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इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल के पहले सीजन से अब तक टूर्नामेंट खेलते हुई आ रहीं दो टीमें ऐसी हैं, जो चैंपियन नहीं बन पाई हैं। इनमें एक टीम तो ऐसी है, जिसने 17 कप्तान बदल दिए हैं, लेकिन खिताबी सूखा समाप्त नहीं हुआ है। दो बार टीम फाइनल तक जरूर पहुंची है, लेकिन फिर भी खिताब से दूर रह गई है। 2014 के बाद 2025 में टीम आईपीएल के फाइनल में पहुंची, लेकिन फिर भी खिताब दूर है। दूसरी टीम दिल्ली कैपिटल्स है, जो 2008 से खेल रही है, लेकिन खिताब नहीं जीता है। दोनों का नाम भी बदल गया है। पहले नाम पंजाब किंग्स का किंग्स इलेवन पंजाब था, जबकि दिल्ली कैपिटल्स का दिल्ली डेयरडेविल्स। हालांकि, दिल्ली ने कम कप्तान बदले हैं।
पंजाब किंग्स की बात करें तो इस फ्रेंचाइजी ने अब तक 18 सीजन में 9 भारतीय और 8 विदेशी खिलाड़ियों समेत कुल 17 खिलाड़ियों को कप्तानी सौंप दी है, लेकिन टीम ट्रॉफी नहीं जीत पाई है। हालांकि, 3 खिलाड़ियों को तो सिर्फ नाम मात्र के लिए कप्तानी मिली है, क्योंकि उन्होंने एक-एक मैच में ही कप्तानी की है। इसके अलावा दो कप्तान ऐसे हैं, जिन्होंने 6 और 8 मैचों में कप्तानी है, लेकिन बाकी के कप्तानों ने 10 से ज्यादा मैचों में पंजाब की टीम की कप्तानी की हुई है।
महेला जयवर्धने, वीरेंद्र सहवाग और जितेश शर्मा ने एक-एक मैच में कप्तानी की है, जबकि डेविड मिलर ने 6 और मुरली विजय ने 8 मैचों में टीम का नेतृत्व किया है। पंजाब किंग्स के अब तक के 17 कप्तानों में सरपंच श्रेयस अय्यर एकमात्र कप्तान हैं, जिनका विनिंग पर्सेंटेज 60 से ज्यादा का है। युवराज सिंह इस फ्रेंचाइजी के पहले कप्तान थे, लेकिन 2008 से 2009 तक कप्तानी उन्होंने की, लेकिन टीम खिताब से कोसों दूर रही।
पंजाब किंग्स के कप्तानों की लिस्ट
1. युवराज सिंह (29 मैच 17 जीत)
2. कुमार संगकारा (13 मैच 3 जीत)
3. महेला जयवर्धने (1 मैच)
4. कुमार संगकारा (34 मैच 17 जीत)
5. डेविड हसी (12 मैच 6 जीत)
6. जॉर्ज बेली (35 मैच 18 जीत)
7. वीरेंद्र सहवाग (1 मैच)
8. डेविड मिलर (6 मैच 1 जीत)
9. मुरली विजय (8 मैच 3 जीत)
10. ग्लेन मैक्सवेल (14 मैच 7 जीत)
11. आर अश्विन (28 मैच 12 जीत)
12. केएल राहुल (27 मैच 11 जीत)
13. मयंक अग्रवाल (14 मैच 7 जीत)
14. शिखर धवन (17 मैच 6 जीत)
15. सैम करन (11 मैच 5 जीत)
16. जितेश शर्मा (1 मैच)
17. श्रेयस अय्यर (17 मैच 10 जीत)
]]>बताया जा रहा है कि बस के टायर में हवा भरवाते समय यह घटना घटी है। टायर में हवा भरवाते समय कहीं स्पार्किंग हो गई और बस आग की चपेट में आ गई और संगरूर के लहरागागा में आग का गोला बन गई। मौके पर फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई जिसने आकर बस को लगी आग पर काबू पाया।
]]>पंजाब विधानसभा के पिछले मानसून सत्र में 'पंजाब पंचायती राज (संशोधन) विधेयक, 2024' पारित किया गया था, जिसे राज्यपाल ने हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा सदन ने 'पंजाब पंचायती नियम, 1994' में भी संशोधन किया। इस संशोधन के बाद कोई भी उम्मीदवार पार्टी चिन्ह पर चुनाव नहीं लड़ सकेगा.
संशोधन विधेयक को मंजूरी मिलने से अब पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज हो जायेगी. पंजाब सरकार अक्टूबर के मध्य में पंचायत चुनाव कराने के मूड में है.
