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किसान नेता राकेश टिकैत शुक्रवार को पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर पहुंचे। वहां उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा, "हमने पांच सदस्यों की एक समिति बनाई है। यही समिति किसान समूहों के साथ संवाद करेगी और आगे की रणनीति तैयार करेगी।"
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में भारत सरकार ने कई संगठन बनाए हैं जो सरकार के एजेंडे का समर्थन करते हैं। कई लोगों ने इसका विरोध किया है। अब आगे क्या करना है, इसकी रणनीति बनाई जाएगी। अगर किसानों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो दिल्ली को केएमपी एक्सप्रेसवे से घेरने की रणनीति अपनानी होगी। इसके लिए चार लाख से अधिक ट्रैक्टरों की जरूरत होगी। दिल्ली के बाहर के 11 प्वाइंटों को घेरा जाएगा। खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे जगजीत सिंह डल्लेवाल की सेहत बिगड़ती जा रही है, उसकी हम लोगों को चिंता है।
राकेश टिकैत ने हमला बोलते हुए कहा कि आज के राजा प्रजा पर दया करने वाले नहीं हैं। मेरा मानना है कि किसान एकजुट होकर ही आगे कोई कदम उठा सकते हैं। हम सरकार से लड़कर अपना हक लेने आए हैं। ऐसे में हमें अपनी तैयारियां पूरी रखनी होंगी। दिल्ली को जब किसानों ने घेरा था तब 25 लाख लोग और चार लाख ट्रैक्टर थे। आज भी सरकार का व्यवहार वैसा ही है जैसा पहले था। हमारी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने जगजीत सिंह डल्लेवाल के आमरण अनशन पर कहा कि उनकी हालत खराब हो गई है। सरकार तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करे और समाधान करे। जो स्थिति बनी हुई है, वह गंभीर है और सरकार को किसानों से बातचीत करके जल्द समाधान निकालना चाहिए।
]]>बीजापुर में आयोजित किसान महापंचायत में सम्मलित होने आए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि नक्सलवाद के नाम से किसानों और ग्रामीणों को निशाना नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने कहा आगे कहा कि जितनी मुठभेड़ हुई हैं, उन सभी की जांच होनी चाहिए। नक्सलवाद के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि, नक्सलवाद एक विचारधारा है और उसे विचारधारा से खत्म करना चाहिए। लेकिन नक्सलवाद के नाम पर किसानों और ग्रामीणों को निशाना नहीं बनाना चाहिए।
वहीं, दूसरी ओर उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में अब तक जितने भी मुठभेड़ हुई हैं, उन सभी मुठभेड़ों की जांच होनी चाहिए। इसमें बस्तर के किसान और ग्रामीण दोनों तरफ से पिस रहे हैं। इन्हें अपने बचाव के लिए फोर्स से भी लड़ना पड़ता है और नक्सलियों से भी लड़ना पड़ता है। इसलिए किसान और मजदूर आदिवासियों को तंग नहीं किया जाना चाहिए। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है बस्तर बेहद खूबसूरत जगह है। यहां पर्यटन को बढ़ावा देने चाहिए। यहां किसान, मजदूर व आदिवासियों को तंग नहीं करना चाहिए। यही वह वजह है जिसके कारण लोगों को पलायन करना पड़ता है। जहां ग्रामीणों के पलायन के बाद उनकी जमीनों को उद्योगपतियों को देने की साजिश सरकार द्वारा रची जा रही है। किसान नेता राकेश टिकैत ने आगे कहा कि, छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। विलेज टूरिज्म पॉलिसी को अपनाना चाहिए, जिससे गांव के बेरोजगार लोगों को रोजगार मिल पाएगा।
]]>राकेश टिकैत ने महिला कॉन्स्टेबल का बचाव करते हुए कहा कि दोनों में बहस हुई थी, थप्पड़ नहीं मारा। महिला कॉन्स्टेबल कंगना के बयानों से आहत थी। हम सब उस परिवार और बेटी के साथ हैं। देश का किसान और किसान संगठन महिला कॉन्स्टेबल कुलविंदर कौर और उनके परिवार के साथ है।
राकेश टिकैत ने सवाल करते हुए कहा कि एक साल तक आंदोलन कर रहे किसानों को इन लोगों ने खालिस्तानी, भाड़े के किसान, नकली किसान कहा था। इस पूरे मामले की जांच हो और फिर अंतिम निर्णय लिया जाए। कुलविंदर कौर पर जो भी धारा लगती होगी लगाई जाए, उनकी बेल हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि कुलविंदर कौर ड्यूटी पर थी, इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए थी, लेकिन उसमें गुस्सा कितना होगा इस बात का भी अंदाजा लगाना चाहिए। सभी को खुद पर नियंत्रण रखना चाहिए।
गौरतलब है कि गुरुवार को कंगना भाजपा की बैठक में शामिल होने के लिए विस्तारा एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली आ रही थीं। जब वह बोर्डिंग के लिए जा रही थी, इस दौरान वहां ड्यूटी पर तैनात कुलविंदर कौर ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। कंगना ने महिला गार्ड के खिलाफ शिकायत की और कार्रवाई करने की मांग की है। कंगना ने किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी जिसके चलते महिला कॉन्स्टेबल आहत थी।
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