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सरकार से मिलने वाला गेहूं-चावल तो छोड़िए..सरकारी योजनाओं के लाभ भी हाथ से फिसलने वाले हैं। राशन कार्ड बनवाकर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेने वाले लोगों पर सरकार ने सख्ती करने का मूड बना लिया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। 22 जुलाई को जारी नोटिफिकेशन में साफ कहा गया है कि जो लोग 6 महीने से ज्यादा समय से राशन नहीं ले रहे हैं, उनके राशन कार्ड रद्द कर दिए जाएं।
अभी देश में करीब 23 करोड़ राशन कार्ड हैं। माना जा रहा है कि देशभर में करीब 18 फीसदी तक राशन कार्ड रद्द हो सकते हैं। एक अनुमान के मुताबिक देश में 25 लाख से ज्यादा फर्जी राशन कार्ड हैं। सरकार के नए आदेश के मुताबिक जिन लोगों ने 6 महीने से राशन नहीं लिया है, उन पर सबसे पहले गाज गिरने वाली है। बात यहीं नहीं रुकेगी। प्रशासन घर-घर जाकर राशनकार्ड धारकों की जांच करने वाला है। यहां तक कि जिन लोगों ने ई-केवाईसी कराया हुआ है, उनकी भी पात्रता की फिर से जांच होगी।
गरीब कल्याण अन्न योजना भी दायरे में
केंद्र सरकार की मुफ्त राशन योजना यानी गरीब कल्याण अन्न योजना के लाभार्थियों पर भी नया आदेश लागू होगा। अगर कोई लाभार्थी इस योजना के तहत मुफ्त राशन ले रहा है और पिछले 6 महीने से उसने राशन नहीं उठाया है तो नाम कटने की पूरी संभावना है।
तुरंत करा लें राशन कार्ड का ई-केवाईसी
अगर अभी तक आपने अपने राशन कार्ड का ई-केवाईसी नहीं कराया है तो इस काम को पहली फुर्सत में निपटा लें। बिना ईकेवाईसी के राशन कार्ड पर खतरा सबसे ज्यादा है। राशन कार्ड का ई-केवाईसी आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से कर सकते हैं। लगातार मौके दिए जाने के बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में राशन कार्ड के e-KYC नहीं हुए हैं। सरकार को आशंका है कि ये कार्ड फर्जी हो सकते हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फर्जी राशन कार्ड
दरअसल ऐसा देखा जा रहा है कि ऐसे लाखों लोगों ने भी राशन कार्ड बनवा रखे हैं, जो पात्रता की शर्तों को पूरा भी नहीं करते हैं। इन लोगों ने सिर्फ सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फर्जी दस्तावेजों की मदद से राशन कार्ड बनवा रखे हैं। इन परिवारों को राशन की जरूरत नहीं है, लेकिन राशन कार्ड के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेना है। मसलन आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए राशन कार्ड की जरूरत होती है। आयुष्मान कार्ड से 5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है। इसी तरह EWS कोटे से दाखिला लेने में भी राशन कार्ड बहुत काम आता है।
ये ई-पीओएस डिवाइस वितरण प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों के आधार प्रमाणीकरण को सक्षम करते हैं। आज आधार प्रमाणीकरण का उपयोग कुल खाद्यान्न के लगभग 98 प्रतिशत को वितरित करने, अयोग्य लाभार्थियों को हटाने और चोरी के किसी भी जोखिम को कम करने के लिए किया जाता है। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) संगठन के सभी स्तरों पर एंड-टू-एंड ऑपरेशन और सर्विस, सेंट्रल फूड प्रोक्योरमेंट पोर्टल के विकास, मिलों को डिपो के साथ टैग करने के लिए वेयरहाउस इन्वेंट्री नेटवर्क और गवर्निंग सिस्टम एप्लिकेशन का कार्यान्वयन, एफसीआई में स्टैक स्पेस का आवंटन, खाद्य खेप की ऑनलाइन रियल-टाइम ट्रैकिंग के लिए व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम का रेलवे के साथ इंटीग्रेशन और सभी एफसीआई गोदामों का वेयरहाउसिंग डेवलपमेंट एंड रेगुलेटरी अथॉरिटी रजिस्ट्रेशन के लिए सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम को भी अपनाया और इंटीग्रेट किया गया है।
सरकार ने ईकेवाईसी की प्रक्रिया के माध्यम से सही लक्ष्य सुनिश्चित करने के लिए भी व्यापक कदम उठाए हैं, जो लाभार्थियों की पहचान उनके आधार और राशन कार्ड विवरण के साथ सत्यापित होता है जिससे अपात्र लाभार्थी बाहर हो जाते हैं। सभी सार्वजनिक वितरण प्रणाली लाभार्थियों में से 64 प्रतिशत का ईकेवाईसी किया गया है जबकि शेष लाभार्थियों के ईकेवाईसी पूरा करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। लाभार्थियों की सुविधा के लिए विभाग ने देश भर में किसी भी उचित मूल्य की दुकान (राशन की दुकान) पर लाभार्थी के ईकेवाईसी की सुविधा प्रदान की है। डिजिटलीकरण और आधार सीडिंग के कारण राशन कार्डों की डुप्लीकेशन खत्म हो गई है और लगभग 5.8 करोड़ राशन कार्ड पीडीएस सिस्टम से हटा दिए गए हैं, जिससे यह सुनिश्चित हो गया है कि केवल पात्र व्यक्ति ही पीएमजीकेएवाई/एनएफएसए में शामिल हों। बयान में कहा गया है, “डिजिटलीकरण, सही लक्ष्य निर्धारण और आपूर्ति श्रृंखला के नवीन उपायों द्वारा भारत सरकार ने राज्य प्रायोजित खाद्य सुरक्षा पहल के लिए वैश्विक मानदंड स्थापित किए है। भारत सरकार के ये उपाय खाद्यान्न हेरा-फेरी रोकने और प्रणाली के कुशल संचालन प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।”
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खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने आज बेमेतरा जिले के नगर पंचायत नवागढ में नगरीय प्रशासन विभाग के द्वारा आयोजित जनसमस्या निवारण पखवाड़ा शिविर का अवलोकन किया और हितग्राहियों से चर्चा करके राशनकार्ड वितरण, उचित मूल्य दुकान के माध्यम से खाद्यान की उपलब्धता एवं अन्य समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए शिविर का आयोजन किया गया है, जिनका राशनकार्ड नहीं बना है। वे 15 अगस्त 2024 तक नवीनीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट https://fcs.cg.gov.in/ से डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपने राशनकार्ड नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है। मंत्री श्री बघेल ने कहा कि ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते हैं। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है। शिविर में आवेदन कर सकते हैं।
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