'पंजाब पंचायती राज अधिनियम, 1994' की धारा 12 (4) में संशोधन के साथ, अब सरपंचों के आरक्षण के लिए ब्लॉक को एक इकाई मानकर आरक्षण का नया रोस्टर तैयार किया जाएगा, जबकि पहले जिले को एक इकाई माना जाता था। आरक्षण पैटर्न में बदलाव के साथ ही नए सिरे से आरक्षण का रोस्टर तैयार किया जाएगा. पहले जिले को मूल इकाई मानकर पूरे ऑपरेशन में रोटेशन किया जाता था, जिससे ब्लॉक की वास्तविक जनसंख्या को नजरअंदाज कर दिया जाता था। नए संशोधन से वर्तमान सरकार ने अवसर पाकर सरपंचों का आरक्षण अपने मन मुताबिक कर लिया है। आरक्षण का पुराना रोस्टर अब स्वत: समाप्त हो गया है.
आपको बता दें कि अकाली-बीजेपी गठबंधन सरकार के दौरान भी पंचायत चुनाव के दौरान आरक्षण के लिए मूल इकाई ब्लॉक को ही आधार माना जाता था. इसके बाद जुलाई 2018 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरपंचों के आरक्षण के लिए ब्लॉक को इकाई मानने की प्रथा को खत्म कर जिले को मूल इकाई मानकर आरक्षण को मंजूरी दे दी. वर्तमान सरकार ने संशोधन विधेयक के माध्यम से पुरानी परिपाटी को बहाल कर दिया है।
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पंजाब की जालंधर लोकसभा सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री और तीन दल-बदलू नेताओं के मैदान में उतरने से मुकाबला रोचक होता दिखाई दे रहा है। जालंधर लोकसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है।
कांग्रेस का गढ़ मानी जाने वाली जालंधर लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किसी जमाने में देश के 12वें प्रधानमंत्री इन्द्र कुमार गुजराल ने किया था।
कांग्रेस ने अपने अभेद किले को बचाने के लिए दलित नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को मैदान में उतारा है। चन्नी रूपनगर जिले की चमकौर साहिब सीट से विधायक थे।
आम आदमी पार्टी (आप) ने दो बार के विधायक और अकाली दल के पूर्व नेता पवन कुमार टीनू को चुनाव मैदान में उतारा है। टीनू अप्रैल में ही सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हुए थे।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मौजूदा सांसद सुशील रिंकू पर दांव लगाया है। रिंकू को ‘आप’ ने पहले अपना उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन उन्होंने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन लिया और जालंधर सीट से नामांकन दाखिल किया। रिंकू पिछले वर्ष कांग्रेस को छोड़कर ‘आप’ में शामिल हुए थे।
सुखबीर सिंह बादल नीत शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने कांग्रेस की पंजाब इकाई के पूर्व प्रमुख व पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह कायपी को चुनाव मैदान में उतारा है। कायपी पिछले महीने कांग्रेस छोड़कर शिअद में शामिल हुए थे।
जालंधर निर्वाचन क्षेत्र में कुल 16.54 लाख मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 37 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जाति की है। इस लोकसभा सीट में नौ विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं, जिनमें फिल्लौर (अजा), नकोदर, शाहकोट, करतारपुर (अजा), जालंधर वेस्ट (अजा), जालंधर सेंट्रल, जालंधर नॉर्थ, जालंधर कैंट और आदमपुर (अजा) शामिल हैं।।
प्रचार के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार चन्नी क्षेत्र के मतदाताओं को अपने विधानसभा क्षेत्र चमकौर साहिब में किए गए विकास कार्यों के बारे में बता रहे हैं।
चन्नी कहते हैं, ”मैं यहां रहने आया हूं। मेरे पूर्वज यहीं के हैं। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि मैं आपके साथ रहूंगा और आपकी सेवा करूंगा।”
वहीं भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा सांसद सुशील रिंकू को केंद्र की मोदी सरकार के 10 वर्षों के प्रदर्शन पर भरोसा है।
रिंकू ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘आप’ नेता दावा करते थे कि वे आम लोग हैं लेकिन अब वे ‘खास’ से भी अधिक हो गए हैं।
‘आप’ उम्मीदवार टीनू को मान सरकार के दो वर्षों के प्रदर्शन पर भरोसा है। वह 43 हजार सरकारी नौकरियां, प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली, ‘आम आदमी’ क्लीनिक खोलने को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं।
बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने बलविंदर कुमार को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पार्टी ने पिछले चुनाव में 20 प्रतिशत मत प्राप्त किये थे।
लोकसभा चुनाव 2019 में जालंधर सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार संतोख चौधरी ने जीत हासिल की थी। हालांकि, जनवरी 2023 में राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान चौधरी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया, जिसके बाद हुए उपचुनाव में रिंकू ने जीत हासिल की थी।
पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीट के लिए मतदान एक जून को होगा।
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