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कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने खुलकर कहा है कि वह राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने केसी वेणुगोपाल और पवन खेड़ा पर भी निशाना साधा।
कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चित रहे हैं, लेकिन सोमवार को उनकी बातों ने पार्टी को ही असहज कर दिया। एक तरफ उन्होंने केरल में पिनराई विजयन के फिर से मुख्यमंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी तो वहीं राहुल गांधी को लेकर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि वह गांधीवादी, नेहरूवादी और राजीववादी हैं, लेकिन राहुलवादी नहीं हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसा कि वह तो भूल गए कि अय्यर पार्टी के सदस्य हैं। अय्यर ने डॉ. अंबेडकर की जीवनी का हवाला भी दिया। आज केसी वेणुगोपाल को इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली हुई है। पवन खेड़ा जैसे आदमी को पार्टी का आधिकारिक प्रवक्ता बना रखा है। आखिर पार्टी इतनी बड़ी मूर्खता कैसे कर सकती है, वह तो एक कठपुतली हैं।
अय्यर ने कहा, 'मिस्टर राहुल गांधी भूल गए हैं कि मैं कांग्रेस में हूं। इसलिए मैं नेहरू वादी, राजीववादी हूं, लेकिन राहुलवादी नहीं हूं। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि कांग्रेस की हालत क्या है। केसी वेणुगोपाल जैसे शख्स को वह जिम्मेदारी दी गई है, जो कभी सरदार पटेल के पास थी।' केरल विधानसभा चुनाव से पहले कम्युनिस्ट पार्टी के नेता और मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के फिर से सत्ता में लौटने की भविष्य़वाणी कर दी। उन्होंने कहा कि मैं एक कांग्रेसी नेता के तौर पर चाहूंगा कि यूडीएफ की जीत हो और सत्ता मिले। लेकिन एक गांधीवादी के तौर पर कहूंगा कि पिनराई विजयन फिर से सत्ता में लौट सकते हैं। उनके काम को केरल के लोग पसंद कर रहे हैं। मैं झूठ नहीं बोलना चाहता।
उन्होंने कहा कि आखिर ऐसे दल को कौन वोट देना चाहेगा, जिसमें नेता आपस में लड़ रहे हैं। एक-दूसरे के गले काटने को तैयार हैं। क्या ये चीजें जनता को नहीं पता हैं। मणिशंकर अय्यर ने कहा कि एक समय पर वह कांग्रेस भी थी, जब किसी फैसले को माना जाता था। नेहरू पीएम बने तो सबने स्वीकार किया। यदि सुभाष चंद्र बोस की विमान हादसे में मौत नहीं होती तो वह शायद राष्ट्रपति बनते।
‘पवन खेड़ा प्रवक्ता हैं, इससे समझिए कांग्रेस की हालत क्या है’
उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा जैसे नेता आज कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ता हैं। इससे समझा जा सकता है कि इन दिनों कांग्रेस की हालत क्या है। उन्होंने कहा कि पवन खेड़ा से पूछना चाहिए कि आखिर पिनराई विजयन से यहां केरल में दुश्मनी है और दिल्ली में दोस्ती है। पूर्व सांसद ने कहा कि पवन खेड़ा तो सिर्फ एक कठपुतली हैं। वह वही बात कहते हैं, जो उन्हें जयराम रमेश बता देते हैं। वह कोई प्रवक्ता नहीं हैं बल्कि तोता हैं।
पवन खेड़ा पर बोले- निकल जाऊंगा बाहर और पीछे से लगाऊंगा मार
इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु के नेता एमके स्टालिन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि स्टालिन ने सूट-बूट की सरकार या फिर वोट चोर गद्दी छोड़ जैसे नारे नहीं दिए। उन्होंने जरूरी मुद्दे उठाए और सरकार बनाई। यही नहीं अय्यर ने कहा कि INDIA ब्लॉक का अध्यक्ष यदि किसी नेता को बनना चाहिए तो वह एमके स्टालिन ही हो सकते हैं। तंज कसते हुए अय्यर ने कहा कि यदि पवन खेड़ा ही मुझे कांग्रेस से बाहर करेंगे तो मैं खुद ही बाहर निकल जाऊंगा और उसे पीछे से लात मारूंगा।
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सर्वसम्मति से प्रो. एस एस कुशवाहा को संघ का अध्यक्ष, प्रो. दीप्ति जैन को उपाध्यक्ष, डॉ. महेश पवार को सचिव, डॉ. मनोज पांडेय को कोषाध्यक्ष तथा डॉ. कौस्तुभ द्विवेदी को सह सचिव चुना गया। साथ ही, डॉ. अंजना पांडेय, डॉ. पियूष शुक्ला, डॉ, निश्चल मिश्रा, डॉ. अविनाश राय, डॉ. राजीव पांडेय एवं श्री राजकमल जैसवार कार्यपरिषद सदस्य के तौर पर चुने गए। चुनाव प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी प्रो. अनिल गोयल के निर्देशन में संपन्न हुई।
संघ के सभी सदस्यों ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर संघ के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रो. एस. एस. कुशवाहा ने कहा कि संघ सदैव विश्वविद्यालय एवं छात्र हित में कार्य करता रहेगा।
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