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पंजाब का लोकल बॉडी विभाग शहरों में कार्पोरेशनों की जायदाद को बेच कर करोड़ों रुपए कमा सकता है और इस पैसे को शहरों में भगवंत मान सरकार विकास कार्यों पर खर्च करके जनता से किए वायदों को पूरा कर सकती है। 'द पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर और म्युनिस्पिल प्रापर्टीज एक्ट' को 2020 में बनाया गया था जिसमें यह प्रावधान किया गया था कि 12 वर्षों से म्युनिसिपल दुकानों पर काबिज किराएदारों को मालिकाना हक दे दिया जाए। यह दुकानें न केवल जालंधर बल्कि लुधियाना, अमृतसर, पटिायाला व अन्य शहरों में भी स्थित हैं। अकेले जालंधर में ही 252 दुकानों की पहचान हुई थी जो कार्पोरेशन की हैं। इसके अलावा भी कार्पोरेशन की शहरों में अन्य जायदादें भी स्थित हैं। अगर इन जायदादों को बेचा जाता है तो कार्पोरेशनों को करोड़ों रुपए की कमाई हो सकती है।
गुरदीप सिंह जोकि ऐसी ही एक दुकान के किराएदार हैं, ने बताया कि भगवंत मान सरकार किराएदारों के हक में फैसला लेकर उनका दिल जीत सकती है और किराएदारों को मालिकाना हक देने से यह सभी लोग आम आदमी पार्टी से जुड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि 2020 के एक्ट को लागू करने की जरूरत है। लोकल बाडी विभाग में कई मंत्री आए और चले गए परन्तु इस एक्ट को लागू करने में किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि जालंधर में तो पहले यह कहा गया था कि दुकानों के रेट कम हैं परन्तु बाद में जब जालंधर के डिप्टी कमिश्रर घनश्याम थ्योरी बने थे तो उन्होंने डी.सी. रेट में 70 प्रतिशत तक की बढ़ौतरी कर दी थी।
उनके बाद भी डी.सी. रेट में काफी बढ़ौतरी हो चुकी है इसलिए अब लोकल बाडी विभाग को तुरन्त इस संबंध में फैसला लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने भी एक्ट को लागू करने की तरफ ध्यान नहीं दिया। किराएदारों को मालिकाना हक न मिलने से उन्हें नुकसान झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किराएदारों ने इस संबंध में मंत्रियों को कई बार ज्ञापन भी सौंपे हैं परन्तु इसके बावजूद कोई भी मंत्री धड़ल्लेदार फैसला नहीं ले सका है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से गुहार लगाई कि वह शहरों में कार्पोरेशनों की जायदादों को बेचने का आदेश अधिकारियों को जारी करें जिसका लाभ सरकार को होगा।
]]>यह आश्वासन उन्होंने अपने कार्यालय में पंजाब राज्य कर्मचारी दल, कम्प्यूटर अध्यापक यूनियन और पंजाब पंजाब एड्स कंट्रोल इम्प्लाइज वैल्फेयर एसोसिएशन के साथ बैठक में दिया। चीमा ने एड्स कंट्रोल सोसायटी द्वारा निभाई जा रही सेवाओं की सराहना करते हुए प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि उनकी अन्य मांगों पर भी विचार किया जाएगा। एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने वित्त मंत्री का धन्यवाद किया और राज्य में एच.आई.वी. के प्रसार को रोकने के लिए अपनी 4 प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले किसी भी कार्यक्रम को समर्पित भावना से पूरा करने का वायदा भी किया। इससे पहले पंजाब राज्य कर्मचारी * दल के नेताओं के साथ बैठक के दौरान उनकी ओर से प्रस्तुत मांग पत्र पर विस्तार से चर्चा की गई।
]]>उन्होंने कहा कि छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों के लिए भी प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है। केंद्र और राज्य की कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनके बारे में अधिकतर उद्योगपतियों को जानकारी नहीं है, इसलिए वे उनका लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। ऐसी योजनाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करवाई जानी चाहिए ताकि कोई भी उद्योगपति एक क्लिक पर इसकी जानकारी प्राप्त कर सके। इन्वेस्ट पंजाब वेबसाइट तक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की आसान पहुंच के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि दुनिया भर के उद्योगपति निवेश के लिए सर्वोत्तम स्थानों की तलाश करें तो पंजाब का नाम सबसे पहले आए।
मंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि उद्योग विभाग से संबंधित निगमों/बोर्डों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए उन्हें एक-दूसरे के साथ और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाना चाहिए। सीएम मान के नेतृत्व वाली सरकार पंजाब में नए और स्थापित उद्योगों के विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है और इस उद्देश्य की पूर्ति तभी संभव है जब नौकरशाही अपना सार्थक योगदान देगी। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग समर्थक माहौल तभी विकसित होगा जब प्रशासनिक बाधाएं कम होंगी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को पंजाब को सर्वोत्तम औद्योगिक राज्य बनाने के लिए समर्पित भावना से काम करने के लिए प्रेरित किया ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब में काफी निवेश आ रहा है और इसे नई ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
