटन करेंगे। पीएम मोदी इसके बाद छत्तीसगढ़ के लिए रवाना होंगे।
2007 में आए थे बाजपेयी
गुढ़ीपाड़वा के मौके पर प्रधानमंत्री के नागपुर आगमन को लेकर काफी ज्यादा अलर्ट है। बीजेपी की तरफ से उनके स्वागत की अभूतपूर्व तैयारियां की गई हैं। पीएम मोदी के एयरपोर्ट पर आगमन से लेकर स्मृति मंदिर रेशिमबाग, दीक्षाभूमि, माधव नेत्रालय कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुढ़ीपाड़वा को महाराष्ट्र में नए साल के तौर पर मनाया जाता है। 2007 में अटल बिहारी बाजपेयी ने डॉ. हेडगेवार स्मारक स्मृति मंदिर का दौरा किया था। तब वे प्रधानमंत्री नहीं थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रचारक के तौर पर रेशिमबाग आ चुके हैं लेकिन बतौर प्रधानमंत्री पहली बार वह संघ मुख्यालय जाएंगे। इसको लेकर राजनीतिक तौर पर अटकलों का बाजार गर्म और कौतूहल है। उनके इस दौरे को काफी ज्यादा अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह पहली बार बतौर पीएम रेशिमबाग में प्रवेश करेंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ संघ का शीष नेतृत्व मौजूद रहेगा। प्रधानमंत्री की सुरक्षा संभालने वाली एसपीपी ने तमाम प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए तैयारियों को पूरा कर लिया है।
वीडियो में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और जनता के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री आवास, अबू धाबी में पहले मंदिर और तीन नए आपराधिक कानूनों के लागू करने को भी उजागर किया गया। 2024 में सरकार के प्रदर्शन के वर्चुअल रिपोर्ट कार्ड, एनीमेशन क्लिप में अर्थव्यवस्था के बारे में विशेष जानकारी दी गई। 700 बिलियन डॉलर के विदेशी भंडार को उजागर करने के अलावा, इसने एशिया में तीसरी सबसे बड़ी ताकत के रूप में देश के उभरने और 24.82 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने को भी दर्शाया। रोजगार सृजन के मोर्चे पर, वीडियो में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए 2 लाख करोड़ रुपये के पैकेज को भी उजागर किया गया। खेल के क्षेत्र में, 2024 के लिए पीएम मोदी के द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में पैरा-ओलंपिक में भारत द्वारा जीते गए रिकॉर्ड 29 पदकों पर भी प्रकाश डाला गया।
पर्यावरण के लिए, पीएम मोदी के वीडियो में “एक पेड़ मां के नाम” का संदेश दिया गया, जिसके कारण 102 करोड़ पौधे लगाए गए और भारत की हरित ऊर्जा उत्पादन क्षमता में हुई वृद्धि को उजागर किया गया। 17 सितंबर को अपना जन्मदिन सैन्य जवानों के साथ मनाने के लिए जाने जाने वाले पीएम मोदी ने देशवासियों को नववर्ष की शुभकामनाएं दी और लिखा कि आशा करते हैं कि यह साल सभी के लिए समृद्धि, शांति और स्वास्थ्य लेकर आएगा।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने बुधवार को खजुराहो में केन-बेतवा लिंक परियोजना के शिलान्यास के साथ विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इसके पूर्व प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को उनकी 100वीं जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया एवं उनके नाम से डाक टिकट तथा सिक्का जारी किया।
प्रधानमंत्री जी ने स्टेज पर जाते हुए उपस्थित जनसमूह का अभिवादन किया। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंन्द्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान, श्री सीआर पाटिल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व खजुराहो सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा, केन्द्रीय मंत्री श्री वीरेन्द्र खटीक, पूर्व केंन्द्रीय मंत्री व सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते, उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवडा, श्री राजेन्द्र शुक्ला, मध्यप्रदेश शासन के मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, श्री राकेश सिंह, तुलसीराम सिलावाट, श्री ऐंदल सिंह कंषाना, श्री राकेश शुक्ला एवं दिलीप अहिरवार उपस्थित रहे।
]]>प्रधानमंत्री श्री स्वामीनारायण मंदिर की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुजरात के खेड़ा जिले के वडताल में श्रद्धालुओं की एक सभा को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए नागरिकों के बीच एकता और राष्ट्र की अखंडता महत्वपूर्ण है। लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने निहित स्वार्थों या संकीर्ण मानसिकता के चलते हमारे समाज को जाति, धर्म, भाषा, पुरुष-महिला, गांव-शहर के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं।’’
उन्होंने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से अपने संबोधन में कहा, ‘‘हमें उनके इरादों को समझना होगा और उन्हें हराने के लिए एकजुट होना होगा।’’ मोदी ने स्वामीनारायण सम्प्रदाय के सभी संतों से अनुरोध किया कि वे भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने लक्ष्य को पूरा करने में देश के प्रत्येक नागरिक को जोड़ें। उन्होंने कहा कि जैसे आजादी के आंदोलन में एक शताब्दी तक समाज के भिन्न-भिन्न कोने से आजादी की ललक और आजादी की चिंगारी देशवासियों को प्रेरित कर रही थी, वैसी ही ललक और वैसी ही चेतना ‘विकिसत भारत’ के लिए 140 करोड़ देशवासियों में हर पल होना जरूरी है
उन्होंने कहा, ‘‘युवा, राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं और करेंगे। इसके लिए हमें सशक्त और शिक्षित युवाओं का निर्माण करना होगा। ‘विकसित भारत’ के लिए हमारे युवा सशक्त होने चाहिए। कुशल युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत बनेंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि भारत सरकार ने स्वामीनारायण मंदिर, वडताल के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक सिक्का जारी किया है। भगवान स्वामीनारायण हमारे इतिहास के कठिन समय में आए थे और हमें नई ताकत दी थी।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि 200 साल पहले जिस वडताल धाम की स्थापना भगवान श्री स्वामीनारायण ने की थी, आज भी उसकी अध्यात्मिक चेतना को जागृत रखा गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आज भी यहां भगवान श्री स्वामीनारायण की शिक्षाओं को, उनकी ऊर्जा को अनुभव कर सकते हैं।’’
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ठीक दो घंटे बाद प्रधानमंत्री मोदी के सभा स्थल से 10 किलोमीटर दूर मेराल में झामुमो की स्टार प्रचारक और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन जनसभा करने पहुंची तो लोगों से कहने लगीं कि भाजपा राज्य के आदिवासी समाज को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहती है।
एक आदिवासी मुख्यमंत्री इन्हें पसंद नहीं आ रहा है। झारखंड में चुनाव से पहले भ्रष्टाचार का मुद्दा चरम पर था, अब जब पहले चरण की 43 सीटों पर वोटिंग में हफ्ता भर बचा है तो बात हिंदुत्व की रक्षा बनाम आदिवासियों के लिए सरना कोड पर आ गई है।
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