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ग्वालियर शहर के बीचों बीच तारागंज कोटा लश्कर स्थित रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की लगभग पौने नौ बीघा सरकारी जमीन को जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। राज्य शासन के निर्देशों के पालन में मंदिरों से जुड़ी सरकारी जमीन (माफी औकाफ) को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए जिले में चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस बड़ी कार्रवाई में मुक्त कराई गई सरकारी जमीन की कीमत लगभग 100 करोड़ रूपए आंकी गई है।
जिला प्रशासन, नगर निगम एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने इस जमीन को घेरने के लिये अवैध रूप से बनाई गई बाउण्ड्रीवॉल एवं अन्य अतिक्रमण जेसीबी मशीन एवं नगर निगम के मदाखलत दस्ते की मदद से ध्वस्त कराए। कलेक्टर श्रीमती रूचिका चौहान ने रामजानकी मंदिर ट्रस्ट की जमीन के निरीक्षण दौरान मंदिर से जुड़ी माफीं औकाफ की जमीन पर अतिक्रमण करने के लिये अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्रीवॉल सामने आई थी।
कलेक्टर ने बाउंड्रीवॉल बनाने वाले के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर और अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। इस परिपालन में गत शनिवार को यह कार्रवाई की गई है। इस जमीन पर मनोहर लाल भल्ला द्वारा बाउण्ड्रीवॉल बनाकर प्लॉट बेचने की तैयारी की जा रही थी। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई कर न केवल बेशकीमती सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया, बल्कि बहुत से भोले भाले लोगों को प्लॉट की जालसाजी में फँसने से बचाया है।
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