]]>ई-नीलामी के बेहतरीन नतीजों ने राज्य सरकार की जन हितैषी नीतियों पर मोहर लगा दी है। ई-नीलामी के माध्यम से अर्जित एक-एक पैसा विकास परियोजनाओं पर खर्च किया जाएगा ताकि लोगों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं प्रदान की जा सकें। सीएम मान ने ई-नीलामी के संचालन में शामिल सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने आगे कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी ने पेशेवर और जिम्मेदारी से अपने कर्तव्यों का पालन किया है।
गौरतलब है कि पुड्डा को ओयूवीजीएल की 162 प्रॉपर्टियों की नीलामी मिली थी। गमाडा ने सेक्टर-62 में 2 व्यावसायिक साइटों, इको-सिटी-1 और एयरोसिटी में एक-एक हिस्से, सेक्टर-66 में 3 ग्रुप हाउसिंग साइटों, एसएएस नगर के विभिन्न सैक्टरों में 16 एससीओ और 12 बूथों की सफल नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इसी तरह गलाडा ने 32 प्रॉपर्टियों की नीलामी करवाई है। बठिंडा विकास ऑथरिटी (बीडीए) ने 23 प्रॉपर्टियों की नीलामी करवाई है। अमृतसर विकास अथॉरिटी (एडीए) और जालंधर विकास अथॉरिटी (जेडीए) ने क्रमशः 34 और 22 प्रॉपर्टियों की नीलामी की और पटियाला विकास अथॉरिटी (पीडीए) ने 17 प्रॉपर्टियों की नीलामी करवाई है। सफल बोलीदाताओं को कुल कीमत का 10% जमा करने पर संबंधित परिसर आवंटित किया जाएगा और कुल कीमत का 25% भुगतान करने के बाद कब्जा सौंप दिया जाएगा।
]]>कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य की जरूरतमंद महिलाओं को तुरंत और एमरजैंसी सहायता प्रदान करने के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 योजना एक बढिया प्रयास है जिसका उदेश्य हिंसा से प्रभावित महिलाओं को 24 घंटे तुरंत और एमरजैंसी सहायता प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि कोई भी ज़रूरतमंद महिला जिसके साथ किसी भी तरह की कोई हिंसा जा बेइंसाफ हो रहा है तो वह महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर फ़ोन करके मदद माँग सकती है। मंत्री ने आगे बताया कि महिला हेल्पलाइन पर लगभग 150 फ़ोन ज़रूरतमंद महिलाओं द्वारा हर रोज़ किए जाते है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक महीने लगभग 4 से 5 हज़ार जरूरतमंद महिलाओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 181 से अपेक्षित सहायता मुहैया करवाई जा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि जरूरतमंद महिला जिसके साथ कोई बेइंसाफ़ी हो रही है या कोई हिंसा हो रही है, वह पंजाब के किसी कोने से भी इस हेल्पलाइन पर फ़ोन करके मदद माँग सकती है। महिलाओं को राज्य में स्थापित वन स्टाप सैंटरों और विभाग अधीन चल रहे दफ्तरों द्वारा तुरंत मदद करने के लिए कार्यवाही शुरु की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरन के के साथ जोड़ा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला वर्ग की प्रत्येक तरह से सुरक्षा करना है। उन्होंने बताया कि जरूरतमंद महिलाओं या लड़कियाँ तत्काल तौर पर' सहायता लेने के लिए महिला हेल्पलाइन नंबर 181 पर संपर्क कर सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार महिलाओं के कल्याण के लिए वचनबद्ध है।
]]>खालसा ने कहा, मैजिस्ट्रेट ने इस याचिका को पंजाब के गृह सचिव के पास भेज दिया और इसके बाद इसे लोकसभा स्पीकर को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा, एक चुने हुए सदस्य को 60 दिनों के भीतर सदस्य लेनी है। हालांकि अब तक लोकसभा ने कोई ऐक्शन नहीं लिया है। पंजाब से चुने गए कुल 13 में से 12 सांसद शपथ ले चुके हैं। वहीं जम्मू-कश्मीर के बारामूला से सांसद इंजीनियर राशिद शपथ नहीं ले पाए थे। वह भी गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज एक मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। हालांकि अब एनआईए ने उनको शपथ ग्रहण के लिए परोल दिए जाने पर सहमति जता दी है।
वहीं अमृतपाल के वकील के मुताबिक सिंह ने 11 जून को पंजाब सरकार को पत्र लिखकर सांसद के रूप में शपथ लेने के लिए हिरासत से अस्थायी रिहाई की मांग की थी। ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के प्रमुख सिंह वर्तमान में रासुका के तहत अपने नौ सहयोगियों के साथ असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं।
अमृतपाल सिंह ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और 404430 वोट हासिल किए। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा को 1,97,120 वोटों के अंतर से हराया। सिंह को एक महीने से अधिक लंबी तलाशी के बाद पिछले साल 23 अप्रैल को पंजाब के मोगा के रोडे गांव में गिरफ्तार किया गया था। खालिस्तान समर्थक सिंह 18 मार्च को जालंधर जिले में वाहन और हुलिया बदलकर पुलिस की गिरफ्त से भाग गए थे।
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