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सड़क दुर्घटना में घायल (road accident patients) व्यक्ति को तत्काल अस्पताल को उपचार देना होगा फिर भले ही पीड़ित की ओर से राशि जमा हुई हो या नहीं। उपचार शुल्क जमा होने या परिजनों के आने के इंतजार में अस्पताल पीड़ित का इलाज करने से इंकार नहीं कर सकता है। घायल के उपचार के एवज में उज्जैन कलेक्टर डेढ़ लाख रुपए तक अस्पताल को स्वीकृत कर सकेंगे।
कलेक्टर ने बुलाई बैठक
सडक़ हादसे में घायलों की जान उपचार की कमी से न जाए, इसके लिए शासन ने दो महत्वपूर्ण योजना नकद रहित उपचार और राहवीर योजना शुरु की है। जीवन रक्षक उक्त योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार के लिए शुक्रवार को कलेक्टर रौशनकुमार सिंह और एसपी प्रदीप शर्मा ने स्वास्थ्य व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।
कलेक्टर ने आपात स्थिति, ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस सेवा 108 के संचालकों, डायल 100 सेवा में कार्य करने वाले कर्मचारियों को संवेदनशीलता से कार्य करने और उक्त कार्य करने वाले कर्मचारियों को राहवीर योजना संबंधित जागरुक करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल, आरटीओ संतोष मालवीय, सभी बीएमओ, निजी चिकित्सालयों के प्रबंधक मौजूद थे।
ई-डार पोर्टल से संचालित होती है योजना
ई-डार पोर्टल बनाया गया है। इस पर सभी आवश्यक जानकारियां अपलोड करना होती है। कलेक्टर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग को सभी अस्पतालों की ई-डार पोर्टल की लॉग इन आईडी निर्मित बनाने, साथ ही पोर्टल के उपयोग के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला करने के निर्देश दिए।
राहबीर योजना
इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर (पहले 1 घंटे) में तुरंत अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले सज्जन नागरिकों को प्रोत्साहन राशि 25 हजार रुपए व प्रशंसा पत्र प्रदान करना है। योजना अंतर्गत टॉप 10 राहवीरों को राष्ट्रीय स्तर पर 1 लाख रुपए, इनाम, ट्रॉफी और प्रमाण पत्र से भी सम्मानित किया जाएगा।
नकदरहित उपचार
इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को तुरंत और नकदरहित (कैशलेस) इलाज की सुविधा, गंभीर घायलों को शुरुआती गोल्डन ऑवर के दौरान समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना में प्रारंभिक उपचार के लिए 1.5 लाख रुपए तक की राशि का नकदरहित उपचार प्रदान किया जाएगा। तत्काल इलाज के लिए दस्तावेज जरुरी नहीं।
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